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  • उम्र बढ़ने पर पैरों की कमजोरी से बचने के लिए कुर्सी पर बैठकर उठने की एक्सरसाइज बताई फिजियोथेरेपिस्ट ने

    उम्र बढ़ने पर पैरों की कमजोरी से बचने के लिए कुर्सी पर बैठकर उठने की एक्सरसाइज बताई फिजियोथेरेपिस्ट ने


    नई दिल्ली ।उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मोबिलिटी कम होने लगती है। चलना, बैठना, खड़े होना और रोजमर्रा के दूसरे कामों के लिए शरीर के जोड़ों और पैरों की मजबूती जरूरी होती है। पैरों में कमजोरी आने पर सीढ़ियां चढ़ने, कुर्सी से उठने या बिना सहारे चलने जैसे सामान्य काम भी मुश्किल हो सकते हैं। ऐसे में फिटनेस के लिए नियमित वॉक करने के साथ ऐसी एक्सरसाइज पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई गई है, जिसमें पैरों और घुटनों की ज्यादा मूवमेंट हो।

    वॉकिंग को उम्र बढ़ने के साथ फिट रहने के लिए उपयोगी गतिविधि माना जाता है। हालांकि, केवल चलने से पैरों और घुटनों की वह मजबूती हासिल नहीं होती, जिसकी जरूरत रोजमर्रा की कई गतिविधियों में पड़ती है। फिजियोथेरेपिस्ट जॉन थॉमसन ने बुजुर्ग लोगों के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर बताया कि लंबे समय से वॉक करने वाले कुछ लोगों को भी सीढ़ियां चढ़ने और कुर्सी से उठने में परेशानी होती है।

    इसके पीछे एक कारण वॉकिंग के दौरान घुटनों और जोड़ों की सीमित मूवमेंट बताई गई है। चलते समय घुटने बहुत ज्यादा नहीं मुड़ते, जबकि दैनिक जीवन में कई काम ऐसे हैं जिनमें घुटनों को अधिक मोड़ने की आवश्यकता होती है। टॉयलेट जाने, बैठने और फिर खड़े होने जैसी गतिविधियों में पैरों और घुटनों पर अलग तरह का दबाव पड़ता है। इसलिए केवल वॉकिंग के बजाय ऐसी एक्सरसाइज को भी दिनचर्या में शामिल करने की जरूरत बताई गई है, जिसमें जोड़ों को अधिक मूवमेंट मिले।

    फिजियोथेरेपिस्ट के अनुसार इसके लिए एक सरल एक्सरसाइज की जा सकती है, जिसे करने में करीब एक मिनट का समय लगता है। इस एक्सरसाइज में पैरों और घुटनों को अधिक मोड़ना पड़ता है, जिससे जोड़ों को उनकी सामान्य गतिविधियों के अनुरूप मूवमेंट मिलता है। इसे पैरों की मजबूती और मोबिलिटी से जोड़कर बताया गया है।

    यह एक्सरसाइज सिटअप के रूप में बताई गई है, जिसमें कुर्सी पर बैठकर दोबारा खड़ा होना होता है। इसे करने के लिए पहले कुर्सी पर बैठना है और फिर खड़ा होना है। इसके बाद दोबारा बैठना और खड़ा होना जारी रखना है। इस प्रक्रिया को कुल 30 बार करने की बात कही गई है।

    यह गतिविधि स्क्वाट्स की तरह काम करती है और इसमें पैरों तथा घुटनों को बार-बार मोड़ना और सीधा करना पड़ता है। बुजुर्ग लोगों के लिए इसे पैरों की मजबूती बढ़ाने वाली एक्सरसाइज के रूप में बताया गया है। नियमित वॉक के साथ ऐसी गतिविधि करने से रोजमर्रा के कामों में जरूरी पैरों की ताकत और मोबिलिटी पर काम किया जा सकता है।

    पैरों की कमजोरी उम्र बढ़ने के साथ दैनिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक वॉक करने के बावजूद अगर कुर्सी से उठने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य गतिविधियों में परेशानी होती है, तो पैरों की ताकत और जोड़ों की मूवमेंट पर भी ध्यान देना जरूरी बताया गया है। सिटअप एक्सरसाइज को इसी उद्देश्य से कम समय में की जाने वाली गतिविधि के तौर पर बताया गया है।

  • इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    इंदौर में 11 सितंबर से यात्री परिवहन विजन समिट, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सार्वजनिक परिवहन के भविष्य पर करेंगे मंथन

    मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में इस समिट का शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम 11 और 12 सितंबर को आयोजित होगा। इसमें परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह भी शामिल होंगे।

    समिट का मुख्य फोकस मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा पर रहेगा। इसके जरिए प्रदेश की यात्री परिवहन व्यवस्था को नई तकनीक, जन-निजी भागीदारी और हरित ऊर्जा से जोड़ने पर चर्चा होगी। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एण्ड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के माध्यम से PPP मॉडल, आधुनिक आईटी प्रणालियों और हरित ऊर्जा आधारित परिवहन व्यवस्था को आगे बढ़ाने की योजना पर विचार किया जाएगा।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंडस्ट्री-एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। इसमें बस निर्माताओं, आईटी कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य उद्योगों के साथ प्रदेश के विभिन्न शासकीय निगम अपनी गतिविधियों तथा नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे। समिट की स्मारिका का विमोचन भी किया जाएगा।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की संरचना और भविष्य में प्रस्तावित कार्यों पर आधारित विशेष पुस्तिका जारी की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के जरिए चुने गए MPYPIL के नए लोगो का अनावरण भी मुख्यमंत्री करेंगे। मोबिलिटी स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित हैकाथॉन का शुभारंभ भी कार्यक्रम में होगा।

    समिट में देश के विभिन्न हिस्सों से परिवहन विशेषज्ञ, निजी बस ऑपरेटर, राज्य परिवहन उपक्रमों के प्रतिनिधि, आईटी कंपनियां और उद्योग जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे। इन सभी के बीच प्रदेश की सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को सरल, सुगम, सुरक्षित, स्मार्ट और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की रणनीति पर चर्चा होगी और सुझाव लिए जाएंगे।

    दो दिनों के कार्यक्रम में कुल आठ सत्र रखे गए हैं। इनमें मध्यप्रदेश मोबिलिटी विजन-2030 के तहत बस संचालन और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम में PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी। बस टर्मिनल, मल्टीमॉडल हब, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी आधुनिक परिवहन सुविधाओं में निवेश आकर्षित करने के तरीकों पर भी विचार किया जाएगा।

    एक सत्र सार्वजनिक बस संचालन को वित्तीय रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित रहेगा। इसमें किराए पर निर्भरता कम करने, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण और विज्ञापन, खुदरा, लॉजिस्टिक्स तथा नामकरण अधिकार जैसे गैर-किराया राजस्व के विकल्पों पर मंथन होगा।

    रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के उपयोग पर भी चर्चा होगी। इसमें पीएम मुद्रा योजना, पीएमईजीपी, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया, पीएम कौशल विकास योजना, पीएम ई-ड्राइव, पीएम ई-बस सेवा और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान शामिल हैं।

    यात्री सुरक्षा, विश्वसनीयता और सुविधा से जुड़े विषयों में CCTV निगरानी, आपातकालीन प्रतिक्रिया, वाहन रखरखाव, वास्तविक समय यात्री सूचना, चालक प्रशिक्षण और शिकायत निवारण पर विचार होगा। वहीं AI और रीयल-टाइम डेटा के जरिए बस मार्गों और शेड्यूलिंग को बेहतर बनाने पर भी विशेषज्ञ चर्चा करेंगे।

    हरित मोबिलिटी के तहत इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों, चार्जिंग एवं रीफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन डिपो और उन्नत चालक सहायता प्रणाली पर विचार होगा। अंतिम सत्र में एकीकृत टिकटिंग, स्वचालित किराया संग्रह, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड, ओपन-लूप भुगतान और MaaS प्लेटफॉर्म के जरिए निर्बाध यात्रा अनुभव पर मंथन किया जाएगा।

  • अगस्त 2026 में ईवी बिक्री रिकॉर्ड 2.98 लाख यूनिट पार, बाजार हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत पहुंची, चारों सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन

    अगस्त 2026 में ईवी बिक्री रिकॉर्ड 2.98 लाख यूनिट पार, बाजार हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत पहुंची, चारों सेगमेंट में मजबूत प्रदर्शन

    नई दिल्ली ।भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार मजबूत हो रही है। अगस्त 2026 में देश में ईवी की खुदरा बिक्री 52.9 प्रतिशत की सालाना वृद्धि के साथ रिकॉर्ड 2,98,448 यूनिट पर पहुंच गई। इसके साथ कुल वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त 2025 में यह 9.5 प्रतिशत थी।

    अगस्त में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया, यात्री वाहन और वाणिज्यिक वाहन, चारों प्रमुख श्रेणियों में अब तक की सबसे अधिक मासिक खुदरा बिक्री दर्ज की गई। आंकड़ों से संकेत मिलता है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रही है।

    इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री अगस्त में 67.05 प्रतिशत बढ़कर 1,83,204 यूनिट रही। हालांकि जुलाई 2026 में दर्ज 2,04,362 यूनिट की तुलना में अगस्त में बिक्री कुछ कम रही। इस श्रेणी में टीवीएस मोटर 48,938 यूनिट के साथ पहले स्थान पर रही। बजाज ऑटो ने 41,114 और एथर एनर्जी ने 28,757 यूनिट बेचीं। ओला इलेक्ट्रिक की बिक्री 13,852 यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 29 प्रतिशत कम है। इलेक्ट्रिक दोपहिया की बाजार हिस्सेदारी 7.7 प्रतिशत से बढ़कर 10.7 प्रतिशत हो गई।

    इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री 25.28 प्रतिशत बढ़कर 79,846 यूनिट पहुंच गई। इस श्रेणी में इलेक्ट्रिक वाहनों की पैठ 56.6 प्रतिशत से बढ़कर 65.3 प्रतिशत हो गई। बजाज ऑटो ने 13,833 यूनिट के साथ सबसे अधिक बिक्री की। महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी ने 12,806 और टीवीएस मोटर ने 4,415 यूनिट बेचीं।

    इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट के रूप में सामने आए। अगस्त में इनकी बिक्री करीब तीन गुना बढ़कर 4,702 यूनिट रही, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 1,631 यूनिट था। बाजार हिस्सेदारी भी 2.06 प्रतिशत से बढ़कर 5.18 प्रतिशत हो गई। टाटा मोटर्स ने 1,416 यूनिट के साथ इस श्रेणी में बढ़त बनाए रखी। यूलर मोटर्स ने 849 और सैनी हेवी इंडस्ट्री इंडिया ने 605 यूनिट बेचीं।

    इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों की बिक्री 51.89 प्रतिशत बढ़कर 30,696 यूनिट रही। इस श्रेणी में ईवी की बाजार हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत से बढ़कर 7.6 प्रतिशत हो गई। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने 13,158 यूनिट के साथ सबसे अधिक बिक्री दर्ज की। महिंद्रा एंड महिंद्रा ने 6,464 और जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया ने 4,622 यूनिट बेचीं। नई कंपनियों में विनफास्ट ऑटो इंडिया की बिक्री 2,199 यूनिट और टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी की बिक्री 116 यूनिट रही।

    फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर ने अगस्त 2026 को भारतीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी उद्योग के इतिहास का सबसे बड़ा अगस्त महीना बताया। उन्होंने इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन सेगमेंट के प्रदर्शन को खास तौर पर उल्लेखनीय बताया और कहा कि फ्लीट विद्युतीकरण अब परीक्षण से आगे बढ़कर वास्तविक खरीद निर्णयों तक पहुंच गया है।

    उन्होंने कहा कि गैर-त्योहारी मौसम के बावजूद इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत से ऊपर बनी हुई है, जबकि इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन संरचनात्मक रूप से इलेक्ट्रिक श्रेणी में बदल चुके हैं। उनके अनुसार, ईवी की वृद्धि अब केवल सरकारी प्रोत्साहनों तक सीमित नहीं है। कम परिचालन लागत, बढ़ता चार्जिंग नेटवर्क, उपभोक्ताओं का बढ़ता विश्वास, पीएम ई-ड्राइव योजना और राज्यों की अनुकूल नीतियां मिलकर इस बदलाव को आगे बढ़ा रही हैं।