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  • अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में

    अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में


    नई दिल्ली। । भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। चेक बाउंस से जुड़े चार साल पुराने केस में अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था।

    मामले के अनुसार हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद शमी ने घरेलू खर्च के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया था। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया और शमी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

    बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर शमी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। फैसले के बाद शमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि न्याय उनके पक्ष में आएगा, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था।

    शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने हर स्थिति को हमेशा ईमानदारी से संभाला है और जो भी वित्तीय जिम्मेदारियां थीं, उन्हें पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।

    गौरतलब है कि मोहम्मद शमी फिलहाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह अपने निजी जीवन और कानूनी विवादों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं।

    इस मामले के साथ-साथ शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शमी अपनी पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी के भरण-पोषण के लिए 2.5 लाख रुपये का भुगतान कर रहे हैं।

    वहीं हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई जारी है।

  • बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।

    बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।


    नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के उन्नीसवें सीजन में जहां एक ओर बल्लेबाजों का बल्ला जमकर आग उगल रहा है और स्कोरबोर्ड पर बड़े लक्ष्य टंगे दिखाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे गेंदबाज भी हैं जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से रन बनाना मुश्किल कर दिया है। आधुनिक क्रिकेट में जब दो सौ और ढाई सौ रनों का आंकड़ा पार करना सामान्य बात हो गई है तब गेंदबाजों के लिए रनों पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कुछ दिग्गज गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ के दम पर डॉट गेंदों की झड़ी लगा दी है जो विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही है।

    इस सीजन में डॉट गेंदों के मामले में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी सबसे प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए शमी ने नई गेंद के साथ अपनी कला और अनुभव का बेहतरीन नमूना पेश किया है। अब तक खेले गए छह मुकाबलों में वे साठ से अधिक डॉट गेंदें फेंक चुके हैं जिसका सीधा अर्थ है कि उन्होंने अपने कोटे के महत्वपूर्ण ओवरों में बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया है। उनकी इस सधी हुई गेंदबाजी के कारण न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर लगाम लगी है बल्कि इसका फायदा टीम के अन्य गेंदबाजों को भी विकेट के रूप में मिल रहा है।

    गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद सिराज भी इस सूची में मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए हैं। सिराज ने पावरप्ले के दौरान अपनी गति और स्विंग से विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। छह मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वे शमी के बेहद करीब नजर आते हैं और लगातार डॉट गेंदें निकालकर बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर कर रहे हैं। सिराज की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि वे शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के साथ-साथ रनों के प्रवाह को रोकने में भी सफल रहे हैं जो टी20 प्रारूप में किसी भी कप्तान के लिए सबसे बड़ी राहत होती है।

    स्पिन विभाग में कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन का जादू एक बार फिर सर चढ़कर बोल रहा है। नरेन की मिस्ट्री स्पिन को पढ़ना बल्लेबाजों के लिए आज भी एक कठिन पहेली बना हुआ है। उन्होंने इस सीजन में अपनी इकॉनमी रेट को सात से नीचे बनाए रखा है जो उनकी गेंदबाजी की सटिकता को दर्शाता है। मध्य ओवरों में जब बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं तब नरेन अपनी विविधताओं से उन्हें बांधे रखते हैं। उनके स्पैल में डॉट गेंदों की संख्या यह स्पष्ट करती है कि अनुभव के साथ उनकी गेंदबाजी और अधिक धारदार होती जा रही है और वे आज भी अपनी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं।

    राजस्थान रॉयल्स के लिए जोफ्रा आर्चर की वापसी इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबरों में से एक रही है। चोट की लंबी अवधि के बाद मैदान पर लौटे आर्चर ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। उनकी अतिरिक्त उछाल और तेज गति बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पर्याप्त है। छह मैचों के अंतराल में उन्होंने न केवल डॉट गेंदें निकाली हैं बल्कि महत्वपूर्ण समय पर विकेट चटकाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आर्चर की मौजूदगी ने राजस्थान के गेंदबाजी आक्रमण को एक नई मजबूती दी है जिससे डेथ ओवरों में भी रनों पर अंकुश लगाना आसान हो गया है। कुल मिलाकर इस सीजन में गेंदबाजों की यह चौकड़ी बल्लेबाजों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रही है।

  • चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को समन भेजा है. आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई को SIR से जुड़ी कुछ दिक्कतों के सिलसिले में सुनवाई के लिए बुलाया है. वहीं आयोग ने एक्टर से सांसद बने दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस भेजकर बुलाया है.
    रिपोर्ट के अनुसार शमी को सोमवार को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में कार्तजू नगर स्कूल से नोटिस जारी किया गया. उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. हालांकि नोटिस में बताए गए समय के अनुसार शमी तय सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि वह फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं.
    कोलकाता के निवासी हैं शमी
    जानकारी के मुताबिक मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. यह राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन वह कई सालों से कोलकाता के स्थायी निवासी हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ दिक्कत आई है, इसी वजह से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है. शमी की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है.
    TMC ने आयोग पर लगाए आरोप
    द हिंदू के अनुसार TMC सांसद दीपक अधिकारी (देव) के परिवार के तीन सदस्यों को भी सुनवाई के नोटिस मिले हैं. वह पश्चिम बंगाल के घाटाल से तीन बार के सांसद हैं. वही उनका जन्मस्थान भी है. हालांकि दीपक अधिकारी की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है. इधर टीएमसी ने मोहम्मद शमी और देव को नोटिस देकर बुलाए जाने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. टीएमसी ने बिना तैयारी के SIR लागू कराने का आरोप लगाया है. TMC के प्रवक्ता ने द हिंदू से कहा कि यह SIR लागू करने की तैयारी की कमी और बिल्कुल गलत प्रक्रिया का एक और उदाहरण है. SIR प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करने से चुनाव आयोग ने एक निष्पक्ष संस्था होने की अपनी विश्वसनीयता खो दी है.