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टीम इंडिया में चयन नहीं होने पर मोहम्मद शमी ने तोड़ी चुप्पी, चयनकर्ताओं पर साधा निशाना, बोले मौका नहीं मिला तो यह मेरा नुकसान नहीं
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम में अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद मोहम्मद शमी के चयन को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक तरफ भुवनेश्वर कुमार को लंबे इंतजार के बाद टी20 टीम में जगह मिली है तो दूसरी तरफ मोहम्मद शमी अब भी भारतीय टीम में वापसी का इंतजार कर रहे हैं। घरेलू क्रिकेट में बंगाल की ओर से खेलने जा रहे शमी ने टीम में चयन नहीं होने को लेकर अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि पिछले दो से तीन साल से उनके साथ यही स्थिति बनी हुई है और लगातार प्रदर्शन करने के बावजूद उन्हें टीम इंडिया में मौका नहीं मिल रहा है।रेवस्पोर्ट्स से बातचीत के दौरान जब शमी से भुवनेश्वर कुमार की वापसी और खुद के लंबे समय से टीम से बाहर रहने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने साफ कहा कि भुवनेश्वर को भारत के लिए खेलने का मौका मिला है और यह उनके लिए अच्छी बात है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भुवनेश्वर के चयन से उनका कोई लेना देना नहीं है। शमी ने कहा कि उन्हें जहां भी खेलने का अवसर मिलेगा वह अपना शत प्रतिशत प्रदर्शन करेंगे। फिलहाल उनका पूरा ध्यान रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों पर है।शमी ने अपने बयान में चयन को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि पिछले दो से तीन वर्षों से उनके साथ ऐसा ही हो रहा है। वह लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और बंगाल के लिए खेलते हुए अपनी फिटनेस भी साबित कर चुके हैं। इसके बावजूद अगर उन्हें दोबारा भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका नहीं मिलता है तो यह उनका नुकसान नहीं होगा। उनके इस बयान के बाद अनुभवी तेज गेंदबाजों के चयन और टीम इंडिया में वापसी के अवसरों को लेकर बहस तेज हो गई है।36 वर्षीय मोहम्मद शमी ने भारत के लिए अपना आखिरी मुकाबला 2025 की चैंपियंस ट्रॉफी में खेला था। इसके बाद से वह भारतीय टीम से बाहर चल रहे हैं। फिटनेस से जुड़ी समस्याओं और युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दिए जाने को उनके टीम से बाहर रहने की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है। हालांकि शमी घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी के दम पर वापसी की उम्मीद बनाए हुए हैं। रणजी ट्रॉफी में बंगाल की टीम का हिस्सा होने के कारण उनके पास एक बार फिर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर है।दूसरी ओर भुवनेश्वर कुमार ने आईपीएल 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टी20 टीम में वापसी की है। उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम में शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि उन्हें 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की योजनाओं के मद्देनजर भी परखा जा सकता है। भुवनेश्वर की वापसी ने अनुभवी गेंदबाजों की भूमिका को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।वेस्टइंडीज के खिलाफ मौजूदा सीरीज में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सपाट पिचों पर गेंदबाजों को मिल रही चुनौती के बीच क्रिकेट प्रशंसक और विशेषज्ञ अनुभवी खिलाड़ियों को मौका देने की मांग कर रहे हैं। ऐसे माहौल में शमी का बयान चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि टीम में चयन का अंतिम फैसला चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन की रणनीति पर निर्भर करता है। शमी के लिए फिलहाल रणजी ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन करना और अपनी गेंदबाजी की लय बनाए रखना अहम होगा। उनका घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन आने वाले समय में टीम इंडिया में वापसी की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। -

एक महीने में छह बड़े मुकाबले और टीम इंडिया में कई बदलाव, जडेजा से नमन धीर तक किसे मिली नई जिम्मेदारी
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले एक महीने से ज्यादा समय तक लगातार क्रिकेट में व्यस्त रहने वाली है। वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे और टी20 सीरीज से लेकर एशियन गेम्स ईरानी कप और ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए के मुकाबलों तक अलग अलग स्तर पर भारतीय खिलाड़ी मैदान में नजर आएंगे। इन प्रतियोगिताओं के लिए घोषित टीमों को देखा जाए तो सिर्फ मौजूदा मुकाबलों की तैयारी ही नहीं बल्कि आने वाले समय की रणनीति के भी कई संकेत दिखाई देते हैं। खास तौर पर रविंद्र जडेजा की वनडे टीम में वापसी हार्दिक पांड्या के विकल्प के तौर पर नीतीश कुमार रेड्डी पर भरोसा नमन धीर और आकिब नबी जैसे नए चेहरों को मौका और मोहम्मद शमी तथा भुवनेश्वर कुमार की गैरमौजूदगी चर्चा में है।वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए शुभमन गिल को कप्तान और केएल राहुल को उपकप्तान बनाया गया है। इस टीम में रोहित शर्मा विराट कोहली रविंद्र जडेजा नीतीश कुमार रेड्डी कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज समेत कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं। जडेजा की वापसी इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले कुछ समय में बाएं हाथ के स्पिन ऑलराउंडरों में अक्षर पटेल को उनसे आगे प्राथमिकता मिलती रही है। इस बार अक्षर एशियन गेम्स की टीम के साथ हैं और उनकी अनुपस्थिति में जडेजा को मौका मिला है। टीम ने उन्हें हर्ष दुबे से आगे चुना है। इससे यह संकेत मिलता है कि अनुभव के मामले में जडेजा अभी भी टीम की योजनाओं में बने हुए हैं।
सबसे ज्यादा नजर हार्दिक पांड्या की जगह तैयार किए जा रहे विकल्प पर है। हार्दिक 2026 आईपीएल के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की अनौपचारिक वनडे टीम में शामिल हैं लेकिन उनका खेलना मेडिकल मंजूरी पर निर्भर है। ऐसे में नीतीश कुमार रेड्डी को वनडे टीम में शामिल किया जाना अहम माना जा रहा है। उन्हें एशियन गेम्स की टीम से हटाकर वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम में जगह दी गई है। इससे साफ है कि भारतीय टीम आगामी विश्व कप को ध्यान में रखते हुए हार्दिक के विकल्प को तैयार रखने पर काम कर रही है।
इसी बीच नमन धीर को पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। पंजाब की शेर ए पंजाब टी20 लीग में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। उन्होंने नौ पारियों में 626 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 217 रहा। वहीं आकिब नबी और विप्रज निगम को भी अलग भूमिकाओं में मौका मिला है। नबी ने घरेलू क्रिकेट में गेंद और बल्ले दोनों से योगदान दिया है जबकि निगम लेग स्पिन के साथ तेज रन बनाने की क्षमता रखते हैं। ऐसे खिलाड़ियों को मौका देना भारतीय टीम में विकल्पों का दायरा बढ़ाने की दिशा में देखा जा सकता है।
ईरानी कप में सरफराज खान को रेस्ट ऑफ इंडिया का उपकप्तान बनाया गया है जबकि ऋषभ पंत टीम की कप्तानी करेंगे। यह सरफराज के लिए भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है और उन्हें घरेलू स्तर पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का अवसर मिलेगा। दूसरी ओर मोहम्मद शमी का वेस्टइंडीज वनडे टीम के साथ साथ ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ इंडिया ए की टीम में भी नहीं होना ध्यान खींचता है। भुवनेश्वर कुमार की भी मौजूदा भारतीय टीमों में वापसी नहीं हुई है। हालांकि किसी खिलाड़ी के अंतरराष्ट्रीय भविष्य पर अंतिम निष्कर्ष चयन के अगले दौर और प्रदर्शन के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
कुल मिलाकर भारतीय टीम के इन अलग अलग स्क्वॉड से एक बात स्पष्ट होती है कि 2027 वनडे विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम प्रबंधन स्थापित खिलाड़ियों के साथ नए विकल्प भी तैयार कर रहा है। आने वाले मुकाबले नीतीश रेड्डी नमन धीर आकिब नबी और विप्रज निगम जैसे खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह मजबूत करने का मौका होंगे जबकि जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी अपनी उपयोगिता साबित करने की कोशिश करेंगे।
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अदालत से शमी को क्लीन चिट, चेक बाउंस मामले में फैसला आया पक्ष में
नई दिल्ली। । भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को एक लंबे समय से चल रहे कानूनी मामले में बड़ी राहत मिली है। चेक बाउंस से जुड़े चार साल पुराने केस में अलीपुर कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया है। यह मामला उनकी अलग रह रही पत्नी हसीन जहां द्वारा दर्ज कराया गया था।मामले के अनुसार हसीन जहां ने आरोप लगाया था कि मोहम्मद शमी ने घरेलू खर्च के लिए उन्हें 1 लाख रुपये का चेक दिया था, जो बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गया था। इसी आधार पर उन्होंने अदालत का रुख किया और शमी के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
बुधवार को अलीपुर की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में इस मामले की सुनवाई हुई, जहां अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर शमी को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। फैसले के बाद शमी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें पहले से भरोसा था कि न्याय उनके पक्ष में आएगा, क्योंकि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया था।
शमी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने हर स्थिति को हमेशा ईमानदारी से संभाला है और जो भी वित्तीय जिम्मेदारियां थीं, उन्हें पूरा किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके लिए मैदान के अंदर और बाहर दोनों ही जगह जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
गौरतलब है कि मोहम्मद शमी फिलहाल आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से वह अपने निजी जीवन और कानूनी विवादों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं।
इस मामले के साथ-साथ शमी और हसीन जहां के बीच भरण-पोषण और गुजारा भत्ते को लेकर कानूनी लड़ाई अभी भी जारी है। कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार शमी अपनी पत्नी को प्रति माह 1.5 लाख रुपये और बेटी के भरण-पोषण के लिए 2.5 लाख रुपये का भुगतान कर रहे हैं।
वहीं हसीन जहां ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए यह दलील दी है कि यह राशि पर्याप्त नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में शमी और पश्चिम बंगाल सरकार दोनों को नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई जारी है।
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बल्लेबाजों की आंधी के बीच गेंदबाजों का 'संयम': बुमराह, नरेन और शमी की कंजूस गेंदबाजी ने बदला खेल का रुख।
नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग के उन्नीसवें सीजन में जहां एक ओर बल्लेबाजों का बल्ला जमकर आग उगल रहा है और स्कोरबोर्ड पर बड़े लक्ष्य टंगे दिखाई दे रहे हैं वहीं दूसरी ओर कुछ ऐसे गेंदबाज भी हैं जिन्होंने अपनी धारदार गेंदबाजी से रन बनाना मुश्किल कर दिया है। आधुनिक क्रिकेट में जब दो सौ और ढाई सौ रनों का आंकड़ा पार करना सामान्य बात हो गई है तब गेंदबाजों के लिए रनों पर अंकुश लगाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में भी कुछ दिग्गज गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ के दम पर डॉट गेंदों की झड़ी लगा दी है जो विपक्षी टीम पर दबाव बनाने का सबसे प्रभावी हथियार साबित हो रही है।इस सीजन में डॉट गेंदों के मामले में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी सबसे प्रभावशाली नजर आ रहे हैं। लखनऊ सुपर जायंट्स की ओर से खेलते हुए शमी ने नई गेंद के साथ अपनी कला और अनुभव का बेहतरीन नमूना पेश किया है। अब तक खेले गए छह मुकाबलों में वे साठ से अधिक डॉट गेंदें फेंक चुके हैं जिसका सीधा अर्थ है कि उन्होंने अपने कोटे के महत्वपूर्ण ओवरों में बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया है। उनकी इस सधी हुई गेंदबाजी के कारण न केवल विपक्षी टीम की रन गति पर लगाम लगी है बल्कि इसका फायदा टीम के अन्य गेंदबाजों को भी विकेट के रूप में मिल रहा है।
गुजरात टाइटंस की गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व कर रहे मोहम्मद सिराज भी इस सूची में मजबूती से अपनी जगह बनाए हुए हैं। सिराज ने पावरप्ले के दौरान अपनी गति और स्विंग से विश्व स्तरीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया है। छह मैचों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वे शमी के बेहद करीब नजर आते हैं और लगातार डॉट गेंदें निकालकर बल्लेबाजों को जोखिम भरे शॉट खेलने पर मजबूर कर रहे हैं। सिराज की सबसे बड़ी खूबी यह रही है कि वे शुरुआती ओवरों में विकेट निकालने के साथ-साथ रनों के प्रवाह को रोकने में भी सफल रहे हैं जो टी20 प्रारूप में किसी भी कप्तान के लिए सबसे बड़ी राहत होती है।
स्पिन विभाग में कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन का जादू एक बार फिर सर चढ़कर बोल रहा है। नरेन की मिस्ट्री स्पिन को पढ़ना बल्लेबाजों के लिए आज भी एक कठिन पहेली बना हुआ है। उन्होंने इस सीजन में अपनी इकॉनमी रेट को सात से नीचे बनाए रखा है जो उनकी गेंदबाजी की सटिकता को दर्शाता है। मध्य ओवरों में जब बल्लेबाज बड़े शॉट लगाने की कोशिश करते हैं तब नरेन अपनी विविधताओं से उन्हें बांधे रखते हैं। उनके स्पैल में डॉट गेंदों की संख्या यह स्पष्ट करती है कि अनुभव के साथ उनकी गेंदबाजी और अधिक धारदार होती जा रही है और वे आज भी अपनी टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ी बने हुए हैं।
राजस्थान रॉयल्स के लिए जोफ्रा आर्चर की वापसी इस सीजन की सबसे बड़ी सकारात्मक खबरों में से एक रही है। चोट की लंबी अवधि के बाद मैदान पर लौटे आर्चर ने अपनी पुरानी लय हासिल कर ली है। उनकी अतिरिक्त उछाल और तेज गति बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा करने के लिए पर्याप्त है। छह मैचों के अंतराल में उन्होंने न केवल डॉट गेंदें निकाली हैं बल्कि महत्वपूर्ण समय पर विकेट चटकाकर अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। आर्चर की मौजूदगी ने राजस्थान के गेंदबाजी आक्रमण को एक नई मजबूती दी है जिससे डेथ ओवरों में भी रनों पर अंकुश लगाना आसान हो गया है। कुल मिलाकर इस सीजन में गेंदबाजों की यह चौकड़ी बल्लेबाजों के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रही है।
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चुनाव आयोग की कार्रवाई: मोहम्मद शमी को नोटिस, जल्द होगी सुनवाई
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बीच चुनाव आयोग ने भारतीय टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को समन भेजा है. आयोग ने मोहम्मद शमी और उनके भाई को SIR से जुड़ी कुछ दिक्कतों के सिलसिले में सुनवाई के लिए बुलाया है. वहीं आयोग ने एक्टर से सांसद बने दीपक अधिकारी (देव) और उनके परिवार के सदस्यों को भी नोटिस भेजकर बुलाया है.रिपोर्ट के अनुसार शमी को सोमवार को दक्षिण कोलकाता के जादवपुर में कार्तजू नगर स्कूल से नोटिस जारी किया गया. उन्हें असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (AERO) के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है. हालांकि नोटिस में बताए गए समय के अनुसार शमी तय सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि वह फिलहाल विजय हजारे ट्रॉफी में हिस्सा ले रहे हैं.कोलकाता के निवासी हैं शमी
जानकारी के मुताबिक मोहम्मद शमी कोलकाता नगर निगम (KMC) वार्ड नंबर 93 में वोटर के तौर पर रजिस्टर्ड हैं. यह राशबिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हालांकि उनका जन्म उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ था, लेकिन वह कई सालों से कोलकाता के स्थायी निवासी हैं. चुनाव आयोग के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि शमी और उनके भाई के एन्यूमरेशन फॉर्म में कुछ दिक्कत आई है, इसी वजह से उन्हें सुनवाई के लिए बुलाया गया है. शमी की सुनवाई 9 से 11 जनवरी के बीच होनी है.TMC ने आयोग पर लगाए आरोप
द हिंदू के अनुसार TMC सांसद दीपक अधिकारी (देव) के परिवार के तीन सदस्यों को भी सुनवाई के नोटिस मिले हैं. वह पश्चिम बंगाल के घाटाल से तीन बार के सांसद हैं. वही उनका जन्मस्थान भी है. हालांकि दीपक अधिकारी की सुनवाई की तारीख अभी तय नहीं है. इधर टीएमसी ने मोहम्मद शमी और देव को नोटिस देकर बुलाए जाने पर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. टीएमसी ने बिना तैयारी के SIR लागू कराने का आरोप लगाया है. TMC के प्रवक्ता ने द हिंदू से कहा कि यह SIR लागू करने की तैयारी की कमी और बिल्कुल गलत प्रक्रिया का एक और उदाहरण है. SIR प्रक्रिया को जल्दबाजी में लागू करने से चुनाव आयोग ने एक निष्पक्ष संस्था होने की अपनी विश्वसनीयता खो दी है.