Tag: Mohan Cabinet.

  • मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं-किसानों को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी

    मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: महिलाओं-किसानों को बड़ी सौगात, 1.46 लाख करोड़ के विकास कार्यों को मंजूरी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार 18 अगस्त 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। मंत्रालय में हुई इस बैठक में महिला कल्याण से लेकर किसानों स्वास्थ्य शिक्षा नर्मदा संरक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सड़क विकास और खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक प्रदेश में विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यों के लिए करीब 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इन फैसलों को अगले पांच वर्षों के विकास और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कैबिनेट के फैसलों में महिलाओं और बेटियों से जुड़ी योजनाओं पर विशेष जोर दिखाई दिया। सरकार ने लाड़ली बहना योजना के लिए अगले पांच वर्षों में 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रुपये का प्रावधान मंजूर किया है। यह योजना मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख महिला कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। लंबे समय के लिए वित्तीय प्रावधान तय होने से योजना के आगामी संचालन के लिए बजटीय आधार मजबूत होगा।

    इसी तरह बेटियों के भविष्य और शिक्षा से जुड़ी लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 16 हजार 326 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लिए भी अगले पांच वर्षों में 2 हजार 137 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन तीनों योजनाओं को मिलाकर महिला कल्याण और बेटियों से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 1.32 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय प्रावधान किया गया है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र को भी कैबिनेट से बड़ा बजट मिला है। सरकार ने स्वास्थ्य योजनाओं और संबंधित कार्यों के लिए 11 हजार 835 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने मौजूदा सुविधाओं के विस्तार और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में किया जाएगा। सरकार की कोशिश प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा प्रभावी और सुलभ बनाने की है।

    किसानों और कृषि क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। कृषि शिक्षा अनुसंधान और विस्तार गतिविधियों के लिए 870 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसके जरिए कृषि क्षेत्र में नई तकनीक अनुसंधान प्रशिक्षण और किसानों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने से जुड़े कामों को बढ़ावा देने की योजना है। कैबिनेट में डिंडौरी जिले की उपलब्धि का भी उल्लेख हुआ जहां प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना के तहत किए गए कार्यों के मामले में देश में बेहतर प्रदर्शन की जानकारी दी गई। सरकार अब इस मॉडल को दूसरे जिलों तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगी।

    बैठक का एक बड़ा फैसला नर्मदा संरक्षण से जुड़ा रहा। सरकार ने नर्मदा नदी को निर्मल और अविरल बनाए रखने के उद्देश्य से नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का राज्य अनुदान दिए जाने की जानकारी सामने आई है। मिशन के तहत नदी के प्रदूषण को रोकने घाटों की साफ सफाई जल गुणवत्ता और नर्मदा के प्राकृतिक प्रवाह को बेहतर बनाए रखने जैसे मुद्दों पर काम किया जाएगा।

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से ज्यादा की मंजूरी दी गई है। सरकार का जोर तकनीकी विकास नवाचार और विज्ञान आधारित कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर रहेगा। वहीं प्रदेश में सड़क परियोजनाओं के प्रबंधन को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

    खेल प्रतिभाओं को कम उम्र में पहचानने के लिए 5 से 15 वर्ष के बच्चों का टैलेंट सर्च कार्यक्रम चलाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके जरिए प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी खेल प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण और आगे बढ़ने के अवसर देने की तैयारी है।

    कुल मिलाकर 18 अगस्त की मोहन कैबिनेट बैठक में सरकार ने महिला कल्याण किसानों स्वास्थ्य पर्यावरण विज्ञान तकनीक सड़क और खेल जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए बड़े फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया है। अगले पांच वर्षों के लिए किए गए इन वित्तीय प्रावधानों से सरकार ने विकास और जनकल्याण का एक व्यापक रोडमैप सामने रखने की कोशिश की है।

  • मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल में खुलेगा FTRI, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ₹590 करोड़ की स्‍वीकृति

    मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: भोपाल में खुलेगा FTRI, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ₹590 करोड़ की स्‍वीकृति


    भोपाल। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई। इनमें वित्तीय शोध संस्थान की स्थापना, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए फंड और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाने के फैसले प्रमुख हैं।

    भोपाल में खुलेगा FTRI

    कैबिनेट ने राज्य में वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने के लिए फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) खोलने की मंजूरी दी है। यह संस्थान बजट विश्लेषण, वित्तीय रिसर्च और प्रशासनिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम करेगा। शुरुआती संचालन प्रशासन अकादमी, भोपाल से किया जाएगा।

    उज्जैन एयरपोर्ट के लिए ₹590 करोड़

    सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में एयरपोर्ट विकसित करने के लिए 590 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि भूमि अधिग्रहण पर खर्च होगी। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत बनने वाले इस एयरपोर्ट से एयरबस जैसे बड़े विमानों का संचालन संभव होगा, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर और सांदीपनि आश्रम जैसे प्रमुख स्थल स्थित हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

    SC छात्रों को ₹10,000 प्रतिमाह स्कॉलरशिप

    कैबिनेट ने अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों के लिए स्कॉलरशिप बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला किया है। पहले यह राशि 2,000 रुपये थी। यह लाभ ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों को मिलेगा।

    विकास योजनाओं पर हजारों करोड़ मंजूर

    राज्य सरकार ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के लिए कुल 16,720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है।

    – वाणिज्यिक कर विभाग की योजनाओं के लिए 2030-31 तक 2,952 करोड़
    – चना और मसूर उपार्जन के लिए 3,174 करोड़
    – वन संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए 5,215 करोड़
    – RTE के तहत फीस प्रतिपूर्ति के लिए 3,039 करोड़
    – पीएम श्री स्कूल योजना के लिए 940 करोड़
    – कक्षा 9 से 12 तक मुफ्त किताबों के लिए 693 करोड़

    कातना सिंचाई परियोजना को मंजूरी

    मंदसौर जिले की कातना सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 88.41 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे 3,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी और 120 गांवों के 1,358 परिवारों को लाभ होगा।

    चना और मसूर खरीदी का फैसला

    सरकार ने चना और मसूर की खरीदी को भी मंजूरी दी है। चने का समर्थन मूल्य 5,000 रुपये और मसूर का 5,800 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। सरकार चने का 25% और मसूर का 100% उपार्जन करेगी।