Tag: Moisture

  • चावल में घुन और कीड़े लगने से बचाना है तो स्टोरेज के दौरान अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

    चावल में घुन और कीड़े लगने से बचाना है तो स्टोरेज के दौरान अपनाएं ये आसान घरेलू तरीके

    नई दिल्ली । घर में चावल को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है तो सिर्फ उसे डिब्बे में भरकर रखना पर्याप्त नहीं होता। खासकर नमी वाले मौसम में अगर चावल को सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो उसमें घुन या छोटे कीड़े दिखाई दे सकते हैं। कंटेनर में मौजूद नमी, ढीला ढक्कन और गीले चम्मच का इस्तेमाल इस समस्या का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए चावल को सुरक्षित रखने के लिए कुछ छोटी लेकिन जरूरी सावधानियां अपनाना फायदेमंद हो सकता है।

    सबसे पहले चावल को हमेशा साफ और पूरी तरह सूखे एयरटाइट कंटेनर में रखना चाहिए। खुले पैकेट या ढीले ढक्कन वाले डिब्बे में चावल रखने से नमी और कीड़ों के संपर्क का खतरा बढ़ सकता है। इसके लिए कांच, स्टील या फूड-ग्रेड प्लास्टिक का साफ कंटेनर इस्तेमाल किया जा सकता है। कंटेनर में चावल भरने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसमें किसी तरह की नमी न हो।

    चावल को कीड़ों से बचाने के लिए कुछ लोग सूखे तेजपत्ते का भी इस्तेमाल करते हैं। चावल के डिब्बे में कुछ पूरी तरह सूखे तेजपत्ते रखे जा सकते हैं। इसकी तेज खुशबू कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है। हालांकि पत्तियां सूखी होनी चाहिए, क्योंकि नमी बढ़ने पर समस्या उलटे बढ़ सकती है।

    सूखी नीम की पत्तियों का इस्तेमाल भी अनाज को कीड़ों से बचाने के पारंपरिक घरेलू तरीकों में किया जाता है। अगर इस उपाय को अपनाया जाए तो नीम की पत्तियां बिल्कुल सूखी होनी चाहिए। इसी तरह कुछ लोग चावल के डिब्बे में साबुत लौंग रखने का तरीका भी अपनाते हैं। लौंग की तेज खुशबू कीड़ों को दूर रखने में मदद कर सकती है, लेकिन इसे चावल की सुरक्षा का अकेला उपाय नहीं माना जाना चाहिए।

    कुछ घरेलू तरीकों में चावल के साथ साबुत और सूखी लहसुन की कलियां रखने की सलाह भी दी जाती है। अगर लहसुन का इस्तेमाल किया जा रहा है तो वह सूखा होना चाहिए। गीली या छिली हुई लहसुन की कलियां डालने से कंटेनर में अतिरिक्त नमी पहुंच सकती है, जिससे चावल खराब होने का खतरा बढ़ सकता है।

    चावल के डिब्बे को ऐसी जगह रखना भी जरूरी है जहां भाप या नमी अधिक न हो। सिंक, गैस या नमी वाली जगह के आसपास चावल रखने से बचना चाहिए। चावल निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें। गीले चम्मच से कंटेनर में नमी पहुंच सकती है और लंबे समय में चावल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।

    एक और जरूरी बात यह है कि नया चावल पुराने चावल के साथ सीधे नहीं मिलाना चाहिए। पहले पुराने चावल का इस्तेमाल करें। इसके बाद कंटेनर को अच्छी तरह साफ करके पूरी तरह सुखाएं और फिर उसमें नया चावल भरें। इससे पुराने स्टॉक से किसी संभावित कीट या उसके अंडों के नए चावल तक पहुंचने का जोखिम कम किया जा सकता है।

    अगर चावल में पहले से थोड़े कीड़े दिखाई दे रहे हैं, तो उसे अलग करके अच्छी तरह जांचना चाहिए। चावल को कुछ दिनों के लिए फ्रीजर में रखने का विकल्प भी अपनाया जाता है। इसके बाद चावल को छानकर और अच्छी तरह सुखाकर साफ, एयरटाइट डिब्बे में रखा जा सकता है। लेकिन अगर चावल में बहुत ज्यादा कीड़े, फफूंद, नमी या खराब गंध दिखाई दे, तो उसे इस्तेमाल करने के बजाय फेंक देना बेहतर है।

  • रूखे और बेजान बालों को मुलायम बनाने के लिए आजमाएं मेथी का हेयर मास्क, घर पर आसानी से तैयार करें यह उपाय

    रूखे और बेजान बालों को मुलायम बनाने के लिए आजमाएं मेथी का हेयर मास्क, घर पर आसानी से तैयार करें यह उपाय


    नई दिल्ली ।
    रूखे और बेजान बाल अक्सर अपनी प्राकृतिक चमक खो देते हैं और उन्हें संभालना भी मुश्किल हो जाता है। बदलते मौसम, धूल, प्रदूषण, बार बार शैंपू करने और बालों पर अलग अलग तरह के उत्पादों के इस्तेमाल से बालों की नमी कम हो सकती है। ऐसे में घर में आसानी से मिलने वाली मेथी बालों की देखभाल के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पारंपरिक सामग्री है। मेथी के दानों से तैयार हेयर मास्क बालों को मुलायम और बेहतर महसूस कराने में मदद कर सकता है।

    मेथी के बीजों में प्रोटीन और कई अमीनो एसिड पाए जाते हैं। बालों की संरचना मुख्य रूप से केराटिन नामक प्रोटीन से बनी होती है। हालांकि बालों पर मेथी लगाने से शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी नहीं होती, लेकिन इसका पेस्ट बालों की सतह को कंडीशन करने में मदद कर सकता है। इसलिए रूखे बालों की देखभाल के लिए इसे घरेलू हेयर मास्क के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

    मेथी की एक खास विशेषता पानी में भिगोने के बाद दिखाई देती है। इसके दाने फूलने लगते हैं और उनमें मौजूद घुलनशील फाइबर के कारण एक हल्का चिपचिपा पदार्थ बनता है। यही हिस्सा मेथी के पेस्ट को बालों पर फैलने में मदद करता है। बालों पर इसकी एक पतली परत बन सकती है, जिससे बाल कुछ समय के लिए अधिक चिकने और मुलायम महसूस हो सकते हैं।

    मेथी में आयरन, कैल्शियम और कुछ अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। हालांकि इन पोषक तत्वों की मौजूदगी का मतलब यह नहीं है कि मेथी का पेस्ट सिर पर लगाने से शरीर में पोषण की कमी दूर हो जाएगी। बालों के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। विशेष रूप से आयरन की कमी होने पर केवल बाहरी हेयर मास्क पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

    मेथी का हेयर मास्क बनाने के लिए सबसे पहले एक या दो चम्मच मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोया जा सकता है। सुबह अतिरिक्त पानी निकालकर नरम हुए दानों को पीस लें। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार किया जा सकता है। इस पेस्ट को बाल धोने से पहले बालों की लंबाई पर लगाया जा सकता है।

    पेस्ट को लगभग 20 से 30 मिनट तक बालों पर रखने के बाद सामान्य तरीके से बाल धोए जा सकते हैं। इसे बहुत देर तक सिर पर रखने की जरूरत नहीं है। बालों से पेस्ट निकालते समय अच्छी तरह पानी का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि मेथी के कण बालों में न रह जाएं।

    अगर बाल ज्यादा रूखे हैं तो मेथी के पेस्ट में थोड़ी मात्रा में नारियल तेल मिलाने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। नारियल तेल बालों को कंडीशन करने और उन्हें मुलायम महसूस कराने में मदद कर सकता है। हालांकि हर व्यक्ति के बाल और सिर की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी घरेलू नुस्खे का असर सभी पर एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

    मेथी का इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतना भी जरूरी है। पहली बार इसे सिर या बालों पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर थोड़ी मात्रा लगाकर प्रतिक्रिया देखना बेहतर है। यदि खुजली, जलन, लालिमा या किसी तरह की एलर्जी दिखाई दे तो इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

  • घुंघराले बाल बार-बार क्यों उलझते और रूखे होते हैं? जानिए रोजमर्रा की ये गलतियां और आसान देखभाल के तरीके

    घुंघराले बाल बार-बार क्यों उलझते और रूखे होते हैं? जानिए रोजमर्रा की ये गलतियां और आसान देखभाल के तरीके

    नई दिल्ली । घुंघराले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इन्हें संभालना सीधे बालों की तुलना में कई बार ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कर्ली बालों में नमी की कमी होने पर रूखापन, उलझन और बालों के बेजान दिखने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बार-बार कंघी करना, जरूरत से ज्यादा शैम्पू करना और गीले बालों को खींचना भी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, बालों की देखभाल की कुछ आसान आदतों को अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के बालों की बनावट और सिर की त्वचा अलग होती है। इसलिए बालों की देखभाल के लिए एक ही नियम सभी पर लागू नहीं होता। शैम्पू कितनी बार करना है, यह सिर की त्वचा में तेल, पसीना, धूल और डैंड्रफ जैसी स्थितियों पर निर्भर करता है।

    घुंघराले बालों को रोजाना शैम्पू करने की जरूरत हर व्यक्ति को नहीं होती। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा तैलीय नहीं है, तो बार-बार बाल धोने से बचा जा सकता है। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर बालों में मौजूद प्राकृतिक तेल कम हो सकता है, जिससे वे ज्यादा रूखे और बेजान महसूस हो सकते हैं। इसलिए अपने बालों और स्कैल्प की जरूरत के अनुसार ही शैम्पू करना बेहतर रहता है।

    शैम्पू करते समय भी सही तकनीक अपनाना जरूरी है। शैम्पू को मुख्य रूप से सिर की त्वचा पर लगाकर धीरे-धीरे साफ करना चाहिए। बालों की पूरी लंबाई को जोर से रगड़ने की आवश्यकता नहीं होती। सिर की त्वचा से निकलने वाला झाग बालों की लंबाई तक पहुंचकर उन्हें साफ करने में मदद करता है। अगर बाल धोने के बाद काफी सूखे या उलझे हुए महसूस होते हैं, तो हल्का शैम्पू और उपयुक्त कंडीशनर उपयोगी हो सकता है।

    कंडीशनर घुंघराले बालों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसे बालों की लंबाई और सिरों पर लगाने से बालों की सतह अधिक चिकनी महसूस हो सकती है। इससे बालों के बीच घर्षण कम होता है और उन्हें सुलझाना आसान हो सकता है। शैम्पू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल बालों को संभालने में मदद कर सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गीले बालों को तौलिये से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से पानी सोखना बेहतर है। ज्यादा रगड़ से बालों में घर्षण बढ़ सकता है और कर्ली बालों के टूटने या उलझने की समस्या बढ़ सकती है।

    गीले बालों को जोर से खींचकर कंघी करने से भी बचना चाहिए। जरूरत होने पर बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं और ऐसी कंघी या तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे बालों पर कम खिंचाव पड़े। बालों को संभालते समय बार-बार खींचने और रगड़ने से होने वाला नुकसान कम करना जरूरी है।

    बालों को अतिरिक्त नमी और मुलायम एहसास देने के लिए हेयर सीरम या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाल धोने के बाद हल्के गीले बालों पर थोड़ी मात्रा में इन्हें लगाने से बालों की सतह चिकनी महसूस हो सकती है और उलझन कम हो सकती है। हालांकि, बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से बाल भारी या चिपचिपे दिख सकते हैं।

    घुंघराले बालों की बेहतर देखभाल के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि बालों की जरूरत को समझकर रूटीन तैयार किया जाए। जरूरत से ज्यादा शैम्पू, तेज रगड़, बार-बार कंघी और गीले बालों पर खिंचाव जैसी आदतों से बचना फायदेमंद हो सकता है। सही सफाई, पर्याप्त कंडीशनिंग और बालों को धीरे संभालने की आदत कर्ली बालों को अधिक व्यवस्थित और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकती है।