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  • पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

    पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए के निवेश से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुजरात के साथ मध्यप्रदेश के संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए अरविंद समूह द्वारा मध्यप्रदेश में भी अपनी इकाई स्थापित की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप पीएम मित्र पार्क में अगले वर्ष तक उत्पादन प्रारंभ करने का लक्ष्य है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अरविंद समूह द्वारा 3 स्थानों पर अपनी इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। इनमें देवास के निकट बरलाई, धार स्थित पीएम मित्र पार्क और इंदौर का बेटमा शामिल हैं। कंपनी इन स्थानों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी कार्य कर रही है। इन औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार से प्रदेश में युवाओं के लिये रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात बुधवार को गुजरात के अहमदाबाद में अरविंद लिमिटेड के वाइस चेयरमैन श्री कुलीन लालभाई से चर्चा के बाद कही।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच सहयोग से दोनों राज्यों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। औद्योगिक निवेश से एक ओर जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर उद्योगों से प्राप्त होने वाले कर राजस्व से राज्य के विकास के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। इससे प्रदेश के विकास को और गति मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए अरविंद समूह को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

    मध्यप्रदेश में कंपनी के प्रस्तावित निवेश, पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना, रोजगार सृजन, वस्त्र एवं परिधान (टेक्सटाइल) क्षेत्र में निवेश, औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग तथा सिंहस्थ-2028 के लिए आधुनिक संचार व्यवस्था सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अपर मुख्य सचिव, उद्योग श्री नीरज मंडलोई, सचिव, उद्योग श्री जॉन किंसले तथा एमडी, एमपीआईडीसी श्री चंद्रमौली शुक्ला उपस्थित रहे।

    पीएम मित्र पार्क में 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित

    अरविंद लिमिटेड द्वारा पीएम मित्र पार्क में लगभग 1200 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसके लिए कंपनी को 105 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इंदौर में संचालित पेपकोन प्रायवेट लिमिटेड के साथ कंपनी के अनुबंध के तहत प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख परिधानों का निर्माण किया जाता है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीएम मित्र पार्क में उद्योग की स्थापना और निवेश प्रक्रिया को गति देने पर चर्चा की। सीसीआईपी के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा शासन स्तर पर प्रस्ताव के त्वरित परीक्षण एवं अनुमोदन की दिशा में आवश्यक कार्यवाही पर भी विचार-विमर्श हुआ। वस्त्र एवं परिधान उद्योगों के लिए उपलब्ध निवेश प्रोत्साहनों की जानकारी भी दी गई। इनमें पूंजी अनुदान, ब्याज अनुदान, स्टॉम्प एवं पंजीयन शुल्क की प्रतिपूर्ति, ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन तथा अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं के लिए सहायता सहित अन्य प्रावधान शामिल हैं।

    औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

    औद्योगिक क्षेत्रों में जल के पुनः उपयोग के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज समाधान की संभावनाओं पर भी विचार हुआ। मध्यप्रदेश में विकसित किए जा रहे 90 से अधिक औद्योगिक पार्कों में टेक्सटाइल, फार्मा एवं अन्य औद्योगिक क्लस्टरों में कॉमन जेडएलडी प्रणालियों की स्थापना की संभावनाओं पर चर्चा की गई। औद्योगिक पार्कों को निकटवर्ती नगर निगमों के एसटीपी से जोड़कर सर्कुलर वॉटर इकोनॉमी’ मॉडल विकसित करने के सुझाव पर भी विचार हुआ।

    सिंहस्थ-2028 में आधुनिक संचार व्यवस्था के उपयोग की तैयारी

    सिंहस्थ-2028 में मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श हुआ। अरविंद लिमिटेड एवं जेएम बक्सी समूह के संयुक्त उद्यम आर्य ऑम्निटॉक सॉल्यूशंस द्वारा मिशन-क्रिटिकल वायरलेस कम्युनिकेशन, वॉकी-टॉकी नेटवर्क, पीएमआरटी तथा सार्वजनिक सुरक्षा संचार समाधान उपलब्ध कराए जाते हैं।सिंहस्थ-2028 में पुलिस, सुरक्षा बल, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं एवं आयोजन प्रबंधन के लिए इस प्रकार के मिशन-क्रिटिकल कम्युनिकेशन नेटवर्क के उपयोग की संभावनाओं पर विचार किया गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस-2027 के लिए किया आमंत्रित

    मुख्यमंत्री डॉ. न्हें ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस)-2027 में सहभागिता के लिए भी आमंत्रित किया।

    अरविंद लिमिटेड देश के प्रमुख टेक्सटाइल समूहों में शामिल है। वर्ष 1931 में स्थापित कंपनी का मुख्यालय अहमदाबाद में है। कंपनी डेनिम, परिधान, फैब्रिक्स एवं टेक्सटाइल वैल्यू चेन के क्षेत्र में कार्यरत है। समूह की विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में 60 हजार से अधिक व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त है तथा कंपनी एक लाख से अधिक कपास उत्पादन करने वाले कृषकों से कच्चे माल की खरीद करती है।

  • पाकिस्‍तान को एक और झटका: सिंधु जल संधि के बाद रावी पर भारत का फोकस, उझ परियोजना को मिली रफ्तार

    पाकिस्‍तान को एक और झटका: सिंधु जल संधि के बाद रावी पर भारत का फोकस, उझ परियोजना को मिली रफ्तार


    नई दिल्ली।
    सिंधु जल संधि को लेकर भारत के सख्त रुख के बीच जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से लंबित उझ बहुउद्देश्यीय परियोजना को गति देने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार का जोर रावी नदी के भारत के हिस्से के जल का अधिकतम उपयोग देश में ही सुनिश्चित करने पर है। परियोजना के पूरा होने से सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के क्षेत्र में लाभ मिलने की उम्मीद है।

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रविवार को उझ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में उन राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जो लंबे समय से लंबित हैं और जिनकी देरी से देश को नुकसान उठाना पड़ा है।

    उझ और शाहपुरकंडी परियोजना पर जोर

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि उझ मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट और शाहपुरकंडी परियोजना केवल विकास से जुड़ी योजनाएं नहीं हैं, बल्कि देश के जल संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और रणनीतिक हितों से भी इनका संबंध है। लंबे समय तक परियोजनाओं के अटके रहने के कारण रावी और उसकी सहायक नदियों का उपलब्ध पानी पर्याप्त मात्रा में उपयोग नहीं किया जा सका।

    उन्होंने बताया कि उझ परियोजना की कल्पना करीब 100 वर्ष पहले की गई थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह आगे नहीं बढ़ सकी। इसी तरह शाहपुरकंडी परियोजना भी करीब चार दशक तक लंबित रही।

    जमीन उपलब्ध होते ही शुरू होगा काम

    सरकार अब परियोजना के निर्माण को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पूरी जमीन के अधिग्रहण का इंतजार किए बिना जहां जमीन उपलब्ध है, वहां निर्माण कार्य शुरू किया जाए। बाकी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इसके साथ ही चलती रहेगी।

    सरकार का मानना है कि इस तरीके से परियोजना को पूरा करने में लगने वाला समय कम किया जा सकेगा और इसके लाभ लोगों तक जल्द पहुंचेंगे।

    गुणवत्ता और समयसीमा पर जोर

    केंद्रीय मंत्री ने परियोजना से जुड़ी एजेंसियों को निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और दक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नई तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली अपनाकर परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।

    सिंचाई और बिजली उत्पादन को मिलेगा लाभ

    उझ और शाहपुरकंडी परियोजनाओं के माध्यम से भारत के हिस्से के जल संसाधनों का अधिकतम उपयोग किए जाने की योजना है। इससे क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के साथ पेयजल उपलब्धता और बिजली उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास में भी इन परियोजनाओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि शाहपुरकंडी परियोजना को वर्ष 2019 में दोबारा गति दी गई थी और अब यह लगभग पूरी होने की स्थिति में है। वहीं, उझ परियोजना को 2026 में फिर से गति देने का उद्देश्य वर्षों से लंबित परियोजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारना है। सरकार का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर उनका लाभ सीधे आम लोगों तक पहुंचाना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

  • गिरावट के बाद शेयर बाजार की शानदार वापसी, आईटी और बैंकिंग शेयरों ने भरी रफ्तार; निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    गिरावट के बाद शेयर बाजार की शानदार वापसी, आईटी और बैंकिंग शेयरों ने भरी रफ्तार; निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें

    नई दिल्ली । पिछले कारोबारी सत्र की कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी दर्ज की। दिनभर खरीदारी का मजबूत रुख देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। निवेशकों की सकारात्मक भागीदारी और प्रमुख क्षेत्रों में खरीदारी के कारण बाजार ने एक बार फिर मजबूती का संकेत दिया। सेंसेक्स में करीब 800 अंकों की तेजी दर्ज हुई, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार करने में सफल रहा।

    कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंकों की बढ़त के साथ 76,991.22 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 197.55 अंक चढ़कर 24,021.65 पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत भी सकारात्मक रही और दिनभर निवेशकों का रुझान खरीदारी की ओर बना रहा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 77,190.37 का उच्चतम स्तर छुआ, जबकि निफ्टी 24,090.05 तक पहुंच गया।

    बाजार में तेजी केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही। व्यापक बाजार में भी निवेशकों ने सक्रियता दिखाई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों का भरोसा विभिन्न वर्गों के शेयरों में बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि व्यापक स्तर पर निवेशकों की भागीदारी बाजार की मजबूती का सकारात्मक संकेत मानी जाती है।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो सूचना प्रौद्योगिकी और रियल्टी क्षेत्र के शेयरों ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया। इन दोनों क्षेत्रों के सूचकांकों में दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बैंकिंग और निजी बैंकिंग शेयरों में भी मजबूत खरीदारी देखने को मिली, जिसने बाजार को ऊपर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दूसरी ओर ऑटोमोबाइल और धातु क्षेत्र के कुछ शेयरों में दबाव दिखाई दिया, जिसके कारण इन सेक्टरों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

    दिनभर के कारोबार में कई प्रमुख कंपनियों के शेयर निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। एविएशन, वित्तीय सेवाओं और तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में मजबूत तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत ऊर्जा और धातु क्षेत्र की कुछ बड़ी कंपनियों के शेयरों में मुनाफावसूली का असर दिखाई दिया। हालांकि इन चुनिंदा शेयरों की कमजोरी बाजार की समग्र तेजी को प्रभावित नहीं कर सकी।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार हालिया गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा की गई खरीदारी ने बाजार को नई ऊर्जा प्रदान की है। तकनीकी चार्ट पर निफ्टी ने मजबूत तेजी का संकेत देने वाला पैटर्न बनाया है, जिससे निकट भविष्य में बाजार की दिशा को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रमुख सूचकांक का महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों के ऊपर बने रहना निवेशकों के विश्वास को मजबूत करता है।

    तकनीकी विश्लेषण के आधार पर निफ्टी ने एक बार फिर अपने महत्वपूर्ण औसत स्तर के ऊपर जगह बनाई है। साथ ही बाजार की गति को मापने वाले प्रमुख संकेतकों में भी सुधार दर्ज किया गया है। इससे यह संकेत मिलता है कि हालिया करेक्शन के बाद बाजार में खरीदारी की वापसी हो रही है और निवेशकों का रुझान फिर से सकारात्मक बना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निफ्टी के लिए 24,140 से 24,170 के बीच का क्षेत्र महत्वपूर्ण प्रतिरोध साबित हो सकता है। यदि सूचकांक इस दायरे को पार कर स्थिरता बनाए रखने में सफल रहता है तो आगे और तेजी की संभावना बन सकती है। वहीं नीचे की ओर 23,900 से 23,870 का स्तर महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है। जब तक निफ्टी इस दायरे के ऊपर बना रहेगा, तब तक बाजार की समग्र धारणा सकारात्मक रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

  • बाजार खुलते ही निवेशकों की नजर इन चुनिंदा शेयरों पर, कॉरपोरेट घोषणाओं के बाद बढ़ सकती है ट्रेडिंग गतिविधि

    बाजार खुलते ही निवेशकों की नजर इन चुनिंदा शेयरों पर, कॉरपोरेट घोषणाओं के बाद बढ़ सकती है ट्रेडिंग गतिविधि

    नई दिल्ली । घरेलू शेयर बाजार ने गुरुवार को सीमित दायरे में कारोबार करते हुए लगभग सपाट स्तर पर दिन का समापन किया। हालांकि बाजार सूचकांकों में बड़ी हलचल देखने को नहीं मिली, लेकिन कई कंपनियों की ओर से जारी महत्वपूर्ण कॉरपोरेट घोषणाओं ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। ऐसे में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कुछ चुनिंदा शेयरों में गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार किसी कंपनी द्वारा विस्तार योजनाओं, नए ऑर्डर, डिविडेंड भुगतान, वैश्विक मान्यता या व्यवसायिक लक्ष्यों से जुड़ी जानकारी साझा किए जाने का असर अक्सर उसके शेयरों पर दिखाई देता है। इसी कारण निवेशक आगामी सत्र में उन कंपनियों पर विशेष नजर रखेंगे जिन्होंने हाल के दिनों में महत्वपूर्ण अपडेट जारी किए हैं।

    हिंडाल्को इंडस्ट्रीज उन कंपनियों में शामिल है जिस पर बाजार की निगाहें बनी रहेंगी। कंपनी ने प्रीमियम बिल्डिंग सॉल्यूशंस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में नया एक्सपीरियंस सेंटर शुरू करने की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में अपने इंजीनियर्ड एल्युमीनियम डोर और विंडो कारोबार को बड़े स्तर पर विस्तार देना है। रियल एस्टेट और प्रीमियम निर्माण क्षेत्र में बढ़ती मांग को देखते हुए इस घोषणा को कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।

    डिफेंस और इंजीनियरिंग क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारत फोर्ज भी निवेशकों के रडार पर रहेगी। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अंतिम डिविडेंड की रिकॉर्ड डेट घोषित की है। डिविडेंड से जुड़ी घोषणाएं आमतौर पर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इससे शेयरधारकों को मिलने वाले प्रतिफल की स्पष्ट तस्वीर सामने आती है। ऐसे में इस अपडेट का असर कंपनी के शेयर में देखने को मिल सकता है।

    सौर ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी प्रीमियर एनर्जीज ने भी हाल ही में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को वैश्विक स्तर की प्रतिष्ठित सोलर मॉड्यूल निर्माता रैंकिंग में शीर्ष भारतीय कंपनियों में स्थान मिला है। यह उपलब्धि कंपनी की विनिर्माण क्षमता, तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती उपस्थिति को दर्शाती है। अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती संभावनाओं के बीच यह खबर निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    पिलानी इन्वेस्टमेंट एंड इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन ने भी अपने शेयरधारकों के लिए डिविडेंड की घोषणा की है। हालांकि रिकॉर्ड डेट की जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन कंपनी के इस फैसले ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। डिविडेंड भुगतान की घोषणा अक्सर बाजार में निवेशकों के भरोसे और कंपनी की वित्तीय स्थिति का संकेत मानी जाती है।

    वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर और टोल संचालन क्षेत्र से जुड़ी कंपनी इनोविजन को मध्य प्रदेश में एक महत्वपूर्ण परियोजना के संचालन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्राप्त हुआ है। कंपनी को राष्ट्रीय राजमार्ग के एक प्रमुख हिस्से पर टोल संचालन और शुल्क संग्रहण का कार्य सौंपा गया है। नए ऑर्डर से कंपनी के ऑर्डर बुक और भविष्य की आय संभावनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

    विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा बाजार परिस्थितियों में कॉरपोरेट अपडेट्स निवेशकों के निर्णयों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में शामिल हैं। ऐसे में शुक्रवार के कारोबारी सत्र में इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की गतिविधि बढ़ सकती है। हालांकि किसी भी निवेश निर्णय से पहले निवेशकों को कंपनी के मूलभूत आंकड़ों, जोखिम कारकों और बाजार परिस्थितियों का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।