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  • महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद

    महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर, बाबा का लिया आशीर्वाद


    मध्य प्रदेश । उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में रविवार तड़के भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और भक्ति का अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब प्रसिद्ध गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने बाबा महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया।

    दोनों कलाकार सुबह करीब 4 बजे मंदिर परिसर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक चलने वाली भस्म आरती में श्रद्धापूर्वक शामिल हुईं। इस दौरान वे लगातार भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं और पूरे समय भक्ति भाव में लीन रहीं। आरती के बीच उन्होंने नंदी महाराज का पूजन भी किया और अपनी मनोकामनाएं भगवान के चरणों में अर्पित कीं।

    भस्म आरती के पश्चात दोनों ने विधिवत रूप से भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत किया और सम्मान स्वरूप स्मृति चिन्ह भी प्रदान किए।

    इस अवसर पर गायिका किंजल दवे ने भावुक होकर कहा कि यह उनका लगभग दो महीनों में दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा, “बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा यहां बुलाया है, मैं स्वयं को अत्यंत सौभाग्यशाली मानती हूं।” उन्होंने मंदिर प्रबंधन और सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार भी व्यक्त किया।

    अभिनेत्री मोनल गज्जर, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं, इससे पहले भी 8 अप्रैल को महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए आ चुकी हैं। इस बार भी वे पूरी श्रद्धा और सादगी के साथ आरती में शामिल हुईं।

    मंदिर परिसर में दोनों कलाकारों की उपस्थिति के दौरान भक्तों में उत्साह देखने को मिला, हालांकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और धार्मिक मर्यादा के अनुरूप संपन्न हुआ।

    श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती को विशेष महत्व प्राप्त है, और इसमें शामिल होना श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत सौभाग्य की बात मानी जाती है। इस अवसर ने एक बार फिर उज्जैन की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक महत्व को उजागर किया।

  • उज्जैन में भव्य भस्म आरती: सितारों ने नंदी हॉल में दर्शन कर अनुभव साझा किया

    उज्जैन में भव्य भस्म आरती: सितारों ने नंदी हॉल में दर्शन कर अनुभव साझा किया


    उज्जैन। बुधवार की सुबह विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में भव्य दृश्य देखने को मिला। मंदिर की तड़के सुबह होने वाली भस्म आरती में टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ उल्का गुप्ता और मोनाल गज्जर के साथ-साथ प्रसिद्ध गायिका किंजल दवे और पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी शामिल हुए। मंदिर प्रबंध समिति ने सभी का स्वागत किया और उन्हें नंदी हॉल में बैठने की व्यवस्था कर दर्शन का अनुभव कराया।

    महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती का आयोजन हर दिन कई वीआईपी और वीवीआईपी के लिए आकर्षण का केंद्र रहता है। इस आरती में भक्त और दर्शक बाबा महाकाल के दर पर उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। आज इस अवसर पर आए सितारों ने न केवल आरती में भाग लिया बल्कि अपने अनुभव भी साझा किए। उल्का गुप्ता ने कहा कि महाकाल की भस्म आरती का अनुभव अवर्णनीय था। उन्होंने बताया कि शिवलिंग का श्रृंगार और जल अर्पित होते हुए देखकर उनके आंखों में आंसू निकल आए। उल्का ने कहा कि 2013 में जब वे मंदिर आई थीं, तब व्यवस्था अलग थी लेकिन 2026 में व्यवस्थाएं काफी सुधार गई हैं और मंदिर में दर्शन का अनुभव और भी प्रभावशाली हो गया है।

    गायिका किंजल दवे ने कहा कि भस्म आरती का अनुभव अद्भुत था और उन्होंने समस्त सृष्टि में शांति की कामना की। उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर की भव्यता और आयोजन की व्यवस्था की सराहना की। फिल्म अभिनेत्री मोनाल गज्जर ने भी मंदिर व्यवस्थाओं की जमकर प्रशंसा की और साथ ही मध्य प्रदेश सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मंदिर में आकर आस्था और श्रद्धा का अनुभव और भी प्रगाढ़ हो गया।

    पूर्व क्रिकेटर सुनील जोशी ने इस भव्य आरती में शामिल होकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि भस्म आरती में शामिल होना उनके लिए विशेष था। उन्होंने क्रिकेट की उपलब्धियों का भी जिक्र किया और कहा कि भारत ने पुरुष, महिला और अंडर 19 टीमों के साथ तीन विश्व कप जीतकर गौरवपूर्ण परंपरा कायम की है। उनके लिए आज का दिन, भक्ति और खेल दोनों के दृष्टिकोण से बहुत ही यादगार रहा।

    भस्म आरती में उपस्थित सभी सितारों ने नंदी हॉल में बैठकर श्रद्धालुओं के साथ आरती का आनंद लिया। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा। दर्शन करने आए श्रद्धालुओं और मीडिया कर्मियों ने भी इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनकर आस्था का अनुभव किया।

    उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर मंदिर आने वाले लोग शिवलिंग के दर्शन के साथ-साथ सितारों को भी देखने का अनुभव प्राप्त करते हैं। आज के इस भव्य आयोजन ने स्पष्ट कर दिया कि महाकालेश्वर मंदिर में आस्था, भक्ति और आधुनिक व्यवस्थाओं का समन्वय हर साल नए अनुभव और ऊर्जा से भर देता है।