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  • यूपी में आसमान से आफत और नदियों का रौद्र रूप: बांध ओवरफ्लो, गांवों में घुसा पानी, आज 71 जिलों में बारिश का अलर्ट

    यूपी में आसमान से आफत और नदियों का रौद्र रूप: बांध ओवरफ्लो, गांवों में घुसा पानी, आज 71 जिलों में बारिश का अलर्ट


    उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश की कई प्रमुख नदियां उफान पर हैं और बाढ़ का पानी तेजी से निचले इलाकों में फैल रहा है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राज्य के 19 जिले बाढ़ की चपेट में हैं जबकि 92 गांवों में फसलें पानी में डूब गई हैं। 26 गांव ऐसे हैं जो चारों तरफ से पानी से घिरकर टापू में तब्दील हो चुके हैं। इन गांवों को आसपास के इलाकों से जोड़ने वाली सड़कें डूब जाने के कारण लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नाव और मोटर बोट के जरिए राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।

    बाढ़ और बारिश के बीच उन्नाव से सामने आया एक मामला बेहद चिंता बढ़ाने वाला है। गंगाघाट में गंगा स्नान के दौरान दो बच्चियां अचानक नदी में डूबने लगीं। उन्हें बचाने के लिए उनके पिता भी नदी में कूद गए लेकिन तेज बहाव के कारण वह भी मुश्किल में फंस गए। इसी दौरान वहां मौजूद एक पंडा ने अपनी जान की परवाह किए बिना नदी में छलांग लगा दी और काफी मशक्कत के बाद पिता और दोनों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस घटना ने एक बार फिर उफनती नदियों में स्नान के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।

    प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। दारागंज घाट की सीढ़ियां पानी में डूब चुकी हैं। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए लोगों को सड़कों और ऊंचे स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों की स्थिति गंभीर हो गई है। अस्सी घाट पर होने वाला सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम का मंच पानी में डूब गया है। दशाश्वमेध घाट पर जल पुलिस चौकी तक पानी पहुंच चुका है और घाट की कई सीढ़ियां पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। घाट किनारे मौजूद कई मंदिर भी पानी में डूब गए हैं।

    झांसी में बेतवा नदी पर बना बांध इस सीजन में पहली बार ओवरफ्लो हो गया है। करीब 140 साल पुराने पारीछा बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। बाराबंकी में सरयू नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि संतकबीर नगर में 20 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। यहां नौ सरकारी स्कूलों के परिसरों में भी पानी पहुंच गया है। कानपुर के निचले इलाकों में पांडू नदी का पानी घुसने से करीब दो हजार लोग प्रभावित हुए हैं। आजमगढ़ में भी कई प्रमुख इलाकों की गलियां जलभराव से परेशान हैं।

    रविवार को प्रयागराज गोरखपुर मेरठ बहराइच समेत करीब 20 शहरों में तेज बारिश हुई। शाहजहांपुर में सुबह घना कोहरा छाया रहा और दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो गई। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक लगातार बारिश के कारण हवा में नमी बढ़ने और रात के तापमान में गिरावट से कोहरे की स्थिति बनी।

    मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के 71 जिलों में गरज चमक के साथ बारिश होने का अलर्ट है जबकि 12 जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मानसूनी सिस्टम के उत्तर की ओर सक्रिय होने और बंगाल की खाड़ी से नमी भरी हवाओं के लगातार आने के कारण अगले एक दो दिन बारिश में तेजी बनी रह सकती है। 25 अगस्त से पश्चिमी हवाओं के प्रभाव में बदलाव आने की संभावना है जिससे पश्चिमी और मध्य यूपी में भारी बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

    ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने और उफनती नदियों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

  • बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा

    बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा


    मध्य प्रदेश । 31 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय हैं जिनके प्रभाव से भोपाल इंदौर उज्जैन नर्मदापुरम हरदा धार देवास बैतूल सीहोर रायसेन सागर छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर जलभराव और नदी नालों के उफान पर आने की आशंका भी जताई गई है।

    राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोटा उदयपुर झालावाड़ और बारां जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात के दक्षिणी हिस्सों और सौराष्ट्र क्षेत्र में भी तेज बारिश के आसार हैं जबकि महाराष्ट्र के कोंकण विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी बादल जमकर बरस सकते हैं।

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि पश्चिमी तट पर तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से सतर्क रहने को कहा गया है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह भी दी गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

  • बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत

    बारिश से पहले इंदौर में जर्जर भवनों पर चला बुलडोजर, जेल रोड का मकान ढहाया, एक मालिक को दो दिन की मोहलत


    मध्य प्रदेश। मानसून के दौरान जर्जर भवनों से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए इंदौर नगर निगम ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में सोमवार को निगम की टीम ने जेल रोड स्थित एक खतरनाक मकान को मशीनों की मदद से ध्वस्त कर दिया। वहीं पास ही स्थित एक अन्य भवन की जर्जर गैलरी को हटाने के लिए मकान मालिक को दो दिन का अंतिम समय दिया गया है। इसके अलावा कुमार मोहल्ला में नगर निगम के पुराने और जर्जर क्वार्टरों को भी हटाने की कार्रवाई की गई।

    नगर निगम की कार्रवाई जोन क्रमांक-3 के अंतर्गत जेल रोड क्षेत्र में की गई, जहां लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा भवन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहर के जर्जर भवनों का सर्वे कराया जा रहा है और जिन इमारतों से दुर्घटना की आशंका है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हटाया जा रहा है।

    अधिकारियों के अनुसार जेल रोड स्थित भवन के समीप मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के दौरान लगातार हो रहे कंपन के कारण भवन की गैलरी हिलने लगी थी और उसके कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई थी। इसी खतरे को देखते हुए निगम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे भवन को गिरा दिया, ताकि बारिश के दौरान कोई बड़ा हादसा न हो।

    कार्रवाई के दौरान पास के एक अन्य मकान की गैलरी भी बेहद जर्जर पाई गई। भवन स्वामिनी विनोदिनी अग्रवाल मौके पर मौजूद नहीं थीं, इसलिए निगम ने उन्हें नोटिस जारी कर गैलरी हटाने के लिए दो दिन का समय दिया है। यदि निर्धारित अवधि में कार्रवाई नहीं की गई तो नगर निगम स्वयं गैलरी हटाकर खर्च की वसूली नियमानुसार करेगा।

    इसके बाद निगम का अमला कुमार मोहल्ला पहुंचा, जहां नगर निगम के पुराने और अनुपयोगी क्वार्टरों को हटाने की कार्रवाई की गई। कार्रवाई से पहले कर्मचारियों ने भवनों से सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया और उसके बाद मशीनों की मदद से जर्जर ढांचों को तोड़ दिया गया।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके मकान का कोई हिस्सा कमजोर या जर्जर हो चुका है तो उसे समय रहते हटवा लें। इससे बारिश के दौरान भवन गिरने जैसी घटनाओं से बचा जा सकेगा और जनहानि की आशंका भी कम होगी। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के पूरे मौसम में शहरभर में ऐसे जर्जर भवनों की पहचान कर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

  • मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

  • Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक सक्रिय हुआ मानसून आज इन राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना

    Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक सक्रिय हुआ मानसून आज इन राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना


    मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

    मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।

  • आज का मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों कई राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट गर्मी से मिलेगी राहत लेकिन बढ़ेगा जलभराव का खतरा

    आज का मौसम देगा राहत और चुनौती दोनों कई राज्यों में झमाझम बारिश का अलर्ट गर्मी से मिलेगी राहत लेकिन बढ़ेगा जलभराव का खतरा


    मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

    मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।

  • गर्मी से मिलेगी राहत, अगले 2-3 दिन में केरल पहुंचेगा मानसून; दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

    गर्मी से मिलेगी राहत, अगले 2-3 दिन में केरल पहुंचेगा मानसून; दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में अलर्ट

    नई दिल्ली । देशभर में लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच राहत की खबर सामने आई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले दो से तीन दिनों के भीतर केरल में प्रवेश कर सकता है। मानसून की यह प्रगति देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के स्वरूप को तेजी से बदलने वाली है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत और पूर्वोत्तर क्षेत्र तक व्यापक स्तर पर वर्षा गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही कई राज्यों में तेज हवाएं, गरज-चमक और आंधी का दौर भी देखने को मिल सकता है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बन रही अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून को आगे बढ़ने में सहायता मिल रही है। इसी वजह से केरल तट पर मानसून की दस्तक अब बेहद करीब मानी जा रही है। मानसून के सक्रिय होने के बाद दक्षिण भारत के राज्यों में अच्छी बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज हो सकती है। कृषि गतिविधियों के लिए भी यह समय महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई काफी हद तक मानसून की प्रगति पर निर्भर करती है। किसानों की नजरें भी मानसून की आधिकारिक शुरुआत पर टिकी हुई हैं।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में भी मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर आंधी की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कई हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आ सकती हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी वर्षा गतिविधियां तेज होने की संभावना है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में आगामी दिनों में व्यापक बारिश दर्ज की जा सकती है। वहीं असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे राज्यों में लगातार भारी बारिश का अनुमान व्यक्त किया गया है। इन क्षेत्रों में नदियों के जलस्तर और भूस्खलन जैसी संभावित परिस्थितियों पर भी निगरानी रखी जा रही है। मौसम विभाग का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत में मानसूनी गतिविधियां सामान्य से अधिक सक्रिय रह सकती हैं।

    हालांकि शुरुआती संकेतों के अनुसार इस वर्ष मानसून की कुल वर्षा सामान्य से थोड़ी कम रहने की आशंका जताई गई है। इसके बावजूद फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट और गर्मी से राहत देखने को मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की आगामी प्रगति कृषि, जल संसाधनों और अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसलिए आने वाले दिनों में मौसम विभाग के अपडेट पर लगातार नजर रखना आवश्यक होगा।

    मानसून की संभावित एंट्री ने देशभर में राहत की उम्मीद बढ़ा दी है। यदि वर्षा का क्रम अपेक्षित रूप से आगे बढ़ता है तो किसानों, जलाशयों और आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है, जबकि मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारी भी अहम रहेगी।