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  • बारिश का मजा भी और सेहत की सुरक्षा भी, मानसून में खुद की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय

    बारिश का मजा भी और सेहत की सुरक्षा भी, मानसून में खुद की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान और असरदार उपाय


    नई दिल्ली । बरसात का मौसम गर्मी से राहत लेकर आता है और हरियाली के साथ वातावरण को खुशनुमा बना देता है लेकिन इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी होता है। बारिश के दौरान हवा में नमी बढ़ जाती है और मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिलता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी सर्दी खांसी बुखार पेट से जुड़ी परेशानी और त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। इसलिए मानसून का आनंद लेने के साथ साथ खुद की देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है। सही खानपान साफ सफाई और रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतें अपनाकर इस मौसम में खुद को स्वस्थ और फिट रखा जा सकता है।

    बरसात के मौसम में सबसे पहले साफ सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। घर के आसपास पानी जमा नहीं होने देना चाहिए क्योंकि जमा हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। बारिश में बाहर से आने के बाद गीले कपड़ों को तुरंत बदल देना चाहिए और शरीर को अच्छी तरह सुखाना चाहिए। लंबे समय तक गीले कपड़े पहनने से त्वचा में खुजली और फंगल संक्रमण जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। पैरों को भी साफ और सूखा रखना जरूरी है क्योंकि मानसून में पैरों में संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है। बाहर से आने के बाद हाथ और पैरों को अच्छी तरह धोने की आदत स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती है।

    इस मौसम में खानपान का भी विशेष महत्व होता है। बाहर का खुला और लंबे समय से रखा हुआ खाना खाने से बचना चाहिए। बारिश के दिनों में ताजा और घर का बना भोजन ज्यादा सुरक्षित विकल्प माना जाता है। भोजन में फल सब्जियां दाल और अन्य पौष्टिक चीजों को शामिल करना चाहिए ताकि शरीर को जरूरी पोषण मिल सके। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है क्योंकि कई लोग ठंडे मौसम में पानी कम पीने लगते हैं। शरीर को हाइड्रेट रखना सेहत के लिए हर मौसम में जरूरी है। पीने के पानी और खाने की स्वच्छता का ध्यान रखना भी इस मौसम में महत्वपूर्ण होता है।

    मानसून में त्वचा की देखभाल को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बढ़ी हुई नमी के कारण त्वचा चिपचिपी हो सकती है और कुछ लोगों को पिंपल्स या रैशेज की परेशानी हो सकती है। इसलिए चेहरे और शरीर को साफ रखना जरूरी है। त्वचा पर बहुत ज्यादा भारी उत्पादों का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी स्किन टाइप के अनुसार हल्के और उपयुक्त उत्पादों का चयन किया जा सकता है। किसी भी नई स्किन प्रोडक्ट से एलर्जी या जलन महसूस होने पर उसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।

    बरसात के दिनों में पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है। मौसम में बदलाव के कारण शरीर थका हुआ महसूस कर सकता है इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। हल्की एक्सरसाइज योग या घर पर स्ट्रेचिंग जैसी गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं। अगर बाहर बारिश हो रही हो तो घर के अंदर ही कुछ समय शारीरिक गतिविधि के लिए निकालना बेहतर हो सकता है। मानसिक स्वास्थ्य का ख्याल रखना भी सेल्फ केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है इसलिए अपनी पसंद की गतिविधियों के लिए समय निकालना चाहिए।

    बारिश में भीगने का आनंद लेना गलत नहीं है लेकिन लंबे समय तक गीले रहने से बचना चाहिए। अगर बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचकर जल्द से जल्द सूखे कपड़े पहनें और शरीर को गर्म और आरामदायक रखें। किसी भी तरह के लगातार बुखार तेज कमजोरी सांस लेने में परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। मानसून में छोटी छोटी सावधानियां अपनाकर न केवल बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है बल्कि पूरे मौसम का आनंद भी बेहतर तरीके से लिया जा सकता है। साफ सफाई पौष्टिक भोजन पर्याप्त पानी अच्छी नींद और सक्रिय दिनचर्या ही बरसात के मौसम में खुद की बेहतर देखभाल का सबसे आसान तरीका है।

  • मानसून में छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, बारिश के दौरान सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय

    मानसून में छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, बारिश के दौरान सुरक्षित रहने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय


    नई दिल्ली । बरसात का मौसम गर्मी से राहत लेकर आता है लेकिन इसके साथ कई तरह की परेशानियां भी बढ़ जाती हैं। तेज बारिश के दौरान जलभराव सड़कों पर फिसलन बिजली का खतरा और संक्रमण जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। ऐसे में बारिश का आनंद लेने के साथ अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है। थोड़ी सी सावधानी अपनाकर बरसात के मौसम में खुद को और परिवार को कई परेशानियों से बचाया जा सकता है।

    बारिश के दौरान घर से बाहर निकलते समय सबसे पहले मौसम की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। अगर तेज बारिश या आंधी की संभावना हो तो गैर जरूरी यात्रा को टालना बेहतर रहता है। बाहर जाना जरूरी हो तो छाता रेनकोट और पानी से बचाने वाले जूते साथ रखें। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से असहजता बढ़ सकती है इसलिए घर पहुंचने के बाद कपड़े बदल लेना चाहिए और शरीर को अच्छी तरह सुखाना चाहिए।

    बरसात में सड़कों पर पानी जमा होने की समस्या आम है। ऐसे रास्तों से पैदल गुजरते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि पानी के नीचे गड्ढे खुले मैनहोल या टूटे हुए हिस्से दिखाई नहीं देते। जलभराव वाले रास्ते में उतरने से बचना सबसे सुरक्षित विकल्प है। अगर वाहन से सफर कर रहे हैं तो पानी की गहराई का अंदाजा लगाए बिना वाहन आगे नहीं बढ़ाना चाहिए। बाइक और स्कूटर चलाने वालों को फिसलन वाली सड़कों पर गति कम रखनी चाहिए।

    बारिश के दौरान बिजली से जुड़े खतरे को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। तेज आंधी और बिजली चमकने के समय खुले मैदान पेड़ के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। घर में भी गीले हाथों से बिजली के स्विच और उपकरणों को छूने से बचें। अगर किसी जगह बिजली के तार टूटकर पानी में गिरे दिखाई दें तो उसके आसपास जाने के बजाय संबंधित विभाग को सूचना देना चाहिए।

    मानसून के दौरान साफ पानी और भोजन का ध्यान रखना भी जरूरी है। बारिश के मौसम में दूषित पानी और खुले में रखे भोजन से पेट से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए साफ और सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें। फल और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें। सड़क किनारे खुले में रखे भोजन को खाने से बचना बेहतर है। घर में भी खाने की चीजों को ढककर रखना चाहिए।

    मच्छरों से बचाव भी बरसात में जरूरी हो जाता है। घर के आसपास पानी जमा न होने दें क्योंकि रुका हुआ पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन सकता है। कूलर गमले छत और अन्य जगहों पर जमा पानी को नियमित रूप से साफ करना चाहिए। सोते समय जरूरत के अनुसार मच्छरदानी या सुरक्षित मच्छर नियंत्रण उपायों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

    बरसात में बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उन्हें जलभराव वाले इलाकों और तेज बारिश के दौरान बाहर जाने से रोकना बेहतर है। अगर बारिश के दौरान घर में पानी भरने लगे तो बिजली के उपकरणों से दूरी बनाएं और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं।

    कुल मिलाकर मानसून का मौसम खुशनुमा जरूर है लेकिन सुरक्षा में लापरवाही नुकसान पहुंचा सकती है। मौसम की जानकारी रखना साफ पानी और भोजन का इस्तेमाल करना जलभराव से बचना और बिजली से जुड़े खतरों के प्रति सतर्क रहना बारिश के मौसम में सुरक्षित रहने के सबसे जरूरी उपायों में शामिल हैं।

  • बारिश के मौसम में सर्दी जुकाम से कैसे बचें जानिए मजबूत इम्यूनिटी और स्वस्थ रहने के आसान उपाय

    बारिश के मौसम में सर्दी जुकाम से कैसे बचें जानिए मजबूत इम्यूनिटी और स्वस्थ रहने के आसान उपाय


    नई दिल्ली । बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आता है वहीं अपने साथ कई तरह की मौसमी बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है। इस मौसम में सर्दी जुकाम वायरल संक्रमण गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं। तापमान में अचानक बदलाव हवा में बढ़ी नमी और गंदे पानी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में यदि कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो मानसून का आनंद भी लिया जा सकता है और स्वास्थ्य भी बेहतर रखा जा सकता है।

    बरसात के दिनों में सबसे जरूरी है कि शरीर को भीगने से बचाया जाए। यदि किसी कारण बारिश में भीग जाएं तो घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहनें और शरीर को अच्छी तरह सुखाएं। लंबे समय तक गीले कपड़ों में रहने से शरीर का तापमान कम हो जाता है जिससे सर्दी जुकाम का खतरा बढ़ जाता है।

    इस मौसम में गर्म और ताजा भोजन करना सबसे अच्छा माना जाता है। बासी या खुले में रखा भोजन खाने से बचें क्योंकि नमी के कारण भोजन जल्दी खराब हो सकता है। अपने भोजन में हरी सब्जियां मौसमी फल दाल और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करें ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहे।

    पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। कई लोग बारिश के मौसम में प्यास कम लगने के कारण पानी कम पीते हैं लेकिन शरीर को हाइड्रेट रखना संक्रमण से बचाव के लिए आवश्यक है। हमेशा साफ और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।

    अदरक तुलसी काली मिर्च और हल्दी जैसे प्राकृतिक तत्वों का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। इनसे बनी गर्म चाय या काढ़ा गले को राहत देने और शरीर को गर्म रखने में मदद कर सकता है। हालांकि यदि किसी को पहले से कोई बीमारी है तो ऐसे घरेलू उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर होता है।

    भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए। बिना हाथ धोए आंख नाक या मुंह को छूने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखना सर्दी जुकाम से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

    पर्याप्त नींद लेना और नियमित व्यायाम करना भी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। रोजाना हल्की एक्सरसाइज योग या प्राणायाम करने से शरीर सक्रिय रहता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता बढ़ती है।

    यदि लगातार तेज बुखार सांस लेने में तकलीफ तीन से चार दिन तक जुकाम बना रहे या शरीर में अत्यधिक कमजोरी महसूस हो तो घरेलू उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर उपचार लेने से बीमारी गंभीर होने से बच सकती है।

    बरसात का मौसम आनंद और ताजगी का मौसम है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है। संतुलित भोजन साफ सफाई पर्याप्त आराम और सही जीवनशैली अपनाकर आप इस मौसम में सर्दी जुकाम और वायरल संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं और पूरे परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं।