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  • बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी

    बारिश में पचमढ़ी बन जाती है स्वर्ग की तस्वीर घूमने से पहले जान लें मौसम से लेकर जरूरी सावधानियां तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली ।
     मध्यप्रदेश की सतपुड़ा पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी बारिश के मौसम में अपनी खूबसूरती के चरम पर पहुंच जाता है। चारों तरफ फैली हरियाली पहाड़ियों से उतरते झरने बादलों से ढकी चोटियां और जंगलों के बीच छाई धुंध यहां आने वाले पर्यटकों को अलग ही अनुभव देती है। पचमढ़ी को मानसून में घूमने की खास वजह यहां के झरने और प्राकृतिक नजारे हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन भी बारिश के मौसम में पचमढ़ी के धूपगढ़ और आसपास के प्राकृतिक स्थलों को खास आकर्षण के तौर पर बताता है।

    बारिश के मौसम में पचमढ़ी की सबसे खास बात यहां कऔर ठंडा मौसम है। सितंबर की शुरुआत में भी मौसम विभाग के पर्यटन पूर्वानुमान में पचमढ़ी में बादल और बारिश या गरज के साथ बौछारों की संभावना दर्ज की गई है। 3 सितंबर को यहां अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था जबकि पिछले 24 घंटे में 9 मिलीमीटर बारिश हुई थी। आने वाले दिनों में भी बादलों और बारिश का दौर बने रहने के संकेत मिले हैं।

    मानसून में पचमढ़ी घूमने वालों के लिए बी फॉल्स राजत प्रपात और अप्सरा विहार खास आकर्षण बने रहते हैं। बारिश के बाद इन झरनों में पानी का प्रवाह बढ़ जाता है जिससे इनका नजारा बेहद शानदार दिखाई देता है। राजत प्रपात करीब 350 फीट की ऊंचाई से गिरता है और धूप पड़ने पर पानी की धार चांदी की पट्टी जैसी नजर आती है। अप्सरा विहार भी पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और यहां तक पहुंचने के लिए छोटा पैदल रास्ता तय करना पड़ता है।

    इसके अलावा धूपगढ़ मानसून में पचमढ़ी की यात्रा का सबसे यादगार पड़ाव बन सकता है। बारिश के बाद पहाड़ों पर छाई धुंध और बादलों के बीच से दिखाई देने वाला नजारा पर्यटकों को आकर्षित करता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों पर हरियाली की चादर बिछ जाती है और कई जगहों पर बादल इतने नीचे नजर आते हैं कि ऐसा लगता है जैसे पर्यटक बादलों के बीच खड़े हों। पचमढ़ी समुद्र तल से करीब 1067 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और इसी वजह से बारिश के दौरान यहां का वातावरण मैदानी इलाकों की तुलना में काफी ठंडा और खुशनुमा रहता है।

    हालांकि बारिश के मौसम में पचमढ़ी घूमने का अपना रोमांच है लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी भी बेहद जरूरी है। लगातार बारिश के बाद पहाड़ी रास्ते और ट्रैक फिसलन भरे हो सकते हैं इसलिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना बेहतर रहेगा। झरनों और गहरी घाटियों के आसपास सुरक्षा घेरा पार करने से बचना चाहिए। मौसम अचानक खराब होने पर ऊंचे और खुले स्थानों पर जाने से भी बचना जरूरी है। जंगल या ट्रैकिंग वाले क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और गाइड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

    बारिश में पचमढ़ी जाने वालों को छाता या रेनकोट के साथ अतिरिक्त कपड़े और मोबाइल को सुरक्षित रखने के लिए वाटरप्रूफ कवर भी रखना चाहिए। अगर यात्रा का उद्देश्य झरनों और हरियाली का आनंद लेना है तो सुबह का समय बेहतर रह सकता है क्योंकि बाद में बारिश तेज होने पर कुछ रास्तों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। मौसम विभाग का ताजा पूर्वानुमान देखकर ही दिन की यात्रा तय करना समझदारी होगी।

    कुल मिलाकर बारिश के मौसम में पचमढ़ी उन लोगों के लिए शानदार पर्यटन स्थल है जो भीड़भाड़ से दूर पहाड़ हरियाली झरने और बादलों के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं। मानसून में यहां की प्रकृति का रंग पूरी तरह बदल जाता है और यही वजह है कि बारिश के दिनों में पचमढ़ी की यात्रा सामान्य पर्यटन से कहीं ज्यादा यादगार बन जाती है।

  • बारिश शुरू होते ही बदल जाती है बिहार की खूबसूरती करकटगढ़ से राजगीर तक ये जगहें जरूर करें एक्सप्लोर

    बारिश शुरू होते ही बदल जाती है बिहार की खूबसूरती करकटगढ़ से राजगीर तक ये जगहें जरूर करें एक्सप्लोर


    नई दिल्ली। बारिश का मौसम आते ही प्रकृति का रंग पूरी तरह बदल जाता है। सूखे और सामान्य दिखाई देने वाले पहाड़ हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं और छोटे बड़े झरने पानी से लबालब होकर अपनी खूबसूरती बिखेरने लगते हैं। ऐसे मौसम में अगर आप भी परिवार दोस्तों या अपने पार्टनर के साथ किसी ऐसी जगह जाने का प्लान बना रहे हैं जहां प्रकृति के बीच सुकून के पल बिताए जा सकें तो बिहार आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। बिहार को अक्सर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के लिए जाना जाता है लेकिन मानसून के दौरान यहां के प्राकृतिक नजारे भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। राज्य में कई ऐसी जगहें हैं जहां बारिश के मौसम में हरियाली पहाड़ झरने और बादलों से घिरे दृश्य किसी खूबसूरत तस्वीर की तरह नजर आते हैं।

    रोहतास जिले में स्थित करमचट डैम मानसून के दौरान घूमने के लिए बेहद आकर्षक जगह बन जाता है। चेनारी के पास मौजूद यह डैम सासाराम से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बारिश के बाद आसपास की हरियाली और पानी से भरा डैम पूरे इलाके की खूबसूरती बढ़ा देता है। यहां सुबह सूर्योदय और शाम के समय सूर्यास्त का नजारा देखने लायक होता है। शांत वातावरण के कारण यह जगह परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए भी अच्छी मानी जाती है।

    अगर आपको झरने और पहाड़ों के बीच घूमना पसंद है तो कैमूर का करकटगढ़ वॉटरफॉल आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए। कैमूर वाइल्डलाइफ सेंचुरी के क्षेत्र में मौजूद यह झरना मानसून में अपने पूरे वेग के साथ बहता दिखाई देता है। करीब 100 फीट ऊंचा और लगभग 300 फीट चौड़ा यह जलप्रपात आसपास की हरियाली और जंगल के बीच बेहद आकर्षक नजर आता है। बारिश के दिनों में झरने की आवाज और पहाड़ी वातावरण यहां आने वाले लोगों को प्रकृति के करीब होने का अहसास कराता है।

    कैमूर की पहाड़ियां भी प्रकृति प्रेमियों के लिए शानदार जगह हैं। यहां घने जंगल गहरी घाटियां प्राकृतिक गुफाएं और कई छोटे बड़े झरने मौजूद हैं। मानसून के दौरान पहाड़ियों पर हरियाली बढ़ जाती है और मौसम भी सुहावना हो जाता है। प्रकृति के साथ इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यहां मौजूद प्राचीन शैलचित्र और ऐतिहासिक अवशेष भी आकर्षण का केंद्र हैं।

    राजगीर का विश्व शांति स्तूप भी मानसून में बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। रत्नागिरी पहाड़ी पर ऊंचाई पर स्थित यह सफेद स्तूप बादलों और हरियाली से घिरा नजर आता है। यहां पहुंचने के लिए रोपवे की सुविधा उपलब्ध है। रोपवे से सफर करते समय आसपास की पहाड़ियों और प्राकृतिक वातावरण का शानदार दृश्य देखने को मिलता है। शांत वातावरण के कारण यह स्थान पर्यटन के साथ आध्यात्मिक अनुभव भी देता है।

    गया जिले के पास स्थित गुरपा हिल भी बारिश के मौसम में घूमने के लिए खास जगह हो सकती है। बिहार और झारखंड की सीमा के आसपास मौजूद यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता के साथ धार्मिक महत्व भी रखता है। मानसून में यहां के जंगल पहाड़ और झरने और अधिक खूबसूरत हो जाते हैं। पहाड़ी की ऊंचाई से आसपास का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है और यहां मौजूद धार्मिक स्थल श्रद्धालुओं को भी आकर्षित करते हैं।

    मानसून में बिहार घूमने का अनुभव इन जगहों की वजह से और खास हो सकता है। हालांकि बारिश के दौरान पहाड़ी और झरने वाले क्षेत्रों में फिसलन और अचानक बढ़ते पानी का खतरा हो सकता है। इसलिए यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। सुरक्षित तरीके से घूमते हुए इन प्राकृतिक जगहों की खूबसूरती का आनंद लिया जाए तो बिहार का मानसून ट्रिप लंबे समय तक याद रह सकता है।

  • मानसून में बनाएं धार्मिक यात्रा का शानदार प्लान भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में कम बजट में मिलेगा आध्यात्मिक सुकून

    मानसून में बनाएं धार्मिक यात्रा का शानदार प्लान भारत के इन प्रसिद्ध मंदिरों में कम बजट में मिलेगा आध्यात्मिक सुकून


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम केवल हरियाली और ठंडी फिजाओं का आनंद लेने का समय नहीं होता बल्कि यह धार्मिक यात्राओं के लिए भी बेहद खास माना जाता है। खासकर सावन के महीने में भगवान शिव और अन्य देवी देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। यदि आप कम बजट में ऐसी यात्रा करना चाहते हैं जहां भक्ति के साथ प्राकृतिक सौंदर्य और मानसिक शांति भी मिले तो भारत में कई ऐसे प्रसिद्ध मंदिर हैं जहां बहुत कम खर्च में यादगार धार्मिक यात्रा की जा सकती है।

    उत्तराखंड स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर सावन में भक्तों की पहली पसंद माना जाता है। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर मानसून में और भी आकर्षक दिखाई देता है। यहां पहुंचने के लिए हरिद्वार और ऋषिकेश से आसानी से बस और टैक्सी की सुविधा मिल जाती है जिससे यात्रा का खर्च भी काफी कम रहता है।

    वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर भी सावन के दौरान विशेष महत्व रखता है। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। गंगा आरती और मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण हर श्रद्धालु को एक अलग अनुभव देता है। यहां रहने और भोजन की व्यवस्था भी हर बजट के अनुसार आसानी से उपलब्ध हो जाती है।

    मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भी कम बजट में धार्मिक यात्रा के लिए बेहतरीन विकल्प है। सावन में यहां विशेष पूजा और भस्म आरती का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। उज्जैन में होटल और धर्मशालाएं कम कीमत में मिल जाती हैं जिससे पूरी यात्रा किफायती बन जाती है।

    ओडिशा का जगन्नाथ मंदिर भी मानसून में घूमने के लिए शानदार स्थान है। यदि आपकी यात्रा रथ यात्रा के समय होती है तो यहां का धार्मिक उत्साह देखने लायक होता है। पुरी समुद्र तट और मंदिर दोनों का आनंद एक साथ लिया जा सकता है।

    महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग और भीमाशंकर मंदिर भी प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करते हैं। बारिश के मौसम में यहां की पहाड़ियां और हरियाली मन को मोह लेती हैं जबकि धार्मिक महत्व यात्रा को और अधिक यादगार बना देता है।

    अगर दक्षिण भारत की यात्रा करना चाहते हैं तो तमिलनाडु का रामेश्वरम मंदिर और आंध्रप्रदेश का तिरुपति बालाजी मंदिर भी अच्छे विकल्प हैं। पहले से योजना बनाकर यात्रा करने पर यहां भी कम खर्च में दर्शन किए जा सकते हैं।

    धार्मिक यात्रा पर निकलते समय मौसम की जानकारी पहले से जरूर लें। बारिश के कारण फिसलन वाले रास्तों पर सावधानी रखें। हल्के और आरामदायक कपड़े पहनें। छाता या रेनकोट साथ रखें और ऑनलाइन बुकिंग पहले से कर लें ताकि यात्रा अधिक सुविधाजनक और किफायती रहे।

    मानसून में मंदिरों की यात्रा केवल दर्शन तक सीमित नहीं रहती बल्कि यह प्रकृति के बीच आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी कराती है। कम बजट में यदि यादगार धार्मिक यात्रा का सपना देख रहे हैं तो भारत के ये प्रसिद्ध मंदिर आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं।

  • पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब

    पचमढ़ी घूमने का बना रहे हैं प्लान तो पहले जान लें ये जरूरी ट्रैवल टिप्स वरना सफर का मजा हो सकता है खराब


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले में स्थित पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी कहा जाता है। घने जंगल ऊंचे पहाड़ मनमोहक झरने शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता हर साल हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। खासकर मानसून के दौरान यहां की हरियाली और झरनों का नजारा किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। हालांकि पचमढ़ी की यात्रा पर निकलने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है ताकि आपका सफर सुरक्षित आरामदायक और यादगार बन सके।

    अगर आप पहली बार पचमढ़ी जा रहे हैं तो सबसे पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। बरसात के दिनों में यहां लगातार बारिश होती है इसलिए रेनकोट छाता और वाटरप्रूफ बैग साथ रखें। फिसलन वाले रास्तों पर चलने के लिए मजबूत ग्रिप वाले जूते पहनना सबसे अच्छा रहता है। आरामदायक कपड़े चुनें ताकि ट्रैकिंग और घूमने में किसी तरह की परेशानी न हो।

    पचमढ़ी में कई पर्यटन स्थल वन क्षेत्र के अंदर स्थित हैं इसलिए यहां घूमने के लिए स्थानीय गाइड या अधिकृत जिप्सी सेवा का उपयोग करना बेहतर माना जाता है। बी फॉल्स धूपगढ़ जटाशंकर गुफा पांडव गुफाएं अप्सरा विहार रजत प्रपात और महादेव मंदिर जैसे प्रमुख स्थानों की यात्रा समय के अनुसार करें ताकि सभी जगह आराम से घूम सकें।

    अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो सुबह जल्दी निकलना सबसे अच्छा रहेगा। सुबह का मौसम सुहावना होता है और भीड़ भी कम रहती है। साथ ही पानी की बोतल हल्का नाश्ता और जरूरी दवाइयां अपने बैग में जरूर रखें। जंगल वाले क्षेत्रों में बिना अनुमति अंदर जाने से बचें और वन विभाग के सभी निर्देशों का पालन करें।

    पचमढ़ी की प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित रखना हर पर्यटक की जिम्मेदारी है। प्लास्टिक की बोतलें चिप्स के पैकेट या अन्य कचरा खुले में बिल्कुल न फेंकें। जहां डस्टबिन उपलब्ध हो वहीं कचरा डालें। प्राकृतिक स्थलों पर तेज आवाज में संगीत बजाने से बचें ताकि वहां का शांत वातावरण बना रहे और वन्यजीव भी प्रभावित न हों।

    यात्रा पर निकलने से पहले होटल की बुकिंग पहले ही कर लेना समझदारी होगी खासकर छुट्टियों और मानसून सीजन में यहां पर्यटकों की संख्या काफी बढ़ जाती है। पहले से बुकिंग होने पर आपको बेहतर सुविधा और उचित कीमत पर ठहरने की जगह मिल सकती है।

    पचमढ़ी की स्थानीय संस्कृति और स्वाद का आनंद लेना भी यात्रा का अहम हिस्सा है। यहां मिलने वाले स्थानीय व्यंजन और हस्तशिल्प आपकी यात्रा को और खास बना सकते हैं। खरीदारी करते समय स्थानीय दुकानदारों से विनम्र व्यवहार करें और स्थानीय नियमों का सम्मान करें।

    अगर आप परिवार के साथ यात्रा कर रहे हैं तो बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। फिसलन वाले झरनों और पहाड़ी किनारों पर अनावश्यक जोखिम न लें। फोटो खींचते समय भी सुरक्षा को प्राथमिकता दें क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

    पचमढ़ी सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि प्रकृति प्रेमियों के लिए एक अनमोल धरोहर है। सही योजना आवश्यक तैयारी और जिम्मेदार व्यवहार के साथ की गई यात्रा न केवल आपको खूबसूरत यादें देगी बल्कि इस प्राकृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में भी आपकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

  • बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार

    बारिश के मौसम में यात्रा पर निकलने से पहले जरूर अपनाएं ये जरूरी सावधानियां सही योजना बनाएगी सफर सुरक्षित और यादगार


    नई दिल्ली । मानसून का मौसम अपने साथ हरियाली ठंडी हवाएं और प्राकृतिक सुंदरता लेकर आता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग इस मौसम में घूमने का प्लान बनाते हैं। हालांकि बारिश के दौरान यात्रा करना जितना रोमांचक होता है उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे सफर का मजा खराब कर सकती है। इसलिए यदि आप बारिश के मौसम में कहीं जाने की योजना बना रहे हैं तो पहले से सही तैयारी करना बेहद जरूरी है।

    यात्रा शुरू करने से पहले सबसे पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें। जिस स्थान पर जाने की योजना बना रहे हैं वहां भारी बारिश बाढ़ भूस्खलन या तेज हवाओं की चेतावनी तो नहीं है इसकी जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। यदि मौसम लगातार खराब रहने की संभावना हो तो यात्रा की तारीख बदलना ही समझदारी होगी। सुरक्षा हमेशा किसी भी यात्रा से अधिक महत्वपूर्ण होती है।

    सफर के दौरान अपने साथ जरूरी सामान व्यवस्थित तरीके से रखें। वाटरप्रूफ बैग या बैग कवर का इस्तेमाल करें ताकि मोबाइल लैपटॉप कैमरा और जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रहें। छाता रेनकोट अतिरिक्त कपड़े तौलिया और प्लास्टिक पाउच जैसी चीजें साथ रखना हमेशा लाभदायक होता है। मोबाइल फोन के लिए वाटरप्रूफ कवर भी उपयोगी साबित हो सकता है।

    यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा कर रहे हैं तो वाहन की पूरी जांच पहले ही कर लें। ब्रेक टायर वाइपर हेडलाइट और इंडिकेटर सही स्थिति में होने चाहिए। ईंधन भी पर्याप्त मात्रा में रखें क्योंकि बारिश के दौरान कई बार लंबा जाम लग सकता है। तेज बारिश में अधिक गति से वाहन चलाने से बचें और पर्याप्त दूरी बनाकर ड्राइव करें। जलभराव वाली सड़कों पर बिना गहराई जाने वाहन उतारना खतरनाक हो सकता है।

    पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रशासन की सलाह का पालन करें और जोखिम वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रुकने से बचें। यदि यात्रा के दौरान मौसम अचानक खराब हो जाए तो सुरक्षित स्थान पर रुकना ही बेहतर विकल्प है।

    यात्रा के समय स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। अपने साथ प्राथमिक उपचार किट आवश्यक दवाइयां सैनिटाइजर और पीने का साफ पानी जरूर रखें। बारिश के मौसम में संक्रमण और वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है इसलिए बाहर का अस्वच्छ भोजन खाने से बचें और गर्म ताजा भोजन को प्राथमिकता दें।

    ऑनलाइन टिकट होटल बुकिंग और जरूरी दस्तावेजों की डिजिटल तथा प्रिंट दोनों प्रतियां अपने पास रखें। परिवार या करीबी लोगों को अपनी यात्रा की जानकारी देना भी सुरक्षा की दृष्टि से अच्छा कदम माना जाता है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबर अपने मोबाइल में पहले से सुरक्षित रखें।

    बारिश का मौसम प्रकृति की खूबसूरती का आनंद लेने का बेहतरीन समय होता है लेकिन सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्कता और सही योजना सबसे जरूरी है। यदि मौसम की जानकारी समय पर ली जाए आवश्यक तैयारियां पूरी हों और यात्रा के दौरान सावधानी बरती जाए तो मानसून का सफर न केवल सुरक्षित बल्कि यादगार भी बन सकता है। थोड़ी सी समझदारी और पहले से की गई तैयारी आपको हर मुश्किल से बचाते हुए यात्रा का पूरा आनंद लेने का अवसर देती है।

  • बारिश के मौसम में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो भारत की इन खूबसूरत जगहों को करें एक्सप्लोर

    बारिश के मौसम में घूमने का बना रहे हैं प्लान तो भारत की इन खूबसूरत जगहों को करें एक्सप्लोर


    नई दिल्ली । बारिश का मौसम आते ही पहाड़ हरियाली की चादर ओढ़ लेते हैं झरने पूरे वेग से बहने लगते हैं और नदियों का सौंदर्य कई गुना बढ़ जाता है। यही वजह है कि मानसून को घूमने फिरने का सबसे खूबसूरत मौसम माना जाता है। अगर आप भी इस बारिश में परिवार दोस्तों या जीवनसाथी के साथ कहीं घूमने जाने का प्लान बना रहे हैं तो भारत में कई ऐसी शानदार जगहें हैं जहां प्राकृतिक सुंदरता आपका मन मोह लेगी।

    मध्य प्रदेश का पचमढ़ी मानसून के दौरान सबसे खूबसूरत दिखाई देता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा यह हिल स्टेशन हरियाली झरनों और बादलों से घिरा रहता है। बी फॉल्स अप्सरा विहार और धूपगढ़ का नजारा इस मौसम में बेहद आकर्षक होता है।

    अगर आप मध्य प्रदेश के बाहर जाना चाहते हैं तो राजस्थान का माउंट आबू भी शानदार विकल्प है। यहां की ठंडी हवा हरी पहाड़ियां और नक्की झील का मनमोहक दृश्य मानसून में और भी सुंदर हो जाता है।

    महाराष्ट्र का लोनावला और खंडाला बारिश के मौसम में पर्यटकों की पहली पसंद बन जाते हैं। बादलों से ढकी घाटियां ऊंचे झरने और हरियाली से भरे पहाड़ यहां आने वाले हर पर्यटक को यादगार अनुभव देते हैं। सप्ताहांत की छोटी यात्रा के लिए यह बेहतरीन स्थान माना जाता है।

    केरल का मुन्नार भी मानसून में किसी स्वर्ग से कम नहीं लगता। चाय के बागान बादलों से ढकी पहाड़ियां और हल्की बारिश यहां के वातावरण को बेहद रोमांटिक बना देती है। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह जगह खास मानी जाती है।

    हिमाचल प्रदेश का शिमला और उत्तराखंड का नैनीताल भी बारिश में अलग ही आकर्षण बिखेरते हैं। हालांकि इन इलाकों में यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लेनी चाहिए क्योंकि लगातार बारिश के दौरान भूस्खलन जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं।

    यदि आप झरनों का आनंद लेना चाहते हैं तो छत्तीसगढ़ का चित्रकोट जलप्रपात और मध्य प्रदेश का भेड़ाघाट भी मानसून में बेहद आकर्षक दिखाई देते हैं। पानी का बढ़ा हुआ बहाव इन जगहों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देता है।

    बारिश के मौसम में यात्रा करते समय कुछ सावधानियां जरूर अपनाएं। मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं। रेनकोट छाता वाटरप्रूफ बैग और जरूरी दवाइयां साथ रखें। फिसलन वाली जगहों पर सावधानी से चलें और तेज बहाव वाले नदी नालों के पास जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें और किसी भी जोखिम वाली जगह पर सेल्फी लेने से बचें।

    मानसून प्रकृति को सबसे सुंदर रूप में देखने का मौसम है। यदि सही योजना और जरूरी सावधानियों के साथ यात्रा की जाए तो बारिश की हर बूंद आपकी यात्रा को यादगार बना सकती है। हरियाली झरनों और ठंडी हवाओं के बीच बिताया गया समय लंबे समय तक आपकी खूबसूरत यादों का हिस्सा बन जाएगा।