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  • Weather Update 3 July बारिश और बादलों का डबल अटैक कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह

    Weather Update 3 July बारिश और बादलों का डबल अटैक कई राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी मौसम विभाग ने दी सतर्क रहने की सलाह


    नई दिल्ली । देशभर में 3 जुलाई शुक्रवार को मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आएगा। दक्षिण पश्चिम मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है और इसका असर उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिमी तटीय राज्यों तथा पूर्वोत्तर भारत में साफ दिखाई देगा। मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। वहीं कुछ इलाकों में तेज धूप और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और यात्रा से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। सुबह और शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की संभावना है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड में गरज चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन और तेज बहाव वाले नालों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और पूर्वी राजस्थान में मानसून सक्रिय रहेगा। कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे किसानों को राहत मिलेगी और खरीफ फसलों की बुआई को गति मिलेगी। हालांकि पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का असर अभी भी बना रह सकता है।

    महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल के तटीय इलाकों में लगातार बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है जिससे जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

    पूर्वोत्तर भारत के असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड मणिपुर मिजोरम और त्रिपुरा में भी तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।

    दक्षिण भारत के तमिलनाडु तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर बादलों के बीच धूप निकलने से उमस बनी रह सकती है। किसानों को मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। ऐसे में जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है वहां लोगों को जलभराव बिजली गिरने और तेज हवा जैसी परिस्थितियों से सावधान रहने की जरूरत है। घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें। मानसून की यह सक्रियता एक ओर जहां गर्मी से राहत दे रही है वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में सावधानी बरतना भी बेहद जरूरी हो गया है।

  • 26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    26 जून आज का मौसम अपडेट: 21 राज्यों में बारिश-आंधी का बड़ा अलर्ट, 80 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी जारी

    नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में लंबे समय से जारी भीषण गर्मी और उमस के बीच मौसम ने अब करवट लेना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने 26 जून के लिए व्यापक वर्षा, तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं और भारी वर्षा के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण के कई हिस्सों में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण वर्षा गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलेगी। निचले वायुमंडलीय स्तरों पर बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में विकसित मौसमीय परिस्थितियां इस बदलाव की प्रमुख वजह मानी जा रही हैं। इन प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की स्थिति बन सकती है।

    पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और उत्तराखंड सहित अनेक राज्यों में वर्षा गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवा के झोंके 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकते हैं। इसके चलते लोगों को खुले स्थानों, कमजोर संरचनाओं और बड़े पेड़ों के आसपास सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने विशेष रूप से किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवाओं और भारी बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है। खेतों में काम करने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और बिजली गिरने की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सावधानी अपनाने को कहा गया है।

    दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी मौसम के बदलने के संकेत हैं। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में भी वर्षा और आंधी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। पूर्वी भारत के राज्यों में बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्कता बरतने की आवश्यकता बताई गई है।

    राजस्थान और मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ वर्षा दर्ज की जा सकती है। वहीं मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है। इससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है।

    पर्वतीय राज्यों हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। इन क्षेत्रों में वर्षा के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है, क्योंकि कुछ स्थानों पर भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्षा गतिविधियों में यह वृद्धि मानसून के आगे बढ़ने का संकेत है। इससे देश के कई हिस्सों में लंबे समय से बनी गर्मी की स्थिति कमजोर पड़ सकती है। हालांकि जहां एक ओर बारिश राहत लेकर आएगी, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, जलभराव और बिजली गिरने जैसी घटनाएं चुनौती भी बन सकती हैं। इसलिए नागरिकों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और आवश्यक सतर्कता बरतने की अपील की गई है।