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  • अमेजन ने इस माह दूसरी बार किया छंटनी का ऐलान…. 250 लोगों को दिखाया बाहर का रास्ता!

    अमेजन ने इस माह दूसरी बार किया छंटनी का ऐलान…. 250 लोगों को दिखाया बाहर का रास्ता!


    सैन फ्रांसिस्को ।
    अमेजन (Amazon) ने इस महीने दूसरी बार छंटनी (Layoffs) का एलान किया है। कंपनी अपने डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में 250 तक कर्मचारियों की नौकरी खत्म कर रही है। इससे पहले इसी महीने कंपनी के मुख्य रिटेल कारोबार (Core Retail Business) में करीब 1,000 पदों पर कटौती की गई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कदम कंपनी की ओर से किंडल ई-रीडर और टैबलेट जैसे नए उत्पाद पेश किए जाने के कुछ सप्ताह बाद उठाया गया है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस छंटनी से मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट टीमों के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने कहा है कि यह फैसला कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने और उत्पादों की योजनाओं के अनुरूप संगठन को तैयार करने के लिए लिया गया है।


    सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज से दी गई जानकारी

    कर्मचारियों को बुधवार सुबह ईमेल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए इसकी जानकारी दी गई। डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में मानव संसाधन की उपाध्यक्ष चेरी रॉबिन्सन की ओर से भेजे गए ईमेल में कहा गया कि कंपनी ने अपने संगठनात्मक ढांचे की विस्तृत समीक्षा की, जिसके बाद कुछ पदों को खत्म करने का फैसला लिया गया।


    कंपनी ने क्या कहा?

    रॉयटर्स की पूछताछ के बाद अमेजन के प्रवक्ता ने छंटनी की पुष्टि की। उन्होंने कहा, “हमने कम संख्या में पद खत्म करने का कठिन फैसला लिया है।” कंपनी के मुताबिक, इस कदम से कामकाज को अधिक कुशल बनाने और उत्पाद योजनाओं के साथ बेहतर तालमेल बैठाने में मदद मिलेगी। इस साल जनवरी में भी अमेजन ने करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। इससे पहले अक्तूबर 2025 में कंपनी ने लगभग 14,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की थीं।

    जनवरी में कंपनी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष बेथ गैलेट्टी ने कर्मचारियों को बताया था कि छंटनी का उद्देश्य प्रबंधन के स्तर कम करना, जिम्मेदारी बढ़ाना और नौकरशाही को घटाना है। उन्होंने कहा था कि कंपनी की योजना हर कुछ महीनों में बड़े पैमाने पर छंटनी करने की नई परंपरा शुरू करने की नहीं है। हालांकि, हर टीम अपने कामकाज, गति और ग्राहकों के लिए नए उत्पाद विकसित करने की क्षमता की समीक्षा करती रहेगी।


    उत्पाद योजनाओं के अनुरूप बदलाव का दावा

    कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि छंटनी का उद्देश्य अमेजन को अधिक कुशलता से काम करने में मदद करना और उसके उत्पादों की योजनाओं के अनुरूप संगठन को तैयार करना है। बुधवार को कंपनी ने एलेक्सा से लैस नई अलार्म घड़ी और फोटो फ्रेम की भी घोषणा की। कंपनी की परंपरा के अनुसार, बुधवार सुबह कर्मचारियों को टेक्स्ट मैसेज और ईमेल के जरिए छंटनी की जानकारी दी गई।

    रॉयटर्स के अनुसार, डिवाइस और सर्विसेज यूनिट में मानव संसाधन की उपाध्यक्ष चेरी रॉबिन्सन ने एक संदेश में कहा कि कंपनी ने अपने संगठनात्मक ढांचे की विस्तृत समीक्षा की थी। इसके बाद कुछ पदों को खत्म करने की जरूरत सामने आई।


    गुरुवार को तीसरी तिमाही के नतीजे

    अमेजन गुरुवार को शेयर बाजार बंद होने के बाद तीसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी करने वाली है। इस साल जनवरी में कंपनी ने करीब 16,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी लगभग 14,000 कर्मचारियों की नौकरियां खत्म की गई थीं।

    रिपोर्टों में पहले की छंटनी के संभावित कारणों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई में कंपनी के बड़े निवेश का भी उल्लेख किया गया था। बताया गया है कि अमेजन डेटा सेंटर और बुनियादी ढांचे पर 125 अरब डॉलर निवेश कर रही है। कंपनी इस क्षेत्र में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट से प्रतिस्पर्धा कर रही है।


    माइक्रोसॉफ्ट और ड्रॉपबॉक्स में भी कटौती

    तकनीकी क्षेत्र में इस सप्ताह कर्मचारियों की संख्या घटाने वाली अमेजन अकेली कंपनी नहीं है। मंगलवार को माइक्रोसॉफ्ट ने अपने करीब 60,000 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का विकल्प देने की घोषणा की। कंपनी बदलती कारोबारी प्राथमिकताओं और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के बीच अपने कार्यबल में बदलाव कर रही है।

    वहीं, बुधवार को फाइल साझा करने वाली कंपनी ड्रॉपबॉक्स ने वैश्विक स्तर पर अपने 9 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी की योजना बताई। कंपनी के मुताबिक, इसका उद्देश्य संसाधनों को उन क्षेत्रों पर केंद्रित करना है, जहां ग्राहकों को अधिक लाभ पहुंचाने और कारोबार बढ़ाने की संभावना सबसे ज्यादा है।

    2026 में टेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर छंटनी
    तकनीकी उद्योग में छंटनी के आंकड़े जुटाने वाली संस्था ट्रूअप के अनुसार, 2026 में अब तक 670 टेक कंपनियों ने छंटनी की घोषणा की है। इससे 1,97,123 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं। यानी औसतन हर दिन 655 लोगों की नौकरी गई है। वर्ष 2025 में 783 टेक कंपनियों ने 2,45,953 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की थी। उस साल औसतन हर दिन 674 लोगों की नौकरी प्रभावित हुई थी।

  • त्योहारी सीजन में महंगी हुई शक्कर…. एक माह में 15% बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम

    त्योहारी सीजन में महंगी हुई शक्कर…. एक माह में 15% बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे दाम


    नई दिल्ली।
    त्योहारी सीजन (Festive Season) से ठीक पहले देश में चीनी की कीमतों (Sugar Prices) में आई तेज बढ़ोतरी ने केंद्र सरकार (Central government) के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। बीते एक महीने में घरेलू बाजार में चीनी की कीमतें 15 फीसदी से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर (Record level) पर पहुंच गई हैं।

    उत्तर प्रदेश में एक्स-मिल कीमतें 4,400 से 4,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि दिल्ली के थोक बाजार (Wholesale market) में चीनी 4,800 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है। कीमतों में इस अप्रत्याशित उछाल के बाद सरकार ने चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ आपात बैठक की है। सट्टेबाजी और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए कारोबारियों और चीनी मिलों पर स्टॉक सीमा लगाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल चीनी आयात करने की कोई योजना नहीं है।

    बढ़ती कीमतों को लेकर चीनी मिलें और व्यापारी आमने-सामने आ गए हैं। चीनी मिल मालिकों का कहना है कि वे किसी भी तरह की जमाखोरी नहीं कर रहे हैं। उनका दावा है कि कीमतों में तेजी आने से पहले ही मिलें जुलाई महीने का अपना 80 फीसदी से अधिक बिक्री कोटा बाजार में जारी कर चुकी थीं।

    मिलों का आरोप है कि जमाखोरी व्यापारियों के स्तर पर हो रही है। उनका कहना है कि इस पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सरकार को भौतिक सत्यापन के साथ सख्त स्टॉक सीमा लागू करनी चाहिए, ताकि कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर कार्रवाई हो सके।

    व्यापारियों का कहना है कि एक्स-फैक्ट्री कीमतें खुद चीनी मिलें बढ़ा रही हैं। उनका आरोप है कि मिलों ने शुरुआत में उत्पादन के गलत अनुमान पेश कर सरकार से अतिरिक्त 5 लाख टन चीनी के निर्यात की मंजूरी हासिल कर ली, जिससे घरेलू बाजार में आपूर्ति अचानक कम हो गई और कीमतों में तेज उछाल आ गया।

  • भारत के इस पड़ोसी देश में सरकारी कर्मियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी…

    भारत के इस पड़ोसी देश में सरकारी कर्मियों को महीने में दो बार मिलेगी सैलरी…


    काठमांडू।
    भारत (India) के पड़ोसी देश नेपाल (Neighboring country Nepal) में युवा सरकार आने के बाद लगातार रिफॉर्म्स हो रहे हैं। इसी क्रम में रविवार को बालेन सरकार (Balen Government) के वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अब से नेपाली सरकारी कर्मचारियों (Nepali Government Employees) को एक महीने में दो बारे वेतन मिलेगी।

    एजेंसी के मुताबिक नेपाली सरकार के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि 17 अप्रैल को बालेन सरकार ने इस फैसले पर मुहर लगाई है। अब से नेपाल के सिविल सेवकों, पुलिसकर्मियों और अन्य कर्मचारियों को हर 15 दिन के अंतर पर सैलरी मिलेगी।

    नेपाली अधिकारियों के मुताबिक, सरकार का यह निर्णय अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के प्रयास के फलस्वरूप लिया गया है। क्योंकि सरकार का मानना है कि महीने में दो बार वेतन मिलने से कर्मचारियों के खर्च में वृद्धि हो सकती है, जिससे बाजार में ज्यादा पैसा आएगा और नकदी सुधार संभव होगा।

    बालेन सरकार के इस फैसले पर नेपाली कर्मचारियों की वेतन नियंत्रित करने वाली संस्था का भी बयान सामने आया है। एफसीजीओ के प्रवक्ता दीपक लामिछाने ने कहा, “तकनीकी रूप से, हमें इस प्रणाली को लागू करने में कोई समस्या नहीं है। हम सिविल सेवकों, नेपाल सेना, पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और अन्य सरकारी कर्मचारियों का वेतन किसी भी समय जारी कर सकते हैं।” हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि नए फैसले को लागू करने के लिए कानूनी संसोधनों की आवश्यकता होगी।

    बता दें, नेपाल के संविधान के अनुसार प्रत्येक सरकारी कर्मचारी को महीने के अंत में वेतन देने का प्रावधान है। लामिछाने ने कहा कि सरकार अपने इस फैसले को लेकर प्रतिबद्ध है। वह जल्दी ही कोई रास्ता निकालकर इस फैसले को लागू करेगी।

  • एक महीने के लिए एकांतवास में जाएंगे बागेश्वर बाबा

    एक महीने के लिए एकांतवास में जाएंगे बागेश्वर बाबा


    छतरपुर। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक महीने के लिए सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह दूर रहने वाले हैं। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर ने खुद बताया है कि वे गुरु आज्ञा से देवभूमि उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ की पहाड़ियों में एक महीने का एकांतवास करेंगे, जहां वे तप और साधना में लीन रहेंगे।
    इस दौरान वे मोबाइल फोन, टीवी, इंटरव्यू, कथा और अपने प्रसिद्ध दिव्य दरबार से भी पूरी तरह दूर रहेंगे। यानी पूरे महीने तक वे किसी भी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम या संपर्क में नहीं रहेंगे।

    गुरु आज्ञा से करेंगे साधना

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि उन्हें गुरु की आज्ञा मिली है, इसलिए वे बद्रीनाथ की बर्फीली पहाड़ियों में तपस्या करने जा रहे हैं। उनके मुताबिक जिस मुकाम पर वे आज खड़े हैं, वहां खुद को साधना और आत्मसंयम बनाए रखना बेहद जरूरी है।

    मोबाइल, टीवी और कथा से रहेंगे दूर

    बागेश्वर बाबा ने कहा कि मई महीने में वे पूरी तरह एकांत में रहेंगे। इस दौरान वे मोबाइल फोन, टीवी, इंटरव्यू, कथा कार्यक्रम और लोगों से मुलाकात—सब कुछ त्याग देंगे, ताकि पूरी तरह भक्ति और साधना पर ध्यान दे सकें।

    साधना के बाद लौटेंगे नई ऊर्जा के साथ

    उन्होंने कहा कि यह साधना उनके लिए आत्ममंथन और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का समय होगा। एक महीने बाद जब वे लौटेंगे तो नई ऊर्जा, नए विचार और नई तैयारी के साथ समाज और सनातन के लिए फिर से काम शुरू करेंगे।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जो कुछ अब तक हासिल किया है, उसे बनाए रखने और सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए साधना जरूरी है, इसलिए वे कुछ समय के लिए दुनिया से दूर रहकर तप करना चाहते हैं।