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  • विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज

    विमान ईंधन के दाम बढ़ने के बाद हवाई यात्रा भी हुई महंगी… इंडिगो ₹10,000 तक लगाएगा फ्यूल चार्ज


    नई दिल्ली।
    देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (Country’s Largest Airline Indigo) ने बुधवार को कहा कि वह विमान ईंधन की कीमतों में वृद्धि (Jet Fuel Prices Rise) के बाद 2 अप्रैल से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर 275 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक का संशोधित ईंधन शुल्क लगाना शुरू करेगी। ईंधन शुल्क में इस बढ़ोतरी से विभिन्न घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के हवाई किराए बढ़ने तय हैं। एयरलाइन की यह घोषणा उस दिन आई है, जब विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में संशोधन किया गया और सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए कीमतों में 25 प्रतिशत की आंशिक बढ़ोतरी का फैसला किया।

    पश्चिम एशिया संकट के कारण ईंधन की कीमतों में आए उछाल के मद्देनजर एयरलाइन 14 मार्च से ही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के टिकटों पर 425 रुपये से 2,300 रुपये तक का ईंधन शुल्क वसूल रही है। घरेलू उड़ानों के लिए दूरी के आधार पर संशोधित ईंधन शुल्क 275 रुपये से 950 रुपये के बीच होगा।


    कितनी बढ़ोतरी होगी?

    इंडिगो ने एक बयान में कहा कि इंडिगो ने अलग-अलग यात्रा दूरियों के हिसाब से अपने घरेलू ईंधन शुल्क को फिर से निर्धारित किया है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मामले में दूरी के आधार पर ईंधन शुल्क 900 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक होगा।


    कब से होगी बढ़ोतरी?

    बयान में कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन के लिए पिछले महीने में एटीएफ की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गई हैं, जिसके चलते इन मार्गों पर एयरलाइन की ऑपरेशनल कॉस्ट पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। ये संशोधित शुल्क 2 अप्रैल को रात 00:01 बजे से लागू होंगे।

    एयरलाइन कंपनियों ने बुधवार को कहा कि विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत में आंशिक वृद्धि से घरेलू हवाई यात्रा की लागत को संतुलित रखने में मदद मिलेगी। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच यह वृद्धि की गई है।

    स्पाइसजेट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि सरकार की जेट ईंधन की कीमतों में केवल आंशिक वृद्धि की अनुमति देने का निर्णय विमानन उद्योग के लिए एक बड़ी राहत है। उन्होंने बयान में यह भी कहा कि समय पर किये गये इस हस्तक्षेप से हाल के समय के सबसे चुनौतीपूर्ण वैश्विक संकट में से एक से निपटने में एयरलाइंस को काफी मदद मिलेगी।

    नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम विपणन कंपनियों ने नागर विमानन मंत्रालय के परामर्श से घरेलू विमानन कंपनियों के लिए केवल 25 प्रतिशत यानी 15 रुपये प्रति लीटर की आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि लागू करने का निर्णय लिया है।

    संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया क्षेत्र में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण एयरलाइंस पहले से ही हाई ऑपरेशनल कॉस्ट वहन कर रही हैं। इस स्थिति के कारण एयरलाइंस को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे मार्ग अपनाने पड़ रहे हैं, जिससे ईंधन की खपत बढ़ रही है।

  • ईरान युद्ध का असर… ATF के दामों में 115% से ज्यादा की वृद्धि… महंगा हो सकता है हवाई सफर

    ईरान युद्ध का असर… ATF के दामों में 115% से ज्यादा की वृद्धि… महंगा हो सकता है हवाई सफर


    नई दिल्ली।
    ईरान-इजराल-अमेरिका युद्ध (Iran-Israel-America War) का असर हवाई उड़ानों (Air flights) पर तो दिख ही रहा है अब यात्रियों की जेब पर भी पड़ सकता है। पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis.) के बीच भारत में एविएशन टरबाइन फ्यूल (Aviation Turbine Fuel- ATF) की कीमतों में 115% से ज्यादा की बड़ी बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दिल्ली में अब ATF की कीमत 1 अप्रैल यानी आज से बढ़कर लगभग 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जबकि पिछले महीने यह करीब 96,638 रुपये प्रति किलोलीटर थी। इस तेजी का असर आज एविएशन इंडस्ट्री से जुड़ीं कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिल सकता है। आज इंडिगो, स्पाइसजेट जैसी कंपनियों के शेयरों में बड़ी हलचल रहने के आसार हैं।


    क्यों बढ़े एटीएफ के दाम

    एटीएफ के रेट्स में इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में आई उथल-पुथल है, जिससे ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। आज भी क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हैं। ब्लूमबर्ग के मुाबिक ब्रेंट क्रूड की कीमत सुबह साढ़े सात बजे के करीब 105.68 डॉलर प्रति बैरल थी और WTI की 102.82 डॉलर पर थी।


    बड़े शहरों में नई कीमतें

    देश के अन्य बड़े शहरों में भी ATF की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है। कोलकाता में एटीएफ की कीमत अब करीब 2.05 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में लगभग 99,587 रुपये थी। चेन्नई में यह बढ़कर करीब 2.14 लाख रुपये प्रति किलोलीटर पहुंच गई है, जबकि पहले यह करीब 1 रुपये लाख थी।

    वहीं, मुंबई की बात करें तो यहां ATF की कीमत करीब 1.94 लाख रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है, जो पिछले महीने लगभग ₹90,451 थी और बड़े शहरों में यह सबसे कम है।


    एयरलाइन कंपनियों पर असर

    इस भारी बढ़ोतरी का सीधा असर एयरलाइन कंपनियों पर पड़ेगा। ईंधन खर्च बढ़ने से उनकी लागत बढ़ेगी, जिसके कारण शेयर बाजार में एयरलाइन कंपनियों के स्टॉक्स पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।


    यात्रियों की जेब पर पड़ेगा बोझ

    ATF की कीमत बढ़ने का असर आम लोगों पर भी साफ दिखाई देगा। एयरलाइंस अपनी बढ़ी हुई लागत को संतुलित करने के लिए हवाई किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं, जिससे यात्रियों को ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ सकता है।

  • होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं

    होली से पहले महंगा हुआ कॉमर्शियल LPG सिलेंडर… घरेलू गैस के दाम में कोई बदलाव नहीं


    नई दिल्ली।
    होली (Holi) से पहले 1 मार्च को LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस-Liquefied Petroleum Gas) के रेट अपडेट हो गए हैं। उपभोक्ताओं को होली से पहले ही महंगाई का झटका लगा है। कॉमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर (Cylinder) के उपभोक्ताओं को दिल्ली से पटना तक करीब 28 से 31 रुपये का झटका लगा है। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत कि बात यह है कि 14 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। कॉमर्शियल सिलेंडर का मार्च ट्रेंड नहीं बदला। इस बार मार्च ने झटका दे ही दिया।

    दिल्ली में 19 किलो वाला एलपीजी सिलेंडर आज से 1768.50 पर मिलेगा। इससे पहले 1740.50 में मिल रहा था। कोलकाता में पहले 1844.50 रुपये का था और अब 1875.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कॉमर्शियल सिलेंडर 1692 रुपये की जगह आज से 1720 रुपये में मिलेगा। चेन्नई में अब आज से कॉमर्शियल सिलेंडर 1929 रुपये में मिलेगा। पहले यह 1899.50 रुपये का था।


    घरेलू एलपीजी के रेट

    भारत में इंडियन ऑयल (Indian Oil) के डेटा के आधार पर एलपीजी (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों की बात करें तो आज 14.2 किग्रा वाला घरेलू सिलेंडर दिल्ली में ₹853 में मिल रहा है। जबकि, पटना में इसकी कीमत ₹951 है। मुंबई में ₹852.50 और लखनऊ में ₹890.50 में मिल रहा है। कारगिल में ₹985.5, पुलवामा में ₹969, बागेश्वर में ₹890.5 का है।


    मार्च में महंगाई का ट्रेंड: पिछले 5 सालों का हाल

    पिछले 5 सालों के आंकड़े बताते हैं कि मार्च का महीना एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए अक्सर महंगाई लेकर आया है। खासकर कॉमर्शियल सिलेंडर हर बार इस महीने में महंगा हुआ है, जबकि घरेलू सिलेंडर के रेट जब भी बदले, उपभोक्ताओं को झटका ही लगा। फिलहाल फरवरी 2026 के अंत में दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 853 रुपये, कोलकाता में 879 रुपये, मुंबई में 852.50 रुपये और चेन्नई में 868.50 रुपये में मिल रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1740.50 रुपये, कोलकाता में 1844.50 रुपये, मुंबई में 1692 रुपये और चेन्नई में 1899.50 रुपये का भाव है। आइए, साल-दर-साल देखते हैं कि मार्च में कैसे बढ़े दाम।


    2021: दोहरा झटका

    साल 2021 की शुरुआत में ही उपभोक्ताओं को दोहरा झटका लगा। 1 मार्च 2021 को घरेलू एलपीजी सिलेंडर 25 रुपये महंगा होकर दिल्ली में 819 रुपये, कोलकाता में 845.50, मुंबई में 819 और चेन्नई में 835 रुपये पर पहुंच गया। इसी दिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने भी रफ्तार पकड़ी और 95 से 98 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 1614, कोलकाता में 1681.50, मुंबई में 1564 और चेन्नई में 1731 रुपये पर पहुंच गया।


    2022: दो बार बढ़े दाम

    2022 में मार्च ने एक नहीं, दो बार रेट अपडेट हुए। 1 मार्च को कॉमर्शियल सिलेंडर ने 105 से 108 रुपये की तक छलांग लगाई। दिल्ली में यह 2012, कोलकाता में 2095, मुंबई में 1963 और चेन्नई में 2146 रुपये पर पहुंच गया। इसके बाद 22 मार्च को घरेलू सिलेंडर पर गाज गिरी और 50 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दिल्ली में 949.50, कोलकाता में 976, मुंबई में 949.50 और चेन्नई में 965.50 रुपये हो गए।


    2023: इस साल भी लगा बड़ा झटका

    2023 का मार्च सबसे महंगा साबित हुआ। 1 मार्च को घरेलू सिलेंडर 50 रुपये उछलकर दिल्ली में 1103, कोलकाता में 1129, मुंबई में 1102.50 और चेन्नई में 1118.50 रुपये पर पहुंच गया। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर ने तो कमर ही तोड़ दी। दिल्ली में 105 रुपये बढ़कर 2120, कोलकाता में 108 रुपये बढ़कर 2222, मुंबई में 106 रुपये बढ़कर 2072 और चेन्नई में 106 रुपये बढ़कर 2268 रुपये पर पहुंच गए।


    2024: कॉमर्शियल में मामूली बढ़ोतरी

    2024 में घरेलू सिलेंडर के दाम स्थिर रहे, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर ने हल्की बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं को राहत दी। 1 मार्च को 19 किलो वाले सिलेंडर दिल्ली और मुंबई में 26 रुपये, जबकि कोलकाता और चेन्नई में 24 रुपये महंगे हुए। नए दाम दिल्ली में 1795, मुंबई में 1749, कोलकाता में 1911 और चेन्नई में 1961 रुपये रहे।


    2025: हल्की सी बढ़ोतरी

    पिछले साल यानी 2025 में मार्च फिर कॉमर्शियल सिलेंडर पर भारी पड़ा, हालांकि बढ़ोतरी मामूली रही। 1 मार्च को दिल्ली में 6 रुपये की बढ़त के साथ सिलेंडर 1803 रुपये, कोलकाता में 1913, मुंबई में 1756 और चेन्नई में 1965 रुपये पर पहुंच गए। घरेलू सिलेंडर इस बार भी बदलाव से बचा रहा।

  • AC खरीदने का प्लान हैं तो चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा दाम… SBI की ये सेवा भी हो रही महंगी

    AC खरीदने का प्लान हैं तो चुकाने पड़ सकते हैं ज्यादा दाम… SBI की ये सेवा भी हो रही महंगी


    नई दिल्ली।
    दो ऐसी खबरें हैं, जो आपको थोड़ा परेशान कर सकती हैं। अगर आप रूम एयर कंडीशनर (Room Air Conditioner) खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में आपको ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है। वहीं, स्टेट बैंक (State Bank) के करोड़ों ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग (Mobile app or internet banking) के जरिए तत्काल भुगतान सेवा (IMPS) महंगे होने जा रही है।

    ब्रोकरेज फर्म इक्विरस की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2026 से लागू होने वाले नए स्टार-रेटिंग नियमों और लगातार बनी हुई कमोडिटी महंगाई के चलते एसी की कीमतों में 7–8 फीसदी तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

    नए मॉडल्स की कीमतों में इजाफा होने के आसार
    रिपोर्ट में कहा गया है कि नए नियम लागू होने के बाद कंपनियां अपने नए मॉडल्स की कीमतों में इजाफा करेंगी। इसके अलावा अप्रैल–मई 2026 के दौरान कीमतों में एक और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे पूरे उद्योग में दामों का नया स्तर तय होगा और कंपनियों के मुनाफे पर बना दबाव कुछ हद तक कम होगा।

    उपभोक्ताओं के लिहाज से इसका मतलब यह है कि नए स्टार-रेटेड मॉडल्स पहले से महंगे होंगे। इसी आशंका के चलते बाजार में पहले ही खरीदारी का रुझान दिखने लगा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर में डीलर्स और ग्राहक बड़ी संख्या में पुराने स्टार-रेटिंग वाले मॉडल्स का स्टॉक कर रहे हैं, ताकि नए नियम लागू होने से पहले खरीदारी की जा सके।

    रिपोर्ट में भारतीय रूम एयर कंडीशनर उद्योग के पिछले दो वर्षों के उतार-चढ़ाव का भी जिक्र किया गया है। कैलेंडर वर्ष 2024 में जहां उद्योग ने करीब 40 फीसदी की मजबूत वृद्धि दर्ज की थी, वहीं 2025 उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खराब मौसम, जीएसटी बदलाव से जुड़ी बाधाएं, चैनल पर अधिक स्टॉक और आक्रामक ग्राहक सहायता योजनाओं के कारण मांग में अस्थिरता बनी रही और मुनाफे पर दबाव पड़ा।

    आईएमपीएस के जरिए राशि भेजना होगा महंगा
    देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक के करोड़ों ग्राहकों के लिए मोबाइल ऐप या इंटरनेट बैंकिंग के जरिए तत्काल भुगतान सेवा (आईएमपीएस) महंगे होने जा रही है। 15 फरवरी से आईएमपीएस के जरिए ज्यादा रकम भेजने पर चार्ज देना होगा।

    अभी तक यह सेवा ज्यादातर मामलों में मुफ्त थी। बैंक ने साफ किया है कि 25 हजार रुपये तक आईएमपीएस के जरिए ऑनलाइन से पैसे भेजना पहले की तरह बिल्कुल मुफ्त रहेगा, जिससे आम ग्राहकों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन उससे ज्यादा की धनराशि भेजने पर शुल्क लगेगा।

    बैंक के नए नियमों के हिसाब से ऑनलाइन चैनल के जरिए 25,000 से ज्यादा रकम भेजने पर शुल्क देना होगा। जैसे-जैसे रकम बढ़ेगी, शुल्क भी बढ़ता जाएगा। आईएमपीएस के जरिए 25 हजार से एक लाख रुपये तक भेजने पर दो रुपये शुल्क और उसके ऊपर जीएसटी देनी होगा।

    इसी तरह से एक से दो लाख पर छह फीसदी सेवा शुल्क और ऊपर से जीएसटी अतिरिक्त लगेगी। वहीं, दो से पांच लाख रुपये की धनराशि आईएमपीएस के माध्यम से ट्रांसफर करने पर 10 शुल्क और जीएसटी देना होगा। अगर ग्राहक शाखा से आईएमपीएस करता है तो वहां पहले से ही चार्ज लगता आ रहा है जो आगे भी जारी रहेगा।

    बैंक की तरफ से कहा गया कि वेतन खातों और पेंशन खाताधारकों को आईएमपीएस शुल्क से छूट मिलती रहेगी, जिनमें शौर्य फैमिली पेंशन खाते समेत कई खास खाते शामिल हैं।