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  • अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    अनुपमा में नया बवाल: राही की मातृत्व क्षमता पर उठे सवाल, परिवार में बढ़ेगा तनाव

    मुंबई। लोकप्रिय टीवी शो अनुपमा के आगामी एपिसोड में भावनात्मक ड्रामा और पारिवारिक टकराव दर्शकों को बांधे रखेगा। कहानी में राही को लेकर बड़ा विवाद खड़ा होने वाला है, जिससे कोठारी और शाह परिवार दोनों में उथल-पुथल मच जाएगी।

    एपिसोड में ख्याति, राही का पक्ष लेते हुए परिवार को समझाने की कोशिश करेगी कि जीवन में परिस्थितियां कभी भी बदल सकती हैं। हालांकि वसुंधरा कोठारी इस बात को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं होगी। वह राही पर परिवार से सच छिपाने का आरोप लगाएगी और उसके भविष्य को लेकर चिंता जताएगी।

    दूसरी ओर प्रेम अपनी पत्नी राही के समर्थन में मजबूती से खड़ा नजर आएगा। वह स्पष्ट करेगा कि किसी भी परिस्थिति में वह राही का साथ नहीं छोड़ेगा। वहीं राही भी अपनी सेहत और इलाज को लेकर सकारात्मक रवैया अपनाने की बात कहेगी।

    इसी बीच गौतम अपने स्वार्थी इरादों को लेकर मन ही मन खुश दिखाई देगा। उसे लगने लगेगा कि परिवार की संपत्ति के बंटवारे की स्थिति अब उसके पक्ष में जा सकती है।

    उधर शाह परिवार में भी तनाव कम नहीं होगा। अनुपमा अपने कुकिंग प्रतियोगिता के फॉर्म को लेकर परेशान रहेगी। माही को शक होगा कि फॉर्म गायब होने के पीछे प्रेम का हाथ हो सकता है, लेकिन अनुपमा इस आरोप को मानने से इनकार कर देगी। बाद में दिग्विजय की ओर से मिली जानकारी से भी कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाएगा।

    परिवार के दूसरे सदस्यों के बीच हंसमुख और लीला की सालगिरह की तैयारियां चलती रहेंगी, लेकिन राही से जुड़ा मुद्दा कहानी का केंद्र बना रहेगा।

    आने वाले एपिसोड में यह देखना दिलचस्प होगा कि राही से जुड़ी जानकारी शाह परिवार तक कैसे पहुंचती है और इस पूरे घटनाक्रम पर अनुपमा की क्या प्रतिक्रिया रहती है। यही मोड़ कहानी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

  • मां बनने के बाद एक्ट्रेसेस को लेकर इंडस्ट्री की सोच पर बोलीं रुबीना दिलैक, कहा- मेकर्स मान लेते हैं कि अब जुनून और स्टैमिना कम हो गया

    मां बनने के बाद एक्ट्रेसेस को लेकर इंडस्ट्री की सोच पर बोलीं रुबीना दिलैक, कहा- मेकर्स मान लेते हैं कि अब जुनून और स्टैमिना कम हो गया




    नई दिल्ली। टीवी अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने मां बनने के बाद महिलाओं को एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में मिलने वाले व्यवहार को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि आज भी इंडस्ट्री में ऐसी सोच मौजूद है, जहां नई मां बनी अभिनेत्रियों को कम सक्षम समझा जाता है।

    रुबीना के मुताबिक, कई मेकर्स यह मान लेते हैं कि बच्चे को जन्म देने के बाद एक्ट्रेस में पहले जैसा स्टैमिना, मेहनत करने की क्षमता और करियर को लेकर जुनून नहीं बचता। इसी वजह से कई महिलाओं को बड़े प्रोजेक्ट्स से दूर रखा जाता है।

    उन्होंने यह भी कहा कि कई स्टडीज बताती हैं कि बड़ी संख्या में महिलाएं प्रेग्नेंसी के बाद दोबारा काम पर नहीं लौट पातीं, क्योंकि समाज और इंडस्ट्री दोनों ही उन्हें अलग नजर से देखने लगते हैं।

    रुबीना ने माना कि महिलाओं पर लगातार खुद को साबित करने का दबाव रहता है, लेकिन उन्होंने खुद को खुशकिस्मत बताया कि मां बनने के बाद भी उन्हें काम जारी रखने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा के जरिए दूसरी महिलाओं को यह संदेश देना चाहती हैं कि मातृत्व के बाद करियर खत्म नहीं होता।रुबीना दिलैक जल्द ही खतरों के खिलाड़ी के 15वें सीजन में नजर आने वाली हैं।

  • मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”

    मदर्स डे पर भावुक हुईं दीपिका सिंह, बोलीं- “मां बनना जिंदगी का सबसे खूबसूरत अहसास”


    नई दिल्ली। माताओं के सम्मान और प्रेम को समर्पित मदर्स डे (10 मई) को लेकर टीवी अभिनेत्री दीपिका सिंह बेहद उत्साहित नजर आईं। लोकप्रिय शो ‘मंगल लक्ष्मी’ में मंगल का किरदार निभा रहीं दीपिका ने इस खास मौके पर अपने मातृत्व के अनुभवों को खुलकर साझा किया।

    दीपिका सिंह ने कहा कि मां बनना उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा और खूबसूरत बदलाव रहा है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा सफर है जो सिर्फ एक किरदार नहीं बल्कि जीवनभर निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा सोहम उनकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो हर दिन उन्हें जीवन के छोटे-छोटे पलों की अहमियत समझाता है।

    अभिनेत्री ने भावुक होते हुए कहा कि जब वह शूटिंग के दौरान बच्चों के साथ सीन करती हैं, तो अक्सर उन्हें अपने बेटे की याद आती है। उनके लिए यह अनुभव काफी भावनात्मक होता है, क्योंकि वह हर बच्चे में अपने बेटे की झलक महसूस करती हैं।

    दीपिका ने यह भी कहा कि मां होने के साथ-साथ वह एक कामकाजी महिला भी हैं और चाहती हैं कि उनका बेटा उन्हें इस रूप में भी देखे। उनके अनुसार, जब बच्चे अपनी मां को काम करते देखते हैं, तो उन्हें मेहनत और सपनों की अहमियत समझ आती है। उन्होंने कहा कि एक महिला की पहचान सिर्फ मां होने तक सीमित नहीं है, बल्कि वह कई भूमिकाएं एक साथ निभाती है।

    मदर्स डे पर उन्होंने सिर्फ अपनी नहीं, बल्कि सभी महिलाओं की सराहना की। दीपिका ने कहा कि हर महिला, जो परिवार की जिम्मेदारियों को प्यार और समर्पण के साथ निभाती है, वह सम्मान की हकदार है। उन्होंने सभी माताओं की मेहनत, त्याग और प्रेम को सलाम किया।
     

  • रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    रानी मुखर्जी ने खोला बेटी अदीरा का बॉलीवुड भविष्य, कहा- फिलहाल ताइक्वांडो सीख रही हैं

    नई दिल्ली । बॉलीवुड की चर्चित और दमदार अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपनी बेटी अदीरा की परवरिश और उनके भविष्य को लेकर अपने विचार साझा किए। रानी इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘मर्दानी 3’ को लेकर सुर्खियों में हैं। इसी बीच उन्होंने दिल्ली पुलिस की महिला अधिकारियों के साथ एक विशेष सत्र में बातचीत की और आईएएनएस से बात करते हुए मां और बेटी के रिश्ते पर अपने नजरिए को साझा किया।

    सत्र के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने रानी से पूछा कि क्या वह चाहती हैं कि उनकी बेटी अदीरा बड़ी होकर अभिनेत्री बने और फिल्मों में कदम रखें। इस सवाल के जवाब में रानी ने सहज और स्पष्ट अंदाज में कहा कि फिलहाल उनकी बेटी ताइक्वांडो सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य यह है कि अदीरा शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत और आत्मविश्वासी बने।रानी ने कहा कि ताइक्वांडो सीखने से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और अदीरा खुद को पहले से अधिक सशक्त महसूस कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में अदीरा जो भी रास्ता चुनेंगी-चाहे वह फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हो या किसी अन्य क्षेत्र से-वह हमेशा उनका समर्थन करेंगी। रानी ने स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता अपनी बेटी की खुशी और सशक्तता हैन कि केवल पेशेवर सफलता।

    आईएएनएस से बातचीत में रानी ने जीवन में खुश रहने की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खुश रहने वाला इंसान अपने आसपास के लोगों को भी खुश रख सकता है। रानी ने यह भी कहा कि एक मांबेटी और बहन होने के नाते उन्हें यह अनुभव हुआ है कि जीवन में आत्मविश्वास और संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी दृष्टिकोण को वे अपनी बेटी अदीरा को भी सिखा रही हैं।

    रानी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि आज के समय में लड़कियों का मजबूतआत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी होना बेहद जरूरी है। समाज में बदलाव तभी संभव हैजब महिलाएं खुद पर भरोसा करना सीखें। उन्होंने बताया कि अपने माता-पिता और परिवार की भूमिका के महत्व के साथ-साथलड़कियों को यह भी सिखाना आवश्यक है कि अपनी खुशीआत्मसम्मान और आत्मविश्वास से कभी समझौता न करें।रानी मुखर्जी का मानना है कि माता-पिता का समर्थन बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैलेकिन बच्चों की खुशी और उनके व्यक्तिगत विकास को प्राथमिकता देना ही सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदीरा अभी अपनी पढ़ाई और ताइक्वांडो पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं और फिल्मों में आने का निर्णय भविष्य में उनकी खुद की इच्छा और रुचि पर निर्भर करेगा।

    सार मेंरानी मुखर्जी की यह टिप्पणी न केवल एक मां के नजरिए को दर्शाती है बल्कि यह भी बताती है कि आज की युवा पीढ़ी में आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती कितना जरूरी है। उन्होंने अपनी बेटी के लिए यही संदेश दिया कि जीवन में किसी भी क्षेत्र में कदम रखेंलेकिन हमेशा खुश रहें और अपने आत्मसम्मान का सम्मान करें।

  • 24 साल की श्रीलीला बनी तीन बच्चों की मां, गोद लिए बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को बनाए रखा सर्वोच्च प्राथमिकता

    24 साल की श्रीलीला बनी तीन बच्चों की मां, गोद लिए बच्चों की सुरक्षा और भविष्य को बनाए रखा सर्वोच्च प्राथमिकता


    नई दिल्ली ।  दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की उभरती अभिनेत्री श्रीलीला ने मात्र 24 साल की उम्र में मातृत्व का अनुभव कर अपने फैंस और इंडस्ट्री को हैरान कर दिया है। हालांकि, उनके तीनों गोद लिए बच्चे उनके साथ नहीं रह रहे हैं। अभिनेत्री ने साफ किया है कि उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और संरक्षित माहौल में पालन-पोषण सुनिश्चित करना है।

    श्रीलीला ने 21 साल की उम्र में दो दिव्यांग बच्चों, गुरु और शोभिता को गोद लिया था। इसके बाद वर्ष 2025 में उन्होंने एक और बच्ची को अपनाया। तीनों बच्चों को फिलहाल आश्रम में रखा गया है ताकि उनकी देखभाल स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्थित ढंग से हो सके। अभिनेत्री नियमित रूप से बच्चों से फोन पर बात करती हैं और समय-समय पर उनसे मिलने भी जाती हैं। उनका कहना है कि बच्चों के सुरक्षित विकास को प्राथमिकता देना उनकी जिम्मेदारी का सबसे अहम हिस्सा है।हाल ही में दिए गए इंटरव्यू में श्रीलीला ने बताया कि व्यस्त पेशेवर जीवन और पालन-पोषण की जिम्मेदारियों के चलते उन्हें बच्चों को अपने साथ रखना फिलहाल संभव नहीं है। उन्होंने कहा मेरी कोशिश हमेशा यही रहती है कि बच्चों को सुरक्षित और संरक्षित माहौल मिले। उनकी पढ़ाई स्वास्थ्य और खुशहाली मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह कदम बच्चों के भले के लिए है और वह हमेशा उनके जीवन में सक्रिय रूप से जुड़े रहेंगे।

    श्रीलीला की यह कहानी बॉलीवुड और साउथ फिल्म इंडस्ट्री में उन अभिनेत्रियों की कतार में शामिल है जिन्होंने शादी से पहले मातृत्व अपनाया। रवीना टंडन ने 21 साल की उम्र में और सुष्मिता सेन ने 24 साल की उम्र में बच्चे गोद लिए थे। इसी तरह श्रीलीला ने भी समाज और इंडस्ट्री में बिन ब्याही मां के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है।सोशल मीडिया और इंडस्ट्री में उनके इस निर्णय को लेकर मिलीजुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कई लोग उनके कदम की सराहना कर रहे हैं और इसे जिम्मेदार मातृत्व का उदाहरण मान रहे हैं। वहीं  कुछ लोग युवा उम्र में मातृत्व के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रीलीला ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और उनका बेहतर भविष्य उनके फैसले की मुख्य वजह है।

    भविष्य में श्रीलीला ने यह भी कहा कि वह बच्चों के साथ अधिक समय बिताने, उनकी शिक्षा और विकास पर विशेष ध्यान देने की कोशिश करेंगी। फिलहाल आश्रम में रहना उनके लिए सबसे उपयुक्त विकल्प है ताकि बच्चे सुरक्षित और संरक्षित वातावरण में बड़े हों। अभिनेत्री लगातार बच्चों के पालन-पोषण में सक्रिय हैं और उनके जीवन में जिम्मेदारी और प्रेम दोनों बनाए रख रही हैं।श्रीलीला की कहानी न केवल युवा माताओं के लिए प्रेरणा है बल्कि यह दिखाती है कि मातृत्व में जिम्मेदारी, सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। छोटे से छोटे बच्चे हों या तीनों गोद लिए गए हों, उनका पालन-पोषण और खुशहाली ही किसी भी मातृत्व निर्णय की सच्ची कसौटी होती है।