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  • बाजार में गिरावट के बीच ब्रोकरेज हाउस का बड़ा भरोसा, JM Financial और Motilal Oswal ने Vedanta Aluminium, TCS और Dr Reddy's पर जताया विश्वास, 12 महीनों में 25% तक रिटर्न की संभावना

    बाजार में गिरावट के बीच ब्रोकरेज हाउस का बड़ा भरोसा, JM Financial और Motilal Oswal ने Vedanta Aluminium, TCS और Dr Reddy's पर जताया विश्वास, 12 महीनों में 25% तक रिटर्न की संभावना

    नई दिल्ली । शेयर बाजार ने सप्ताह का समापन दबाव के साथ किया, जहां वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और निवेशकों की सतर्कता का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। हालांकि बाजार की इस कमजोरी के बीच प्रमुख ब्रोकरेज फर्म JM Financial और Motilal Oswal ने कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों को लेकर सकारात्मक रुख बनाए रखा है। दोनों संस्थानों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर कुछ गुणवत्ता वाले शेयर निवेशकों को अगले 12 महीनों में आकर्षक रिटर्न दे सकते हैं।

    JM Financial ने फार्मास्युटिकल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी Dr Reddy’s Laboratories पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए 1,561 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है। यह लक्ष्य मौजूदा बाजार भाव की तुलना में करीब 25 प्रतिशत से अधिक संभावित बढ़त का संकेत देता है। हाल ही में कंपनी ने Semaglutide की व्यावसायिक आपूर्ति में देरी की जानकारी दी थी, जिसका कारण API के कुछ वैलिडेशन बैच का निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरना बताया गया।

    ब्रोकरेज का मानना है कि इस अस्थायी चुनौती के बावजूद कंपनी की दीर्घकालिक विकास संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। आने वाले वर्षों में नए उत्पादों की लॉन्चिंग और विस्तारित पोर्टफोलियो से कंपनी की आय में सकारात्मक योगदान मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसी आधार पर JM Financial ने स्टॉक को मौजूदा मूल्यांकन पर निवेश के लिए आकर्षक माना है।

    वहीं Motilal Oswal ने Vedanta Aluminium पर पहली बार अपनी कवरेज शुरू करते हुए ‘बाय’ रेटिंग जारी की है। ब्रोकरेज ने कंपनी के शेयर के लिए 540 रुपये का लक्ष्य मूल्य तय किया है, जो हालिया बंद भाव की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत संभावित बढ़त दर्शाता है। ब्रोकरेज के अनुसार डिमर्जर के बाद कंपनी अब भारत की सबसे बड़ी शुद्ध प्राइमरी एल्युमिनियम उत्पादक बन चुकी है और वैश्विक स्तर पर भी इसकी स्थिति काफी मजबूत हुई है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन क्षमता, परिचालन दक्षता और बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए कंपनी के दीर्घकालिक प्रदर्शन की संभावनाएं बेहतर दिखाई देती हैं। यही कारण है कि ब्रोकरेज ने इसे धातु क्षेत्र के प्रमुख निवेश विकल्पों में शामिल किया है।

    आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services पर भी Motilal Oswal ने अपनी सकारात्मक राय कायम रखी है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 2,350 रुपये का लक्ष्य मूल्य दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 14 प्रतिशत की संभावित बढ़त का संकेत देता है। हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्वीकार किया गया है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव, टैरिफ से जुड़े जोखिम और कॉरपोरेट ग्राहकों की सतर्क रणनीति के कारण आईटी सेक्टर पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।

    इसके बावजूद ब्रोकरेज का मानना है कि आने वाली तिमाहियों में तकनीकी सेवाओं की मांग में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। कंपनी की प्रबंधन टिप्पणी भी पहले की तुलना में अधिक सकारात्मक रही है, जिससे दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह शेयर आकर्षक माना जा रहा है।

    कुल मिलाकर, बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव और वैश्विक चुनौतियों के बीच ब्रोकरेज फर्मों का मानना है कि मजबूत बुनियादी स्थिति वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर साबित हो सकती है। Vedanta Aluminium, Dr Reddy’s Laboratories और Tata Consultancy Services ऐसे ही शेयरों में शामिल हैं, जिनमें अगले एक वर्ष के दौरान बेहतर प्रदर्शन की संभावना जताई गई है।

  • Q1 नतीजों से पहले मोतीलाल ओसवाल का बड़ा दांव, BSE से हिंडाल्को तक 5 शेयरों को मॉडल पोर्टफोलियो में दी जगह

    Q1 नतीजों से पहले मोतीलाल ओसवाल का बड़ा दांव, BSE से हिंडाल्को तक 5 शेयरों को मॉडल पोर्टफोलियो में दी जगह

    नई दिल्ली । वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों का दौर शुरू होने के साथ ही भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन पर टिक गई है। इसी बीच ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अपने मॉडल पोर्टफोलियो में बदलाव करते हुए पांच प्रमुख कंपनियों के शेयरों को शामिल किया है। फर्म का मानना है कि आने वाले तिमाही नतीजों में इन कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रह सकता है, जिससे निवेशकों के लिए बेहतर अवसर बन सकते हैं।

    अर्निंग सीजन की शुरुआत सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनी के तिमाही नतीजों के साथ हो रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार कंपनियों की आय और लाभ में स्थिर सुधार देखने को मिल सकता है। इसी अनुमान के आधार पर ब्रोकरेज फर्म ने लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की आय वृद्धि को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। फर्म का अनुमान है कि लार्जकैप कंपनियां सालाना आधार पर लगभग 17 प्रतिशत, मिडकैप कंपनियां 15 प्रतिशत और स्मॉलकैप कंपनियां 16 प्रतिशत तक राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।

    मॉडल पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों में अरविंद फैशन्स को मजबूत उपभोक्ता मांग और मौजूदा स्टोर्स की बिक्री में सुधार का लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के राजस्व में अच्छी बढ़ोतरी के साथ लाभप्रदता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। परिचालन मार्जिन और ग्रॉस मार्जिन में सुधार की संभावना को भी सकारात्मक संकेत माना गया है।

    एचडीएफसी एएमसी को लेकर फर्म का आकलन अपेक्षाकृत संतुलित है। अनुमान है कि कंपनी के प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियों में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, जिससे राजस्व वृद्धि सीमित रह सकती है। इसके बावजूद मजबूत परिचालन दक्षता और ऊंचे ईबीआईटीडीए मार्जिन के कारण कंपनी की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी रहने की संभावना व्यक्त की गई है।

    ब्रोकरेज ने बीएसई को भी अपने पसंदीदा शेयरों में शामिल किया है। उसका मानना है कि नकद और डेरिवेटिव बाजार में बढ़ती गतिविधियों से कंपनी के ट्रांजैक्शन आधारित राजस्व में सुधार हो सकता है। साथ ही परिचालन लागत पर नियंत्रण और बेहतर दक्षता के कारण कंपनी के मार्जिन में भी सकारात्मक बदलाव आने की संभावना जताई गई है।

    किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स के बारे में ब्रोकरेज का अनुमान है कि घरेलू कारोबार में मजबूत मांग कंपनी की आय को सहारा दे सकती है। निर्यात क्षेत्र में फिलहाल कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन आने वाली तिमाहियों में अंतरराष्ट्रीय मांग में सुधार की उम्मीद व्यक्त की गई है। निवेशकों की नजर कंपनी के जेनरेटर सेट कारोबार, मूल्य निर्धारण रणनीति, उच्च क्षमता वाले उत्पादों और विस्तार योजनाओं की प्रगति पर बनी रहेगी।

    हिंडाल्को को लेकर भी ब्रोकरेज ने सकारात्मक रुख अपनाया है। फर्म का मानना है कि वैश्विक बाजार में एल्युमीनियम की कीमतों में मजबूती और घरेलू कारोबार का स्थिर प्रदर्शन कंपनी के परिणामों को समर्थन दे सकता है। हालांकि विदेशी इकाई के एक संयंत्र में हुई आग की घटना के कारण कुछ परिचालन दबाव बने रहने की संभावना भी जताई गई है। इसके बावजूद समग्र कारोबार को मजबूत माना गया है।

    अर्निंग सीजन के दौरान कंपनियों के वास्तविक वित्तीय नतीजे और भविष्य को लेकर दिए जाने वाले प्रबंधन के संकेत बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ऐसे में निवेशकों की निगाह केवल मुनाफे और आय पर ही नहीं, बल्कि कंपनियों की भविष्य की रणनीति, मांग के रुझान और विस्तार योजनाओं पर भी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि तिमाही परिणामों के आधार पर आने वाले दिनों में शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता होगी।