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  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) में मौसम (Weather) ने अचानक ऐसी करवट ली है कि ठंड का एहसास बढ़ने लगा है. 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत आसपास के इलाकों में बारिश (Rain) और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया. दोपहर की धूप का तीखापन कम हो गया है और हवा में ऐसी ठंडक घुल गई है कि अब दिन में भी पंखे की जरूरत महसूस नहीं हो रही. सुबह और रात के वक्त घर से बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

    उत्तर भारत में मौसम बदलने का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दिया है. हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई. लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के कई इलाकों में ताजा बर्फ गिरी. कोकसर और केलांग में करीब 2 से 5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई. पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और बारिश ने मैदानी इलाकों के मौसम को भी प्रभावित किया है. मौसम का यह बदला मिजाज संकेत दे रहा है कि उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है।


    दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का बदला मिजाज महसूस किया जा सकता है. आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. इस दौरान गरज-चमक भी हो सकती है. हालांकि, दिनभर लगातार बारिश होने के आसार नहीं हैं. हवा की रफ्तार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा और दोपहर में 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है. खासकर सुबह जल्दी दफ्तर जाने वाले लोगों और रात में बाहर निकलने वालों को मौसम में आई इस ठंडक का अहसास होगा. फिलहाल दिन में भारी सर्दी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गर्मी की विदाई के संकेत जरूर दिखने लगे हैं. बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है. यह सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ी ठंडक

    हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगह बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है. 17 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों और राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और कुछ जगह बारिश हुई. रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।


    जम्मू-कश्मीर में कहां कितनी बारिश हुई?

    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे ज्यादा 59.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके बाद पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी, शोपियां में 34 मिमी, बारामूला में 29 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश हुई. कश्मीर घाटी में भी व्यापक बारिश दर्ज की गई. श्रीनगर में 12 मिमी बारिश हुई. क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहा. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है. ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ जगह हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि की भी आशंका है. वहीं, 16 अक्टूबर को जम्मू क्षेत्र में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ जगह थोड़े समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है।


    हिमाचल प्रदेश में 30 सेंटीमीटर बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शिंकू ला, बारालाचा ला, कुंजुम ला, कोकसर, जिस्पा, केलांग और गोंदला में ताजा बर्फबारी हुई. चंबा जिले की सुराल घाटी और सच पास के अलावा कांगड़ा जिले की धौलाधार माउंटेन रेंज में भी बर्फ गिरी. सुराल में 7 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई, जबकि सच पास पर 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई. गोंदला में 5 सेंटीमीटर और केलांग में 3 सेंटीमीटर बर्फ गिरी. भारी बर्फबारी के कारण सच पास को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. लाहौल-स्पीति में गोंदला के पास बर्फबारी के बाद फंसे करीब 100 वाहनों को पुलिस टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला. ताजा बर्फबारी से पर्यटन और इससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों में उत्साह है. उन्हें आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. मौसम में बदलाव के कारण मनाली और धर्मशाला में तापमान भी काफी गिर गया है. बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकालने के साथ अलाव जलाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार तक कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।


    यूपी-एमपी-राजस्थान में बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर बना रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. ऐसे में कई इलाकों में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


    दक्षिण भारत में भारी बारिश का है अलर्ट

    जहां उत्तर भारत में मौसम ठंडक की ओर बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी बारिश बढ़ सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर तक बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

    चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक वी. आर. दुरई ने बताया कि पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश दर्ज की गई. करूर जिले के थोगैमलाई में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश हुई. नागपट्टिनम और धर्मपुरी में 8-8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. राज्य के कई अन्य अंदरूनी इलाकों में भी मध्यम बारिश हुई. दुरई के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान पश्चिमी घाट और उससे सटे अंदरूनी जिलों में गरज-चमक के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. इनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, नमक्कल, धर्मपुरी और तिरुवन्नामलाई शामिल हैं. चेन्नई और आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश होने की संभावना है।


    मुंबई में बढ़ रही गर्मी, लू का येलो अलर्ट

    जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है, वहीं महाराष्ट्र में सर्दी का कोई खास संकेत नहीं दिख रहा है. मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है. कई इलाकों में पारा करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो अक्टूबर के लिहाज से असामान्य है. मौसम विशेषज्ञों ने इसके पीछे दिन में समुद्री हवाओं के देर से चलने और गुजरात तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन को प्रमुख कारण बताया है. मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को मुंबई में लू चलने की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया है।

  • मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट

    मैदानों से लेकर पहाड़ों तक झमाझम बारिश…. कई क्षेत्रों में बाढ़ के हालात, आज इन राज्यों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून (Monsoon) अब पूरी तरह से एक्टिव हो चुका है. मैदानों से लेकर पहाड़ों तक में बरसात जमकर (Heavy rainfall) हो रही है. पहाड़ों में भूस्खलन (Landslide) से कई जगहें रास्ते ठप पड़े हैं. मैदानी इलाकों में कई जगह बाढ़ के हालात भी बन रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी हल्की से मध्यम और कुछ राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है. जहां दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने से मौसम सुहावना रहेगा. वहीं पहाड़ी राज्यों और तटीय इलाकों में मानसूनी हवाओं की वजह से अलर्ट जारी किया गया है।

    दिल्ली-एनसीआर में आज कैसा रहेगा मौसम?
    सबसे पहले बात दिल्ली-एनसीआर की कर लेते हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, इस क्षेत्र में बादलों का डेरा बना रहेगा और हल्की बारिश की संभावना है. दिन भर में एक या दो बार हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. आज बारिश के साथ-साथ 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चल सकती हैं. हालांकि, बारिश के बीच के उमस ज्यादा रहने की वजह से लोगों को हल्की चिपचिपाहट का सामना करना पड़ सकता है।


    पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा

    उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों खासकर हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसून की रफ्तार तेज बनी हुई है. मौसम विभाग ने इन राज्यों के कई संवेदनशील इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी दी है. साथ ही, पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन होने और नदियां उफान पर रहने का खतरा जताया गया है. ऐसे में यात्रियों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    मुंबई में रुक-रुक होती रहेगी तेज बारिश
    देश के मध्य, पश्चिम और पूर्वी भारत की बात की जाए तो यहां पर मानसून पूरी तरह मेहरबान है. कोंकण, गोवा और गुजरात के तटीय क्षेत्रों में मानसूनी बारिश पूरी तरह जारी है. अनुमान है कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में आज भी रुक-रुक कर तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है. गुजरात क्षेत्र में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के आसार जताए गए हैं. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी तेज बारिश की उम्मीद है. बिहार और ओडिशा में बारिश के साथ गर्जन के साथ तेज हवाएं चलने की भी उम्मीद है।


    पूर्वोत्तर भारत झमाझम बरसेंगे बादल

    दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में मध्यम से व्यापक बारिश की संभावना है. वहीं तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत में आने वाले असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश में भी मानसूनी बादल छाए रहेंगे और कई स्थानों पर झमाझम बारिश होगी. तेज बरसात की वजह से कई जगहों पर बिजली गिरने और भूस्खलन होने का खतरा बना रहेगा।

  • पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    पहाड़ों पर भारी बर्फबारी… जम्मू-कश्मीर में दो हाईवे बंद, मैदानी इलाकों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तरी ईरान और उससे सटे कैस्पियन सागर (Caspian Sea) के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India.) में मौसम के मिजाज में बदलाव आया है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) और हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और घाटी व मैदानी इलाकों में बारिश हुई है। पंजाब और हरियाणा समेत मैदानी राज्यों में तेज हवा और गरज-चमक के साथ छिटपुठ बारिश दर्ज की गई है। संभावना है कि आने वाले हफ्ते में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू और मंडी में सोमवार को आंधी का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर तेज चक्रवाती हवाएं चल रही हैं। उत्तर-पश्चिमी राजस्थान से लेकर उत्तरी मध्य प्रदेश तक निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। 2 अप्रैल को उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है। मौसम संबंधी इन प्रणालियों के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फरबाद में रविवार को हल्की बारिश हुई। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान में हल्की बारिश हुई और कुछ स्थानों पर ओले गिरे।


    हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के अनुसार, 30 मार्च और 2-3 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और बर्फबारी होने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 4 अप्रैल को भी यही स्थिति रहेगी। उत्तराखंड में 30 मार्च को ओलावृष्टि की भी संभावना है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30-31 मार्च के दौरान छिटपुट से मध्यम वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं, पूर्वोत्तर भारत और इससे सटे पूर्वी भारत में इस सप्ताह छिटपुट से लेकर व्यापक वर्षा के साथ गरज, चमक और तेज हवा चलने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 1 अप्रैल के दौरान छिटपुट भारी वर्षा भी हो सकती है। दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में इस सप्ताह छिटपुट वर्षा के साथ गरज, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    हिमाचल प्रदेश: रोहतांग में बर्फबारी
    हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा समेत ऊंचाई वाले अन्य क्षेत्रों में रविवार को बर्फबारी हुई। कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिले में रविवार सुबह से दोपहर तक ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ। रोहतांग दर्रा में 20, कोकसर में 3, शिकुंला में 15, कुंजुम पास में 15 और बारालाचा में 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई। हिमपात के कारण शिंकुला टॉप से वाहनों की आवाजाही बंद रही। पर्यटन नगरी मनाली से दोपहर तक अटल टनल रोहतांग की तरफ वाहनों की आवाजाही बाधित रही। शिमला, धर्मशाला समेत मध्यम और निचले क्षेत्रों में बारिश हुई। इससे हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है।


    श्रीनगर-लेह और बांदीपोरा-गुरेज हाईवे बंद

    जम्मू-कश्मीर में रविवार सुबह मैदानी इलाकों में बारिश तो पहाड़ों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी से श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज मार्ग बंद हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं। वहीं कुछ इलाकों में हिमस्खलन और भूस्खलन की भी आशंका जताई जा रही है।


    पंजाब-हरियाणा में भी गिरा पारा

    पंजाब और हरियाणा में रविवार को हल्की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में हल्की बारिश हुई, जिससे वहां तापमान में गिरावट आई। हालांकि, बारिश के इस दौर ने क्षेत्र के किसानों में चिंता पैदा कर दी है, क्योंकि उन्हें डर है कि तेज हवाओं के साथ बारिश होने पर खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंच सकता है।

  • पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं…. कई राज्यों में दिन में भी कांप रहे लोग.. यहां पारा 0 से नीचे

    पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं…. कई राज्यों में दिन में भी कांप रहे लोग.. यहां पारा 0 से नीचे


    नई दिल्ली।
    हिमालयी राज्यों (Himalayan states) से आ रही बर्फीली हवाओं (Icy winds) ने मैदानी राज्यों को सर्द बनाया हुआ है। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir), हिमाचल, उत्तराखंड में अधिकतर स्थानों पर तापमान शून्य से नीचे (Temperature below zero) बना हुआ है। वहीं, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा समेत सभी मैदानी राज्य शीतलहर से कांप रहे हैं। कुछ राज्यों में शुक्रवार को हल्की बारिश भी हुई। इसके बाद गलन वाली ठंड का अहसास हुआ।

    इस बीच मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 5-7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और बिहार में और अगले 2-3 दिनों के दौरान मध्य भारत, पूवोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की बहुत संभावना है। इसके अलावा, अगले 2-3 दिनों के दौरान राजस्थान, पंजाब, हररयाणा, चंडीगढ़, बिहार और मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में शीतलहर की स्थिति रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 10 और 11 तारीख को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हररयाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, उत्तरी कर्नाटक में; 10 तारीख को उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार में और 11-14 जनवरी के दौरान राजस्थान में शीत लहर की स्थिति रहने की बहुत अधिक संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान मध्य भारत और महाराष्ट्र में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि इसके बाद अगले 4 दिनों में धीरे-धीरे 2-3°C की बढ़ोतरी दिखेगी।


    हरियाणा के कई इलाकों में बारिश
    शुक्रवार को हरियाणा में गुरुग्राम और फरीदाबाद के अलावा पानीपत, भिवानी और झज्जर में हल्की बारिश हुई। कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री तक गिर गया। शनिवार को भी 17 जिलों में शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की गई है। उधर, राजस्थान के अनेक इलाकों में शीतलहर का दौर जारी है और बीते चौबीस घंटे में कई जगह हल्की बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटों के दौरान राज्य में कहीं कहीं हल्की बारिश दर्ज की गयी। साथ ही राज्य के कुछ भागों में घना से अति घना कोहरा, शीत लहर व अति शीत दिन दर्ज किये गए। सर्वाधिक बारिश झुंझुनू में 5.0 मिलीमीटर हुई। इस दौरान अधिकतम तापमान जवाई बांध (पाली) में 24.4 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान जैसलमेर में 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। राज्य में आगामी एक सप्ताह मौसम शुष्क रहने तथा आगामी 1-2 दिन राज्य के कुछ भागों में सुबह के समय अति घना कोहरा छाए रहने की संभावना है।


    चंडीगढ़ में 13 जनवरी तक स्कूल बंद
    चंडीगढ़ में लगातार बढ़ती ठंड और प्रतिकूल मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने सर्दी की छुट्टियां 13 जनवरी तक बढ़ा दी हैं। आदेश के अनुसार पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के साथ नॉन-बोर्ड 9वीं और 11वीं की पढ़ाई ‘फिजिकल मोड’ में नहीं होगी


    बंगाल की खाड़ी में गहरा दबाव
    दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार यह मौसम प्रणाली पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ी है। यह मौसम प्रणाली आगे भी उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ती रहेगी। शनिवारदोपहर इसके त्रिंकोमाली और जाफना के बीच उत्तरी श्रीलंका तट को पार करने की प्रबल संभावना है।


    हरियाणा और पंजाब के कई इलाकों में भयंकर सर्दी
    हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में शुक्रवार को तापमान पांच डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। मौसम विभाग ने बताया कि सिरसा, नारनौल, करनाल, भिवानी, हिसार और रोहतक में तापमान छह डिग्री से कम रहा। अंबाला में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री और फरीदाबाद में 6.8 डिग्री रहा। पंजाब में बठिंडा, गुरदासपुर, अमृतसर, लुधियाना, फरीदकोट, पटियाला में न्यूनतम तापमान सात से चार डिग्री तक रहा। दोनों राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

    कश्मीर: भीषण ठंड का प्रकोप जारी
    कश्मीर में तापमान हिमांक बिंदु से कई डिग्री नीचे गिरने के कारण श्रीनगर में इस मौसम की सबसे ठंडी रात दर्ज की गई, जिससे शुक्रवार को स्थानीय डल झील के कुछ हिस्से जम गए। न्यूनतम तापमान श्रीनगर में -6, पहलगाम में -7.6, गुलमर्ग में -7.2, सोनमर्ग में -5.4, काजीगुंड में -6.2, कोकेरनाग में -3.2 और कुपवाड़ा में -5.8 डिग्री रहा। 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने के साथ आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है।

    छत्तीसगढ़ : 28 दिन में ठंड से तीन की मौत
    छत्तीसगढ़ में हिमालय क्षेत्र से आ रही सर्द हवाओं के असर से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक 18 जिलों में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है। गुरुवार रात कोरबा जिले के सरई सिंगार निवासी 55 वर्षीय हरप्रसाद भैना की ठंड लगने से मौत हो गई। उनका शव कसईपाली स्थित यात्री प्रतीक्षालय में मिला। पिछले 28 दिनों के भीतर राज्य में ठंड से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।


    लद्दाख कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में
    केन्द्र शासित प्रदेश लद्दाख इन दिनों शीत लहर के साथ कड़ाके की ठंड की गिरफ्त में है। न्यूनतम तापमान द्रास में -24.6, लेह में -14.4, कारगिल में -13.2, पदुम में -20.3, न्योमा में -21.6 डिग्री रहा। विभाग के अनुसार 10 जनवरी तक न्यूनतम तापमान में काफी गिरावट आने का अनुमान है।

  • भारतीय सेना का सुपर रोबोटिक डॉग, एक रिमोट से चढ़ जाएगा ऊंची पहाड़ों पर

    भारतीय सेना का सुपर रोबोटिक डॉग, एक रिमोट से चढ़ जाएगा ऊंची पहाड़ों पर


    जयपुर। भारतीय सेना में शामिल हुए रोबोटिक म्यूल ने सेना का काम काफी आसान कर दिया है। दुर्गम स्थानों पर गोला बारूद, हथियार या भोजन सामग्री सहित अन्य सामान पहुंचाने में अब रोबोटिक म्यूल का इस्तेमाल किया जाने लगा है। दो साल पहले इसे भारतीय सेना में शामिल किया गया था। इससे पहले भारी भरकम सामान सैनिकों को अपने कंधों पर ले जाना पड़ता था लेकिन अब यह काम रोटोबिट म्यूल करता है।
    आम भाषा में लोग इसे रोबोट डॉग के नाम से जानते हैं।

    ऊंची पहाड़ी हो या उबड़ खाबड़ रास्ता, नहीं डगमगाता
    साल 2023 में इस रोबोटिक म्यूल को मिलिट्री इंटेलिजेंस में शामिल किया गया। जैसे एक इंसान जमीन पर चलता है। ठीक वैसे ही यह रोबोटिक म्यूल चलता है। चाहे ऊंची पहाड़ी हो, उबड़ खाबड़ रास्ता हो, अचानक चढाई या ढलान हो। हर तरह के दुर्गम रास्तों में यह रोबोटिक म्यूल आसानी से चल सकता है। इसे रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जाता है। आर्मी ऑफिसर कहते हैं कि इस रोबोटिक म्यूल के चारों ओर कैमरे लगे होते हैं। रिमोट से कंट्रोल करने वाला जवान इस पर नजर रखता है। जहां रास्ता दिखाई देता है, उस दिशा में इसे चलाया जाता है। इसकी कोई रेंज लिमिट नहीं हैं। जहां तक नेटवर्क मिलता रहेगा। तब तक इसे कंट्रोल करते हुए चलाया जा सकता है।

    रात्रि गश्त करने में भी माहिर
    यह रोबोटिक म्यूल 1 क्विंटल तक वजन उठा सकता है। कहीं गोला बारूद पहुंचाना हो या सैन्य जवानों के लिए भोजन और दवाइयों सहित अन्य सामग्री भिजवानी हो। ऐसे में इस रोबोटिक म्यूल का उपयोग किया जाता है।

    यह नदी को भी पार कर सकता है और ऊंची पहाड़ी पर भी आसानी से चढ़ सकता है। इसके जरिए रात्रि गश्त भी की जाने लगी है। लेटेस्ट टेक्नोलॉजी के इलेक्ट्रो-ऑप्टिक्स और इंफ्रारेड टेक्नोलॉजी से लैस रोटोबिक म्यूल रात्रि गश्त करने में भी माहिर है। इन्हें एआई मोड से संचालित कर निगरानी रखी जा सकती है।

    आर्मी डे की परेड में शामिल रोबोटिक म्यूल
    आर्मी डे के मौके पर पहली बार सैन्य छावनी के बाहर जयपुर की सड़कों पर सेना परेड हो रही है। परेड में अलग-अलग रेजिमेंट की टुकड़ियों के साथ रोबोटिक म्यूल को भी शामिल किया गया है।

    जयपुर के भवानी निकेतन परिसर में लगाई गई सेना की प्रदर्शनी में भी रोबोटिक म्यूल का प्रदर्शन किया गया है।

    सर्दी और गर्मी बेअसर
    इस रोबोटिक म्यूल पर सर्दी और गर्मी का कोई असर नहीं होता है। सेना के अधिकारियों का कहना है कि यह माइनस 40 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी आसानी से चल सकता है और अधिकतम 55 डिग्री सेल्सियस के तापमान में भी चल सकता है। भारतीय सेना में यह आधुनिकीकरण का एक बड़ा हिस्सा है।