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  • काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती

    काफिला विवाद के बाद नेताओं को CM की सीख: ‘कोई भड़काए तो खुद संभलना होगा’, BJP ने दिखाई सख्ती



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में निगम, मंडल, बोर्ड और प्राधिकरणों में नियुक्त नेताओं के काफिला और शक्ति प्रदर्शन विवाद के बाद अब सरकार और संगठन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहे हैं। भोपाल में आयोजित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने साफ संदेश दिया कि नेताओं को खुद अनुशासन में रहना होगा और किसी के उकसावे में आने से बचना होगा।

    CM बोले- सोशल मीडिया की ‘तीसरी आंख’ सब देख रही
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आज सोशल मीडिया हर गतिविधि पर नजर रखता है। नेताओं को समझदारी और संयम के साथ काम करना होगा।उन्होंने कहा, “अगर कोई आपको उलझाए या भड़काए तो उससे बचना आपको ही है। कोई दूसरा आपका मददगार नहीं होगा। आप खुद जवाबदार हैं।”

    मुख्यमंत्री ने नेताओं को सलाह दी कि शुरुआत के एक-दो महीने काम को समझने और सीखने में लगाएं। नियम-कानून के दायरे में रहकर काम करें और अपने संस्थानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास करें।

    उन्होंने यह भी कहा कि अहंकार से केवल नुकसान होगा। सरकार जब चाहे जिम्मेदारी बदल सकती है, इसलिए पद को सेवा का माध्यम मानकर काम करें।

    हेमंत खंडेलवाल बोले- दुखी मन से करनी पड़ी कार्रवाई
    Hemant Khandelwal ने हालिया विवादों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ घटनाओं की वजह से संगठन को दुखी मन से कार्रवाई करनी पड़ी।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपेक्षा है कि पार्टी के लोग ताकतवर बनें, लेकिन उस ताकत का इस्तेमाल जनता और कार्यकर्ताओं की सेवा के लिए होना चाहिए।

    खंडेलवाल ने कहा कि निगम-मंडलों में नियुक्त सभी लोगों का चयन मेरिट के आधार पर हुआ है और संगठन उनसे अनुशासन तथा जिम्मेदारी की अपेक्षा करता है।

    प्रदेश प्रभारी की चेतावनी- रोज जाएगी रिपोर्ट
    बीजेपी प्रदेश प्रभारी Mahendra Singh ने नेताओं को साफ तौर पर चेतावनी दी कि अब उनके कामकाज और व्यवहार की नियमित मॉनिटरिंग होगी।

    उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक रोज रिपोर्ट पहुंचेगी कि कौन क्या कर रहा है, उसका व्यवहार कैसा है और परिवार की भूमिका कितनी है। सरकार और संगठन दोनों मिलकर परफॉर्मेंस का मूल्यांकन करेंगे।साथ ही नेताओं को सोशल मीडिया सक्रिय रखने, अनुशासन बनाए रखने और सादगीपूर्ण जीवनशैली अपनाने की सलाह भी दी गई।

    18 विभागों के अधिकारियों ने दी ट्रेनिंग
    प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। नेताओं को वित्तीय प्रबंधन, प्रशासनिक प्रक्रिया, अधिकार, जिम्मेदारियां और विभागीय समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई।

    अधिकारियों ने समझाया कि निगम-मंडलों में काम करते समय सरकारी नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन कैसे करना है ताकि शासन व्यवस्था प्रभावित न हो।

    काफिला और शक्ति प्रदर्शन बना था विवाद की वजह
    हाल ही में कई निगम-मंडल अध्यक्षों द्वारा पदभार ग्रहण करने के दौरान बड़े-बड़े काफिले और वाहन रैलियां निकाली गई थीं। इनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बीजेपी संगठन को दिल्ली स्तर तक नाराजगी झेलनी पड़ी थी।

    इसके बाद पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए भिंड किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सज्जन सिंह ठाकुर को पद से हटा दिया। वहीं पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर को नोटिस जारी कर उनके अधिकार फिलहाल फ्रीज कर दिए गए।

    मंत्रियों और अफसरों से टकराव रोकने की तैयारी
    सरकार नहीं चाहती कि निगम-मंडलों में नियुक्त नेताओं और विभागीय मंत्रियों या अफसरों के बीच अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बने। इसी वजह से प्रशिक्षण में अधिकारों की सीमा और प्रशासनिक प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया।

  • मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    मार्च में 17 दिन मंत्री सुनेंगे जनता की समस्याएं, पांच मंत्रियों की इस महीने कोई ड्यूटी नहीं

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश बीजेपी कार्यालय में मार्च महीने के लिए मंत्री ड्यूटी का रोस्टर जारी कर दिया गया है। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने शनिवार-रविवार और सरकारी छुट्टियों को छोड़कर रोज़ाना एक मंत्री को कार्यालय में बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनने का निर्देश दिया है।

    कल यानी 2 मार्च को डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक कार्यालय में रहेंगे।

    मार्च में कुल 17 दिन मंत्रियों की ड्यूटी होगी। लेकिन इस महीने पांच मंत्रियों की एक भी दिन ड्यूटी नहीं लगी है। जिन मंत्रियों की ड्यूटी नहीं है, वे हैं:

    राकेश सिंह (PWD मंत्री)

    विश्वास सारंग (सहकारिता एवं खेल मंत्री)

    लखन पटेल (पशुपालन मंत्री)

    प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री)

    दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री)

    छुट्टियों के कारण ड्यूटी नहीं लगेगी:
    1 मार्च (रविवार), 3-5 मार्च (होली), 7 मार्च (शनिवार), 8 मार्च (रविवार), 14-15 मार्च (शनिवार-रविवार), 19 मार्च (गुड़ी पड़वा), 21-22 मार्च (शनिवार-रविवार), 27 मार्च (राम नवमी), 28-29 मार्च (शनिवार-रविवार)।

    मंत्रियों की तारीखवार ड्यूटी (मुख्य विवरण):

    2 मार्च, सोमवार – जगदीश देवड़ा (वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी), गौतम टेटवाल (कौशल विकास एवं रोजगार)

    6 मार्च, शुक्रवार – कुंवर विजय शाह (जनजातीय कार्य, भोपाल गैस त्रासदी राहत), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा)

    9 मार्च, सोमवार – राजेन्द्र शुक्ल (डिप्टी सीएम, लोक स्वास्थ्य), नारायण सिंह पंवार (मछुआ कल्याण एवं मत्स्य)

    10 मार्च, मंगलवार – प्रहलाद पटेल (पंचायत एवं श्रम), राधा सिंह (पंचायत राज)

    11 मार्च, बुधवार – उदय प्रताप सिंह (परिवहन एवं स्कूल शिक्षा), दिलीप जायसवाल (कुटीर एवं ग्रामोद्योग)

    12 मार्च, गुरुवार – करण सिंह वर्मा (राजस्व)

    13 मार्च, शुक्रवार – संपतिया उईके (PHE)

    16 मार्च, सोमवार – तुलसी सिलावट (जल संसाधन)

    17 मार्च, मंगलवार – एदल सिंह कंसाना (कृषि)

    18 मार्च, बुधवार – निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास)

    20 मार्च, शुक्रवार – नारायण सिंह कुशवाह (सामाजिक न्याय)

    23 मार्च, सोमवार – नागर सिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण)

    24 मार्च, मंगलवार – प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा)

    25 मार्च, बुधवार – राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा)

    26 मार्च, गुरुवार – चेतन्य काश्यप (MSME)

    30 मार्च, सोमवार – कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण)

    31 मार्च, मंगलवार – धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन एवं संस्कृति)

    इस व्यवस्था से आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं को सीधे मंत्री से मिलने और अपनी समस्याएं साझा करने का अवसर मिलेगा।