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  • श्रद्धा की भूल या घातक लापरवाही? भोपाल में 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर खाई चूहामार दवा, बोर्ड परीक्षा से पहले बुझ गया घर का चिराग

    श्रद्धा की भूल या घातक लापरवाही? भोपाल में 12वीं की छात्रा ने भभूत समझकर खाई चूहामार दवा, बोर्ड परीक्षा से पहले बुझ गया घर का चिराग

    ईटखेड़ी /राजधानी भोपाल के ईटखेड़ी इलाके से एक ऐसी खबर आई है जिसने न केवल एक परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि सुरक्षा और सावधानी को लेकर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ लांबाखेड़ा निवासी 17 वर्षीय वैष्णवी सेन, जो कि 12वीं कक्षा की छात्रा थी, एक भयावह दुर्घटना का शिकार हो गई। घर के मंदिर में जिसे वह श्रद्धावश ‘भभूत’ (पवित्र राख) समझकर खा रही थी, वह वास्तव में चूहों को मारने वाला घातक जहर था। नियति का क्रूर खेल देखिए कि जिस मंदिर में परिवार सुख-शांति की प्रार्थना करता था, वहीं अनजाने में रखी गई एक दवा ने जवान बेटी की जान ले ली।

    घटना की शुरुआत 26 जनवरी को हुई थी। जानकारी के अनुसार, वैष्णवी की मां घर में चूहों के उत्पात से परेशान थीं और उन्होंने चूहों को भगाने के उद्देश्य से पाउडरनुमा चूहामार दवा मंदिर के पास रख दी थी। इसी बीच वैष्णवी पूजा करने पहुँची और उसने अनजाने में उस पाउडर को मंदिर की भभूत समझ लिया। भक्ति और विश्वास के वशीभूत होकर उसने उस जहरीले पाउडर का सेवन कर लिया। उस समय उसे जरा भी आभास नहीं था कि यह कदम उसके जीवन का आखिरी कदम साबित होगा।

    दवा खाने के कुछ देर बाद वैष्णवी सामान्य रूप से अपनी कोचिंग चली गई, लेकिन वहां उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। घर लौटने पर जब उसे लगातार उल्टियां होने लगीं, तब परिजनों ने उससे पूछताछ की। वैष्णवी ने मासूमियत से जवाब दिया कि उसने मंदिर में रखी भभूत खाई है। यह सुनते ही मां के पैरों तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उन्हें पता था कि वह भभूत नहीं बल्कि जहर था। आनन-फानन में उसे भानपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया।

    परिजनों को लगा कि खतरा टल गया है, लेकिन जहर अपना असर दिखा चुका था। कुछ दिनों बाद वैष्णवी की हालत दोबारा गंभीर होने लगी। उसे तुरंत हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सोमवार सुबह उसने अंतिम सांस ली। वैष्णवी के पिता मनोज सेन और पूरा परिवार इस समय गहरे सदमे में है। सबसे दुखद पहलू यह है कि वैष्णवी की 10 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली थीं। वह भविष्य के सपने बुन रही थी और अपनी परीक्षाओं की तैयारी में जुटी थी, लेकिन एक छोटी सी गलतफहमी ने सब कुछ खत्म कर दिया।

    पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। एएसआई एस.के. बाजपेयी के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि घर में कीटनाशक या जहरीले पदार्थों को रखते समय अत्यंत सावधानी बरतनी चाहिए, विशेषकर उन जगहों पर जहाँ भ्रम की स्थिति पैदा हो सके। वैष्णवी की मौत ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ा दी है।