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  • सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव

    सीहोर को जल्द मिलेगी रेल सौगात ,इंदौर-जबलपुर ओवरनाइट ,एक्सप्रेस का होगा ठहराव


    सीहोर । सीहोर जिले के रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है जहां जल्द ही इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस का ठहराव सीहोर रेलवे स्टेशन पर शुरू हो सकता है इस प्रस्ताव को लेकर क्षेत्र के सांसद आलोक शर्मा ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की और यह बहुप्रतीक्षित मांग उनके सामने रखी जिसके बाद रेल मंत्री ने इस पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए मंजूरी का आश्वासन दिया है

    इस मुलाकात के दौरान सांसद ने स्पष्ट रूप से बताया कि सीहोर जिले में रेल सेवाओं का विस्तार समय की आवश्यकता बन चुका है क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी संख्या में यात्री इंदौर जबलपुर और अन्य प्रमुख शहरों की ओर यात्रा करते हैं वर्तमान में सीहोर स्टेशन पर सीमित ट्रेनों का ही ठहराव है जिससे यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है

    सांसद ने यह भी उल्लेख किया कि सीहोर संसदीय क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध तीर्थ स्थल कुबेरेश्वर धाम में देश भर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं ऐसे में बेहतर रेल कनेक्टिविटी की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है इसके अलावा जिले में शैक्षणिक व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है जिससे रेलवे सेवाओं पर दबाव बढ़ा है

    इसी को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 22191 और 22192 इंदौर जबलपुर ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव की मांग को प्रमुखता से रखा गया है जिससे न केवल स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा रेल मंत्री द्वारा इस मांग पर सकारात्मक संकेत मिलने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी मिल जाएगी और सीहोर को एक महत्वपूर्ण रेल कनेक्टिविटी की सौगात मिल सकेगी

    स्थानीय लोगों में इस संभावित निर्णय को लेकर उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि लंबे समय से सीहोर स्टेशन पर प्रमुख ट्रेनों के ठहराव की मांग की जा रही थी यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो सीहोर से इंदौर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों तक यात्रा और अधिक सुगम और तेज हो जाएगी जिससे क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी

  • मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल, रीवा में मेगा जल योजना से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर

    मुख्यमंत्री मोहन यादव की पहल, रीवा में मेगा जल योजना से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर


    भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को लेकर सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। इसी दिशा में रीवा संभाग में एक महत्वाकांक्षी जल प्रदाय योजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे लाखों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित इस योजना के तहत लगभग 2319.43 करोड़ रुपये की लागत से रीवा समूह जल प्रदाय परियोजना विकसित की जा रही है। इस परियोजना का क्रियान्वयन मध्यप्रदेश जल निगम की परियोजना इकाई द्वारा किया जा रहा है, जिसमें अब एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है।

    परियोजना के अंतर्गत जल शोधन संयंत्र तक रॉ वाटर सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया है, जिससे अब अगले चरणों में तेजी आने की संभावना है। यह किसी भी जल योजना के लिए एक अहम पड़ाव माना जाता है, क्योंकि इसके बाद पानी के शोधन और वितरण का कार्य तेज गति से किया जा सकता है।

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सम्पतिया उइके के मार्गदर्शन में इस योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत रीवा जिले के 677 गांवों और मऊगंज जिले के 936 गांवों को जोड़ा जा रहा है। इस प्रकार कुल 1613 गांवों को इस परियोजना से लाभ मिलेगा।

    योजना के पूर्ण होने पर लगभग 1.29 लाख ग्रामीण परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उन क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही जल संकट की समस्या का समाधान संभव होगा, जहां लोग अब तक स्वच्छ पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे।

    इस परियोजना में केवल पानी की उपलब्धता ही नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और निरंतर आपूर्ति पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आधुनिक जल शोधन संयंत्रों और मजबूत वितरण नेटवर्क के माध्यम से घर-घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी जल योजनाएं ग्रामीण जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं। स्वच्छ पेयजल मिलने से न केवल लोगों की दैनिक जीवनशैली सुधरती है, बल्कि जल जनित बीमारियों में भी कमी आती है।

    सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर ग्रामीण घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचे और लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना न पड़े। रीवा संभाग की यह योजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो आने वाले समय में विकास और स्वास्थ्य के नए मानक स्थापित कर सकती है।

    इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल जल संकट से राहत मिलेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन स्तर में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा। यह योजना प्रदेश में जल प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं के विकास का एक मजबूत उदाहरण बनकर सामने आ रही है।

  • एमपी में ब्यारमा नदी से 33 गांवों तक पानी पहुंचेगा, मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ की धुनय धाम परियोजना की दी मंजूरी

    एमपी में ब्यारमा नदी से 33 गांवों तक पानी पहुंचेगा, मुख्यमंत्री ने 600 करोड़ की धुनय धाम परियोजना की दी मंजूरी


    दमोह । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को दमोह जिले के नोहटा में ‘नोहलेश्वर महोत्सव 2026’ और किसान सम्मेलन में पहुंचे। उन्होंने जिले के विकास के लिए कई बड़े ऐलान किए और करोड़ों रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखी।

    ब्यारमा नदी से 33 गांवों तक पहुंचेगा पानी

    सीएम ने घोषणा की कि दमोह के 33 गांवों के किसानों के लिए ब्यारमा नदी से पानी पहुंचाने हेतु 600 करोड़ रुपए की धुनय धाम सिंचाई परियोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से हजारों किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा और क्षेत्र में कृषि गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।

    मानस भवन अब ‘गीता भवन’ बनेगा


    मुख्यमंत्री ने दमोह के मानस भवन को गीता भवन के रूप में विकसित करने की भी घोषणा की। इसके कायाकल्प और निर्माण कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपए की राशि मंजूर की गई है। सरकार की योजना है कि प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में ऐसे गीता भवन बनाए जाएं, जो सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र होंगे।
    नोहलेश्वर महोत्सव में सांस्कृतिक रंग
    नोहटा में मुख्यमंत्री का स्वागत जल संसाधन मंत्री धर्मेंद्र सिंह और पशुपालन मंत्री लखन पटेल ने किया। सम्मेलन में हजारों किसान और ग्रामीण मौजूद थे। मुख्यमंत्री के संबोधन से पहले मशहूर गायिका शहनाज अख्तर ने भजनों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।

    पर्यटन और अन्य घोषणाएं

    मुख्‍यमंत्री डॉ. यादव ने दमोह के राजनगर, सीतानगर और सत्धरू डैम में पर्यटन विकास के लिए भी मंजूरी दी। उन्होंने लाडली बहनों को 1500 रुपए देने की योजना का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर तीखे आरोप लगाए। सीएम ने कहा कि कांग्रेस सरकार के पास पैसे नहीं होने का बहाना बनाती है और साधु-संतों पर गोलियां चलाने जैसे आरोपों को भी उन्होंने विपक्ष पर लगाए।

    बता दें कि‍ नोहटा से मुख्यमंत्री छतरपुर के लिए रवाना होंगे, जहां वे बागेश्वर धाम में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम और कन्या विवाह महोत्सव में भाग लेंगे। यह दौरा दमोह और आसपास के ग्रामीण इलाकों में विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है।