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  • ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति

    ई-अटेंडेंस विवाद के बीच महिला शिक्षकों को राहत: संतान पालन अवकाश को माना जाएगा उपस्थिति


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश में शिक्षकों के तबादलों को लेकर चल रहे विवाद के बीच स्कूल शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन महिला शिक्षकों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा संतान पालन अवकाश (चाइल्ड केयर लीव) स्वीकृत किया गया है, उनकी अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस प्रणाली में उपस्थिति के रूप में मान्यता दी जाएगी। इस निर्णय से उन महिला शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता के कारण स्वैच्छिक तबादलों के लिए आवेदन करने में कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।

    प्रदेश में स्वैच्छिक तबादलों के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस को अनिवार्य शर्त बनाया है। इस फैसले का प्रदेश के करीब सवा चार लाख शिक्षकों द्वारा विरोध किया जा रहा था। विशेष रूप से महिला शिक्षकों का कहना था कि संतान पालन अवकाश के दौरान उनकी अनुपस्थिति को ई-अटेंडेंस में गैरहाजिरी माना जा रहा है, जिससे वे तबादला प्रक्रिया में पात्रता खो सकती हैं।

    इसी स्थिति को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि स्वीकृत संतान पालन अवकाश की अवधि को कार्य दिवसों में उपस्थिति के रूप में जोड़ा जाएगा। इससे महिला शिक्षकों की ई-अटेंडेंस प्रतिशतता प्रभावित नहीं होगी और वे तबादले के लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा कर सकेंगी।

    लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन महिला शिक्षकों को संतान पालन अवकाश स्वीकृत है, वे अपने प्रकरण से संबंधित आवेदन राज्य स्तरीय अभ्यावेदन निराकरण समिति को भेज सकती हैं। विभाग ने इसके लिए विशेष ई-मेल व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। समिति प्रत्येक मामले की जांच करेगी और पात्र पाए जाने पर अवकाश अवधि को ई-अटेंडेंस में उपस्थिति के रूप में दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।

    स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने जिलों में ऐसे सभी मामलों का संकलन कर उन्हें शीघ्र राज्य स्तरीय समिति को भेजें। इस आदेश की प्रतियां मंत्रालय, कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को भी भेज दी गई हैं, ताकि निर्णय का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

    शिक्षा विभाग का यह कदम ऐसे समय आया है जब ई-अटेंडेंस की शर्त को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा था। कई शिक्षक संगठनों ने इसे अव्यावहारिक बताते हुए सरकार से नियमों में संशोधन की मांग की थी। महिला शिक्षकों को मिली यह राहत विभाग की ओर से संतुलित समाधान की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय से न केवल महिला शिक्षकों की समस्याओं का समाधान होगा, बल्कि तबादला प्रक्रिया को अधिक संवेदनशील और न्यायसंगत बनाने में भी मदद मिलेगी। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि राज्य स्तरीय समिति इन मामलों का निराकरण कितनी तेजी से करती है और अन्य वर्गों के शिक्षकों की मांगों पर विभाग क्या रुख अपनाता है।

  • मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर

    मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: हायर सेकेंडरी स्कूल से हटाए गए अतिथि स्पेशल एजुकेटर


    भोपाल। मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग ने हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ अतिथि स्पेशल एजुकेटर को हटाने का बड़ा फैसला किया है ये स्पेशल एजुकेटर अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूलों में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाते थे और प्रदेश भर में हजारों ऐसे शिक्षक कार्यरत हैं

    शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा अभियान की आगामी स्वीकृति के संबंध में भारत सरकार से कोई दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हुआ इस स्थिति में अतिथि स्पेशल एजुकेटर की सेवाएं 31 मार्च तक ही ली जाएंगी

    पहले आदेश के अनुसार इनकी सेवाएं 30 अप्रैल 2026 तक लेने का निर्देश था, लेकिन इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है आदेश में स्पष्ट किया गया कि 31 मार्च के बाद यदि कोई स्पेशल एजुकेटर पदस्थ पाया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी संस्था प्राचार्य और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी

    इस फैसले के बाद स्कूलों में दिव्यांग बच्चों की पढ़ाई और शिक्षा संचालन पर असर पड़ सकता है, क्योंकि स्पेशल एजुकेटर बच्चों को विशेष रूप से पढ़ाने और उनकी जरूरतों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं शिक्षा विभाग के इस कदम को लेकर शिक्षा जगत और अभिभावकों में चिंता का माहौल है

    प्रदेश में अतिथि शिक्षक लंबे समय से सामाजिक और विशेष शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और उनकी सेवाओं का अचानक समाप्त होना स्कूलों के संचालन में व्यवधान पैदा कर सकता है इस फैसले के बाद संबंधित स्कूलों और जिला प्रशासन को सुनिश्चित करना होगा कि पढ़ाई प्रभावित न हो और बच्चों को आवश्यक शिक्षा समय पर मिलती रहे

  • 6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण

    6 फरवरी को देशभर में राष्ट्रीय आयोजन, मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में होगा सीधा प्रसारण


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 फरवरी को देशभर के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत संवाद करेंगे। यह आयोजन विद्यार्थियों को परीक्षा के तनाव से मुक्त करने और सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। परीक्षा पे चर्चा का यह राष्ट्रीय आयोजन शुक्रवार को आयोजित होगा और इसका सीधा प्रसारण देशभर में किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश में भी इस कार्यक्रम को विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है। प्रदेश के सभी शासकीय अशासकीय और शासन से अनुदान प्राप्त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया जाएगा। राज्य स्तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित किया जाएगा जिसमें विशिष्ट जन वरिष्ठ अधिकारी और अभिभावक विद्यार्थियों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे।स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह इस अवसर पर नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखंड के ग्राम तेंदूखेड़ा स्थित शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहेंगे और कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वर्ष 2018 से लगातार परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों से संवाद कर रहे हैं। यह कार्यक्रम इस वर्ष अपने नौवें संस्करण में प्रवेश कर चुका है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रातः 10 बजे नई दिल्ली से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए सवालों के उत्तर देंगे और परीक्षा से जुड़े मानसिक दबाव चिंता और तनाव से निपटने के उपाय साझा करेंगे।

    कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन के विभिन्न चैनलों डीडी नेशनल डीडी न्यूज डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनलों पीएमओ वेबसाइट mygov.in यूट्यूब एमओई फेसबुक लाइव स्वयंप्रभा चैनल दीक्षा चैनल के साथ साथ विभिन्न रेडियो चैनलों और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे नेटफ्लिक्स जियो हॉटस्टार और अमेजन प्राइम वीडियो पर भी किया जाएगा। अन्य निजी चैनलों द्वारा भी कार्यक्रम का प्रसारण किया जाएगा।

    प्रदेश में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में सहभागिता के लिए एक दिसंबर से ग्यारह जनवरी तक ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा दी गई थी। इस दौरान मध्यप्रदेश से कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित कुल 24 लाख 41 हजार 390 लोगों ने पंजीयन कर सहभागिता दर्ज कराई।

    स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों और प्रदेश के सभी विद्यालयों में कार्यक्रम को समारोहपूर्वक आयोजित किया जाएगा। विद्यालयों में टीवी प्रसारण के साथ साथ इंटरनेट आधारित उपकरणों जैसे कंप्यूटर और लैपटॉप पर भी कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की जा रही है। कार्यक्रम के सुचारू आयोजन को लेकर सभी कलेक्टरों और मैदानी अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए हैं।