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  • काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत

    काम के दौरान काल बन गई लकड़ी मंडला में मजदूर की दर्दनाक मौत


    मंडला । मध्यप्रदेश के मंडला जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है जिसने एक बार फिर कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिले के मोहगांव प्रोजेक्ट अंतर्गत देवरी दादर डिपो में बुधवार दोपहर एक श्रमिक की जान उस समय चली गई जब वह लकड़ी लोडिंग का काम कर रहा था

    जानकारी के अनुसार डिपो में भारी लकड़ियों को वाहन में लोड किया जा रहा था इसी दौरान अचानक लकड़ी का एक बड़ा छठ्ठा असंतुलित होकर एक मजदूर के ऊपर गिर गया हादसा इतना भयावह था कि श्रमिक गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तुरंत उसे उठाकर इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया

    घायल श्रमिक को Anjaniya Primary Health Centre लाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को गंभीर देखते हुए इलाज शुरू किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उसे मृत घोषित कर दिया गया इस घटना ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है

    मृतक की पहचान मोहगांव रैयत निवासी 55 वर्षीय छत्तर सिंह तेकाम के रूप में हुई है जो लंबे समय से डिपो में श्रमिक के रूप में कार्यरत थे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है वहीं अस्पताल में जैसे ही यह खबर पहुंची मृतक के परिजन भी वहां पहुंचे जहां उनका रो रोकर बुरा हाल हो गया

    इस हादसे के बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं उनका कहना है कि उन्हें शुरुआत में फोन पर केवल हल्की चोट लगने की जानकारी दी गई थी जबकि वास्तविक स्थिति बेहद गंभीर थी परिजनों का आरोप है कि हादसा मोहगांव प्रोजेक्ट के रसईया दोन डिपो में हुआ था लेकिन घायल को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बजाय स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जिससे समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका

    परिजनों ने यह भी मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते तो शायद मजदूर की जान बचाई जा सकती थी

    यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि कार्यस्थलों पर सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है खासकर ऐसे स्थानों पर जहां भारी मशीनरी और वजनदार सामग्री के साथ काम किया जाता है थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है

    प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह इस मामले की गंभीरता को समझते हुए न केवल जांच को निष्पक्ष रूप से पूरा करे बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाए ताकि किसी और परिवार को इस तरह का दर्द न झेलना पड़े

  • एमपी कैडर के IFS अधिकारी विपिन पटेल का अचानक इस्तीफा: निजी कारणों का दिया हवाला; जबलपुर में पदस्थापना के दौरान छोड़ी सेवा

    एमपी कैडर के IFS अधिकारी विपिन पटेल का अचानक इस्तीफा: निजी कारणों का दिया हवाला; जबलपुर में पदस्थापना के दौरान छोड़ी सेवा


    भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारतीय वन सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विपिन पटेल ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। साल 2013 बैच के अधिकारी विपिन पटेल ने अचानक सेवा छोड़ने का निर्णय लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने अपना आधिकारिक त्यागपत्र PCCF प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स को भेज दिया है।

    निजी कारणों से लिया फैसला

    विपिन पटेल ने अपने इस्तीफे के पीछे पूरी तरह से ‘निजी कारणों’ का हवाला दिया है। उन्होंने विभाग को सौंपे गए पत्र में स्पष्ट किया कि वे 4 फरवरी 2026 से अपनी सेवाओं को पूर्ण विराम देना चाहते हैं और इसी तारीख से सेवा से मुक्त होने की इच्छा जताई है। हालांकि, इतने वरिष्ठ स्तर के अधिकारी का अचानक इस्तीफा देना कई सवाल भी खड़े कर रहा है, लेकिन अभी तक आधिकारिक रूप से किसी अन्य कारण की पुष्टि नहीं हुई है।

    जबलपुर में थे पदस्थ, कई जिलों में रहा लंबा अनुभव

    इस्तीफा देने के समय विपिन पटेल जबलपुर प्लानिंग में डीएफओ के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनका प्रशासनिक करियर काफी सक्रिय रहा है। इससे पहले वे रीवा, दमोह, सतना और अनूपपुर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में विभिन्न पदों पर कार्यरत रह चुके हैं। क्षेत्र में उनकी पहचान एक कार्यकुशल और सुलझे हुए अधिकारी के रूप में रही है।

    प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

    एक अनुभवी आईएफएस अधिकारी का सेवाकाल के बीच में ही इस्तीफा देना वन विभाग के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। अब सबकी नजरें सरकार और विभाग के आला अधिकारियों पर टिकी हैं कि क्या उनका इस्तीफा तत्काल स्वीकार किया जाता है या फिर उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए मनाया जाएगा।