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  • मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती का ऐलान, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन

    मध्य प्रदेश में शिक्षा विभाग में बंपर भर्ती का ऐलान, 20 हजार पदों पर होगी नियुक्ति, आदिवासी क्षेत्रों में बनेंगे 200 नए स्कूल भवन


    भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित स्कूल शिक्षा विभाग के कार्यक्रम में विभाग के अंतर्गत 20 हजार पदों पर नई भर्ती करने की घोषणा की। इसके साथ ही प्रदेश में 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोलने और जनजातीय क्षेत्रों में 200 नए स्कूल भवन बनाने की योजना भी सामने रखी गई। सरकार का कहना है कि इन पहलों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। हालांकि नई भर्तियों की तारीख और चयन प्रक्रिया को लेकर अभी विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।

    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कहा कि राज्य सरकार अब तक 85 हजार नियुक्तियां कर चुकी है और आने वाले समय में स्कूल शिक्षा विभाग में 20 हजार पदों पर और भर्ती की जाएगी। इस घोषणा से उन युवाओं की उम्मीदें बढ़ी हैं जो शिक्षक और शिक्षा विभाग से जुड़े अन्य सरकारी पदों पर नौकरी पाने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल पदों में शिक्षकों और गैर शिक्षक कर्मचारियों के लिए कितनी रिक्तियां होंगी। भर्ती का विज्ञापन कब जारी होगा और चयन परीक्षा या अन्य प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी इसकी जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश में शिक्षा के बजट में हुई बढ़ोतरी का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2003 से पहले स्कूल शिक्षा विभाग का बजट करीब 400 करोड़ रुपये था जो अब बढ़कर 38 हजार करोड़ रुपये हो गया है। सरकार स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने के साथ शैक्षणिक माहौल मजबूत करने पर जोर दे रही है। इसी दिशा में सांदीपनि विद्यालयों के विस्तार की योजना तैयार की गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में फिलहाल 369 सांदीपनि विद्यालय संचालित हो रहे हैं और अब 200 नए विद्यालय खोलने की पहल की जा रही है। इन स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

    शिक्षा सुविधाओं के विस्तार में जनजातीय क्षेत्रों को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इन इलाकों में 200 नए विद्यालय भवन बनाए जाने की योजना है। नए भवन बनने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा और स्कूलों की बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। हालांकि इन भवनों का निर्माण किन जिलों में होगा और काम कब तक पूरा किया जाएगा इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। योजना के क्रियान्वयन से संबंधित जानकारी आगे जारी होने की उम्मीद है।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने करीब 950 लोगों को अनुकंपा नियुक्ति के आदेश भी सौंपे। इनमें 661 सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी 31 प्राथमिक शिक्षक और 262 चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में कई बार वर्षों लग जाते थे लेकिन अब इसमें तेजी लाने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि पदोन्नति के कारण खाली हुए पदों पर नियुक्तियों का रास्ता तैयार किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार के मुखिया की मृत्यु के बाद आश्रितों को समय पर नौकरी मिलना उनके लिए आर्थिक सहारा बन सकता है। उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों से ईमानदारी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा की। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं का भी उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले 500 विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए जाते थे जबकि अब 1 लाख 45 हजार विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। विद्यार्थियों को स्कूटी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब 20 हजार पदों पर प्रस्तावित भर्ती और नए विद्यालयों की योजना के संबंध में युवाओं तथा अभिभावकों की नजर सरकार की अगली आधिकारिक घोषणाओं पर रहेगी।

  • MP Sub Engineer भर्ती में नया नियम लागू, संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण, 13 अक्टूबर से दोबारा आवेदन शुरू

    MP Sub Engineer भर्ती में नया नियम लागू, संविदाकर्मियों के लिए 50% आरक्षण, 13 अक्टूबर से दोबारा आवेदन शुरू


    भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सब इंजीनियर ड्राफ्ट्समैन लैब टेक्नीशियन समेत अन्य समकक्ष पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया एक बार फिर शुरू होने जा रही है। हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद भर्ती नियमों में बदलाव किया गया है। अब पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही अलग अलग विभागों से अतिरिक्त रिक्त पदों की मांग भी प्राप्त हुई है। इन बदलावों के बाद मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल यानी MPESB ने समूह 3 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 के आवेदन दोबारा लेने का फैसला किया है।

    नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थी 13 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं आवेदन पत्र में संशोधन की सुविधा 13 अक्टूबर से 28 अक्टूबर तक उपलब्ध रहेगी। भर्ती परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच आयोजित किए जाने का प्रस्ताव है। संशोधित नियम पुस्तिका भी जल्द जारी की जाएगी। ऐसे में पहले आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों के साथ नए उम्मीदवारों को भी संशोधित भर्ती प्रक्रिया और पदों की संख्या से जुड़ी जानकारी पर नजर रखनी होगी।

    दरअसल जल संसाधन विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की ओर से 29 अगस्त 2026 को उपयंत्री पदों की भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। उस समय पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया था। इसके बाद जबलपुर के आधारताल निवासी राजू यादव समेत 24 संविदाकर्मियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता नवीन सैनी ने वर्ष 2023 की संशोधित नीति का हवाला देते हुए पात्र संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की मांग रखी थी।

    इस मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक कुमार सिंह की कोर्ट में होनी थी। सुनवाई से पहले ही जल संसाधन और पीएचई विभाग ने भर्ती नियम में संशोधन कर दिया। संशोधित आदेश में उपयंत्री भर्ती में पात्र संविदाकर्मियों के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान शामिल किया गया। इसके बाद MPESB ने भी भर्ती प्रक्रिया को संशोधित करते हुए आवेदन दोबारा लेने का निर्णय किया है।

    इससे पहले MPESB ने 18 अगस्त को समूह 3 संयुक्त भर्ती परीक्षा 2026 का विज्ञापन जारी किया था। इसमें कुल 1040 पदों पर भर्ती प्रस्तावित थी और 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आवेदन लिए गए थे। बाद में विभिन्न विभागों और शासकीय उपक्रमों की ओर से उपयंत्री के अतिरिक्त रिक्त पदों के मांगपत्र मंडल को प्राप्त हुए। दूसरी ओर आरक्षण से जुड़े नियमों में भी बदलाव हुआ। इसी वजह से भर्ती प्रक्रिया को नए सिरे से आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

    अब अभ्यर्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तारीख 13 अक्टूबर है। इसी दिन से आवेदन की प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी। संशोधित नियम पुस्तिका जारी होने के बाद पदों की संख्या आरक्षण व्यवस्था और पात्रता से जुड़ी शर्तों की पूरी जानकारी स्पष्ट होगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले नए नियमों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाएगी ताकि किसी तरह की गलती से बचा जा सके।

  • MP में पटवारियों को मिलेगा प्रमोशन का मौका 1050 नामों की सूची जारी जून 2007 तक नियुक्त कर्मचारियों पर नजर

    MP में पटवारियों को मिलेगा प्रमोशन का मौका 1050 नामों की सूची जारी जून 2007 तक नियुक्त कर्मचारियों पर नजर


    भोपाल। मध्यप्रदेश में पटवारियों के प्रमोशन को लेकर सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। राजस्व विभाग की ओर से 1050 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक यानी RI के पद पर पदोन्नति देने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सभी जिलों के कलेक्टरों से संबंधित पटवारियों की सेवा संबंधी जानकारी और सर्विस रिकॉर्ड मांगा गया है। विभाग की ओर से पात्रता से जुड़े नामों की सूची भी जारी की गई है।

    जानकारी के मुताबिक यह पदोन्नति प्रक्रिया सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी पदोन्नति नियम 2025 के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित कार्यपालिक एवं तकनीकी सेवा भर्ती नियम 2012 में किए गए संशोधन के प्रावधानों को भी आधार बनाया जा रहा है। विभाग ने पात्र पटवारियों की जानकारी जुटाने के लिए जिलों को निर्देश जारी किए हैं।

    इस प्रक्रिया में उम्र और नियुक्ति की तारीख को महत्वपूर्ण आधार माना गया है। विभाग की ओर से 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 50 साल से कम उम्र वाले पटवारियों की सूची तैयार की गई है। इसके साथ ही ऐसे पटवारियों को भी सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं जिनकी पटवारी संवर्ग में नियुक्ति जून 2007 या उससे पहले हुई है।

    राजस्व विभाग ने कलेक्टरों से कहा है कि यदि किसी ऐसे पटवारी का नाम मौजूदा सूची में नहीं है जो निर्धारित उम्र और नियुक्ति संबंधी शर्तों को पूरा करता है तो उसका नाम भी शामिल किया जाए। इसके लिए सेवा से संबंधित रिकॉर्ड और आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है। यह जानकारी संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार के माध्यम से तैयार कराई जाएगी।

    विभाग ने जानकारी जमा करने के लिए 30 सितंबर 2026 की समय सीमा तय की है। निर्देश के मुताबिक संबंधित जानकारी 30 सितंबर को सुबह 10 बजे तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद पदोन्नति से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

    पटवारियों के प्रमोशन की यह प्रक्रिया ऐसे समय में सामने आई है जब स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री के काम को लेकर पटवारियों की ओर से आपत्तियां भी जताई गई हैं। योजना के तहत पटवारियों को रजिस्ट्रीकर्ता की भूमिका दिए जाने पर कर्मचारी संगठन और पटवारियों ने भविष्य की कानूनी जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं।

    पटवारियों का कहना है कि जमीन का स्वामित्व लाभार्थी और शासन के बीच दस्तावेजी प्रक्रिया का विषय है। ऐसे में पटवारी को रजिस्ट्री का निष्पादक बनाए जाने से भविष्य में विवाद की स्थिति में व्यक्तिगत कानूनी जिम्मेदारी का सवाल खड़ा हो सकता है। उनका कहना है कि आबादी भूमि के मामलों में केवल नक्शे और खसरे के आधार पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती।

    पटवारियों के अनुसार वास्तविक कब्जा वारिस सह स्वामित्व चतुर्सीमा पुराने दावे और न्यायालय में लंबित विवाद जैसे कई पहलू भी सामने आ सकते हैं। भविष्य में यदि किसी व्यक्ति की ओर से स्वामित्व को चुनौती दी जाती है तो रजिस्ट्री प्रक्रिया में शामिल पटवारी भी कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बन सकता है। इसी वजह से इस जिम्मेदारी को लेकर आपत्तियां सामने आई हैं।

    अब विभाग की ओर से 1050 पटवारियों के सेवा रिकॉर्ड जुटाए जाने के बाद प्रमोशन प्रक्रिया पर आगे की कार्रवाई होगी। जिलों से जानकारी मिलने के बाद पात्रता और सेवा संबंधी रिकॉर्ड के आधार पर पदोन्नति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

  • सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर एमपी में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज

    सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर एमपी में 85 हजार पदों पर भर्ती की तैयारी तेज


    भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के सरकारी विभागों में खाली पड़े करीब 85 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने इन पदों को भरने के साथ अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों को भी भर्ती के दायरे में शामिल करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुताबिक कर्मचारी चयन मंडल ESB और मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग MPPSC के माध्यम से वर्ष 2026 में रिक्त पदों के विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने का काम आगे बढ़ रहा है।

    सरकारी विभागों में लंबे समय से कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी के कारण कामकाज प्रभावित होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इसी को देखते हुए दिसंबर 2025 से रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को तेज करने का निर्णय लिया गया था। सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से अलग अलग विभागों से रिक्त पदों की जानकारी जुटाई गई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने करीब एक लाख पदों पर भर्ती के निर्देश दिए थे। अब विभागवार रिक्तियों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    सरकार की भर्ती प्रक्रिया में ESB और MPPSC के अलावा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से होने वाली भर्तियां भी शामिल हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती की कार्रवाई इसका एक उदाहरण है। विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के 781 पद और आंगनबाड़ी सहायिका के 1767 पद यानी कुल 2548 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है।

    सरकार की योजना केवल मौजूदा रिक्त पदों तक सीमित नहीं है। राज्य में करीब दस साल से रुकी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया भी शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार पहले दौर की विभागीय पदोन्नति समिति यानी डीपीसी के बाद करीब एक लाख अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इसके बाद विभागों में पदोन्नति के कारण जो पद खाली हुए हैं उनकी भी गणना कराई जा रही है।

    पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पदों की जानकारी जुटने के बाद संबंधित विभागों को उन पदों पर भर्ती के लिए निर्देश दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि आने वाले समय में सरकारी विभागों में वर्तमान रिक्तियों के साथ पदोन्नति के कारण खाली होने वाले पदों पर भी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे अलग अलग विभागों में कर्मचारियों की कमी दूर करने की दिशा में सरकार की भर्ती योजना का दायरा बढ़ेगा।

    कर्मचारी संगठनों ने भी रिक्त पदों पर भर्ती की जरूरत पर जोर दिया है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के प्रांतीय महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा कि रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया केवल एक बार की कवायद नहीं होनी चाहिए बल्कि इसे लगातार जारी रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि घोषणाओं के बाद कई बार विभागीय स्तर पर कार्रवाई में देरी होती है इसलिए भर्ती और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं पर लगातार प्रक्रिया चलना जरूरी है।

    फिलहाल ESB और MPPSC के जरिए होने वाली भर्तियों पर युवाओं की नजर रहेगी। सरकार की ओर से वर्ष 2026 में रिक्त पदों के विज्ञापन जारी करने और भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले महीनों में अलग अलग विभागों के पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी होने के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को नए अवसर मिल सकते हैं।

  • जंतर-मंतर आंदोलन के बाद MP में सरकारी भर्तियों की रफ्तार तेज, डेढ़ महीने में 35% ज्यादा पदों के विज्ञापन; अब 19 हजार नौकरियों की तैयारी

    जंतर-मंतर आंदोलन के बाद MP में सरकारी भर्तियों की रफ्तार तेज, डेढ़ महीने में 35% ज्यादा पदों के विज्ञापन; अब 19 हजार नौकरियों की तैयारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती के मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जनवरी से जून 2026 के मुकाबले जुलाई और अगस्त में सरकारी भर्तियों के विज्ञापन तेजी से जारी हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से जून तक 7,723 पदों के लिए विज्ञापन निकाले गए थे जबकि 1 जुलाई से 21 अगस्त के बीच ही 10,399 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी हो चुके हैं। यानी करीब डेढ़ महीने में पहले छह महीनों की तुलना में 2,676 अधिक पदों पर भर्ती निकली और इसमें लगभग 34.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

    भर्तियों में यह तेजी उस दौर में आई जब बेरोजगारी और लंबित भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं का आंदोलन चल रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बैनर तले युवाओं ने 6 जून से 25 जुलाई तक जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान युवाओं ने सरकारी भर्तियों की संख्या बढ़ाने लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग उठाई थी। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ भर्तियों की प्रक्रिया पहले धीमी गति से आगे बढ़ रही थी लेकिन आंदोलन के बाद कई विभागों ने रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी दिखाई।

    आंदोलन से पहले यानी जनवरी से जून के बीच MPESB MPPSC और अन्य विभागों के जरिए कुल 7,723 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी हुए थे। इनमें MPESB के 5,346 पद शामिल थे। इन पदों में आईटीआई ट्रेनिंग ऑफिसर पुलिस एएसआई वनरक्षक जेल प्रहरी और नर्सिंग ऑफिसर जैसी भर्तियां शामिल रहीं। MPPSC के जरिए 1,391 पदों पर भर्ती निकली जबकि पुलिस बैंड आरक्षक के 679 पदों के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन MPSEDC MPPCB MPBDC और अन्य विभागों में भी पदों के विज्ञापन जारी हुए।

    भर्ती प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव आंदोलन खत्म होने के आसपास देखने को मिला। 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त हुआ और इसके अगले ही दिन 26 जुलाई को 4,771 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए गए। इससे पहले 23 जुलाई को सरकार ने पुलिस विभाग में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी थी। इनमें 8,500 आरक्षक GD और चालक के पद शामिल हैं। खास बात यह है कि पुलिस विभाग में इतनी बड़ी भर्ती करीब आठ साल बाद होने जा रही है।

    सिर्फ नए विज्ञापन ही नहीं बल्कि लंबित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की दिशा में भी तेजी दिखाई दी। 4,848 पदों के लिए हुई परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए। इनमें 2,873 पदों के परिणाम 26 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जारी हुए। यानी आंदोलन खत्म होने के बाद नए विज्ञापनों के साथ पुराने भर्ती परिणामों को जारी करने का काम भी तेज हुआ।

    अब युवाओं की नजर सितंबर से दिसंबर 2026 के भर्ती कैलेंडर पर है। MPESB के संशोधित कैलेंडर के मुताबिक इस अवधि में 11 बड़ी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं जिनमें कुल 19,062 पद शामिल हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अवसरों का दायरा और बढ़ सकता है।

    सरकार ने भी सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को वर्ष 2026 में एक लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती का लक्ष्य घोषित किया। इसके साथ 2027-28 तक करीब दो लाख सरकारी पदों पर भर्ती अभियान की रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है। सरकार ने पांच साल में 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का लक्ष्य भी रखा है।

    भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवेदन से लेकर रिजल्ट तक डिजिटल सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष ऐप लाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए विशेष कानून बनाने की तैयारी भी बताई गई है।

    कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों की तस्वीर आने वाले महीनों में और बदल सकती है। जुलाई-अगस्त में बढ़ी भर्ती की रफ्तार और सितंबर से दिसंबर तक प्रस्तावित 19 हजार से ज्यादा पद युवाओं के लिए बड़ा अवसर हैं। हालांकि अभ्यर्थियों के लिए जरूरी होगा कि वे आधिकारिक भर्ती कैलेंडर आवेदन की तारीख पात्रता और परीक्षा कार्यक्रम पर नजर रखें क्योंकि केवल विज्ञापन जारी होना नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है बल्कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में सफलता हासिल करना जरूरी होगा।

  • ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल

    ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से ग्रुप-3 के तहत 1040 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती में सब इंजीनियर ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 18 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती के लिए संयुक्त परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए भी सीमित समय है।

    ग्रुप-3 भर्ती में अलग-अलग विभागों और संस्थानों के कई पद शामिल किए गए हैं। इनमें भोपाल विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 36 पद और इंदौर विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 44 पद बताए गए हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन और अन्य समकक्ष पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। पदों की योग्यता और संबंधित तकनीकी शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपने पद की पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।

    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्र आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित है जबकि OBC EWS दिव्यांगजन SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपए प्रति प्रश्नपत्र शुल्क रखा गया है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को शुल्क और अन्य प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए।

    ग्रुप-3 की संयुक्त भर्ती परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तारीख शिफ्ट और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र के माध्यम से मिलेगी। इसलिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभ्यर्थियों को कर्मचारी चयन मंडल की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर लगातार नजर रखनी होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी होने के बाद उसमें दिए गए केंद्र और समय की जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी होगा।

    परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए पहचान और दस्तावेजों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं। आधार कार्ड का UIDAI से सत्यापन होना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा वोटर आईडी PAN कार्ड आधार ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से किसी एक मूल पहचान पत्र को साथ रखना होगा। उम्मीदवार को आधार कार्ड या ई आधार की कॉपी भी अपने साथ रखनी होगी। आधार नंबर या VID की आवश्यकता पड़ सकती है।

    परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए उम्मीदवारों को आधार का Unlock Status सुनिश्चित रखना होगा। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है इसलिए उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचना चाहिए। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन कैलकुलेटर डिजिटल वॉच और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना मान्य नहीं होगा।

    उम्मीदवारों को आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखना चाहिए क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ सकती है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और काला बॉल पेन साथ ले जाना जरूरी होगा। परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। नियुक्ति के समय संबंधित प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी इसलिए आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन भी भर्ती से जुड़ी पात्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपने रोजगार पंजीयन की स्थिति पहले ही जांच लेनी चाहिए। बैगा सहरिया और भारिया जनजाति के उम्मीदवारों को इस भर्ती परीक्षा से अलग से छूट नहीं दी गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि एक साथ 1040 पदों पर नियुक्ति का मौका मिल रहा है। आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों को अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा कर लेना चाहिए। साथ ही परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखते हुए विषयवार तैयारी शुरू करना भी जरूरी है। आवेदन से पहले उम्मीदवार आधिकारिक भर्ती नियम पात्रता पदवार योग्यता और दस्तावेजों की शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

  • सरकारी भर्तियों का बदलेगा पैटर्न: अब ESB लेगा सिर्फ पात्रता परीक्षा, विभाग सीधे स्कोरकार्ड से करेंगे चयन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार अब भर्तियों के मौजूदा पैटर्न को बदलने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल अब केवल पात्रता परीक्षा यानी एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा, जबकि संबंधित विभाग उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड के आधार पर सीधे चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

    इस नई प्रणाली को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्ताव का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जा चुका है, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग से इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में सरकारी भर्तियों का पूरा सिस्टम नए स्वरूप में लागू हो जाएगा।

    फिलहाल मध्यप्रदेश में किसी भी सरकारी भर्ती को पूरा होने में औसतन एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है। परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया लंबी होने के कारण न केवल विभागों में पद खाली रहते हैं, बल्कि अभ्यर्थियों को भी लंबे इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस पूरी प्रक्रिया को दो से ढाई महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    नई प्रणाली से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों और विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार पात्रता परीक्षा पास करने के बाद उनका स्कोरकार्ड मान्य रहेगा और विभिन्न विभाग अपनी जरूरत के अनुसार उसी स्कोरकार्ड के आधार पर उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि युवाओं पर परीक्षा का मानसिक दबाव भी कम होगा।

    सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों की संभावना भी कम होगी। साथ ही विभागों को भी समय पर योग्य उम्मीदवार मिल सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार तेज होगी। ESB की भूमिका अब परीक्षा आयोजन तक सीमित रहेगी, जबकि चयन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित विभागों के पास होगी।

    प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर माना जा रहा है। लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी और बार-बार परीक्षा देने की समस्या को लेकर युवाओं में असंतोष था। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सरकारी भर्तियां देश के सबसे तेज और सरल सिस्टम में गिनी जा सकती हैं।