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  • जंतर-मंतर आंदोलन के बाद MP में सरकारी भर्तियों की रफ्तार तेज, डेढ़ महीने में 35% ज्यादा पदों के विज्ञापन; अब 19 हजार नौकरियों की तैयारी

    जंतर-मंतर आंदोलन के बाद MP में सरकारी भर्तियों की रफ्तार तेज, डेढ़ महीने में 35% ज्यादा पदों के विज्ञापन; अब 19 हजार नौकरियों की तैयारी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती के मोर्चे पर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। जनवरी से जून 2026 के मुकाबले जुलाई और अगस्त में सरकारी भर्तियों के विज्ञापन तेजी से जारी हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से जून तक 7,723 पदों के लिए विज्ञापन निकाले गए थे जबकि 1 जुलाई से 21 अगस्त के बीच ही 10,399 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी हो चुके हैं। यानी करीब डेढ़ महीने में पहले छह महीनों की तुलना में 2,676 अधिक पदों पर भर्ती निकली और इसमें लगभग 34.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

    भर्तियों में यह तेजी उस दौर में आई जब बेरोजगारी और लंबित भर्ती परीक्षाओं को लेकर युवाओं का आंदोलन चल रहा था। कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के बैनर तले युवाओं ने 6 जून से 25 जुलाई तक जंतर-मंतर समेत विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान युवाओं ने सरकारी भर्तियों की संख्या बढ़ाने लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी करने और भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग उठाई थी। मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कुछ भर्तियों की प्रक्रिया पहले धीमी गति से आगे बढ़ रही थी लेकिन आंदोलन के बाद कई विभागों ने रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी दिखाई।

    आंदोलन से पहले यानी जनवरी से जून के बीच MPESB MPPSC और अन्य विभागों के जरिए कुल 7,723 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी हुए थे। इनमें MPESB के 5,346 पद शामिल थे। इन पदों में आईटीआई ट्रेनिंग ऑफिसर पुलिस एएसआई वनरक्षक जेल प्रहरी और नर्सिंग ऑफिसर जैसी भर्तियां शामिल रहीं। MPPSC के जरिए 1,391 पदों पर भर्ती निकली जबकि पुलिस बैंड आरक्षक के 679 पदों के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन MPSEDC MPPCB MPBDC और अन्य विभागों में भी पदों के विज्ञापन जारी हुए।

    भर्ती प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव आंदोलन खत्म होने के आसपास देखने को मिला। 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त हुआ और इसके अगले ही दिन 26 जुलाई को 4,771 पदों पर भर्ती के विज्ञापन जारी किए गए। इससे पहले 23 जुलाई को सरकार ने पुलिस विभाग में 9,662 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी थी। इनमें 8,500 आरक्षक GD और चालक के पद शामिल हैं। खास बात यह है कि पुलिस विभाग में इतनी बड़ी भर्ती करीब आठ साल बाद होने जा रही है।

    सिर्फ नए विज्ञापन ही नहीं बल्कि लंबित भर्ती परीक्षाओं के परिणाम जारी करने की दिशा में भी तेजी दिखाई दी। 4,848 पदों के लिए हुई परीक्षाओं के परिणाम घोषित किए गए। इनमें 2,873 पदों के परिणाम 26 जुलाई से 21 अगस्त के बीच जारी हुए। यानी आंदोलन खत्म होने के बाद नए विज्ञापनों के साथ पुराने भर्ती परिणामों को जारी करने का काम भी तेज हुआ।

    अब युवाओं की नजर सितंबर से दिसंबर 2026 के भर्ती कैलेंडर पर है। MPESB के संशोधित कैलेंडर के मुताबिक इस अवधि में 11 बड़ी भर्ती परीक्षाएं प्रस्तावित हैं जिनमें कुल 19,062 पद शामिल हैं। इसका मतलब है कि आने वाले महीनों में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अवसरों का दायरा और बढ़ सकता है।

    सरकार ने भी सरकारी नौकरियों को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को वर्ष 2026 में एक लाख सरकारी नौकरियों की भर्ती का लक्ष्य घोषित किया। इसके साथ 2027-28 तक करीब दो लाख सरकारी पदों पर भर्ती अभियान की रूपरेखा तैयार करने की बात कही गई है। सरकार ने पांच साल में 2.5 लाख सरकारी पदों पर भर्ती का लक्ष्य भी रखा है।

    भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवेदन से लेकर रिजल्ट तक डिजिटल सिस्टम विकसित करने की तैयारी है। अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराने के लिए विशेष ऐप लाने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए विशेष कानून बनाने की तैयारी भी बताई गई है।

    कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में सरकारी भर्तियों की तस्वीर आने वाले महीनों में और बदल सकती है। जुलाई-अगस्त में बढ़ी भर्ती की रफ्तार और सितंबर से दिसंबर तक प्रस्तावित 19 हजार से ज्यादा पद युवाओं के लिए बड़ा अवसर हैं। हालांकि अभ्यर्थियों के लिए जरूरी होगा कि वे आधिकारिक भर्ती कैलेंडर आवेदन की तारीख पात्रता और परीक्षा कार्यक्रम पर नजर रखें क्योंकि केवल विज्ञापन जारी होना नौकरी मिलने की गारंटी नहीं है बल्कि चयन प्रक्रिया के हर चरण में सफलता हासिल करना जरूरी होगा।

  • ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल

    ग्रुप-3 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, MP में बंपर पदों पर मौका; आवेदन शुल्क से लेकर परीक्षा तक जानें पूरी डिटेल


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल की ओर से ग्रुप-3 के तहत 1040 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती में सब इंजीनियर ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 18 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती के लिए संयुक्त परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। ऐसे में उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के साथ परीक्षा की तैयारी के लिए भी सीमित समय है।

    ग्रुप-3 भर्ती में अलग-अलग विभागों और संस्थानों के कई पद शामिल किए गए हैं। इनमें भोपाल विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 36 पद और इंदौर विकास प्राधिकरण में सब इंजीनियर के 44 पद बताए गए हैं। इसके अलावा ड्राफ्ट्समैन प्रयोगशाला तकनीशियन और अन्य समकक्ष पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। पदों की योग्यता और संबंधित तकनीकी शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और अपने पद की पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।

    इस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। पात्र आरक्षित श्रेणियों के उम्मीदवारों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट दी जाएगी। आवेदन शुल्क की बात करें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपए शुल्क निर्धारित है जबकि OBC EWS दिव्यांगजन SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 250 रुपए प्रति प्रश्नपत्र शुल्क रखा गया है। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को शुल्क और अन्य प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से जांचनी चाहिए।

    ग्रुप-3 की संयुक्त भर्ती परीक्षा 6 अक्टूबर 2026 से आयोजित की जाएगी। परीक्षा की तारीख शिफ्ट और परीक्षा केंद्र से जुड़ी जानकारी उम्मीदवारों को प्रवेश पत्र के माध्यम से मिलेगी। इसलिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभ्यर्थियों को कर्मचारी चयन मंडल की ओर से जारी होने वाले अपडेट पर लगातार नजर रखनी होगी। परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी होने के बाद उसमें दिए गए केंद्र और समय की जानकारी को ध्यान से देखना जरूरी होगा।

    परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए पहचान और दस्तावेजों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण नियम भी हैं। आधार कार्ड का UIDAI से सत्यापन होना जरूरी बताया गया है। इसके अलावा वोटर आईडी PAN कार्ड आधार ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट में से किसी एक मूल पहचान पत्र को साथ रखना होगा। उम्मीदवार को आधार कार्ड या ई आधार की कॉपी भी अपने साथ रखनी होगी। आधार नंबर या VID की आवश्यकता पड़ सकती है।

    परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था रहेगी। इसके लिए उम्मीदवारों को आधार का Unlock Status सुनिश्चित रखना होगा। परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता है इसलिए उम्मीदवारों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पहुंचना चाहिए। परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन कैलकुलेटर डिजिटल वॉच और अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाना मान्य नहीं होगा।

    उम्मीदवारों को आवेदन क्रमांक सुरक्षित रखना चाहिए क्योंकि आगे की प्रक्रिया में इसकी जरूरत पड़ सकती है। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश पत्र और काला बॉल पेन साथ ले जाना जरूरी होगा। परीक्षा शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी। नियुक्ति के समय संबंधित प्रमाण पत्रों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी इसलिए आवेदन में दी गई जानकारी और दस्तावेजों में किसी तरह की गलती नहीं होनी चाहिए।

    मध्य प्रदेश के रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन भी भर्ती से जुड़ी पात्रता का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए अभ्यर्थियों को अपने रोजगार पंजीयन की स्थिति पहले ही जांच लेनी चाहिए। बैगा सहरिया और भारिया जनजाति के उम्मीदवारों को इस भर्ती परीक्षा से अलग से छूट नहीं दी गई है। ऐसे अभ्यर्थियों को अनुसूचित जनजाति श्रेणी में आवेदन करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर है क्योंकि एक साथ 1040 पदों पर नियुक्ति का मौका मिल रहा है। आवेदन की अंतिम तारीख नजदीक होने के कारण उम्मीदवारों को अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा कर लेना चाहिए। साथ ही परीक्षा की तारीख को ध्यान में रखते हुए विषयवार तैयारी शुरू करना भी जरूरी है। आवेदन से पहले उम्मीदवार आधिकारिक भर्ती नियम पात्रता पदवार योग्यता और दस्तावेजों की शर्तों को अच्छी तरह पढ़ लें ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

  • सरकारी भर्तियों का बदलेगा पैटर्न: अब ESB लेगा सिर्फ पात्रता परीक्षा, विभाग सीधे स्कोरकार्ड से करेंगे चयन


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया को सरल, तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार अब भर्तियों के मौजूदा पैटर्न को बदलने की तैयारी में है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी चयन मंडल अब केवल पात्रता परीक्षा यानी एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करेगा, जबकि संबंधित विभाग उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड के आधार पर सीधे चयन प्रक्रिया पूरी करेंगे।

    इस नई प्रणाली को लेकर शासन स्तर पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। मुख्य सचिव के समक्ष प्रस्ताव का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया जा चुका है, जिसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग से इसे सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की हरी झंडी मिलते ही प्रदेश में सरकारी भर्तियों का पूरा सिस्टम नए स्वरूप में लागू हो जाएगा।

    फिलहाल मध्यप्रदेश में किसी भी सरकारी भर्ती को पूरा होने में औसतन एक से डेढ़ साल का समय लग जाता है। परीक्षा, परिणाम, दस्तावेज सत्यापन और चयन प्रक्रिया लंबी होने के कारण न केवल विभागों में पद खाली रहते हैं, बल्कि अभ्यर्थियों को भी लंबे इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद इस पूरी प्रक्रिया को दो से ढाई महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    नई प्रणाली से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अभ्यर्थियों को अलग-अलग पदों और विभागों के लिए बार-बार परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार पात्रता परीक्षा पास करने के बाद उनका स्कोरकार्ड मान्य रहेगा और विभिन्न विभाग अपनी जरूरत के अनुसार उसी स्कोरकार्ड के आधार पर उम्मीदवारों का चयन कर सकेंगे। इससे न केवल समय और खर्च की बचत होगी, बल्कि युवाओं पर परीक्षा का मानसिक दबाव भी कम होगा।

    सरकार का मानना है कि इस बदलाव से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों की संभावना भी कम होगी। साथ ही विभागों को भी समय पर योग्य उम्मीदवार मिल सकेंगे, जिससे प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार तेज होगी। ESB की भूमिका अब परीक्षा आयोजन तक सीमित रहेगी, जबकि चयन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित विभागों के पास होगी।

    प्रदेश के लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए यह बदलाव राहत भरी खबर माना जा रहा है। लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में देरी और बार-बार परीक्षा देने की समस्या को लेकर युवाओं में असंतोष था। यदि कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है, तो आने वाले समय में मध्यप्रदेश की सरकारी भर्तियां देश के सबसे तेज और सरल सिस्टम में गिनी जा सकती हैं।