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  • इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य

    इंदौर के भागीरथपुरा में फूड पाइजनिंग के कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ी,सभी की स्थित सामान्य


    इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में शनिवार की रात एक बच्चे की जन्मदिन पार्टी में आए मेहमान उल्टी-दस्त का शिकार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्वास्थ्य केन्द्रों में इलाज कराने गए। राहत की बात है कि कोई गंभीर बीमार नहीं हुआ। चार लोगों को एमवाय अस्पताल में भर्ती किया गया है।


    मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि शनिवार देर रात भागीरथपुरा क्षेत्र स्थित शर्मा गली में आयोजित एक जन्मदिन पार्टी में भोजन ग्रहण करने के बाद कुछ नागरिकों की तबीयत खराब हो गई थी। सभी 6 नागरिकों का स्वास्थ्य वर्तमान में पूरी तरह सामान्य एवं ठीक है।

    डॉ. हासानी ने बताया कि शनिवार को भागीरथपुरा में आयोजित जन्मदिन समारोह में लगभग 60 रिश्तेदार शामिल हुए थे, जिन्होंने रात करीब 11 बजे भोजन किया था। इसके बाद रविवार को कुछ लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या सामने आई। प्रभावित व्यक्तियों का उपचार किया गया तथा एहतियात के तौर पर उन्हें एम.वाय.अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि सभी मरीजों की स्थिति सामान्य है और किसी प्रकार की गंभीरता नहीं है।

    सीएमएचओ डॉ. हासानी ने नागरिकों एवं मीडिया से अनुरोध किया है कि इस घटना को अनावश्यक रूप से बहुप्रसारित न करें तथा अफवाहों पर ध्यान न दें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर सतत निगरानी बनाए हुए है।

    दरअसल, भागीरथपुरा की शुक्ला गली में आकाश मुक्शिया के बेटे का जन्मदिन शनिवार को मनाया गया। उन्होंने अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुलाया था। खाने में दाल-बाफलेँ, लड्डू और अन्य व्यंजन थे। रविवार सुबह कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। मुक्शिया के अनुसार 30 से ज्यादा लोग बीमार हुए। मामला भोजन से जुड़ा होने के कारण खाद्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने भोजन के सैंपल लिए हैं। इसके अलावा नगर निगम ने भी पानी के सैंपल लिए हैं। अभी तक रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।

    आकाश ने बताया कि घर पर ही खाना बनाया था। 60 से ज्यादा मेहमानों को बुलाया गया था। खाने में हमने बोरिंग का पानी उपयोग में लिया था। फिलहाल डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की बात कही है। आकाश ने कहा कि मेरी पत्नी, भाई और भाभी भी बीमार हैं। उन्हें भी हम सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र में दिखाने ले गए थे।
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
    , मध्य क्षेत्र के सह बौद्धिक शिक्षण प्रमुख एवं पूर्व संगठन महामंत्री श्री हितानंद शर्मा की पूज्य माताजी श्रीमती जनक दुलारी शर्मा के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मां सम्पूर्ण जीवन की आधारिाला होती हैं, उनका जाना अपूरणीय क्षति है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान और शोकाकुल परिजन को यह असीम दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

  • राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर तैयार कर रही है विकास का नया मॉडल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल ! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का फूड बॉस्केट बन चुका है। मध्यप्रदेश को कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और दाल उत्पादन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प लिया गया है। राज्य सरकार किसान, उद्योग और व्यापार को साथ लेकर विकास का नया मॉडल तैयार कर रही है। राज्य सरकार जमीन हो या मशीन हर स्तर पर किसानों और व्यापारियों को अपनी गतिविधियों के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तत्पर है। किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार ने तुअर से मंडी टैक्स हटाया है, इससे दाल मिल उद्योग को लाभ मिलेगा। उड़द और मसूर पर भी राहत देने का विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे दैनिक जीवन में दालों का विशेष महत्व है। मूंग और मसूर की दालों पर मुहावरे बन गए। दालों से हमें प्रोटीन मिलता है। यह गर्व का विषय है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दाल उत्पादक और उपभोक्ता देश है। शाकाहारी संस्कृति में दालें प्रोटीन का सबसे बड़ा स्त्रोत हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इन्दौर में ऑल इंडिया दाल मिल एसोशिएशन के ग्रेन-एक्स इंडिया प्रदर्शनी अंतर्गत कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश में दूध और दलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। दूध उत्पादन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मसूर और उड़द उत्पादन को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही बोनस देने की योजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही खाद्य प्रसंस्करण पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों सहित उद्यमियों को भी लाभ होगा, इंदौर में उद्योग-व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव मदद की जाएगी। मध्यप्रदेश देश के मध्य में है, यहां से रोड, रेल और हवाई हर तरह की बहुत अच्छी कनेक्टिविटी है। प्रदेश में एयरकार्गों के विकास की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिससे व्यापार व्यावसाय विस्तार को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दाल मिल से संबंधित उद्यमियों, मशीन निर्माताओं, निर्यातकों, व्यापारियों, कृषकों, आदि के साथ राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की कार्यशाला शीघ्र ही भोपाल में आयोजित की जाएगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में दुनिया में भारत की एक विशिष्ट छवि बनी है। भारत के बजट के आधार पर दुनिया अपनी नीतियां तय करती है। अब समय बदल चुका है। भारत सरकार पर किसी टैरिफ का असर नहीं पड़ता है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के लिए अन्नदाता किसान सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसानों के हितों के साथ सरकार किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 4 श्रेणियों- गरीब, अन्नदाता (किसान), युवा और नारी में देश को आर्थिक रूप से सशक्त करने का लक्ष्य रखा है। राज्य सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसान कल्याण के लिए आगामी 5 वर्षों का रोडमैप तैयार किया है। सबको प्रोत्साहन देते हुए 5 साल में राज्य के बजट को 15 प्रतिशत की वृद्धि दर के हिसाब से दोगुना करने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करेंगे और राज्य को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हमारा प्रदेश, देश में खाद्यान्न उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं। कृषि क्षेत्र में राज्य की जीडीपी 39 प्रतिशत है और हमारी कृषि विकास दर 16 प्रतिशत के आस-पास है। गेहूं, चना, मसूर सहित तिलहन फसलों में मध्यप्रदेश अग्रणी स्थान पर है। मध्यप्रदेश आज डेयरी, पशुपालन, मत्स्य उत्पादन, पुष्प उत्पादन, सब्जी, फल सभी क्षेत्रों में अपनी विशेष पहचान बना रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य राज्यों से कार्यक्रम में आए उद्योगपतियों से कहा कि आप मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करें। हमारी सरकार जमीन, मशीन और टैक्स कम करने से लेकर सभी प्रकार से सहयोग प्रदान करेगी। प्रदेश की धरती पर सभी निवेशकों का स्वागत है। राज्य सरकार ने लघु-कुटीर उद्योग और एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के लिए संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, दूसरे राज्यों में निवेश आकर्षित करने के लिए रोड शो आयोजित किए। औद्योगिक विकास के लिए नई नीतियां लागू कीं। मध्यप्रदेश सरकार ने औद्योगिक प्रोत्साहन के लिए 5500 करोड़ से अधिक राशि डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिए उद्यमियों को भी अंतरित की है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार उद्योगपतियों को बिजली, पानी और जमीन उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा रोजगारपरक उद्योग लगाने पर सरकार उद्यमियों को श्रमिकों के वेतन में सहयोग के लिए 10 साल तक प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना की दर से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करा रही है। राज्य सरकार ने श्रम कानूनों को सरल किया है। इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि उन्हें दिलवाई गई है। राज्य सरकार उद्योगपतियों और श्रमिकों सहित सबके साथ हर कदम पर साथ खड़ी है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में राज्य सरकार किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाएगी। इसके लिये प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ाया जा रहा है। साथ ही जिलों में फूड पार्क और नई अनाज मंडियां शुरू करने पर जोर दिया जा रहा है। उद्योगपतियों को फूड पार्क विकसित करने के लिए भी राज्य सरकार सभी सुविधाएं देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने अपने सुशासन और लोक कल्याण से देशभर में ख्याति अर्जित की। उन्होंने मुगलकाल में ध्वस्त देवा स्थानों का जीर्णोद्धार करने का कार्य किया था।

    जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार औद्योगिक विकास और प्रदेश के किसानों की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश को देश-विदेश से बड़ा औद्योगिक निवेश मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण के लिए समर्पित किया है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था सशक्त हुई है। उन्होंने कहा कि कई वर्षों तक इंदौर ने देश में दाल उद्योग का नेतृत्व किया है। ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने का दाल उद्योग को बढ़ाया।

    तीन दिवसीय प्रदर्शनी का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन की तीन दिवसीय प्रदर्शनी ग्रीन एक्स का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में दाल मिलिंग, मसाला मशीनरी, फ्लोर मिल, राइस मिल सहित अन्य अत्याधुनिक तकनीकी उपकरण प्रदर्शित किए गए हैं। इस प्रदर्शनी में कनाडा, तुर्की, ताइवान, स्पेन, ब्रिटेन, चीन, इंग्लैंड सहित भारत के विभिन्न शहरों से आई आधुनिक मशीनों का भी प्रदर्शन किया गया है।

    इस अवसर पर महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव, विधायक श्री रमेश मेंदोला तथा श्री गोलू शुक्ला, पूर्व महापौर श्री कृष्णमुरारी मोघे, श्री सुमित मिश्रा, श्री गौरव रणदीवे, ऑल इंडिया दाल मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुरेश अग्रवाल, सम्भागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर श्री शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त श्री क्षितिज सिंघल भी मौजूद थे।

    स्वामीनारायण मंदिर में किये दर्शन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के पहले स्वामीनारायण मंदिर पहुँचकर दर्शन कर पूजा-अर्चना की। उनके साथ अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहें।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026 में होंगे शामिल


    भोपाल!
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुरुवार 15 जनवरी को भोपाल में ‘मध्यप्रदेश रीजनल एआई इम्पैक्ट कांफ्रेंस-2026’ में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मध्यप्रदेश के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कांफ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पावर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है।इससे एआई आधारित शासन,तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ प्रदेश सरकार एआई को नागरिक-केंद्रित, पारदर्शी और कुशल शासन की आधारशिला के रूप में स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है।

    कांफ्रेंस में मध्यप्रदेश ‘इनोवेशन एक्सपो’ का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मध्यप्रदेश पेवेलियन, स्टार्ट-अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट-अप प्रतियोगिता शामिल होंगी। कांफ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अपर सचिव एवं सीईओ इंडिया एआई श्री अभिषेक सिंह और आईआईटी इंदौर के निदेशक श्री सुहास एस. जोशी संबोधित करेंगे।

    अपर मुख्य सचिव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी श्री संजय दुबे द्वारा “एआई फॉर पीपल,प्लेनेट एंड प्रोग्रेस – मध्यप्रदेश रोडमैप टू इंपैक्ट ” पर राज्य का प्रमुख एआई विजन प्रस्तुत किया जाएगा। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन कांफ्रेंस को संबोधित करेंगे। कांफ्रेंस में स्पेसटेक नीति लांच होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।

    कांफ्रेंस में तीन उच्चस्तरीय थीमैटिक सत्र—टेक्नोलॉजी लेड गवर्नेंस फॉर ऑल, एआई फॉर इकोनॉमिक ग्रोथ एंड सोशल गुड और रेज़िलिएंस, इनोवेशन एंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आयोजित किए जाएंगे। इनमें डिजिटल इंडिया- भाषिणी, यूआईडीएआई, एनईपीडी विभिन्न राज्य सरकारों और गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, डिलोट्टी और ईवाई जैसे अग्रणी संगठनों के विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। साथ ही एमपी इनोटेक स्टार्ट-अप पिच कंटेस्ट और उज्जैन महाकुंभ हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा भी की जाएगी।

    यह कांफ्रेंस इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट-2026 की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा फ्रांस एआई एक्शन समिट में की गई थी। सम्मेलन का आयोजन 16 से 20 फरवरी 2026 तक नई दिल्ली में किया जाएगा।

  • आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें

    आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं हो रही है, भ्रामक पत्र पर ध्यान न दें


    भोपाल ! मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में अभी किसी भी स्तर पर कोई भर्ती नहीं की जा रही है। विभिन्न जिलों में भर्ती के सम्बंध में एक निराधार पत्र के माध्यम से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है जो कि पूरी तरह असत्य है।


    वायरल पत्र उप सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास एस. के. मिश्रा, के नाम से हस्ताक्षरित है। जबकि विभाग में इस नाम का कोई उप सचिव नहीं है। इस जाली पत्र में सन्दर्भ भारत सरकार का पत्र क्रमांक F/2479  दिनांक 27.12.2025 उल्लेखित है, जो पूर्णतः निराधार है। आजीविका मिशन में कोई भर्ती नहीं की जा रही है न ही यह पत्र विभाग से संबंधित है।


  • मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट

    मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्री-परिषद सदस्यों को मिले टैबलेट


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एक नए नवाचार करते हुए आज मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों को टैबलेट वितरण किया। उन्होंने बताया कि मंत्रि-परिषद से संबंधित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाई जाएगी। मंत्रालय में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में कैबिनेट के सदस्यों और मंत्रि-परिषद के भारसाधक सचिवों को टैबलेट प्रदाय करने की शुरूआत हुई। कैबिनेट के सदस्यों ने टैबलेट प्राप्त किए और प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार माना।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कैबिनेट सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत ई-कैबिनेट की पहल हुई है। ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के संबंध में संबंधितों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। यह एप्लीकेशन आधुनिक तकनीक, पेपरलैस, सुरक्षित और ऐसी गोपनीय प्रणाली है, जिसे मंत्रि-परिषद सदस्य कभी भी और कहीं भी अपनी सुविधा के अनुसार अवलोकन कर सकते हैं। मुख्य रूप से मंत्रि-परिषद की कार्य सूची देखने, ई-कैबिनेट एप्लीकेशन द्वारा पूर्व की बैठकों में लिए गए निर्णयों का पालन-प्रतिवेदन देखने में सुविधा होगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पारदर्शिता और समय की बचत के लिए मंत्रि-परिषद सदस्य नई व्यवस्था का पूरा लाभ लेंगे। प्रारंभ में मंत्रि-परिषद बैठक का एजेण्डा भौतिक एवं डिजिटल रूप दोनों फार्मेट में भेजा जाएगा, बाद में यह पूर्णता डिजिटल रूप में भेजा जाएगा। इस पेपरलैस व्यवस्था अर्थात ई-कैबिनेट एप्लीकेशन प्रारंभ होने से भौतिक रूप से होने वाले फोल्डर वितरण, कागज एवं समय की बचत हो सकेगी।

    मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने बताया कि वर्ष 1960 से लेकर अब तक लिए गए मंत्रि-परिषद के निर्णयों को डिजिटलाइज किया गया है। गत 2 वर्ष के मंत्रि-परिषद के निर्णय एक क्लिक पर देखे जा सकते हैं। मंत्रि-परिषद की बैठक के अंत में एक प्रेजेंटेशन द्वारा मंत्रियों को टैबलेट के उपयोग को प्रारंभ करने के उद्देश्य, व्यापक उपयोगिता और टैबलेट के कार्य संचालन की बुनियादी जानकारी दी गई।