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  • मध्यप्रदेश में IPS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सागर और देवास को मिले नए SP, भोपाल पुलिस मुख्यालय में भी अहम नियुक्तियां

    मध्यप्रदेश में IPS अफसरों की बड़ी सर्जरी, सागर और देवास को मिले नए SP, भोपाल पुलिस मुख्यालय में भी अहम नियुक्तियां


    भोपाल । मध्यप्रदेश में पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य शासन के गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार भारतीय पुलिस सेवा के चार अधिकारियों की पदस्थापना में फेरबदल किया गया है। इस बदलाव के तहत सागर और देवास जिलों के पुलिस अधीक्षक बदले गए हैं जबकि कुछ अधिकारियों को भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर हुए इस फेरबदल को पुलिस व्यवस्था के संचालन और विभिन्न क्षेत्रों में जिम्मेदारियों के नए निर्धारण के रूप में देखा जा रहा है। आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना और कार्यभार संभालने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी।

    जारी जानकारी के मुताबिक 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया को सागर पुलिस अधीक्षक के पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक यानी AIG के पद पर पदस्थ किया गया है। उनके स्थान पर 2016 बैच के आईपीएस अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। संजीव कुमार सिन्हा इससे पहले ग्वालियर में 14वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के सेनानी के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें सागर जिले की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करना होगा। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखना अपराधों पर नियंत्रण करना और पुलिस प्रशासन के कामकाज को प्रभावी बनाए रखना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहेगा।

    इसी प्रशासनिक फेरबदल के तहत देवास जिले में भी पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी बदली गई है। 2017 बैच के आईपीएस अधिकारी पुनीत गहलोत को देवास एसपी के पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक के रूप में पदस्थ किया गया है। वहीं बालाघाट में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी आदित्य मिश्रा को देवास जिले का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। इस बदलाव के बाद देवास की पुलिस व्यवस्था की कमान अब आदित्य मिश्रा के हाथों में होगी। जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना अपराधों की रोकथाम करना और पुलिस की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाए रखना उनके सामने अहम जिम्मेदारियां होंगी।

    गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों की नई पदस्थापना का उल्लेख किया गया है। आदेश की प्रतियां संबंधित विभागों और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजे जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि किसी भी प्रशासनिक बदलाव के पीछे विशेष कारण होने का निष्कर्ष केवल उपलब्ध जानकारी के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। इसलिए इस फेरबदल को फिलहाल अधिकारियों की नई पदस्थापना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। नई जिम्मेदारियों के तहत अधिकारियों को अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र में पुलिस प्रशासन का संचालन करना होगा।

    मध्यप्रदेश में पुलिस व्यवस्था के लिए जिला स्तर पर पुलिस अधीक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध नियंत्रण और पुलिस बल के समन्वय की जिम्मेदारी भी उन्हीं के नेतृत्व में संचालित होती है। ऐसे में सागर और देवास में नए पुलिस अधीक्षकों की नियुक्ति के बाद इन जिलों की पुलिस व्यवस्था पर नजर रहेगी। वहीं अनुराग सुजानिया और पुनीत गहलोत की भोपाल पुलिस मुख्यालय में नई पदस्थापना से उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों में बदलाव होगा। अब संबंधित अधिकारी नई जिम्मेदारियां संभालकर शासन के निर्देशों के अनुसार कामकाज आगे बढ़ाएंगे।

  • MP में IPS अफसरों की नई जमावट की तैयारी, प्रमोशन के बाद होंगे बदलाव, भोपाल-इंदौर DCP पर नजर

    MP में IPS अफसरों की नई जमावट की तैयारी, प्रमोशन के बाद होंगे बदलाव, भोपाल-इंदौर DCP पर नजर


    भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में सितंबर के बड़े फेरबदल के बाद एक बार फिर नई पोस्टिंग को लेकर हलचल तेज होने की चर्चा है। पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक संभावित बदलाव को लेकर अलग अलग स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं। 13 सितंबर को गृह विभाग ने 137 पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया था। इसमें 10 IPS और 127 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल थे। अब एक बार फिर करीब 15 जिलों में SP स्तर पर बदलाव की संभावना की चर्चा सामने आ रही है। इसके साथ ही भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में DCP स्तर की जिम्मेदारियों पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि इन सभी संभावित बदलावों की अंतिम तस्वीर गृह विभाग के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

    नई पोस्टिंग की चर्चा के पीछे कई प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं। IPS अधिकारियों के प्रमोशन के बाद कुछ मौजूदा पद खाली हो सकते हैं। ऐसे में उन रिक्तियों को भरने के लिए नई पदस्थापनाओं की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से इस संभावित सूची को केवल सामान्य तबादला प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा है बल्कि प्रमोशन के बाद बनने वाले नए प्रशासनिक समीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    जिला पुलिस अधीक्षक स्तर पर जबलपुर निवाड़ी सीधी ग्वालियर रतलाम छिंदवाड़ा और सागर जैसे जिलों को लेकर बदलाव की चर्चा है। हालांकि अभी किसी अधिकारी का नाम या पदस्थापना तय नहीं मानी जा सकती। सरकारी आदेश जारी होने तक संभावित नाम और जिलों को लेकर सामने आ रही जानकारी को सिर्फ चर्चा के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।

    संभावित फेरबदल का असर केवल जिलों तक सीमित रहने की बात नहीं है। ग्वालियर और जबलपुर रेंज की वरिष्ठ कमान में भी बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय बटालियन और रेडियो जैसे महत्वपूर्ण विभागों में तैनात अधिकारियों को लेकर भी नई जिम्मेदारियों के विकल्प सामने आ सकते हैं। यदि फील्ड और मुख्यालय स्तर पर एक साथ बदलाव होता है तो पुलिस महकमे में कई स्तरों पर नई प्रशासनिक जमावट देखने को मिल सकती है।

    भोपाल और इंदौर पर इसलिए भी विशेष नजर है क्योंकि दोनों शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है और DCP स्तर के पद फील्ड पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रिक्त पदों या प्रमोशन के कारण बनने वाली नई जगहों पर किन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाती है यह आने वाले आदेशों से साफ हो सकता है। फिलहाल इन पदों को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


    इस संभावित फेरबदल में कुछ अपेक्षाकृत जूनियर IPS अधिकारियों को फील्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना की चर्चा भी है। यदि ऐसा होता है तो जिलों और कमिश्नरेट में नई पीढ़ी के अधिकारियों को कमांड की जिम्मेदारी मिल सकती है। दूसरी ओर प्रमोशन के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की नई भूमिका तय होने से कई मौजूदा पदों पर बदलाव की जरूरत भी बन सकती है।

    इस बीच पुलिस महकाने में DGP पद से जुड़ा भविष्य का समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेगा। मौजूदा DGP कैलाश मकवाना का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक बताया गया है। इसलिए आने वाले महीनों में होने वाली वरिष्ठ IPS अधिकारियों की पदस्थापनाओं को केवल तत्काल जिला स्तर के बदलाव के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। शीर्ष पुलिस नेतृत्व से जुड़ी आगामी प्रक्रिया का असर भी प्रशासनिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सितंबर में 137 अधिकारियों की पोस्टिंग के कुछ ही समय बाद नई सूची की चर्चा क्यों शुरू हुई है। इसके पीछे प्रमोशन रिक्त पद और प्रशासनिक जरूरत जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं। बार बार तबादला होना अपने आप में किसी प्रशासनिक निष्कर्ष का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अब निगाह गृह विभाग के अगले आदेश पर है। आदेश सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बदलाव कितने जिलों तक सीमित रहता है और क्या इसका असर SP से लेकर IG और DCP स्तर तक दिखाई देता है।

  • मध्य प्रदेश पुलिस में देर रात बड़ा बदलाव, भोपाल ग्रामीण से सागर-नर्मदापुरम तक नए आईजी की तैनाती

    मध्य प्रदेश पुलिस में देर रात बड़ा बदलाव, भोपाल ग्रामीण से सागर-नर्मदापुरम तक नए आईजी की तैनाती


    मध्यप्रदेश । मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल करते हुए 9 भारतीय पुलिस सेवा यानी आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। गृह विभाग की ओर से देर रात जारी आदेशों में कई महत्वपूर्ण पदों पर नई नियुक्तियां की गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के तहत शाजापुर और शहडोल जैसे अहम जिलों को नए पुलिस अधीक्षक मिले हैं जबकि भोपाल ग्रामीण सागर और नर्मदापुरम रेंज में भी नए पुलिस महानिरीक्षक यानी आईजी की तैनाती की गई है। माना जा रहा है कि कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक कार्यों में गति लाने के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है।

    तबादला सूची के अनुसार संजय कुमार अग्रवाल को शहडोल जिले का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है जबकि प्रियंका शुक्ला को शाजापुर जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों अधिकारियों को ऐसे समय नई जिम्मेदारी मिली है जब प्रदेश में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को लेकर सरकार लगातार सक्रिय नजर आ रही है।

    प्रदेश के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब तक पुलिस मुख्यालय में आईजी प्रशासन के पद पर कार्यरत रुचि वर्धन मिश्रा को भोपाल ग्रामीण जोन का नया आईजी बनाया गया है। उनके अनुभव और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए उन्हें राजधानी से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं मिथिलेश शुक्ला को सागर रेंज का आईजी बनाया गया है। वे अब तक नर्मदापुरम जोन के आईजी थे और सागर रेंज का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे। हिमानी खन्ना के सेवानिवृत्त होने के बाद यह पद लंबे समय से अतिरिक्त प्रभार के रूप में संचालित हो रहा था जिसे अब नियमित नियुक्ति मिल गई है।

    इसी क्रम में चंद्रशेखर सोलंकी को नर्मदापुरम जोन का नया आईजी नियुक्त किया गया है। वे इससे पहले इंदौर एसएएफ रेंज में पदस्थ थे। वहीं हरि नारायणचारी मिश्रा को आईजी प्रशासन पुलिस मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है। वे अभी तक आईजी एससीआरबी के पद पर कार्यरत थे।

    तबादला सूची में अन्य अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां मिली हैं। सिमाला प्रसाद को डीआईजी खरगोन रेंज बनाया गया है। यशपाल सिंह राजपूत को शाजापुर एसपी के पद से हटाकर पुलिस अधीक्षक रेल इंदौर भेजा गया है जबकि रामजी श्रीवास्तव को शहडोल एसपी से एआईजी पुलिस अकादमी भौंरी पदस्थ किया गया है।

    सरकार ने कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे हैं। विशेष पुलिस महानिदेशक प्रशासन आदर्श कटियार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ स्पेशल डीजी दूरसंचार पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं आईजी इंदौर ग्रामीण जोन अनुराग को आईजी एसएएफ इंदौर रेंज और आईजी आरएपीटीसी इंदौर की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने विभागीय तबादलों के लिए समय सीमा तय की थी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद देर रात गृह विभाग ने यह आदेश जारी किए। माना जा रहा है कि आगामी प्रशासनिक चुनौतियों और कानून व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाने के लिए यह व्यापक फेरबदल किया गया है। नई नियुक्तियों से प्रदेश के विभिन्न जिलों और रेंज में पुलिस कार्यप्रणाली को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।