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  • एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

    एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

     
    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के लिए इंतजार अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में मानसून 22 से 24 जून के बीच दस्तक दे सकता है। फिलहाल मानसून पश्चिमी तट पर 8 जून से ही रुका हुआ है और अभी तक मुंबई तक भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में यह पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में आगे बढ़ेगा, उसके बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।

    इस बीच प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जून महीने में बारिश के आंकड़े भी कमजोर बने हुए हैं। 1 से 17 जून के बीच प्रदेश में औसतन 41.6 मिमी (करीब 1.6 इंच) बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। यह सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम है।

    सबसे खराब स्थिति अलीराजपुर जिले की है, जहां अब तक बारिश रिकॉर्ड ही नहीं की गई है, जिससे वहां आंकड़ा शून्य है। इसके अलावा बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे 13 जिलों में 12.5 मिमी (आधा इंच) से भी कम बारिश हुई है।

    वहीं, भोपाल एकमात्र ऐसा जिला है जहां अब तक सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज हुई है। यहां 91.9 मिमी यानी साढ़े 3 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आगर-मालवा, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी में 1 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज हुई है।

    बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल और राजगढ़ में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि बैतूल, गुना, इंदौर और छिंदवाड़ा में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट भी देखने को मिली। बैतूल में एक ही दिन में तापमान 10 डिग्री गिरकर 26.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    अन्य जिलों में शिवपुरी-पचमढ़ी में 34 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.9 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, सागर में 37 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री, श्योपुर-धार में 37.4 डिग्री और मंडला में 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 39.3 डिग्री और ग्वालियर में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल में गर्मी का असर बना रहेगा।

  • एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

    एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग के बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल या जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित 18 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    10 और 11 जून को लू का भी असर

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9 से 11 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गर्मी तीनों का असर देखने को मिलेगा। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8, मलाजखंड में 41.7 और राजगढ़ में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर

    मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून की बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

    रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र में मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी बनी हुई है।

    भोपाल और आसपास के इलाकों में राहत के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

    मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी नमी और उमस

    इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में वर्षा का दायरा सीमित रहने की संभावना है।

    तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां मौसम सुहावना रहेगा, जबकि केवल बादल छाए रहने वाले इलाकों में उमस बढ़ सकती है।

    मानसून के स्वागत की तैयारी

    मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों और मानसून की प्रगति को देखते हुए प्रदेश में मानसून प्रवेश की अनुकूल स्थिति बन रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहे तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी है, लेकिन बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के साथ उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।