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  • MP में मानसून ट्रिप का है प्लान तो इन जगहों पर जरूर जाएं! झरनों से लेकर जंगल और किलों तक मिलेगा शानदार नजारा

    MP में मानसून ट्रिप का है प्लान तो इन जगहों पर जरूर जाएं! झरनों से लेकर जंगल और किलों तक मिलेगा शानदार नजारा

    नई दिल्ली । मानसून का मौसम आते ही मध्य प्रदेश की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बारिश की बूंदों के साथ पहाड़ों पर छाई हरियाली बहते झरने जंगलों की ताजगी और बादलों से घिरे खूबसूरत नजारे लोगों को घूमने के लिए आकर्षित करते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में परिवार दोस्तों या पार्टनर के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मध्य प्रदेश आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। प्रदेश में ऐसी कई जगहें हैं जहां मानसून के दौरान प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है।

    मानसून ट्रैवल के लिए सबसे लोकप्रिय जगहों में पचमढ़ी का नाम सबसे ऊपर आता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी बारिश के मौसम में हरियाली से ढक जाता है। यहां पहाड़ों के बीच बादलों का नजारा और झरनों का बहता पानी पर्यटकों को खास अनुभव देता है। बी फॉल्स रजत प्रपात और जटाशंकर जैसी जगहों पर बारिश के दौरान प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है। हालांकि झरनों के पास जाते समय स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है।

    इंदौर के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पातालपानी मानसून में घूमने की अच्छी जगह हो सकती है। बारिश के दौरान यहां का झरना और आसपास की हरियाली मन मोह लेती है। दोस्तों और परिवार के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए यह जगह आकर्षक विकल्प बन सकती है। तेज बारिश के समय पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है इसलिए झरने के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए।

    जबलपुर की बात करें तो भेड़ाघाट मानसून में अलग ही रूप में नजर आता है। नर्मदा नदी के किनारे संगमरमर की ऊंची चट्टानें और आसपास का प्राकृतिक वातावरण बारिश के बाद बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। धुआंधार जलप्रपात भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पानी का प्रवाह बढ़ने पर इसका नजारा और ज्यादा प्रभावशाली हो सकता है लेकिन यहां भी सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय निर्देशों का ध्यान रखना जरूरी है।

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का तामिया भी मानसून ट्रैवल के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है। पहाड़ियों घाटियों और घने जंगलों से घिरा यह इलाका बारिश के मौसम में बेहद हरा भरा नजर आता है। यहां से दिखाई देने वाले प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण उन लोगों को खास पसंद आ सकते हैं जो भीड़भाड़ से दूर कुछ समय बिताना चाहते हैं।

    इसके अलावा मांडू भी बारिश के मौसम में घूमने के लिए आकर्षक जगह है। ऐतिहासिक इमारतों के साथ हरियाली और बादलों का मेल यहां के नजारों को खास बना देता है। भोपाल के आसपास भोजपुर और केरवा जैसे स्थान भी बारिश के दौरान प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

    हालांकि मानसून में यात्रा करते समय खूबसूरत नजारों के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नदी झरने और जलप्रपात के पास सेल्फी लेने के लिए जोखिम उठाने से बचें। मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा की योजना बनाएं और रास्तों की स्थिति की जानकारी पहले हासिल करें। इस तरह थोड़ी सावधानी के साथ मध्य प्रदेश का मानसून ट्रिप खूबसूरत यादों से भरपूर बनाया जा सकता है।

  • उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का अनुमान, मांडू में कमरों का टोटा; महेश्वर में लग्जरी रूम का किराया 60 हजार तक

    उज्जैन में लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ का अनुमान, मांडू में कमरों का टोटा; महेश्वर में लग्जरी रूम का किराया 60 हजार तक


    मध्य प्रदेश मध्य प्रदेश में मानसून के साथ पर्यटन का रंग भी गहरा हो गया है। बारिश ने मांडू की पहाड़ियों और ऐतिहासिक इमारतों से लेकर महेश्वर के नर्मदा घाटों तक की खूबसूरती बढ़ा दी है। इसी वजह से वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक इन जगहों का रुख कर रहे हैं। दूसरी तरफ सावन का महीना और धार्मिक आयोजनों ने उज्जैन दतिया और नलखेड़ा जैसे धार्मिक शहरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ा दी है। नतीजा यह है कि कई पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर होटल और होम स्टे पहले से बुक हो चुके हैं। मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग भी मांडू महेश्वर उज्जैन और दूसरे प्रमुख स्थलों को अपने पर्यटन सर्किट में शामिल करता है।

    सबसे ज्यादा असर मांडू में दिखाई दे रहा है। बारिश के मौसम में मांडू की हरियाली झरने और ऐतिहासिक स्मारक पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 14 से 16 अगस्त तक यहां कई होटल पूरी तरह बुक बताए जा रहे हैं और नो रूम जैसी स्थिति बन गई है। मांडू में सरकारी और निजी होटलों के साथ धर्मशालाओं में भी ठहरने की सुविधा है। सामान्य कमरों से लेकर बेहतर सुविधाओं वाले कमरों तक किराये में काफी अंतर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यहां कमरा करीब 500 रुपए से शुरू होकर 10 हजार रुपए तक पहुंच सकता है। बारिश के कारण वीकेंड पर मांग बढ़ने से एडवांस बुकिंग कराने वालों को ज्यादा आसानी हो रही है।

    मांडू सिर्फ प्राकृतिक खूबसूरती के लिए ही नहीं बल्कि अपने ऐतिहासिक वैभव के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां जहाज महल रानी रूपमती महल बाज बहादुर महल अशरफी महल और होशंग शाह का मकबरा जैसे प्रमुख स्थल हैं। बारिश में इन स्मारकों के आसपास का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है। यही वजह है कि अगस्त के इस दौर में पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है।

    नर्मदा किनारे बसे महेश्वर की तस्वीर भी कुछ ऐसी ही है लेकिन यहां ठहरने के विकल्प अपेक्षाकृत ज्यादा हैं। महेश्वर में होटल होम स्टे रिजॉर्ट धर्मशाला और पर्यटन निगम के ठहरने के विकल्प मौजूद हैं। यहां सामान्य कमरों का किराया करीब 1200 रुपए से शुरू बताया जा रहा है जबकि हेरिटेज और लग्जरी प्रॉपर्टीज में रॉयल रूम की कीमत 60 हजार रुपए तक पहुंच सकती है। मध्य प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक सामग्री में भी महेश्वर के लिए Narmada Retreat जैसे ठहरने के विकल्प सूचीबद्ध हैं।

    महेश्वर आने वाले पर्यटक अक्सर एक ही यात्रा में ओंकारेश्वर मांडू और उज्जैन को भी शामिल करते हैं। अहिल्या बाई होलकर की विरासत होलकर किला नर्मदा के घाट और धार्मिक स्थल यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। ऐसे में वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ अच्छे कमरों की मांग भी बढ़ जाती है।

    उज्जैन में मामला पर्यटन से ज्यादा धार्मिक भीड़ का है। सावन के दौरान महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती है और सोमवार को भीड़ और ज्यादा रहने की संभावना रहती है। हाल के यात्रियों के अनुभवों में भी सावन के दौरान सोमवार और वीकेंड को सबसे ज्यादा भीड़ से बचने की सलाह दी गई है।

    इसी तरह आगर मालवा के नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां होटल और ठहरने के दूसरे विकल्प पहले से बुक होने लगे हैं। दतिया में मां पीतांबरा पीठ के कारण वीकेंड पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है और उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बड़ी संख्या में कमरे पहले ही बुक हो चुके हैं।

    ओरछा में भी राम राजा सरकार के मंदिर के कारण धार्मिक पर्यटन लगातार बना रहता है। यहां छोटे बड़े होटल और होम स्टे उपलब्ध हैं। वहीं खजुराहो में अगस्त के दौरान पर्यटन सीजन अपेक्षाकृत कमजोर रहने के बावजूद वीकेंड पर पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। बड़े होटलों में किराये की रेंज काफी ऊंची है और फाइव स्टार प्रॉपर्टीज में कमरे 30 से 60 हजार रुपए तक पहुंच सकते हैं।

    ऐसे में अगर इस वीकेंड मध्य प्रदेश के किसी पर्यटन या धार्मिक स्थल पर जाने का प्लान है तो सबसे जरूरी सलाह यही है कि होटल की बुकिंग पहले कर लें। खासकर मांडू और उज्जैन जैसे स्थानों पर मौके पर कमरा मिलने की गारंटी नहीं मानी जा सकती। बारिश का मौसम पर्यटन के लिए बेहद खूबसूरत है लेकिन बढ़ती भीड़ के बीच बेहतर यात्रा के लिए ठहरने और आने जाने की व्यवस्था पहले से तय करना ज्यादा समझदारी होगी।