Tag: MP Police Action

  • सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार

    सीहोर में ड्रग्स के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: 8 किलो गांजा के साथ मां-बेटा गिरफ्तार


    नई दिल्ली । सीहोर जिले के शाहगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से कुल 8 किलो 459 ग्राम गांजा बरामद किया गया है।

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बुदनी के अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रवि शर्मा के मार्गदर्शन और शाहगंज थाना प्रभारी दिनेश सिंह चौहान के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इंदिरा कॉलोनी निवासी किरण कुचबंदिया अवैध रूप से गांजे की बिक्री कर रही है।

    सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने इलाके में दबिश दी और तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद किया। इसके बाद आरोपी महिला को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।

    जांच के दौरान पुलिस ने महिला के बेटे अजय कुचबंदिया को भी हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह गांजा कहां से लाया जा रहा था और किन क्षेत्रों में इसकी सप्लाई की जा रही थी।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आगे की जांच तेज कर दी गई है।

  • डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद

    डिजिटल सिस्टम से धर्मांतरण का खेल उजागर, खरगोन में बाइबिल लैपटॉप ,और प्रोजेक्टर बरामद


    खरगोन । मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक कथित धर्मांतरण नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है जहां डिजिटल उपकरणों के जरिए प्रार्थना सभा के नाम पर गतिविधियां संचालित किए जाने की बात सामने आई है यह मामला ग्राम बमनाला का है जहां सेल्दा रोड पर स्थित पेट्रोल पंप के पीछे खेत में बने एक मकान में यह गतिविधियां चल रही थीं

    सूचना मिलने पर पुलिस ने बुधवार को मौके पर दबिश दी और कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया पुलिस ने मौके से बाइबिल धार्मिक साहित्य लैपटॉप प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम सहित कई उपकरण जब्त किए हैं जिनका उपयोग कथित रूप से लोगों को एकत्र कर धार्मिक प्रचार प्रसार के लिए किया जा रहा था

    बमनाला चौकी प्रभारी राजेंद्र आवास्या के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे पुलिस टीम मौके पर पहुंची जहां से 13 बाइबिल 7 ईसाई साहित्य की पुस्तकें एक लैपटॉप एक प्रोजेक्टर और साउंड सिस्टम बरामद किया गया प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि इन डिजिटल साधनों के माध्यम से लोगों को प्रार्थना के लिए बुलाया जाता था और उन्हें कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता था

    ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि यह गतिविधियां लंबे समय से चल रही थीं और आदिवासी क्षेत्र के लोगों को बीमारी दूर होने और चमत्कारिक लाभ का दावा करके प्रार्थना सभा में शामिल किया जाता था इसके साथ ही हिंदू रीति रिवाज छोड़ने और ईसाई धर्म अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाता था

    पुलिस ने इस मामले में धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धाराओं 3 और 5 के तहत केस दर्ज किया है और सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है गिरफ्तार आरोपियों में गांव के राजू बड़ोले बबलू जमरे उमरिया झाबुआ निवासी सेतु मेड़ा और कल्यापुरा निवासी पंकज बारिया शामिल हैं पुलिस के अनुसार बबलू जमरे ने लगभग दो से तीन साल पहले ही खेत में यह मकान बनवाया था जहां से यह गतिविधियां संचालित की जा रही थीं

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तलाशी के दौरान कुछ गोपनीय दस्तावेज भी जब्त किए हैं जिनकी जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं और यह गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है और इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है

  • इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा

    इंदौर में नकली नमक का भंडाफोड़ टाटा नमक के नाम पर चल रही फैक्ट्री पर छापा


    इंदौर । मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जहां ब्रांडेड नमक के नाम पर नकली उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचे जा रहे थे। एरोड्रम थाना पुलिस ने लोकनायक नगर क्षेत्र में छापेमार कार्रवाई करते हुए टाटा नमक के नाम पर चल रही एक अवैध फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है।

    पुलिस ने कार्रवाई के दौरान मौके से 840 पैकेट नकली नमक और लगभग 1850 किलो कच्चा माल जब्त किया है। बताया जा रहा है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से संचालित हो रही थी और लोगों को ब्रांडेड उत्पाद के नाम पर धोखा दिया जा रहा था।

    इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टाटा कंज्यूमर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कॉपीराइट उल्लंघन की शिकायत पुलिस को दी गई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए छापा मारा और पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री संचालक जितेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि नकली नमक बनाने के लिए कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री दिल्ली से मंगाई जाती थी। इसके बाद इंदौर में इसे तैयार कर टाटा नमक के नाम से पैक कर बाजार में सप्लाई किया जाता था। इस तरह आरोपी लोगों के भरोसे और ब्रांड की साख का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमा रहा था।

    पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह नकली नमक किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि यह अवैध कारोबार कब से चल रहा था।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी जिससे इस गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि बाजार में नकली उत्पादों का खतरा लगातार बढ़ रहा है और उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय सतर्क रहने की जरूरत है।

  • नकाबपोश हमलावर का 24 घंटे में खुलासा, डिजिटल ट्रांजैक्शन ने खोल दिया पूरा राज

    नकाबपोश हमलावर का 24 घंटे में खुलासा, डिजिटल ट्रांजैक्शन ने खोल दिया पूरा राज


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के चोपना थाना क्षेत्र में हुए सनसनीखेज हमले के मामले में पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में यह मामला एक अज्ञात नकाबपोश हमलावर द्वारा किए गए हमले का था, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल बन गया था। हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन पूछताछ के आधार पर इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया।

    पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार एक अप्रैल की दोपहर करीब तीन बजे ग्राम शिवसागर पुलिया के पास विप्लव विश्वास और उनकी पत्नी सुशांति विश्वास पर एक नकाबपोश व्यक्ति ने अचानक धारदार हथियार दाव से हमला कर दिया। इस हमले में विप्लव विश्वास गंभीर रूप से घायल हो गए और उनका बायां हाथ कलाई से लगभग अलग हो गया। घटना के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शुरुआत में आरोपी की पहचान करना चुनौतीपूर्ण था क्योंकि वह नकाब पहनकर आया था और मौके से फरार हो गया था। लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी और तकनीकी जांच के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर पूछताछ शुरू की।

    जांच के दौरान डिजिटल ट्रांजैक्शन पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बनकर सामने आया। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों और लेनदेन के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। इसके बाद संदिग्ध से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल साक्ष्यों का उपयोग अपराधों को सुलझाने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। इस मामले में भी डिजिटल ट्रांजैक्शन ने आरोपी की पहचान उजागर करने में अहम भूमिका निभाई।

    आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच शुरू कर दी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे की असली वजह क्या थी और क्या इसमें कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।

    इस त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है। यह घटना यह भी दर्शाती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से अपराध को अंजाम दें, लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं और वे अंततः पकड़ में आ ही जाते हैं।

  • मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डीजल चोरी करने वाला गैंग बेनकाब, 360 लीटर डीजल और कार जब्त

    मंडला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: डीजल चोरी करने वाला गैंग बेनकाब, 360 लीटर डीजल और कार जब्त


    मंडला । मंडला पुलिस ने नेशनल हाईवे पर लंबे समय से हो रही डीजल चोरी की घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 360 लीटर चोरी का डीजल और एक कार जब्त की है।

    मंडला के पुलिस अधीक्षक रजत साकलेचा ने बताया कि जबलपुर से रायपुर जाने वाले नेशनल हाईवे पर ट्रकों और डंपरों से डीजल चोरी की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। सूचना के अनुसार एक संगठित गिरोह रात के समय हाईवे पर खड़े वाहनों को निशाना बनाकर उनका डीजल निकाल लेता था और उसे कम कीमत पर बेच देता था।

    पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि चार संदिग्ध व्यक्ति इलाके में सक्रिय हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर चेकिंग अभियान चलाया और चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कोतवाली और हृदयनगर क्षेत्र से लगभग 360 लीटर डीजल चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के पास से टाटा हैरियर कार भी जब्त की है, जिसका उपयोग चोरी की वारदातों में किया जा रहा था।

    पुलिस के अनुसार इससे पहले नैनपुर क्षेत्र में भी इसी गिरोह से जुड़े 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से तीन आरोपी जमानत पर बाहर आने के बाद फिर से चोरी की घटनाओं में शामिल हो गए थे। अब पुलिस उनकी जमानत निरस्त कराने की तैयारी कर रही है।

    मंडला पुलिस की इस कार्रवाई को हाईवे पर सक्रिय संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी हाईवे पर चोरी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

  • होटल में दरिंदगी: बीयर में घुला था 'नशा' और मन में 'पाप', छिंदवाड़ा में युवती के साथ जान-पहचान वालों ने किया गैंगरेप!

    होटल में दरिंदगी: बीयर में घुला था 'नशा' और मन में 'पाप', छिंदवाड़ा में युवती के साथ जान-पहचान वालों ने किया गैंगरेप!


    छिंदवाड़ा /मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने दोस्ती के पवित्र रिश्ते पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। यहाँ 23 साल की एक युवती के साथ उसके ही जान-पहचान वाले दो युवकों ने न सिर्फ विश्वासघात किया, बल्कि नशे की हालत का फायदा उठाकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है जब आरोपियों ने पार्टी करने का लालच देकर युवती को अपने जाल में फंसाया।

    मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी युवक युवती को पार्टी करने के बहाने अलका टॉकीज के समीप स्थित अंबर होटल ले गए थे। युवती उन दोनों को पहले से जानती थी, इसलिए उसने उन पर भरोसा किया और साथ चली गई। होटल पहुँचने के बाद आरोपियों ने उसे बीयर पिलाई। युवती का आरोप है कि बीयर पीने के बाद वह बेसुध होने लगी और उसकी इसी हालत का फायदा उठाते हुए दोनों युवकों ने बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया। दरिंदगी की यह कहानी तब सामने आई जब युवती की एक परिचित महिला को मामले की भनक लगी और वह आनन-फानन में होटल पहुँची।

    परिचित महिला पीड़िता को लेकर तुरंत कोतवाली थाने पहुँची, लेकिन उस वक्त युवती इस कदर नशे में थी कि पुलिस के लिए उसका बयान दर्ज करना नामुमकिन था। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे प्राथमिक इलाज और रिकवरी के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। मंगलवार को जब युवती की स्थिति में सुधार हुआ और मेडिकल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी हुई, तब जाकर पुलिस ने दुर्गेश हरोड़े और अतुल घोरसे नामक दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

    कोतवाली निरीक्षक आशीष कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी दुर्गेश हरोड़े को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, घटना में शामिल दूसरा आरोपी अतुल घोरसे अभी भी फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि कैसे जान-पहचान वाले लोग ही रक्षक की जगह भक्षक बन रहे हैं। फिलहाल, छिंदवाड़ा पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई तेज़ कर दी है ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।