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  • Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत

    Madhya Pradesh Weather: 27 अगस्त तक बारिश का दौर, डिंडौरी-बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट; विदिशा से रीवा तक बारिश बनी मुसीबत


    भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मानसून ट्रफ चक्रवाती परिसंचरण और निम्न दबाव क्षेत्र से बने मजबूत मौसम सिस्टम के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। अगले 24 घंटे में खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने डिंडौरी और बालाघाट में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए 4 से 8 इंच तक बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा विदिशा सागर रायसेन नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा पांढुर्णा नरसिंहपुर दमोह सिवनी जबलपुर मंडला कटनी उमरिया शहडोल अनूपपुर रीवा मऊगंज सीधी और छतरपुर में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

    राजधानी भोपाल में रविवार रात तेज बारिश हुई। वहीं विदिशा जिले के लटेरी में करीब एक घंटे हुई मूसलाधार बारिश के बाद मुख्य बाजार में पानी भर गया। सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अशोकनगर में बारिश ने एक परिवार पर दुखों का पहाड़ गिरा दिया। ईसागढ़ के नरसूखेड़ी गांव के पास पुलिया पार करते समय करीब 30 वर्षीय अजय मराठा बाइक समेत तेज बहाव में बह गया। काफी तलाश के बाद सोमवार सुबह उसका शव झाड़ियों में फंसा मिला।

    सीधी में भी बारिश के दौरान हादसा सामने आया जहां प्रसिद्ध बढ़ौरा शिव मंदिर के पास एक महिला की पुल से गिरने के बाद मौत हो गई। दूसरी ओर रीवा के जवा जनपद की रौली गांव में बाढ़ ने अंतिम यात्रा का रास्ता भी रोक दिया। संजय गांधी अस्पताल रीवा में मोतीलाल तिवारी के निधन के बाद जब उनका शव गांव ले जाया जा रहा था तो रास्ते में तेज बहाव के कारण आगे जाना मुश्किल हो गया। ग्रामीणों ने दो ड्रमों को आपस में बांधकर उनके ऊपर शव रखा और बाढ़ के पानी को पार कराया। इसके बाद शव गांव पहुंचाया गया और अंतिम संस्कार किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी हिस्से के साथ अब पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कई जगह तेज बारिश होने की संभावना है। भोपाल सीहोर राजगढ़ इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर सतना सिंगरौली मैहर पन्ना टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

    मौसम विभाग के मुताबिक जून में बारिश की कमी के बाद जुलाई में स्थिति कुछ सुधरी थी लेकिन मानसून के दो बार ब्रेक लेने से बारिश का आंकड़ा फिर पीछे चला गया। अब अगस्त के आखिरी सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत सिस्टम ने प्रदेश के कई हिस्सों में राहत दी है। हालांकि लगातार भारी बारिश के कारण नदी नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और तेज बहाव वाले रास्तों व पुलियाओं को पार करने से बचने की सलाह दी गई है। राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का असर देखने को मिलेगा।
  • मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव! 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी बरसेंगे बादल

    मध्य प्रदेश में स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव! 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में भी बरसेंगे बादल


    भोपाल मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम बनने से शुक्रवार को जबलपुर रीवा शहडोल और सागर संभाग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में प्रदेश के 12 जिलों में 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। वहीं भोपाल इंदौर समेत कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। लगातार कुछ दिनों तक बारिश से दूरी बनी रहने के बाद गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में पानी गिरा जिससे उमस से परेशान लोगों को राहत मिली।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर नर्मदापुरम नरसिंहपुर बालाघाट मंडला डिंडौरी अनूपपुर शहडोल कटनी मऊगंज सीधी और सिंगरौली में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 4 इंच से अधिक पानी गिरने का अनुमान है। इसके अलावा भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार अलीराजपुर बड़वानी खंडवा खरगोन उज्जैन देवास रतलाम ग्वालियर रीवा सतना छिंदवाड़ा सिवनी पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार बंगाल की खाड़ी में 12 अगस्त की सुबह निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय हुआ था जो 13 अगस्त की सुबह डिप्रेशन में बदल गया। यह सिस्टम उत्तर पश्चिम दिशा में पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने की संभावना है। यही वजह है कि मध्य प्रदेश में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति भी बन सकती है।

    गुरुवार को करीब सात दिन बाद प्रदेश के कई इलाकों में बारिश हुई। इससे लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश अभी भी सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम केंद्र के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक करीब 524.8 मिलीमीटर यानी 20.7 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक करीब 597 मिलीमीटर यानी 23.5 इंच बारिश होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में बारिश करीब 12 प्रतिशत कम है।

    पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी ज्यादा है। जबलपुर रीवा सागर और शहडोल संभाग में सामान्य से करीब 19 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है। बालाघाट छतरपुर छिंदवाड़ा दमोह डिंडौरी जबलपुर कटनी मैहर मंडला नरसिंहपुर पन्ना रीवा सागर सतना सिवनी शहडोल सीधी सिंगरौली टीकमगढ़ और उमरिया समेत कई जिलों में सामान्य से कम पानी गिरा है। पश्चिमी हिस्से में भी कई जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। हालांकि भोपाल गुना सीहोर राजगढ़ ग्वालियर अनूपपुर भिंड बुरहानपुर देवास बड़वानी खंडवा और खरगोन में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।

    इस मानसून सीजन में जून के दौरान प्रदेश में बारिश करीब 14 प्रतिशत कम रही थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति कुछ सुधरी लेकिन इसके बाद मानसून ने दो बार ब्रेक लिया। कई दिनों तक बारिश नहीं होने से आंकड़ा फिर सामान्य से नीचे चला गया। जुलाई में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। अब अगस्त में सक्रिय हुए सिस्टम से उम्मीद है कि प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक दूर होगी।

    राजधानी भोपाल में अगस्त महीने में भारी बारिश का इतिहास रहा है। अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश दर्ज हुई थी। 14 अगस्त 2006 को 24 घंटे में करीब 12 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड भी रहा है। इंदौर में अगस्त महीने में सर्वाधिक करीब 28 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1944 में दर्ज हुआ था। ग्वालियर में 24 घंटे में करीब साढ़े 8 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1927 का है। जबलपुर में अगस्त 1923 में करीब 44 इंच बारिश दर्ज होने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड है। उज्जैन में भी अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश दर्ज की गई थी।

    फिलहाल मौसम का रुख देखते हुए पूर्वी मध्य प्रदेश के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान नदी नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखना और अनावश्यक रूप से जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचना बेहतर रहेगा।

  • आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद

    आधे मानसून में ही पिछड़ी बारिश, प्रदेश के 49 जिले प्रभावित; तीन दिन का अलर्ट बढ़ाएगा राहत की उम्मीद


    भोपाल। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही है। प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 18 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण कई जिलों में सूखे जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस मानसूनी सीजन में प्रदेश में अब तक केवल 16.3 इंच वर्षा हुई है, जबकि इस समय तक करीब 20 इंच बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी लगभग 3.7 इंच पानी की कमी दर्ज की गई है। इसका असर खेती, जलाशयों और भूजल स्तर पर भी दिखाई देने लगा है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से 49 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। केवल छह जिलों में ही औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। राजधानी भोपाल में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि इंदौर में 2 प्रतिशत, उज्जैन में 14 प्रतिशत और जबलपुर में 29 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राहत की बात केवल ग्वालियर के लिए है, जहां अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    भोपाल, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा और नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के कुछ जिलों में अपेक्षाकृत बेहतर बारिश हुई है। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में मानसून का वितरण संतुलित नहीं रहा है।

    हालांकि पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिली। सीधी जिले में सबसे अधिक करीब 3 इंच वर्षा दर्ज की गई। ग्वालियर में 2.3 इंच, दतिया में 2 इंच, रीवा में 1.8 इंच, सतना में 1.2 इंच और शिवपुरी में लगभग 1 इंच बारिश हुई। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर, शाजापुर, मंडला, टीकमगढ़, बालाघाट और छतरपुर सहित 20 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए राहत भरी संभावना जताई है। विभाग के अनुसार प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और दमोह जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, खरगोन, झाबुआ, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, सागर और कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से तेज बारिश होने की संभावना है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। यदि यह मौसम प्रणाली मजबूत बनी रही तो अगले कुछ दिनों में लगातार अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे अब तक की बारिश की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगस्त का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और यदि इस दौरान अच्छी वर्षा होती है तो खरीफ फसलों को बड़ा फायदा मिलेगा।

  • एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

    एमपी में अगले 24 घंटे भारी, 23 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी; नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरे शबाब पर है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 23 जिलों में भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और नदी नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है क्योंकि कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार सागर दमोह बैतूल देवास आलीराजपुर उमरिया सिवनी छिंदवाड़ा और अनूपपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं रतलाम उज्जैन धार शाजापुर सीहोर विदिशा गुना नर्मदापुरम नरसिंहपुर जबलपुर मंडला बालाघाट डिंडौरी और पन्ना में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल ग्वालियर मुरैना दतिया शिवपुरी रीवा सतना सीधी सिंगरौली खंडवा खरगोन हरदा और अन्य कई जिलों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    बालाघाट जिले से सोमवार सुबह सामने आए वीडियो ने लोगों की चिंता बढ़ा दी। किरनापुर और लांजी के बीच बहने वाली बाघ नदी में तेज बहाव के कारण कार जेसीबी और लोडर जैसी मशीनें पानी में बहती दिखाई दीं। बताया जा रहा है कि यहां प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 150 मीटर लंबे पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। हालांकि निर्माण कंपनी की ओर से घटना की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।

    बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा में लगभग 3 इंच बारिश हुई जबकि उज्जैन और बालाघाट में सवा दो इंच तथा उमरिया और खजुराहो में करीब 2 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। टीकमगढ़ सिवनी श्योपुर ग्वालियर भोपाल मंडला और कई अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई।

    बारिश के बीच पांढुर्णा जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। वहीं सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया। कई शहरों में बाजारों और सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 163.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जो सामान्य से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है जबकि पूर्वी हिस्से में अब भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम बना हुआ है। विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा तथा इसी महीने प्रदेश में कुल मानसूनी बारिश का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा दर्ज होने की संभावना है।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि तेज बारिश के दौरान नदी नालों को पार करने का प्रयास न करें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें। अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं।

  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी भोपाल, सीहोर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मजदूर राधेश्याम और गृहिणी केनू शामिल हैं। केनू अपने पीछे तीन साल के बेटे को छोड़ गई हैं। उधर बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर होने के कारण सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक सहित नदी के रपटे से बह गए थे। रातभर चले तलाश अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।

    पांढुर्णा जिले में सोमवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह मुंगणापार-मोहगांव मार्ग पर एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रशासन ने पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी और शुरुआती दौर में 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह एक ही क्षेत्र में ठहर गया। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना रहा। फिलहाल मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी जबकि अभी तक केवल 75.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों में नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना

    MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आहट के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। श्योपुर, सागर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में हुआ, जहां आंधी और बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर में आधा इंच पानी बरसा।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने के आसार हैं।

    श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा और बहू राजवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। वहीं जिले में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सीहोर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 56, ग्वालियर में 57 और अशोकनगर में 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी ने भी जनजीवन को प्रभावित किया।

    हालांकि, जून माह में अब तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद मानसून की औपचारिक एंट्री होने पर बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने के साथ किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

    MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है।

    शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।

  • एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

    एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग के बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल या जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित 18 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    10 और 11 जून को लू का भी असर

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9 से 11 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गर्मी तीनों का असर देखने को मिलेगा। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8, मलाजखंड में 41.7 और राजगढ़ में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर

    मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून की बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

    रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र में मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी बनी हुई है।

    भोपाल और आसपास के इलाकों में राहत के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

    मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी नमी और उमस

    इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में वर्षा का दायरा सीमित रहने की संभावना है।

    तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां मौसम सुहावना रहेगा, जबकि केवल बादल छाए रहने वाले इलाकों में उमस बढ़ सकती है।

    मानसून के स्वागत की तैयारी

    मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों और मानसून की प्रगति को देखते हुए प्रदेश में मानसून प्रवेश की अनुकूल स्थिति बन रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहे तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी है, लेकिन बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के साथ उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।

  • मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल।
    इस बार नौतपा में मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर इस दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, वहीं प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जबकि रविवार सुबह राजधानी भोपाल के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक भोपाल में तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    47 जिलों में बारिश, 8 जिलों में ओलों की चेतावनी
    मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मई माह में यह पहली बार होगा जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगभग समाप्त रहेगा।

    दो दिनों से जारी है बारिश का सिलसिला
    पिछले दो दिनों से प्रदेश में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में आधा इंच और नौगांव में करीब पौन इंच बारिश हुई।

    ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, दमोह, रीवा, सतना, उमरिया, खरगोन, शिवपुरी, डिंडौरी, मंदसौर, खंडवा, शाजापुर, देवास, झाबुआ, मुरैना, बैतूल, बालाघाट और श्योपुर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।

    तीन दिन में 12 डिग्री तक गिरा तापमान
    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल नौगांव में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। यानी तीन दिनों में करीब 12 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

    शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर 38.2 डिग्री, इंदौर 38.8 डिग्री, उज्जैन 39 डिग्री और भोपाल 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा।

    आज का मौसम अलर्ट
    देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    आंधी और बारिश की संभावना

    अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 31 मई के बाद से हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।