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  • पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

    पूरे मध्य प्रदेश में छाया मानसून अब चार दिन भारी बारिश का दौर 13 जिलों में अलर्ट कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुरुवार को मानसून ने प्रदेश के सभी जिलों को कवर कर लिया जिसके साथ ही पूरे राज्य में बारिश का दौर तेज होने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और यलो अलर्ट घोषित किया गया है जबकि कई क्षेत्रों में जलभराव तेज बहाव और बिजली गिरने जैसी स्थितियों को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

    इस वर्ष प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और नौ दिनों के भीतर पूरे मध्य प्रदेश में फैल गया। हालांकि सामान्य स्थिति में मानसून 15 जून तक प्रदेश में पहुंच जाता है इसलिए इस बार इसकी एंट्री करीब नौ दिन देर से हुई। इसके बावजूद अब मानसून तेजी से सक्रिय हो चुका है और अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार हरदा नर्मदापुरम रायसेन छिंदवाड़ा पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार से आठ इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं अशोकनगर देवास खंडवा बैतूल सागर मंडला और डिंडौरी में भारी बारिश का यलो अलर्ट घोषित किया गया है। इसके अलावा भोपाल इंदौर उज्जैन ग्वालियर जबलपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश और आंधी की संभावना बनी हुई है।

    बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून का असर साफ दिखाई दिया। इंदौर में तेज बारिश के कारण कई सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया। एक थार वाहन तेज बहाव में नाले में गिर गया जिसमें पूरा परिवार सवार था। स्थानीय लोगों की सतर्कता से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। वहीं इंदौर के अहीरखेड़ी काकड़ क्षेत्र में रपटा पार करते समय दो युवक तेज बहाव में बह गए। एक युवक को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि दूसरे की तलाश पुलिस और बचाव दल लगातार कर रहे हैं। महू में भी एक कार पानी के तेज बहाव में फंस गई जिसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि पांच जुलाई तक प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। तीन जुलाई को धार और बड़वानी में रेड अलर्ट जारी किया गया है जबकि चार जुलाई को खरगोन में भी अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में नदी नालों के किनारे रहने वाले लोगों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    हालांकि प्रदेश में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। एक जुलाई तक मध्य प्रदेश में लगभग चार इंच वर्षा हुई है जबकि सामान्य औसत इससे काफी अधिक रहता है। इसके बावजूद मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे अधिक वर्षा वाला समय होता है और पूरे मानसून की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ने की उम्मीद है और इससे खेती के साथ जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बेहतर होने की संभावना है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल

    मध्य प्रदेश में मानसून का असर तेज: 50 जिलों में बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने से दो की मौत, बैतूल में नदी बनी काल


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मानसून का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली। राजधानी भोपाल, सीहोर और पांढुर्णा समेत कई जिलों में सुबह से बादल छाए रहे और कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने प्रदेश के 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    बारिश के बीच कई जिलों से हादसों की खबरें भी सामने आई हैं। खरगोन जिले में दो अलग-अलग घटनाओं में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। मृतकों में मजदूर राधेश्याम और गृहिणी केनू शामिल हैं। केनू अपने पीछे तीन साल के बेटे को छोड़ गई हैं। उधर बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र में चंपा नदी उफान पर होने के कारण सोमवार रात बड़ा हादसा हो गया। सिप्लाई गांव के राजेश बिहारे और दद्दू धुर्वे बाइक सहित नदी के रपटे से बह गए थे। रातभर चले तलाश अभियान के बाद मंगलवार सुबह दोनों के शव रपटे से करीब एक किलोमीटर दूर झाड़ियों में मिले।

    पांढुर्णा जिले में सोमवार रात से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। मंगलवार सुबह मुंगणापार-मोहगांव मार्ग पर एक बड़ा पेड़ बिजली के तारों पर गिर गया जिससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आसपास के आठ गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। प्रशासन ने पेड़ हटाने और बिजली व्यवस्था बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।

    मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, आगर मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कुल 50 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में हल्की बारिश की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी और शुरुआती दौर में 15 जिलों तक इसकी आधिकारिक पहुंच दर्ज की गई थी। हालांकि इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई और वह एक ही क्षेत्र में ठहर गया। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी और उमस का असर भी बना रहा। फिलहाल मानसून के तेजी से आगे बढ़ने के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन अगले कुछ दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

    एक जून से अब तक प्रदेश में औसतन 124.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी जबकि अभी तक केवल 75.7 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में औसत से करीब 39 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 68 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी 11 प्रतिशत है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान नदी-नालों से दूर रहने, आकाशीय बिजली के समय खुले स्थानों में नहीं जाने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

  • MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना

    MP में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का बदला मिजाज, 5 जिलों में तेज आंधी का अलर्ट; 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश की संभावना


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून के आगमन की आहट के साथ मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ा दी है और मौसम विभाग का अनुमान है कि 15 से 18 जून के बीच मानसून प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। इससे पहले पूरे प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल रही है।

    शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। श्योपुर, सागर, डिंडौरी, जबलपुर, नरसिंहपुर और सिवनी सहित कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर दिखाई दिया। सबसे ज्यादा नुकसान श्योपुर जिले में हुआ, जहां आंधी और बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में चार लोगों की जान चली गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि सागर में आधा इंच पानी बरसा।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर समेत 33 जिलों में गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, खरगोन, बड़वानी, देवास, शाजापुर और आगर-मालवा सहित पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने के आसार हैं।

    श्योपुर जिले के रजपुरा गांव में तेज हवाओं के कारण एक कच्ची दीवार गिर गई, जिससे एक ही परिवार के चार सदस्य मलबे में दब गए। इस हादसे में भीमा आदिवासी, उनकी पत्नी सीमा और बहू राजवती की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए राजस्थान रेफर किया गया है। वहीं जिले में ही तेज आंधी के दौरान एक ऑटो पलटने से एक महिला की भी मौत हो गई।

    पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सीहोर में हवा की रफ्तार सबसे अधिक 74 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। भोपाल में 56, ग्वालियर में 57 और अशोकनगर में 59 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी ने भी जनजीवन को प्रभावित किया।

    हालांकि, जून माह में अब तक प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में अब तक औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में सामान्य से 55 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में औसतन 2 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। इसके बाद मानसून की औपचारिक एंट्री होने पर बारिश का दायरा और व्यापक हो सकता है। इससे तापमान में और गिरावट आने के साथ किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

  • MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

    MP में जल्‍द दस्‍तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है।

    शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है।

    मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है।

    वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है।

    बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।

  • एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट

    एमपी में 15 से 18 जून के बीच मानसून आने की संभावना, आज 18 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश में मानसून की एंट्री अगले सप्ताह 15 से 18 जून के बीच होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून प्रदेश में इंदौर संभाग के बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, बैतूल या जबलपुर संभाग के छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों के रास्ते प्रवेश कर सकता है। फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय बनी हुई हैं।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का दौर जारी रहेगा। मंगलवार को बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया और शहडोल सहित 18 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    10 और 11 जून को लू का भी असर

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 9 से 11 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गर्मी तीनों का असर देखने को मिलेगा। वहीं 10 और 11 जून को भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हीटवेव यानी लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।

    कई जिलों में 42 डिग्री के पार पहुंचा पारा

    प्रदेश में बारिश की गतिविधियों के बावजूद गर्मी का असर बरकरार है। सोमवार को कई जिलों में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। मंडला सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। छिंदवाड़ा में 42.1, खजुराहो में 42, दमोह में 41.8, मलाजखंड में 41.7 और राजगढ़ में 41.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में 41.6 डिग्री, जबलपुर में 40 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री, भोपाल में 38.7 डिग्री और इंदौर में 38.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    प्रदेश में एक साथ दिख रहा तीन मौसमों का असर

    मौसम विभाग का कहना है कि मध्य प्रदेश इस समय मौसम के संक्रमण काल से गुजर रहा है। प्रदेश में एक ओर भीषण गर्मी है, वहीं दूसरी ओर प्री-मानसून की बारिश और बढ़ती नमी का प्रभाव भी दिखाई दे रहा है।

    रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट और सिवनी जिलों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। महाकौशल क्षेत्र में मध्यम बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका भी बनी हुई है।

    भोपाल और आसपास के इलाकों में राहत के आसार

    भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा समेत प्रदेश के मध्य भागों में दोपहर बाद बादल छाने, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इससे पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी से राहत मिल सकती है। वहीं सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में भी वर्षा गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।

    मालवा-निमाड़ में बढ़ेगी नमी और उमस

    इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन, बड़वानी, खंडवा और बुरहानपुर जिलों में अरब सागर से आने वाली नमी का असर देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश की तुलना में वर्षा का दायरा सीमित रहने की संभावना है।

    तापमान में 2 से 5 डिग्री तक गिरावट संभव

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी दर्ज की जा सकती है। जिन क्षेत्रों में बारिश होगी वहां मौसम सुहावना रहेगा, जबकि केवल बादल छाए रहने वाले इलाकों में उमस बढ़ सकती है।

    मानसून के स्वागत की तैयारी

    मौजूदा मौसमीय परिस्थितियों और मानसून की प्रगति को देखते हुए प्रदेश में मानसून प्रवेश की अनुकूल स्थिति बन रही है। यदि अगले कुछ दिनों तक यही हालात बने रहे तो दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी करने की सलाह दी है, लेकिन बुवाई से पहले व्यापक और स्थायी बारिश का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

    मौसम में बदलाव की वजह

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम के साथ उत्तर-पूर्वी हिस्से में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन बनी हुई है। इसके कारण प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं 11 जून को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर भी मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है।

  • मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मप्र में बदला मौसम का मिजाज, आज 47 जिलों में बारिश और 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल।
    इस बार नौतपा में मध्य प्रदेश का मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। जहां आमतौर पर इस दौरान भीषण गर्मी और लू का असर रहता है, वहीं प्रदेश में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शनिवार को 20 से अधिक जिलों में बारिश हुई, जबकि रविवार सुबह राजधानी भोपाल के कई इलाकों में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

    शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे से तड़के 3 बजे तक भोपाल में तेज हवाएं चलीं। आंधी के कारण शहर के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

    47 जिलों में बारिश, 8 जिलों में ओलों की चेतावनी
    मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल जिलों में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।

    इसके अलावा प्रदेश के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। राहत की बात यह है कि कहीं भी लू चलने की चेतावनी जारी नहीं की गई है। मई माह में यह पहली बार होगा जब पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का असर लगभग समाप्त रहेगा।

    दो दिनों से जारी है बारिश का सिलसिला
    पिछले दो दिनों से प्रदेश में मौसम प्रणाली सक्रिय बनी हुई है। शुक्रवार शाम से शनिवार रात तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश हुई। टीकमगढ़ में सवा इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जबकि दतिया में आधा इंच और नौगांव में करीब पौन इंच बारिश हुई।

    ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, धार, गुना, दमोह, रीवा, सतना, उमरिया, खरगोन, शिवपुरी, डिंडौरी, मंदसौर, खंडवा, शाजापुर, देवास, झाबुआ, मुरैना, बैतूल, बालाघाट और श्योपुर सहित कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में ओलावृष्टि की भी सूचना मिली है।

    तीन दिन में 12 डिग्री तक गिरा तापमान
    लगातार बारिश और बादलों के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। कुछ दिन पहले तक प्रदेश के सबसे गर्म शहरों में शामिल नौगांव में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब घटकर 35.5 डिग्री सेल्सियस रह गया है। यानी तीन दिनों में करीब 12 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई है।

    शनिवार को प्रदेश के 20 शहरों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा। प्रमुख शहरों में ग्वालियर का तापमान 35.6 डिग्री, जबलपुर 38.2 डिग्री, इंदौर 38.8 डिग्री, उज्जैन 39 डिग्री और भोपाल 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान नरसिंहपुर में 43.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कई शहरों में तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा।

    आज का मौसम अलर्ट
    देवास, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, छतरपुर, कटनी, उमरिया और शहडोल में ओलावृष्टि और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    आंधी और बारिश की संभावना

    अगले कुछ दिन ऐसा रहेगा मौसम
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 3 जून तक प्रदेश में आंधी, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 31 मई के बाद से हीटवेव का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

  • एमपी में आज 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दो सिस्टम एक्टिव, रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में आज 13 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, दो सिस्टम एक्टिव, रविवार से फिर बढ़ेगी गर्मी

    भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्रदेश के बीच से दो ट्रफ लाइन गुजर रही हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय बना हुआ है। इसी के असर से कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। शुक्रवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम बदला रहा, वहीं शनिवार के लिए 13 जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

    मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी और सिंगरौली जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

    शुक्रवार को भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के अलग रंग दिखाई दिए। कहीं तेज गर्मी रही तो कहीं आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई। सिवनी, छिंदवाड़ा, रायसेन, सागर, दमोह, बालाघाट, भोपाल, देवास, खरगोन, राजगढ़, विदिशा, टीकमगढ़, अशोकनगर, शिवपुरी, बैतूल, नरसिंहपुर, मंडला, पांढुर्णा, डिंडौरी और अनूपपुर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।

    दूसरी ओर कई शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। शाजापुर में पारा 42.6 डिग्री तक पहुंचा। बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में 42.4 डिग्री, भोपाल और इंदौर में 41.2 डिग्री, जबलपुर में 38.8 डिग्री तथा ग्वालियर में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

    मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, मई की शुरुआत से ही प्रदेश में मौसम सामान्य नहीं रहा है। आमतौर पर इस समय भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर बना हुआ है। इसके पीछे चक्रवात, ट्रफ लाइन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस को प्रमुख वजह बताया गया है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आएगी और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी। रविवार से अधिकांश जिलों में पारे में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार आंधी और बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान या पक्के मकान में शरण लेने की सलाह दी गई है। वहीं, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान होने की आशंका भी जताई गई है।

  • एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    एमपी में आज 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों की चेतावनी, 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    भोपाल। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच पिछले दो दिनों से प्रदेश के आधे से अधिक जिले आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को ग्वालियर सहित 21 जिलों में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

    पिछले दो दिनों में प्रदेश के करीब 35 जिलों में कहीं न कहीं बारिश, आंधी या ओले गिर चुके हैं, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को भी कई जिलों में मौसम खराब रहा। आज जिन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है, उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, अलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, रतलाम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रहेगा। हालांकि कुछ इलाकों में दोपहर बाद मौसम बदल सकता है, खासकर भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा और शहडोल संभाग में।

    शुक्रवार को जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई। वहीं खंडवा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नरसिंहपुर में 42.2 डिग्री, रतलाम में 41.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 41 डिग्री, बैतूल में 40.8 डिग्री, गुना में 40.4 डिग्री, जबकि शाजापुर, दमोह और सागर में 40.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। श्योपुर में पारा 40 डिग्री दर्ज हुआ। अगर बड़े शहरों की बात करें तो उज्जैन में तापमान 40.5 डिग्री के साथ सबसे अधिक रहा। भोपाल में 39.8 डिग्री, इंदौर में 39.4 डिग्री, ग्वालियर में 37.4 डिग्री और जबलपुर में 38 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    आमतौर पर मई महीने की शुरुआत तेज गर्मी के साथ होती है, लेकिन इस बार मौसम का रुख बदला हुआ है और महीने की शुरुआत आंधी-बारिश से हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह स्थिति 5 मई तक बनी रह सकती है। मौसम में इस बदलाव की वजह साइक्लोनिक सर्कुलेशन और हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इन सिस्टम्स के चलते प्रदेश में आगे भी आंधी और बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में 26 मार्च से फिर करवट बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट, पहले बढ़ेगी तेज गर्मी

    एमपी में 26 मार्च से फिर करवट बदलेगा मौसम, बारिश-आंधी का अलर्ट, पहले बढ़ेगी तेज गर्मी

    भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम सप्ताह में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, 26 मार्च से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। इस सिस्टम का असर खासतौर पर पूर्वी मध्य प्रदेश जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के 20 से अधिक जिलों में देखने को मिलेगा।

    हालांकि, इससे पहले प्रदेशवासियों को अगले तीन दिनों तक तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 26 मार्च से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा। फिलहाल दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उससे लगे पाकिस्तान क्षेत्र में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम बना हुआ है, लेकिन इसका प्रभाव प्रदेश में नहीं दिखेगा।

    बारिश थमी तो बढ़ी गर्मी

    18 से 21 मार्च के बीच प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी रहा, जो सप्ताहांत में थम गया। इसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को अधिकांश शहरों में पारा 32 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। प्रमुख शहरों में उज्जैन में 34 डिग्री, इंदौर में 33.3 डिग्री, भोपाल में 33 डिग्री, ग्वालियर में 31.8 डिग्री और जबलपुर में 31.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    वहीं, नर्मदापुरम प्रदेश का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा रायसेन में 37.6 डिग्री, रतलाम में 37.2 डिग्री, खरगोन और नरसिंहपुर में 36 डिग्री तथा गुना में 33 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। लगभग सभी शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई।

    4 दिन में 45 जिलों में असर, फसलों को नुकसान

    पिछले चार दिनों में सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के चलते प्रदेश के 45 जिलों में आंधी और बारिश हुई, जबकि 17 जिलों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। तेज हवाओं और ओलों के कारण केला, पपीता और गेहूं जैसी फसलों को नुकसान पहुंचा है। धार और खरगोन समेत कई जिलों में इसका प्रभाव अधिक रहा।

    अप्रैल-मई में पड़ेगी भीषण गर्मी

    मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि इस साल अप्रैल और मई में गर्मी अपने चरम पर होगी। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।

  • एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

    एमपी में हीट अटैक के बीच बारिश की चेतावनी: मार्च में पहली बार मावठा के आसार, कई जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। प्रदेश में हीट अटैक जैसे हालात के बीच मौसम विभाग ने अगले चार दिनों में कई इलाकों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार मार्च के महीने में पहली बार मावठा गिरने की संभावना बन रही है। हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में गर्म हवाओं और तेज धूप का असर भी जारी रहेगा।

    मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस और ट्रफ लाइन के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। 17 मार्च के आसपास एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है जिसके असर से मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाने गरज चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है।

    पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 16 मार्च को छिंदवाड़ा बालाघाट बैतूल पंढुर्ना मंडला सिवनी अनूपपुर और डिंडोरी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    इसके बाद 17 मार्च को भी कुछ जिलों में बारिश का असर जारी रह सकता है। इस दिन बालाघाट सिवनी मंडला अनूपपुर और डिंडोरी में बादल गरजने के साथ पानी गिरने के असर हैं। वहीं 18 मार्च को मौसम का असर और बढ़ सकता है। इस दौरान ग्वालियर मुरैना भिंड श्योपुर शहडोल के साथ साथ बालाघाट मंडला डिंडोरी सिवनी अनूपपुर पांढुर्णा और छिंदवाड़ा में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    दूसरी ओर प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस की गईं। राजधानी भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।

    सबसे ज़्यादा तापमान नर्मदापुरम में रिकॉर्ड किया गया जहाँ पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। इसके अलावा खरगोन में तापमान 39.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं शाजापुर सतना सिवनी सागर छिंदवाड़ा खजुराहो खंडवा रतलाम रायसेन मंडला दमोह गुना बैतूल नरसिंहपुर धार उमरिया और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में जहां कुछ जिलों में बारिश और आंधी से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है वहीं कई क्षेत्रों में हीट वेव जैसे हालात बने रहेंगे। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।