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  • MP में शिक्षक भर्ती को मिली रफ्तार, 12 मई से शुरू होगी चॉइस फिलिंग

    MP में शिक्षक भर्ती को मिली रफ्तार, 12 मई से शुरू होगी चॉइस फिलिंग


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने 4000 माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। अब चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्कूलों का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा।

    उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जानकारी दी कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के अनुसार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति देना है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रही है और किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं है।

    यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा ली गई। लंबे इंतजार के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित किया गया। हालांकि करीब 10,700 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी होने के बावजूद पिछले नौ महीनों से नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई थी, जिससे उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ रही थी।

    भोपाल में हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद सरकार ने प्रक्रिया को तेज करते हुए नियुक्ति आदेश जारी किए। इसके बाद अब चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कूलों का चयन करना होगा। उन्हें अपने संबंधित जिले या संभाग के सभी स्कूलों को प्राथमिकता क्रम में भरना अनिवार्य किया गया है।

    विभाग ने स्पष्ट किया है कि चॉइस फिलिंग केवल तभी पूरी मानी जाएगी जब पोर्टल शुल्क जमा कर दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा में स्कूल विकल्प नहीं भरता है, तो उसे बची हुई रिक्तियों के आधार पर स्कूल आवंटित किया जाएगा, जिससे मनचाहा स्कूल मिलने की संभावना कम हो जाएगी।

    इसके अलावा, दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी चल रही है। सभी चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उनकी अंतिम पात्रता तय होगी और उसके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से एमपी ऑनलाइन के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें, क्योंकि सभी महत्वपूर्ण अपडेट और निर्देश वहीं जारी किए जाएंगे। विशेष पदों जैसे संगीत, नृत्य और खेल विषयों के लिए अलग से सूची जारी की जाएगी।

    सरकार का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और जल्द ही सभी चयनित अभ्यर्थियों को अंतिम नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे।

  • रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का अर्धनग्न प्रदर्शन जारी

    रिक्त पदों पर भर्ती की मांग को लेकर चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का अर्धनग्न प्रदर्शन जारी


    भोपाल /मध्यप्रदेश में चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है राजधानी भोपाल में दूसरे दिन भी चयनित अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर डटे रहे और सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए मुंडन कराकर विरोध दर्ज कराया भावी शिक्षकों का कहना है कि वे चयनित होने के बावजूद नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं जबकि प्रदेश में हजारों शिक्षक पद आज भी खाली पड़े हैं

    सोमवार को अभ्यर्थियों ने पैदल मार्च निकालते हुए लोक शिक्षण संचालनालय का घेराव किया था इसके बाद मंगलवार को आंदोलन और उग्र रूप में सामने आया जब भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने मुंडन कराकर अपना आक्रोश जताया कई अभ्यर्थी अर्धनग्न अवस्था में प्रदर्शन करते नजर आए उनका कहना है कि यह आंदोलन सम्मान और रोजगार के लिए हैप्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि प्रदेश में हजारों शिक्षक पद रिक्त होने के बावजूद सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया में सीटों की संख्या कम कर दी गई है उनका कहना है कि शिक्षक भर्ती परीक्षाएं ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं वर्तमान में केवल 13 हजार पदों पर भर्ती निकाली गई है जबकि आवश्यकता कहीं अधिक है

    अभ्यर्थियों के अनुसार माध्यमिक शिक्षकों के करीब 10 हजार पद रिक्त हैं जबकि प्राथमिक शिक्षकों के लगभग 3 हजार पद खाली हैं इसके बावजूद सरकार ने केवल सीमित संख्या में ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की है चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से तैयारी कर रहे हैं परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं फिर भी नियुक्ति नहीं मिलने से उनका भविष्य अंधकार में है

    प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि शिक्षक भर्ती की संख्या बढ़ाकर कम से कम 25 हजार पदों पर नियुक्ति की जाए इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण भी जल्द शुरू किया जाए ताकि रिक्त पदों को भरा जा सके उनका कहना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और इसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था पर पड़ रहा है

    भूख हड़ताल पर बैठे अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ नौकरी की नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की है

    राजधानी भोपाल में चल रहे इस प्रदर्शन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला हैचयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का यह आंदोलन अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है मुंडन और अर्धनग्न प्रदर्शन के जरिए उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे अपने हक के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं जब तक रिक्त पदों पर भर्ती नहीं होती और नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा