Tag: mp teachers news

  • शिक्षकों के लिए बड़ी खबर दिसंबर में TET की तैयारी तेज आवेदन कम होने पर फिर बढ़ सकती है अंतिम तारीख

    शिक्षकों के लिए बड़ी खबर दिसंबर में TET की तैयारी तेज आवेदन कम होने पर फिर बढ़ सकती है अंतिम तारीख


    भोपाल । मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा TET को लेकर गुरुवार को बड़ा फैसला हो सकता है। प्रदेश में लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए आवेदन की तारीख एक बार फिर बढ़ाए जाने की संभावना है। अभी तक करीब 19100 शिक्षकों ने ही परीक्षा के लिए आवेदन किया है। आवेदन की संख्या कम होने के कारण शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी आवेदन के लिए अतिरिक्त समय देने पर विचार कर रहे हैं। गुरुवार को होने वाली बैठक में तय किया जाएगा कि शिक्षकों को आवेदन के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाएगा या फिर 15 दिन की मोहलत मिलेगी।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश में शिक्षकों की पात्रता परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। राज्य शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने परीक्षा कराने की जिम्मेदारी माध्यमिक शिक्षा मंडल को दी है। इसके बाद परीक्षा की व्यवस्थाओं को लेकर मंडल और लोक शिक्षण संचालनालय के स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव बुद्धेश वैद्य सहित संबंधित अधिकारी बैठक में परीक्षा की आगे की प्रक्रिया पर चर्चा करेंगे।

    परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया पहले कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से शुरू की गई थी। शुरुआत में आवेदन के लिए समय निर्धारित किया गया था लेकिन अपेक्षाकृत कम आवेदन आने के बाद अंतिम तारीख में बदलाव किया गया। इसके बावजूद 16 सितंबर तक आवेदन करने वाले शिक्षकों की संख्या करीब 19100 ही पहुंच सकी है। अब विभाग चाहता है कि पात्र शिक्षकों को परीक्षा में शामिल होने के लिए पर्याप्त अवसर मिले। इसी वजह से आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

    अधिकारियों की बैठक के बाद यह स्पष्ट होगा कि आवेदन की अवधि कितने दिनों के लिए बढ़ाई जाएगी। निर्णय होने के बाद एमपी ऑनलाइन और कर्मचारी चयन मंडल को आवेदन अवधि बढ़ाने से संबंधित जानकारी दी जाएगी। इसके बाद शिक्षक निर्धारित अतिरिक्त अवधि में परीक्षा के लिए आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा की तारीख फिलहाल आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है लेकिन माध्यमिक शिक्षा मंडल की तैयारियों को देखते हुए दिसंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में परीक्षा आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

    मंडल के अधिकारियों के अनुसार परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षकों की संख्या सामने आने के बाद व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। परीक्षा केंद्रों से लेकर प्रश्नपत्र और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के लिए तैयारी में समय लगता है। इसी वजह से आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद परीक्षा की तारीख तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में दिसंबर में TET कराने की संभावना बनी हुई है।

    इधर शिक्षक पात्रता परीक्षा के साथ शिक्षकों से जुड़े दूसरे मुद्दे भी चर्चा में हैं। लंबे समय से उच्च पद का प्रभार संभाल रहे शिक्षक पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता चाहते हैं। पदोन्नति प्राप्त कर चुके कई शिक्षकों को पदस्थापना आदेश का इंतजार भी है। शिक्षकों का कहना है कि पदोन्नति के बाद नवीन दायित्व और कार्यस्थल को लेकर जल्द स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

    इसके अलावा ई-अटेंडेंस व्यवस्था में सामने आ रही तकनीकी और व्यवहारिक दिक्कतों के समाधान की मांग भी उठ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या और तकनीकी कारणों से उपस्थिति दर्ज नहीं होने जैसी स्थितियों को लेकर शिक्षकों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश की जरूरत बताई जा रही है। शिक्षक वर्ग चाहता है कि TET से लेकर पदोन्नति और ई-अटेंडेंस तक सभी मामलों में विभाग लिखित और समयबद्ध निर्देश जारी करे। अब गुरुवार की बैठक के बाद TET आवेदन की अंतिम तारीख और परीक्षा की संभावित समय-सारिणी को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है।

  • सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब TET पास किए बिना नहीं बन सकेंगे शिक्षक

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अब TET पास किए बिना नहीं बन सकेंगे शिक्षक


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश सहित पूरे देश में शिक्षक भर्ती और प्रमोशन को लेकर बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। अब शिक्षक बनने या पदोन्नति पाने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास करना अनिवार्य होगा। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख सामने आया है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि बिना योग्यता परीक्षा के कोई भी व्यक्ति शिक्षक नहीं बन सकता। यह निर्णय Supreme Court of India के हालिया आदेश के बाद चर्चा में आया है, जिसके तहत शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए TET को न्यूनतम पात्रता मानक माना गया है।

    क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
    सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए पात्रता परीक्षा जरूरी है। कोर्ट ने यह भी संकेत दिया कि जिन शिक्षकों को पहले से कुछ छूट या राहत मिल चुकी है, उन्हें अब अतिरिक्त लाभ नहीं दिया जा सकता।

    इस फैसले के बाद अब Madhya Pradesh सहित सभी राज्यों को अपने भर्ती नियमों में बदलाव करना होगा और TET को अनिवार्य रूप से लागू करना होगा।

    किस पर पड़ेगा सीधा असर
    इस फैसले का सीधा असर तीन श्रेणियों पर पड़ेगा-
    पहला, नए उम्मीदवार जो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हैं।
    दूसरा, पहले से कार्यरत शिक्षक जो प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं।
    तीसरा, वे शिक्षक जो बिना TET पास किए सेवा में हैं।
    अब इन सभी के लिए TET पास करना अनिवार्य शर्त बन गई है, जिससे शिक्षा व्यवस्था में बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

    क्यों जरूरी माना गया TET?
    Teacher Eligibility Test (TET) को इसलिए जरूरी माना जाता है ताकि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक न्यूनतम शैक्षणिक और पेशेवर योग्यता रखते हों। इस परीक्षा में उम्मीदवारों की विषय समझ, शिक्षण क्षमता और बाल मनोविज्ञान की जांच की जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण मिलेगा।

    शिक्षकों और सिस्टम पर असर
    इस फैसले से शिक्षा विभाग में हलचल बढ़ गई है। कई राज्यों को अपनी भर्ती और प्रमोशन नीतियों को नए सिरे से तैयार करना होगा। हालांकि, लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के लिए यह नियम चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।

    आगे क्या होगा
    अब राज्य सरकारों को Supreme Court of India के निर्देशों के अनुसार भर्ती नियम अपडेट करने होंगे। आने वाले समय में TET की वैधता, छूट और अन्य नियमों पर भी स्पष्ट गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

    Madhya Pradesh में शिक्षा व्यवस्था अब एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद शिक्षक बनने और प्रमोशन की प्रक्रिया अधिक सख्त और योग्यता आधारित हो गई है। इससे जहां शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ने की उम्मीद है, वहीं कई शिक्षकों के सामने नई चुनौतियां भी खड़ी हो गई हैं।