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  • एमपी में प्री-मानसून का असर तेज, 34 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    एमपी में प्री-मानसून का असर तेज, 34 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, 6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज आंधी का दौर जारी है। बुधवार को 20 से अधिक जिलों में मौसम ने करवट ली, जबकि गुरुवार के लिए मौसम विभाग ने ग्वालियर और जबलपुर संभाग सहित 34 जिलों में आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान हवाएं 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं।

    मौसम विभाग का कहना है कि अगले सप्ताह मानसून के सक्रिय होने तक प्रदेश में प्री-मानसून का प्रभाव बना रहेगा। गुरुवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी जताई गई है।

    हालांकि कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
    हालांकि कई क्षेत्रों में आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल रही हैं, लेकिन गर्मी का असर अभी भी पूरी तरह कम नहीं हुआ है। बुधवार को खजुराहो लगातार दूसरे दिन प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर में 43.1 डिग्री, जबलपुर में 40.5 डिग्री, भोपाल में 40.4 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और इंदौर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में सक्रिय प्री-मानसून सिस्टम, ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। इसी के चलते 13 जून को ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड क्षेत्र के कुछ जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है।

    इन जिलों में आंधी-बारिश की संभावना

    गुरुवार को ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में आंधी और बारिश होने का अनुमान है। इन क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    इन इलाकों में गर्मी का असर रहेगा

    इंदौर, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भोपाल, विदिशा, सीहोर और राजगढ़ जिलों में गर्मी का असर बना रह सकता है।

    6 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    मौसम विभाग ने मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में गुरुवार को ओले गिरने की संभावना जताई है। वहीं 13 जून को ग्वालियर, भिंड, दतिया, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह जिलों में तेज आंधी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

  • MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट

    MP में बारिश का दौर जारी: झाबुआ, धार-रतलाम में झमाझम, देवास में बही कार; 45 जिलों में अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून की आधिकारिक एंट्री से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में असर दिखा रही हैं। झाबुआ, धार, पीथमपुर और रतलाम में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई, जबकि भोपाल समेत कई शहरों में बीते 24 घंटे के दौरान आंधी और बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के करीब 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती है आंधी
    मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, सतना, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

    भोपाल में आंधी से अस्त-व्यस्त हुई व्यवस्था
    राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण करीब 80 पेड़ या उनकी शाखाएं सड़कों पर गिर गईं, जिससे कई इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ। रानी कमलापति स्टेशन परिसर में लोहे का एक फ्रेम भी तेज हवाओं के कारण उड़ गया। कई क्षेत्रों में दृश्यता कम होने से वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    देवास में बड़ा हादसा टला
    देवास जिले के सतवास क्षेत्र में गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान एक कार रपटे पर पानी के तेज बहाव में बह गई। कार में चार लोग सवार थे, जिन्होंने समय रहते वाहन से कूदकर अपनी जान बचा ली। ग्रामीणों ने बाद में ट्रैक्टर और रस्सियों की मदद से कार को बाहर निकाला। इस घटना ने एक बार फिर बरसात के दौरान रपटों और पुल-पुलियों को पार करने के जोखिम को उजागर किया है।

    झाबुआ, धार और रतलाम में झमाझम बारिश
    झाबुआ में शुक्रवार सुबह जोरदार बारिश दर्ज की गई। वहीं रतलाम में सुबह करीब साढ़े चार बजे से बादल छाने लगे और कुछ ही देर में झमाझम बारिश शुरू हो गई। धार जिले के सरदारपुर, लाबरिया, बरमंडल और बाग क्षेत्र में भी तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई। हालांकि बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को फसलों को नुकसान होने की आशंका भी सताने लगी है।

    तापमान में आई बड़ी गिरावट
    आंधी और बारिश का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। इंदौर में एक ही रात में 6.8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल में तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। Pachmarhi प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रतलाम, श्योपुर, धार, दमोह और शिवपुरी सहित कई शहरों में भी तापमान सामान्य से काफी नीचे रहा।

    20 जून के बाद आ सकता है मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में आमतौर पर 15 जून के आसपास मानसून प्रवेश करता है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून की दस्तक 4 जून को हो चुकी है। सामान्यतः केरल पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मानसून मध्य प्रदेश में प्रवेश करता है। तब तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां इसी तरह सक्रिय रहने की संभावना है।

  • MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी

    MP Weather Alert: डबल सिस्टम का असर, 28 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; कहीं तूफान तो कहीं झुलसाती गर्मी



    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और इस बार वजह बने हैं एक साथ एक्टिव हुए दो मजबूत वेदर सिस्टम। इनके असर से प्रदेश के बड़े हिस्से में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार करीब 28 जिलों में तेज हवाओं, बारिश और अचानक बदलते मौसम की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

    ग्वालियर-चंबल, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के जिलों में हालात ज्यादा गंभीर रह सकते हैं। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली समेत कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने खासतौर पर शाम और रात के समय सतर्क रहने को कहा है, क्योंकि इस दौरान सिस्टम ज्यादा सक्रिय हो सकता है।

    दिलचस्प बात यह है कि प्रदेश में मौसम का डबल रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, सीहोर, धार, खंडवा, खरगोन और आसपास के इलाकों में दिन के समय तेज गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। हालांकि शाम होते-होते यहां भी मौसम बदल रहा है और तेज हवाओं के साथ बादल छाने लगते हैं।

    बीते कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार मौसम का उतार-चढ़ाव बना हुआ है। कई जिलों में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी है, जबकि कुछ इलाकों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है। खरगोन में पारा 42 डिग्री तक दर्ज किया गया, जबकि खंडवा और नरसिंहपुर में भी तापमान 41 डिग्री से ऊपर रहा। वहीं कुछ जगहों पर तापमान में गिरावट भी देखने को मिली है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक यह बदलाव दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। यही वजह है कि प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है और अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की संभावना है। इतना ही नहीं, 10 मई के आसपास एक और नया सिस्टम एक्टिव हो सकता है, जिससे आंधी-बारिश का दौर और तेज होने के संकेत हैं।

    कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश में फिलहाल मौसम पूरी तरह से अनिश्चित बना हुआ है—कहीं तेज आंधी, कहीं बारिश और कहीं भीषण गर्मी एक साथ देखने को मिल रही है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने, खुले स्थानों से दूर रहने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

  • आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    आधे मध्यप्रदेश में मौसम का कहर: बारिश के साथ 50 Km/घंटा तक आंधी, 27 जिलों में अलर्ट

    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के आधे हिस्से में आज तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर ग्वालियर और जबलपुर समेत 27 जिलों में मौसम को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।

    रविवार को कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश और ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय सिस्टम के सक्रिय होने के कारण हो रहा है, जिसका असर पूरे मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में देखने को मिलेगा।

    तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और ट्रैफिक प्रभावित होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है, वहीं शहरी क्षेत्रों में भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से खुले स्थानों, कमजोर निर्माण और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

    हालांकि, इस मौसम बदलाव से भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी। पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री के पार बना हुआ था, जिससे लोग परेशान थे। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे मौसम सुहावना हो सकता है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर रखें।

    कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज जहां एक ओर गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर तेज आंधी और ओलावृष्टि के कारण सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।



  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • MP में गर्मी ने दिखाए तीखे तेवर, 43 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, आज 20 जिलों में लू का अलर्ट

    MP में गर्मी ने दिखाए तीखे तेवर, 43 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, आज 20 जिलों में लू का अलर्ट

    भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी ने तेज रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 और 20 अप्रैल को कुछ इलाकों में बारिश की संभावना भी जताई गई है।

    गर्मी के चलते स्कूलों का समय बदला
    अनूपपुर में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। वहीं, डिंडौरी में नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित किए जाएंगे।

    नर्मदापुरम सबसे गर्म, कई जिलों में लू जैसे हालात

    गुरुवार को नर्मदापुरम का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक रहा। इसके अलावा रतलाम, धार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी लू जैसी स्थिति बनी रही।

    कई शहरों में 40 डिग्री के पार पारा

    नर्मदापुरम के बाद रतलाम दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह और मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री, गुना में 41.7 डिग्री, मलाजखंड, टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा उमरिया और श्योपुर में 41.4 डिग्री, धार और खजुराहो में 41 डिग्री, सतना में 40.9 डिग्री, खरगोन में 40.8 डिग्री, सागर में 40.7 डिग्री, दतिया और सीधी में 40.6 डिग्री, खंडवा और बैतूल में 40.5 डिग्री, सिवनी और रीवा में 40.4 डिग्री तथा नौगांव में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    बड़े शहरों में भी गर्मी का असर
    प्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 40.5 डिग्री, इंदौर में 40.1 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    अभी और बढ़ेगी गर्मी, सावधानी जरूरी
    मध्य प्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही गर्मी तेज होने लगती है और महीने के अंत तक तापमान अक्सर नए रिकॉर्ड बना देता है। इस बार भी तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त ध्यान रखने की जरूरत है।

  • एमपी में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय, आज भी 27 जिलों में अलर्ट, 8 अप्रैल तक रहेगा ऐसा ही मौसम

    एमपी में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय, आज भी 27 जिलों में अलर्ट, 8 अप्रैल तक रहेगा ऐसा ही मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ओले, बारिश और तेज आंधी का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। शनिवार को बैतूल, श्योपुर और मुरैना सहित 8 से 10 जिलों में ओलावृष्टि हुई, जिससे कई इलाकों में कश्मीर जैसा नजारा दिखा। वहीं, 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। रविवार को भी मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने ग्वालियर सहित 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    अगले 24 घंटों में जिन जिलों में मौसम प्रभावित रहेगा, उनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर और पांढुर्णा शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दोपहर के बाद मौसम बदल सकता है और 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान है।

    सुबह से सक्रिय रहा मौसम सिस्टम
    शनिवार को प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के चलते सुबह से ही कई जिलों में बारिश शुरू हो गई थी। दोपहर बाद इसका असर और बढ़ा। बैतूल, श्योपुर और मुरैना में भारी ओलावृष्टि से सड़कों पर सफेद परत जम गई। वहीं, भोपाल में रात के समय मौसम बदला। सीहोर, विदिशा, रतलाम और रायसेन सहित करीब 20 जिलों में बारिश और कहीं-कहीं तेज आंधी भी चली।

    तेज आंधी का अलर्ट
    मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिन यानी 8 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं चलेंगी। कुछ जिलों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार रहने की संभावना है।

    10-11 अप्रैल तक असर रहेगा
    प्रदेश में फिलहाल सक्रिय मौसम सिस्टम के साथ 7 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी प्रभाव डालेगा। इसके चलते 10-11 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश की स्थिति बनी रह सकती है।

    इसके बाद यह सिस्टम कमजोर होगा और तापमान में तेजी से वृद्धि शुरू होगी। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही गर्मी तेज होने लगेगी। महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार जैसे जिलों में तापमान में और बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर देखने को मिलता है।

  • एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    एमपी में 20 से अधिक जिलों में हुई आंधी-बारिश, अगले 24 घंटों के लिए 16 जिलों में अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में मार्च के अंतिम दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। प्रदेश में आंधी-बारिश का मजबूत सिस्टम सक्रिय हो गया है। सोमवार को 8 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। हालांकि, कुछ शहरों में गर्मी का असर भी बना रहा। नर्मदापुरम और खजुराहो में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया।

    आज भी रहेगा मिला-जुला मौसम, 16 जिलों में अलर्ट

    मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को भी प्रदेश में मौसम का मिजाज मिला-जुला रहेगा। भोपाल मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों के लिए ग्वालियर सहित 16 जिलों में गरज-चमक, आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी और बालाघाट शामिल हैं। यहां 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है।

    3 अप्रैल तक सक्रिय रहेंगे दो मौसम सिस्टम

    मौसम विभाग के मुताबिक टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण प्रदेश में मौसम में यह बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि 3 अप्रैल तक दो मौसम सिस्टम सक्रिय रहेंगे, जिससे आंधी-बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    इन जिलों में गिरे ओले, कई जगह दिखा असर

    सोमवार को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, बैतूल, धार और सीहोर में ओले गिरे। वहीं भोपाल, मैहर, श्योपुर, छिंदवाड़ा, नीमच, मंदसौर, बैतूल, बालाघाट, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, खंडवा, देवास, खरगोन, पांढुर्णा, सिवनी और अनूपपुर सहित 20 से अधिक जिलों में कहीं बारिश तो कहीं तेज आंधी और बादल छाए रहे।

    2 अप्रैल को फिर बदलेगा मौसम

    मौसम विभाग का कहना है कि 2 अप्रैल को एक नया सिस्टम सक्रिय होगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर भी पड़ेगा।

    बारिश से पहले पड़ी तेज गर्मी

    सोमवार को आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से पहले प्रदेश में तेज गर्मी दर्ज की गई। खजुराहो में अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री और नर्मदापुरम में 40.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    इसके अलावा मंडला में 39.7, रतलाम में 39.6, उमरिया में 39.3, खंडवा में 39.1, दमोह, खरगोन, सतना, रीवा और रायसेन में 39 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। सिवनी और धार में 38.9, सीधी में 38.6, सागर और छिंदवाड़ा में 38.5 तथा मलाजखंड और गुना में 38 डिग्री तापमान रहा।

    बड़े शहरों का तापमान

    प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में सबसे अधिक तापमान जबलपुर में 39.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में 37.4, इंदौर में 36.5, ग्वालियर में 35.8 और उज्जैन में 37 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

  • एमपी में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 40 जिलों में दिखेगा असर

    एमपी में 29 मार्च से 3 दिन तक बारिश और तेज आंधी का अलर्ट, 40 जिलों में दिखेगा असर

    भोपाल। मध्य प्रदेश में 29 मार्च से एक मजबूत आंधी-बारिश सिस्टम सक्रिय होने वाला है, जो करीब तीन दिन तक मौसम पर असर डालेगा। इस दौरान भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत लगभग 40 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मौसम विभाग के अनुसार, हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। हालांकि, 28 मार्च (शनिवार) को प्रदेश में गर्मी का असर अधिक रहेगा। नर्मदापुरम में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच चुका है और लू जैसे हालात बने रहेंगे।

    पहले भी बदला था मौसम, अब नया सिस्टम आएगा

    शुक्रवार को साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ के प्रभाव से ग्वालियर, चंबल, रीवा, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाए रहे और मौसम बदला हुआ नजर आया। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम शनिवार तक कमजोर हो जाएगा, जिससे गर्मी बढ़ेगी। इसके बाद 29 मार्च से नया सिस्टम सक्रिय होगा, जिसका सबसे अधिक असर 30 और 31 मार्च को देखने को मिलेगा।

    करीब 40 जिलों में बारिश का अनुमान

    मौसम विभाग के अनुसार, 31 मार्च तक भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के करीब 40 जिलों में बारिश हो सकती है। 29 मार्च को कुछ जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि 30 और 31 मार्च को सिस्टम का सबसे अधिक प्रभाव देखा जाएगा।

    सतना के चित्रकूट में शुक्रवार शाम तेज आंधी और बारिश हुई, जिससे रामनवमी के आयोजन पर असर पड़ा। यहां 21 लाख दीप जलाने की तैयारी थी, लेकिन बारिश से ज्यादातर दीप बुझ गए और मंच को तिरपाल से ढकना पड़ा।

    नर्मदापुरम और जबलपुर में लू और गर्मी की स्थिति

    नर्मदापुरम में मार्च महीने में चौथी बार लू चली है। पिछले दिनों लगातार तीन दिन तक गर्म हवा के कारण तापमान बढ़ा रहा। गुरुवार को लू का असर देखा गया और शुक्रवार को दिन का पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    प्रदेश के अन्य शहरों में भी गर्मी बनी रही। खजुराहो में 39.6 डिग्री, रतलाम-मंडला में 39.5 डिग्री, खंडवा में 39.1 डिग्री, खरगोन में 38.5 डिग्री, रायसेन में 38.4 डिग्री और सिवनी-सागर में 38.2 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में जबलपुर सबसे गर्म 38.2 डिग्री के साथ रहा, जबकि भोपाल, इंदौर और उज्जैन में 37 डिग्री और ग्वालियर में 36.1 डिग्री दर्ज हुआ।

    मार्च में तीसरी बार बदल रहा मौसम

    मार्च में अब तक प्रदेश में दो बार आंधी-बारिश का दौर आ चुका है। पहले दौर में लगातार चार दिन तक 45 से अधिक जिलों में बारिश और आंधी हुई थी, वहीं 17 जिलों में ओले भी गिरे थे। अब तीसरा दौर 29 मार्च से शुरू होकर 30 मार्च तक रहने की संभावना है। 27 मार्च को भी एक दौर आया था, लेकिन उसका प्रभाव ज्यादा नहीं रहा।

  • MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर

    MP में बारिश और आंधी की चेतावनी: 15 जिलों में अलर्ट, 18-19 फरवरी को रहेगा ज्‍यादा असर


    भोपाल। नए मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के चलते मध्य प्रदेश के 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी है। मौसम की दृष्टि से मंगलवार को ग्वालियर-चंबल संभाग में बादल छाए रहेंगे, जबकि 18 और 19 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होगी।

    अलर्ट वाले जिले
    ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में आंधी, बारिश और गरज-चमक की चेतावनी जारी की गई है। सबसे ज्यादा असर 18 फरवरी को रहेगा। 19 फरवरी को हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, लेकिन तेज बारिश नहीं होगी।

    फरवरी में तीसरी बार बारिश
    फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी पड़ी थी, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे किया था। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश होगी, और इस दिन मौसम प्रणाली का असर सबसे अधिक रहेगा। इसके बाद प्रणाली कमजोर पड़ जाएगी।

    तापमान में गिरावट के संकेत
    पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के कारण ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं। इससे दिन के तापमान में 1 से 2 डिग्री की गिरावट देखने को मिल सकती है।

    अगले दो दिनों का मौसम
    17 फरवरी: कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे। भोपाल और इंदौर में दिन के समय गर्मी का असर रहेगा।
    18 फरवरी: 15 जिलों में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी चलने की संभावना है।

    ठंडी रातें जारी
    प्रदेश में दिन गर्म हैं, लेकिन रातें ठंडी बनी हुई हैं। रविवार-सोमवार की रात कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 6.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कल्याणपुर-पचमढ़ी में 7.6 डिग्री और राजगढ़ में 9 डिग्री रही। प्रदेश के बड़े शहरों में न्यूनतम तापमान भोपाल: 12.6 डिग्री, इंदौर और जबलपुर: 13 डिग्री, ग्वालियर: 13.1 डिग्री, उज्जैन: 13.4 डिग्री दर्ज किया गया। वर्तमान में प्रदेश में हल्की ठंड का दौर जारी है। रात और सुबह के समय ठंडक बनी रहेगी, ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहेगा।