Tag: MP Wheat Procurement 2026

  • 1 अप्रैल से एमपी में गेहूं खरीदी शुरू, रात 8 बजे तक खुलेंगे केंद्र; MSP पर बोनस से किसानों को राहत

    1 अप्रैल से एमपी में गेहूं खरीदी शुरू, रात 8 बजे तक खुलेंगे केंद्र; MSP पर बोनस से किसानों को राहत


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के तहत समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी की तारीखों का ऐलान कर दिया है। सरकार के फैसले के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 1 अप्रैल से, जबकि प्रदेश के अन्य संभागों में 7 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होगी। इस बार सरकार ने खरीदी व्यवस्था को अधिक सुचारू और किसानों के अनुकूल बनाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं।

    सबसे बड़ा फैसला खरीदी के समय को लेकर लिया गया है। अब सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीदी सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की जाएगी, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अधिक समय मिल सकेगा। हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक अवकाश और त्योहारों के दिन खरीदी नहीं होगी।

    किसानों को राहत देने के लिए राज्य सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा भी की है। इसके साथ गेहूं की प्रभावी खरीदी दर ₹2625 प्रति क्विंटल तय की गई है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब किसान लागत बढ़ने को लेकर चिंतित थे।

    खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार इस वर्ष गेहूं बेचने के लिए किसानों में जबरदस्त उत्साह देखा गया है। 15 मार्च तक कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया, जो पिछले साल के 15 लाख 44 हजार से काफी अधिक है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि किसान सरकारी खरीदी प्रणाली पर भरोसा जता रहे हैं।

    जिलों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन जिले में सबसे अधिक 1,23,281 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद सीहोर (1,01,793) और राजगढ़ (98,537) का स्थान है। वहीं दूसरी ओर अलीराजपुर (476), बुरहानपुर (523), पांढुर्णा (863) और अनूपपुर (882) जैसे जिलों में सबसे कम पंजीयन हुआ है।

    सरकार का कहना है कि सभी खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। तौल, भुगतान और परिवहन की प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    कुल मिलाकर, इस बार की गेहूं खरीदी नीति को किसानों के लिए राहत भरी और सुविधाजनक माना जा रहा है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और किसानों को इसका कितना लाभ मिल पाता है।

  • MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि

    MP में गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन तेज, 4.42 लाख से अधिक किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन; 7 मार्च अंतिम तिथि


    मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। राज्य सरकार द्वारा किसानों के पंजीयन की सुविधा पहले से अधिक सरल और सुगम बनाए जाने का दावा किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार अब तक 4 लाख 42 हजार 288 किसानों ने गेहूं उपार्जन के लिए अपना पंजीयन करा लिया है। किसानों को 7 मार्च तक पंजीयन कराने का अवसर दिया गया है।

    इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP 2585 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपये अधिक है। बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य किसानों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश में 3186 पंजीयन केंद्र स्थापित किए हैं, ताकि किसानों को रजिस्ट्रेशन के लिए दूर-दराज न जाना पड़े और प्रक्रिया में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    संभागवार आंकड़ों पर नजर डालें तो उज्जैन संभाग में सर्वाधिक 1,48,905 किसानों ने पंजीयन कराया है। भोपाल संभाग में 1,09,134 किसान, इंदौर संभाग में 54,587 किसान और जबलपुर संभाग में 39,885 किसान रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इसके अलावा नर्मदापुरम में 34,181, सागर में 25,398, रीवा में 13,260, ग्वालियर में 9,695, चंबल में 4,692 और शहडोल संभाग में 2,551 किसानों ने पंजीयन कराया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेशभर में किसान खरीदी व्यवस्था को लेकर सक्रिय हैं।

    किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की दोहरी व्यवस्था की गई है। नि:शुल्क पंजीयन ग्राम पंचायतों के सुविधा केंद्रों, जनपद पंचायत कार्यालयों, तहसील कार्यालयों और सहकारी समितियों में किया जा सकता है। वहीं सशुल्क पंजीयन के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर CSC, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे की सुविधा उपलब्ध है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी माध्यम से पंजीयन करा सकते हैं।

    खाद्य मंत्री ने बताया कि जिन किसानों के मोबाइल नंबर पिछले रबी और खरीफ सीजन से उपलब्ध हैं, उन्हें पंजीयन संबंधी जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जा रही है। इसके साथ ही गांवों में डोंडी पिटवाकर, ग्राम पंचायत सूचना पटल पर सूचना चस्पा कर तथा समितियों और मंडियों में बैनर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान इस प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।

    राज्य सरकार का कहना है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पंजीयन से लेकर खरीदी और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके और किसी प्रकार की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे।

    किसानों से अपील की गई है कि वे अंतिम तिथि 7 मार्च से पहले अपना पंजीयन अवश्य करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने में किसी प्रकार की बाधा न आए।