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  • MP में गेहूं खरीदी पर अफसर अलर्ट मोड में: 80 लाख टन के लिए स्लॉट बुक, कई केंद्रों पर किसान परेशान

    MP में गेहूं खरीदी पर अफसर अलर्ट मोड में: 80 लाख टन के लिए स्लॉट बुक, कई केंद्रों पर किसान परेशान


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस साल गेहूं खरीदी प्रक्रिया तेज रफ्तार से चल रही है, लेकिन तकनीकी और व्यवस्थागत दिक्कतों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। राजधानी भोपाल सहित कई जिलों में स्लॉट बुकिंग सिस्टम पर दबाव के कारण किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 5 लाख किसानों से 22 लाख टन से अधिक गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा जा चुका है। वहीं, सरकार का दावा है कि कुल 80 लाख टन गेहूं के लिए स्लॉट बुक हो चुके हैं। हालांकि, किसानों को स्लॉट बुकिंग कराने में सर्वर स्लो होने जैसी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।

    राज्य सरकार ने इस बार गेहूं उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 लाख टन रखा है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा करीब 77 लाख टन था। किसानों की सुविधा के लिए उपार्जन केंद्रों की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जहां प्रतिदिन स्लॉट सीमा को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल कर दिया गया है।

    इसके बावजूद कई केंद्रों पर अव्यवस्था बनी हुई है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, सीहोर, जबलपुर, ग्वालियर, विदिशा और रायसेन जैसे जिलों में किसान स्लॉट बुकिंग और गेहूं बेचने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में कई उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाओं का दावा किया है, जैसे कि पेयजल, छायादार स्थान, बैठने की सुविधा और शौचालय आदि। साथ ही किसानों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे अपने जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र पर गेहूं बेच सकते हैं।

    इस बार गेहूं की खरीद 2585 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस सहित कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है।

    हालांकि, जमीनी स्तर पर तकनीकी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं के कारण किसान अब भी सिस्टम से पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं।

  • शुजालपुर से सीएम का ऐलान, किसानों को मिलेगा पूरा हक और संस्कृति रहेगी जीवंत

    शुजालपुर से सीएम का ऐलान, किसानों को मिलेगा पूरा हक और संस्कृति रहेगी जीवंत


    भोपाल । सीएम मोहन यादव ने कहा है कि जैसे शरीर के लिए भोजन जरूरी है वैसे ही आत्मा की शुद्धि के लिए भक्ति और सत्संग आवश्यक है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में धर्म और संस्कृति की धारा को निरंतर प्रवाहित रखने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है

    मुख्यमंत्री शुजालपुर के हाटकेश्वर धाम सेमली घाट में Pandit Kamal Kishor Nagar द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए जहां उन्होंने समाज को अध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने पर जोर दिया उन्होंने कहा कि संत समाज ने हमेशा समाज को दिशा देने का काम किया है और नागर जी द्वारा संचालित गौसेवा और नशा मुक्ति अभियान का व्यापक प्रभाव समाज में दिखाई दे रहा है

    मुख्यमंत्री ने किसानों के योगदान को सराहते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों ने अपनी मेहनत से गेहूं उत्पादन को दोगुना कर दिया है उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी उपज का एक एक दाना खरीदा जाएगा राज्य सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के साथ 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस भी दिया जा रहा है जिससे किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का लाभ मिल रहा है

    उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े मुख्यमंत्री ने इससे पहले शाजापुर जिले के शुजालपुर में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया

    सीएम यादव ने अपने संबोधन में कहा कि संतानें केवल परिवार की पहचान नहीं बल्कि संस्कारों की धरोहर होती हैं यदि संतान संस्कारित हो तो उसमें ब्रह्मा विष्णु और महेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षा और संस्कार दोनों दें

    भारतीय संस्कृति को त्याग और दान की संस्कृति बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की कथा हमें सिखाती है कि जीवन में प्रेम सबसे बड़ा होता है उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है और उज्जैन के पास जानापाव तथा सांदीपनि आश्रम सहित भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि Kashi Vishwanath Temple में स्थापित वैदिक घड़ी भारतीय संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक है जिसका हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने अवलोकन किया उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई गोशालाएं बनाई जा रही हैं और उन्हें आधुनिक सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है ताकि गौ संरक्षण के साथ किसानों की आय भी बढ़ाई जा सके

    कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा तभी संस्कृति और विकास दोनों का संतुलन बना रहेगा

  • मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ

    मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी ने पकड़ी रफ्तार लाखों किसानों को मिल रहा समर्थन मूल्य का लाभ


    भोपाल । मध्यप्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत गेहूं उपार्जन का कार्य अब पूरी रफ्तार से शुरू हो गया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी संभागों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी गई है और किसानों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है।

    अब तक प्रदेश में 42 हजार 689 किसानों से 18 लाख 97 हजार 480 क्विंटल गेहूं की खरीदी की जा चुकी है। इसके बदले किसानों को 28 करोड़ 40 लाख रुपए की राशि उनके बैंक खातों में सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। यह प्रक्रिया पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।

    मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि बड़ी संख्या में किसान गेहूं विक्रय के लिए आगे आ रहे हैं। अब तक 2 लाख 58 हजार 644 किसानों द्वारा 1 करोड़ 13 लाख 95 हजार 407 क्विंटल गेहूं बेचने के लिए स्लॉट बुक किए जा चुके हैं। किसान 24 अप्रैल 2026 तक स्लॉट बुक कर सकते हैं।

    प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं, जहां किसानों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन केंद्रों पर छायादार बैठने की व्यवस्था, पेयजल, तौल कांटे, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और सफाई की सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

    सरकार द्वारा इस वर्ष किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस जोड़कर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जा रहा है। यह कदम किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भंडारण और परिवहन की व्यवस्था भी मजबूत की गई है। अब तक 8 लाख 65 हजार 600 क्विंटल गेहूं का परिवहन किया जा चुका है और सुरक्षित भंडारण के लिए जूट और पीपी बैग का उपयोग किया जा रहा है।

    इस वर्ष गेहूं उपार्जन के लिए रिकॉर्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। सरकार ने इस बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से अधिक है। कुल मिलाकर प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है और किसानों को समय पर भुगतान व बेहतर सुविधाएं देकर उनकी आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • किसानों के लिए बड़ी खबर मध्यप्रदेश में 3627 केंद्रों पर गेहूं खरीदी शुरू तैयारी पूरी

    किसानों के लिए बड़ी खबर मध्यप्रदेश में 3627 केंद्रों पर गेहूं खरीदी शुरू तैयारी पूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। 10 अप्रैल से प्रदेश के इंदौर उज्जैन भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही पंजीकृत किसान 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे ताकि वे तय समय पर अपने उपज को बेच सकें और अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।

    प्रदेश के अन्य संभागों में यह प्रक्रिया 15 अप्रैल से शुरू होगी जिससे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से खरीदी सुनिश्चित की जा सके। इस बार गेहूं उपार्जन के लिए किसानों ने बड़े पैमाने पर पंजीयन कराया है। आंकड़ों के अनुसार लगभग 19 लाख 4 हजार 644 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है जो इस बात का संकेत है कि इस बार खरीदी का दायरा और भी व्यापक रहने वाला है।

    राज्य सरकार ने भी इस बार व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे मध्यप्रदेश में कुल 3627 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं जहां किसानों से गेहूं की खरीदी की जाएगी। अनुमान है कि इस सीजन में करीब 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन किया जाएगा। इसके लिए बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और अतिरिक्त बारदाना खरीदने की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है ताकि कहीं कोई कमी न रह जाए।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपार्जन केंद्रों पर किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इसके लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। बिजली पानी बैठने की व्यवस्था छाया प्रसाधन और पार्किंग जैसी सुविधाएं हर केंद्र पर उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को लंबी कतारों में न खड़ा रहना पड़े और उनकी उपज का तौल समय पर हो सके।

    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी शुरू होने से पहले सभी केंद्रों का गहन निरीक्षण किया जाए और तौल कांटों की सटीकता को लेकर किसी भी तरह की शिकायत की गुंजाइश न रहे। साथ ही यह भी कहा गया है कि किसानों के खातों में भुगतान समय पर और पारदर्शी तरीके से किया जाए ताकि उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किसानों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है और कहा है कि किसान पहले से ही कई समस्याओं का सामना कर रहा है ऐसे में सरकार को और संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए।

    कुल मिलाकर देखा जाए तो मध्यप्रदेश में इस बार गेहूं खरीदी को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और कोशिश की जा रही है कि किसानों को अधिकतम सुविधा और न्यूनतम परेशानी के साथ उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। यह खरीदी अभियान न केवल किसानों की आय को मजबूत करेगा बल्कि राज्य की कृषि व्यवस्था को भी नई दिशा देगा।