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  • बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर

    बकरीद से पहले खंडवा में पुलिस का बड़ा एक्शन , 200 बदमाश गिरफ्तार, दो जिला बदर


    खंडवा । खंडवा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद से पहले पुलिस ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा और सख्त अभियान चलाया है। जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आ रही है। इसी के तहत व्यापक कॉम्बिंग गश्त और विशेष कार्रवाई करते हुए करीब 200 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को जिला बदर भी किया गया है।

    पुलिस ने त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पहले से ही तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत थानों पर गुंडा परेड कराई जा रही है, जिसमें आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस के सामने लाकर सख्त संदेश दिया जा रहा है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर में करीब 450 से 500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। इसमें पुलिस बल के साथ होमगार्ड और वन विभाग की टीमें भी सहयोग कर रही हैं। इसके अलावा मोबाइल वैन लगातार गश्त कर रही हैं ताकि हर क्षेत्र में नजर रखी जा सके।

    पुलिस ने संवेदनशील इलाकों, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। गली मोहल्लों में लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरे शहर पर नजर रखी जा रही है। किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।

    इसके साथ ही साइबर सेल सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि त्योहार के दौरान माहौल बिगाड़ने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

    खंडवा एसपी अगम जैन ने बताया कि पुलिस लगातार लोगों से संवाद कर रही है और शांति समिति की बैठक भी आयोजित की गई है, ताकि त्योहार सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार

    सिंगरौली में 15 करोड़ की दिनदहाड़े डकैती, सुरक्षा में 3 बड़ी चूक से बदमाश हुए फरार


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई 15 करोड़ रुपए की सनसनीखेज बैंक डकैती ने सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। बैढ़न स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में दिनदहाड़े पांच हथियारबंद बदमाश घुसे और करीब 10 किलो सोना व 20 लाख रुपए नकद लूटकर फरार हो गए। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी कमलेश कुमार को गिरफ्तार किया है, जिसे आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। हालांकि लूट का पूरा माल अभी बरामद नहीं हो सका है। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी फंटूश उर्फ ननकी बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला है जबकि अन्य आरोपी झारखंड और अन्य क्षेत्रों से जुड़े हैं। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की 10 विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।

    डकैती की घटना के पीछे सबसे बड़ी बात तीन गंभीर लापरवाहियां मानी जा रही हैं। पहली यह कि बैंक में शुरुआत से ही कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। वर्ष 2018 में खुली इस शाखा में कभी गार्ड नहीं रखा गया। बैंक प्रबंधन ने खर्च कम करने के नाम पर यह व्यवस्था खत्म कर दी थी। इससे बदमाशों को वारदात को अंजाम देने में आसानी मिली।

    दूसरी बड़ी चूक पुलिस की प्रतिक्रिया में देरी को लेकर सामने आई है। घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस मौके पर करीब 20 मिनट की देरी से पहुंची जबकि थाना बैंक से महज डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर है। इस देरी का फायदा उठाकर आरोपी आसानी से फरार हो गए।

    तीसरी और अहम लापरवाही यह रही कि शहर के चेक पॉइंट्स को समय पर अलर्ट नहीं किया गया। सीसीटीवी फुटेज में बदमाशों को बाइक से शहर से बाहर जाते हुए देखा गया लेकिन वे मस्जिद तिराहा और अंबेडकर चौक जैसे प्रमुख चेक पॉइंट पार कर गए और किसी ने उन्हें नहीं रोका। इसके बाद वे बीजपुर रोड होते हुए छत्तीसगढ़ सीमा में प्रवेश कर गए।

    घटना के बाद बैंक के सुरक्षा इंतजामों की पोल और भी खुली जब यह सामने आया कि बैंक में लगा अलार्म सिस्टम भी सिर्फ औपचारिकता भर था। अलार्म बजने पर भी कोई त्वरित मदद नहीं मिलती क्योंकि वह पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ा नहीं है।

    इस बीच गिरफ्तार आरोपी कमलेश कुमार को रेलवे स्टेशन पर शक के आधार पर पकड़ा गया। उसके पास से 15 लाख 20 हजार रुपए और 61 ग्राम सोना बरामद हुआ। पूछताछ में उसने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की लेकिन सख्ती के बाद उसने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली।

    पुलिस अब अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई कर रही है। इस घटना ने न केवल बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था बल्कि पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • 15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता

    15 लाख कैश और सोने के साथ दबोचा गया लुटेरा सिंगरौली बैंक कांड में पुलिस को बड़ी सफलता


    सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में हुई सनसनीखेज बैंक डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है 17 अप्रैल को दिनदहाड़े हुई इस वारदात ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था लेकिन अब जांच में अहम प्रगति सामने आई है पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया है जिसके पास से भारी मात्रा में नकदी और सोना बरामद हुआ है

    यह डकैती बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बैढ़न शाखा में हुई थी जहां पांच हथियारबंद बदमाशों ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था गिरफ्त में आए आरोपी की पहचान कमलेश कुमार के रूप में हुई है जो बिहार के नालंदा जिले का रहने वाला बताया जा रहा है

    आवेदक को रेलवे सुरक्षा बल ने बिहार के रोहतास जिले स्थित डेहरी-ऑन-सोन रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वह पटना सिंगरौली एक्सप्रेस ट्रेन से अपने गांव लौट आया। कोशिश कर रहा था तलाशी के दौरान उसके पास से 15 लाख 72 हजार रुपये नकद और 61 ग्राम सोना बरामद किया गया जिसकी कुल कीमत करीब 25 लाख रुपये आंकी जा रही है पूछताछ में आरोपी ने डकैती में शामिल होने की बात कबूल कर ली है पुलिस के अनुसार वारदात के बाद वह अपने हिस्से का माल लेकर फरार हो गया था और अब पकड़ा गया है

    घटना के दिन दोपहर में पांच बदमाश हथियारों से लैस होकर बैंक में घुसे थे उनके पास पिस्टल और देशी कट्टे थे उन्होंने महज 15 से 20 मिनट के भीतर पूरी डकैती को अंजाम दे दिया बैंक में घुसते ही उन्होंने कर्मचारियों और ग्राहकों को बंधक बना लिया और सभी के मोबाइल फोन छीनकर एक जगह रखवा दिए विरोध करने या आवाज उठाने पर हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाई गई

    बदमाशों ने बैंक मैनेजर को धमकाकर लॉकर की चाबियां निकलवाईं और गोल्ड लोन से जुड़े पांच लॉकर खोलकर करीब ढाई किलो सोने के आभूषण लूट लिए इसके अलावा कैश काउंटर से भी बड़ी रकम लेकर फरार हो गए वारदात के बाद आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर मौके से भाग निकले
    घटनास्थल से एक देशी कट्टा बरामद हुआ है जबकि बैंक के सीसीटीवी कैमरों में तीन आरोपियों के चेहरे साफ नजर आए हैं जिससे जांच को गति मिली है

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कैलाश मकवाना ने खुद मोर्चा संभाला है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में सघन चेकिंग शुरू कर दी है और विशेष टीमों का गठन कर लगातार दबिश दी जा रही है अब तक इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि तीन अभी भी फरार हैं पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्तार आरोपी से मिले सुरागों के आधार पर बाकी आरोपियों को भी जल्द पकड़ लिया जाएगा

    प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि यह डकैती पूरी तरह से योजनाबद्ध थी आरोपियों को बैंक की संरचना और लॉकर सिस्टम की पहले से जानकारी थी फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह तक पहुंचने और लूट का बाकी सामान बरामद करने में जुटी हुई है

  • शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा

    शिवपुरी हॉस्टल के तीन छात्र भागे, मुंबई में हीरो बनने का सपना, पुलिस ने समय रहते ढूंढा


    शिवपुरी /मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नौहरी चक स्थित राजपूत हॉस्टल से बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में तीन नाबालिग छात्र अचानक लापता हो गए। परिजन और हॉस्टल प्रशासन के चिंता में पड़ते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। कोतवाली थाना पुलिस ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर छात्रों की लोकेशन गुना तक ट्रेस की और वहां से उन्हें सकुशल बरामद कर लिया।

    जांच में सामने आया कि तीनों छात्र हॉस्टल से अपनी मर्जी से मुंबई जाने निकले थे, ताकि वहां जाकर हीरो बनने का सपना पूरा कर सकें। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की और देर शाम उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

    परिजनों ने बताया कि बच्चों के लापता होने की सूचना मिलते ही उन्होंने आसपास के बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रिश्तेदारों के यहां खोजबीन की, लेकिन रात तक किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और पूरे मामले को गंभीरता से लिया।

    पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने बच्चों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में बनाई गई विशेष टीम ने शिवपुरी और गुना के 50 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में पता चला कि तीनों छात्र गुना की ओर गए हैं।

    सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम गुना पहुंची और वहां बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के कई सीसीटीवी कैमरे खंगाले। आखिरकार तीनों छात्र गुना रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाए गए। पुलिस ने बताया कि छात्र पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी कोई हानि नहीं हुई। अब तीनों को उनके परिवार के पास लौटा दिया गया है।

    यह घटना इस बात का उदाहरण है कि नाबालिग छात्रों की सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। सुरक्षा उपायों और सीसीटीवी निगरानी की मदद से एक बड़ी अनहोनी टल गई और तीनों बच्चों को सुरक्षित घर लौटाया जा सका।

  • टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत

    टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ कोतवाली थाने में तैनात एक जांबाज प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

    ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया आत्मघाती कदम प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार की तैनाती टीकमगढ़ कोतवाली थाने में थी। गुरुवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनकी ड्यूटी प्रसिद्ध ‘बगाज माता मंदिर’ में लगाई गई थी। दिनभर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के बाद शाम को जब वे वापस लौटे तो उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास अचानक सल्फास जहरीला पदार्थ खा लिया।

    झांसी मेडिकल कॉलेज में थमी सांसें जहर का सेवन करने के कुछ ही देर बाद मोहनलाल की स्थिति बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पुलिस जांच में जुटी कारणों का खुलासा नहीं प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह घोषी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि उन्होंने यह कदम मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से उठाया।

    सहकर्मियों में शोक की लहर मोहनलाल चढ़ार के निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे और गुरुवार को ड्यूटी के दौरान भी वे सामान्य नजर आ रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में विवरण जानकारी मृतक का नाम मोहनलाल चढ़ार पदप्रधान आरक्षक थाना कोतवाली टीकमगढ़ घटना स्थल चकरा तिराहा के पासड्यूटी स्थलबगाज माता मंदिर नव वर्ष ड्यूटी मृत्यु का स्थानझांसी मेडिकल कॉलेज

  • उज्जैन में हैवानियत की हदें पार मासूम की हत्या के आरोपी रियाज का पुलिस ने निकाला जुलूस वकीलों का केस लड़ने से इनकार

    उज्जैन में हैवानियत की हदें पार मासूम की हत्या के आरोपी रियाज का पुलिस ने निकाला जुलूस वकीलों का केस लड़ने से इनकार


    उज्जैन/खाचरोद । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है। खाचरोद तहसील के एक गाँव में 9 साल की मासूम बच्ची की हत्या के आरोपी रियाज खान का पुलिस ने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के चेहरे पर खौफ साफ देखा जा सकता था वहीं पुलिस और आम जनता के बीच आरोपी के प्रति गहरा गुस्सा नजर आया।

    क्या है पूरी घटना

    9 साल की मासूम बच्ची अपनी नानी के घर छुट्टियां बिताने आई थी। वह घर के बाहर खेल रही थी तभी पड़ोस में रहने वाला रियाज खान उसे बहला-फुसलाकर उठा ले गया। आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म करने का असफल प्रयास किया। जब बच्ची ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया तो हैवान बने रियाज ने उसे चुप कराने के लिए एक बोरी में बंद कर दिया और मोगरी भारी डंडे से उस पर तब तक वार किए जब तक वह अधमरी नहीं हो गई।

    शातिर आरोपी की चाल और डॉक्टरों का खुलासा
    वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने बेहद शातिराना खेल खेला। वह खुद बच्ची को लहूलुहान हालत में उठाकर परिजनों के पास पहुँचा और दावा किया कि वह छत से गिर गई है। हालाँकि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बच्ची के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान देखकर साफ कर दिया कि यह हादसा नहीं बल्कि हमला है। गंभीर हालत में बच्ची को रतलाम के जीएमसी अस्पताल रेफर किया गया जहाँ उसकी स्थिति देख नर्सिंग स्टाफ और पुलिसकर्मियों की आँखें भी नम हो गईं। अंततः संघर्ष करते हुए मासूम ने दम तोड़ दिया।

    भागने की कोशिश में हुआ घायल

    पुलिस जब आरोपी रियाज को घटनास्थल का मुआयना कराने ले गई थी तो उसने पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास किया। इसी दौरान वह गिर गया और उसके पैर में चोट आई जिसके कारण वह जुलूस के दौरान लंगड़ाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रियाज पूछताछ में ‘साइको किलर’ की तरह व्यवहार कर रहा था लेकिन पुख्ता सबूतों के सामने उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।

    वकीलों ने किया बहिष्कार
    इस जघन्य अपराध ने कानूनी बिरादरी को भी एकजुट कर दिया है। स्थानीय वकीलों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि कोई भी वकील इस दरिंदे का केस नहीं लड़ेगा। समाज के हर वर्ग से आरोपी को जल्द से जल्द फांसी देने की मांग उठ रही है।

    सोशल मीडिया और जनता का संदेश

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस आरोपी को पैदल ले जा रही है। लोग पुलिस की इस कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।