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  • मध्यप्रदेश में 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी, मोहन यादव सरकार 2027 को मनाएगी युवा वर्ष

    मध्यप्रदेश में 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी, मोहन यादव सरकार 2027 को मनाएगी युवा वर्ष


    मध्यप्रदेश:
    में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और पुलिस विभाग की व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए करीब 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की योजना बना रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) की विशेष परीक्षा जनवरी-फरवरी में आयोजित कराने की भी तैयारी है। इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को अवसर उपलब्ध कराने के साथ पुलिस विभाग की कार्यक्षमता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना है।

    मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार चाहती है कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की व्यवस्था हो। इसके लिए करीब 750 पदों पर भर्ती की जा रही है। इस पहल से जिलों में पुलिस बैंड तैयार करने और राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों को अधिक व्यवस्थित तथा आकर्षक बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर पुलिस बैंड की प्रस्तुति समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।

    मुख्यमंत्री ने गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान पुलिस बैंड की प्रस्तुति, मधुर भजनों और पुलिसकर्मियों की दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी और 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व शासन के लिए भी दीपावली के समान महत्व रखते हैं। इन आयोजनों के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय गौरव और अनुशासन की भावना व्यक्त होती है। प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की उपलब्धता से ऐसे आयोजनों को बेहतर ढंग से संपन्न कराने में सहायता मिल सकती है।

    सरकार की योजना केवल पुलिस बैंड तक सीमित नहीं है। मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को नए संशोधित कानूनों के अनुरूप मजबूत बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इसके लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और विभिन्न स्तरों पर नई भर्तियों सहित अन्य व्यवस्थाओं को विकसित करने पर काम किया जा रहा है। पुलिस की विवेचना और अनुसंधान प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के साथ न्यायालयों में मामलों की बेहतर पैरवी तथा संचालन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

    पुलिस विभाग की जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे जनसेवा में जुटे रहते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कई बार लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। इस दौरान वे अपने परिवार से दूर भी रहते हैं। ऐसे में पुलिसकर्मियों के साथ उनके परिवारों का योगदान भी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें भी ड्यूटी की परिस्थितियों के अनुसार अपने जीवन में बदलाव करने पड़ते हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिसकर्मियों के व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन से जुड़ी जरूरतों के प्रति संवेदनशील है। उनके कल्याण और आवश्यक सहयोग के लिए उचित कदम उठाने की प्रतिबद्धता भी जताई गई। पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उनकी जरूरतों पर ध्यान देना विभाग की कार्यक्षमता और सेवा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

    गार्ड ऑफ ऑनर में महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को भी मुख्यमंत्री ने सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की क्षमताओं को लेकर पुरानी सोच बदलने की जरूरत है। महिलाएं अपनी योग्यता, दक्षता और सामर्थ्य के बल पर हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं और जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकती हैं। महिला पुलिसकर्मियों की भागीदारी को इसी दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया गया।

    मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कामना की कि दशहरे का पर्व लोगों के जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल लेकर आए। उन्होंने इस त्योहार को असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक बताया।

    मध्यप्रदेश में करीब 750 पुलिस बैंड पदों पर भर्ती, हर जिले में बैंड स्थापित करने की तैयारी और एमपीपीएससी की विशेष परीक्षा की योजना युवाओं तथा पुलिस विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं हैं। सरकार ने आगामी वर्ष को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी भी जताई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में भर्ती की विस्तृत अधिसूचना, आवेदन की तारीख और पात्रता संबंधी शर्तों का उल्लेख नहीं किया गया है।

  • 2 अगस्त की प्रोफेसर भर्ती परीक्षा से पहले MPPSC की तेज कार्रवाई, एक दिन में जारी की फाइनल चयन सूची

    2 अगस्त की प्रोफेसर भर्ती परीक्षा से पहले MPPSC की तेज कार्रवाई, एक दिन में जारी की फाइनल चयन सूची


    इंदौर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 के इकोनॉमिक्स विषय की अंतिम चयन सूची रिकॉर्ड समय में जारी कर दी। आयोग ने 112 पदों के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के महज 24 घंटे के भीतर चयनित उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी, जबकि सामान्य परिस्थितियों में अंतिम परिणाम घोषित होने में लगभग एक महीने का समय लग जाता है।

    आयोग के इस फैसले का सबसे बड़ा उद्देश्य 2 अगस्त को आयोजित होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 को अधिक निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी बनाना है। चयन सूची समय रहते जारी होने से वर्ष 2024 की भर्ती में चयनित अधिकांश अभ्यर्थी नई भर्ती परीक्षा में शामिल नहीं होंगे। इससे उन उम्मीदवारों को अधिक अवसर मिलेगा, जो अभी तक किसी भी भर्ती में चयनित नहीं हो सके हैं।

    एमपीपीएससी के अनुसार इकोनॉमिक्स विषय के कुल 112 पदों पर अंतिम चयन किया गया है। इनमें चयनित 111 अभ्यर्थी अब 2 अगस्त को होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 में शामिल नहीं होंगे। इससे परीक्षा में अनावश्यक प्रतिस्पर्धा कम होगी और रिक्त पदों पर नए उम्मीदवारों के चयन की संभावना बढ़ेगी।

    आयोग की यह पहल भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ-साथ अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे उन उम्मीदवारों को भी समय रहते अपनी स्थिति स्पष्ट हो गई है, जिनका चयन हो चुका है। उन्हें अब दोबारा परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी।

    एमपीपीएससी की यह कार्यशैली भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। यदि भविष्य की भर्तियों में भी इसी तरह परिणाम शीघ्र जारी किए जाते हैं, तो न केवल आयोग की कार्यक्षमता बढ़ेगी बल्कि अभ्यर्थियों का समय और संसाधन भी बचेंगे।

    2 अगस्त को होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा के लिए आयोग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चयन सूची पहले जारी होने से परीक्षा संचालन भी अधिक सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

  • हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक

    हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने आयुष चिकित्सा अधिकारियों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) की भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश 31 दिसंबर 2025 को जारी विज्ञापनों के तहत चल रही भर्ती प्रक्रिया पर लागू होगा, जिससे फिलहाल सभी आगे की कार्रवाई रोक दी गई है।

    मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने यह फैसला तीन याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने राज्य सरकार और मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है और मामले की अगली सुनवाई 23 जून 2026 तय की गई है।

    विवाद का मुख्य मुद्दा 50 प्रतिशत आरक्षण से जुड़ा है, जो उन संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों को देने का प्रावधान है जिन्होंने पांच साल की सेवा पूरी कर ली है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि समान पद पर कार्यरत होने के बावजूद उन्हें इस लाभ से वंचित किया जा रहा है।

    सरकार की 11 मार्च 2025 की अधिसूचना में यह प्रावधान किया गया था कि ऐसे संविदा चिकित्सक, जो निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, उन्हें नियमित भर्ती में आरक्षण का लाभ मिलेगा, बशर्ते वे समकक्ष पद पर कार्यरत हों।

    याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि वे उसी पद पर काम कर रहे हैं, जिसके लिए भर्ती निकाली गई है, और केवल वेतनमान के आधार पर भेदभाव उचित नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार पहले ही कुछ मामलों में संविदा चिकित्सकों के वेतनमान को नियमित स्तर पर लाने की प्रक्रिया स्वीकार कर चुकी है।

    हाईकोर्ट के इस अंतरिम आदेश से प्रदेश भर के हजारों संविदा आयुष चिकित्सकों को फिलहाल राहत मिली है, जबकि भर्ती प्रक्रिया अनिश्चितकाल के लिए रुक गई है। अब सरकार के जवाब के बाद ही इस मामले में आगे की दिशा तय होगी।

  • मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी

    मध्यप्रदेश में MPPSC एग्जाम शुरू, नए नियम लागू 90 मिनट पहले पहुंचना जरूरी


    भोपाल । मध्यप्रदेश में आज राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जा रही है। राजधानी भोपाल समेत पूरे प्रदेश में यह परीक्षा 365 केंद्रों पर आयोजित हो रही है जहां लाखों अभ्यर्थी शामिल हो रहे हैं। इस बार परीक्षा को लेकर नियमों में कई बदलाव किए गए हैं और सुरक्षा व्यवस्था को पहले से ज्यादा मजबूत किया गया है।

    यह परीक्षा दो सत्रों में आयोजित की जा रही है जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक चलेगा। परीक्षा के लिए प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में केंद्र बनाए गए हैं ताकि अधिक से अधिक अभ्यर्थियों को सुविधा मिल सके।

    इस बार सबसे खास बात यह है कि परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी सिस्टम लागू किया गया है। उम्मीदवारों को पहले बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से गुजरना होगा इसके बाद एडमिट कार्ड की स्कैनिंग की जाएगी और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के जरिए तलाशी ली जाएगी। इन सभी चरणों से गुजरने के बाद ही उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा।

    परीक्षा प्रबंधन के अनुसार हर उम्मीदवार की जांच में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लग सकता है इसलिए सभी अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा शुरू होने से कम से कम 90 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचें। इसके साथ ही यह भी साफ किया गया है कि परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र के प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे और इसके बाद किसी को भी अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

    केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों के बाहर और अंदर वर्जित वस्तुओं की सूची चस्पा की गई है ताकि उम्मीदवार पहले से ही सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की परेशानी से बच सकें।

    प्रशासन का कहना है कि इन सख्त नियमों का उद्देश्य परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और नकल की घटनाओं को देखते हुए इस बार कोई भी लापरवाही नहीं बरती जा रही है।

    कुल मिलाकर MPPSC की यह परीक्षा न केवल अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि प्रशासन के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी है जिसमें सुरक्षा और व्यवस्था दोनों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे सभी नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचकर अपनी तैयारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करें।