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  • CM फडणवीस से बैठक के बाद MPSC छात्रों का 2 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित, ऑफलाइन परीक्षा और जांच की मांग पर बनी सहमति

    CM फडणवीस से बैठक के बाद MPSC छात्रों का 2 अक्टूबर का आंदोलन स्थगित, ऑफलाइन परीक्षा और जांच की मांग पर बनी सहमति

    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC के छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच 30 सितंबर 2026 को हुई बैठक के बाद 2 अक्टूबर को प्रस्तावित छात्रों का आंदोलन फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई और मुख्यमंत्री की ओर से कई मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया गया। इस दौरान फडणवीस ने स्पष्ट किया कि MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन ही आयोजित की जाएंगी। परीक्षा प्रणाली में किसी तरह का बदलाव सभी छात्र संगठनों और संबंधित पक्षों से चर्चा किए बिना नहीं किया जाएगा। छात्रों की ओर से आयोग के पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों तथा सदस्यों को हटाने की मांग भी रखी गई थी।

    बैठक में MPSC सचिव के तबादले और आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि MPSC अध्यक्ष का पद संवैधानिक है और राज्य सरकार या राज्यपाल को अध्यक्ष को हटाने का अधिकार नहीं है। अध्यक्ष को हटाने का अधिकार राष्ट्रपति के पास है और यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की सलाह के आधार पर होती है। छात्रों ने आयोग के पूर्व और वर्तमान अध्यक्षों तथा सदस्यों के आचरण को लेकर शिकायतें रखी थीं। इन शिकायतों के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन महीने के भीतर न्यायिक जांच कराई जाएगी। जांच में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस तरह छात्रों की ओर से उठाए गए पदाधिकारियों के आचरण और आयोग के कामकाज से जुड़े मुद्दे पर जांच का आश्वासन दिया गया।

    MPSC छात्रों की मांगों में परीक्षा व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे भी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी MPSC परीक्षाएं ऑफलाइन ही होंगी और परीक्षा के तरीके में बदलाव से पहले सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। भर्ती को लेकर भी सरकार की ओर से अधिक संख्या में रिक्त पदों को भरने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने आगामी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर रिक्तियों को शामिल करने और रिकॉर्ड संख्या में पद भरने का आश्वासन दिया है। विशेष रूप से 3 जनवरी को होने वाली ग्रुप सी परीक्षा में बड़ी संख्या में रिक्त पद शामिल किए जाने की बात कही गई। छात्रों की मांग के अनुसार भर्ती प्रक्रिया में रिक्तियों की संख्या बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने की योजना बनाई गई है। सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया से जुड़े नियमों में बदलाव की दिशा में काम किए जाने की जानकारी दी गई। बैठक के दौरान छात्रों की उन मांगों पर भी चर्चा हुई, जिनका संबंध आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट तरीके से आगे बढ़ाने से है। छात्रों ने पूर्व और वर्तमान MPSC अध्यक्षों तथा सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी थी, जबकि सरकार की ओर से इस मामले में न्यायिक जांच के बाद निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।

    मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक के बाद MPSC छात्र प्रतिनिधिमंडल ने 2 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन को फिलहाल स्थगित करने का फैसला किया। बैठक में छात्रों की प्रमुख मांगों पर चर्चा और सरकार की ओर से दिए गए आश्वासनों के बाद यह निर्णय लिया गया। इस दौरान परीक्षा प्रणाली को ऑफलाइन रखने, आयोग के पदाधिकारियों के आचरण की तीन महीने में न्यायिक जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में रिक्त पदों को बड़े स्तर पर शामिल करने जैसे मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया गया। छात्रों की ओर से रखी गई मांगों और मुख्यमंत्री के साथ हुई बातचीत के बाद 2 अक्टूबर का प्रस्तावित आंदोलन फिलहाल टाल दिया गया है।

  • MPSC छात्र की आत्महत्या के बाद अभिजीत दीपके परिवार से मिलेंगे, कर्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

    MPSC छात्र की आत्महत्या के बाद अभिजीत दीपके परिवार से मिलेंगे, कर्ज और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली । कॉकरोच जनता पार्टी फाउंडर अभिजीत दीपके MPSC परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र के परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। छात्र ने पुणे में खुदकुशी कर ली थी। पुलिस को शक है कि कर्ज से परेशान होकर यह कदम उठाया गया है। मृतक की पहचान प्रथमेश देशमुख के रूप में हुई है।

    दीपके ने गुरुवार को पोस्ट किया, ‘मैं MPSC के एक छात्र प्रथमेश देशमुख के शोकाकुल परिवार से मिलने जा रहा हूं, जिन्होंने कल आत्महत्या कर ली थी।’ खबर है कि सीजेपी पदाधिकारी सौरभ दास भी नोएडा पहुंच रहे हैं, जहां वह प्रशासन की तरफ से 5 लाख का नोटिस पाने वाले छात्र अक्षत से मुलाकात करेंगे।

    पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले ने बताया कि मृतक प्रथमेश देशमुख एमपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए पुणे के नवी पेठ इलाके में किराये के मकान में रह रहा था। उन्होंने बताया कि वह सुबह कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया गया, जिसके बाद कुछ निवासियों ने पुलिस को सूचना दी। उन्होंने बताया कि आत्महत्या का सही समय पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुसाइड नोट मिला

    पुलिस ने जानकारी दी है, ‘देशमुख कथित रूप से आर्थिक दबाव में था और उसे कई लोगों के करीब ढाई लाख रुपये लौटाने थे। उसका परिवार भी आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा था। उसने एक नोट छोड़ा है, जिसमें लोगों से लिए कर्ज और लौटाई जा चुकी रकम के बारे में जानकारियां दी गईं हैं।’

    बताया गया कि दो पन्नों के इस नोट में 8-19 लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस यह पता लगाने के लिए उसके परिवार के सदस्यों से पूछताछ कर रही है कि उसने पैसे क्यों उधार लिए थे और मामले की जांच जारी है।

    छत्रपति संभाजीनगर में हो रहा है प्रदर्शन

    मंगलवार को छत्रपति संभाजीनगर में MPSC में कथित भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। खास बात है कि यह दीपके का गृहनगर भी है। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आयोग में शीर्ष पदों पर साफ छवि वाले अधिकारियों को नियुक्त किया जाए। इससे पहले सोमवार को पुणे में भी प्रदर्शन हुआ था और देशमुख ने पुणे में ही आत्महत्या की है।

    इसके अलावा प्रदर्शनकारी पूर्व में हुई परीक्षाओं पर भी सवाल उठा रहे हैं और जांच की भी मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद हुई परीक्षाओं को लेकर भी संदेह है। एक छात्र ने कहा था, ‘हमें पता होना चाहिए कि आखिर क्या हो रहा है। मैं चार साल से पढ़ाई कर रहा हूं और परीक्षाएं दे रहा हूं। आज पैसे वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं।’