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  • बारिश ने पकड़ी रफ्तार बालाघाट से ग्वालियर तक झमाझम बरसात 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट प्रशासन सतर्क

    बारिश ने पकड़ी रफ्तार बालाघाट से ग्वालियर तक झमाझम बरसात 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट प्रशासन सतर्क


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और प्रदेश के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में सक्रिय मजबूत मानसूनी सिस्टम को देखते हुए 15 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सबसे अधिक असर बालाघाट जिले में देखने को मिला जहां बीते 24 घंटे के दौरान करीब 3 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई नदी नाले उफान पर पहुंच गए हैं और ग्रामीण क्षेत्रों के कई संपर्क मार्ग बंद करने पड़े हैं। प्रशासन लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील कर रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार बालाघाट सिवनी छिंदवाड़ा नर्मदापुरम और रायसेन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान लगभग 4 इंच तक वर्षा हो सकती है। वहीं देवास सीहोर हरदा बैतूल पांढुर्णा सागर नरसिंहपुर दमोह जबलपुर और छतरपुर सहित अन्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। विभाग ने बिजली गिरने तेज हवाएं चलने और जलभराव जैसी स्थितियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर सक्रिय मानसून ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से यह मजबूत मौसम प्रणाली बनी हुई है। यह सिस्टम ओडिशा दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ से होते हुए मध्यप्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों को प्रभावित कर रहा है। आने वाले दिनों में इसके धीरे धीरे कमजोर होकर अवदाब और फिर निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है लेकिन तब तक प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।

    बालाघाट में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश के कारण दैतबर्रा मंगलेगांव पुल टोंडिया नाला और थानेगांव का नाला पूरी तरह उफान पर हैं। सुरक्षा के लिहाज से कई मार्गों पर यातायात रोक दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग जान जोखिम में डालकर नालों को पार करते दिखाई दिए। टोंडिया नाले का पानी एक ढाबे तक पहुंच गया जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं बैहर परसवाड़ा मार्ग पर पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।

    ग्वालियर में भी बुधवार सुबह हुई झमाझम बारिश ने कई दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत दिलाई। वहीं भोपाल इंदौर उज्जैन रीवा सतना शहडोल धार खरगोन खंडवा बुरहानपुर रतलाम मंदसौर नीमच विदिशा राजगढ़ शिवपुरी मुरैना भिंड दतिया कटनी मंडला डिंडौरी सीधी सिंगरौली पन्ना टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में भी हल्की से मध्यम और कहीं कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आगामी दिनों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। किसानों को खेतों में सावधानी बरतने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक प्रदेश में औसतन 13.6 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक लगभग 16.5 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी करीब 17 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते आगामी चार दिनों में अच्छी बारिश होने से यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान सिस्टम का प्रभाव 1 अगस्त तक बना रहेगा। इस दौरान कई जिलों में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के पास जाने से बचने जलभराव वाले इलाकों में सावधानी बरतने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान

    मध्य प्रदेश में मौसम का डबल अटैक कहीं बिजली गिरने से मौतें तो कहीं बारिश के लिए शिवलिंग जल में विराजमान


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और इसके साथ ही कई इलाकों में तेज बारिश तथा आकाशीय बिजली की घटनाएं सामने आने लगी हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में अगले चार दिनों तक भारी और अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसी बीच शहडोल जिले में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हो गए। मृतकों में एक 11 वर्षीय बच्चा भी शामिल है। सभी हादसे खेतों और खुले स्थानों पर हुए जहां लोग बारिश के दौरान काम कर रहे थे।

    मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही निम्न दाब क्षेत्र और डिप्रेशन भी सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 27 से 30 जुलाई के बीच कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है।

    शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम झींक में पहली घटना उस समय हुई जब खेत में धान की रोपाई का काम चल रहा था। अचानक आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए जिनका उपचार जारी है। जिले के अन्य हिस्सों में भी बिजली गिरने की अलग अलग घटनाओं में दो और लोगों की जान चली गई जबकि कई लोग घायल हुए। पुलिस ने सभी मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच वर्षा होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में सामान्य से लगभग 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में वर्षा की कमी 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में लगभग 13 प्रतिशत दर्ज की गई है।

    उधर नर्मदापुरम जिले के इटारसी में बारिश की कमी से चिंतित किसानों और श्रद्धालुओं ने अच्छी वर्षा की कामना के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान किया। प्राचीन तिलक सिंदूर मंदिर में भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया तथा शिवलिंग को पूरी तरह जल में विराजमान किया गया। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस परंपरा से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है। सुबह से मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा अर्चना के लिए पहुंचे और किसानों की समृद्धि तथा अच्छी बारिश की प्रार्थना की।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने सलाह दी है कि गरज चमक के समय खुले मैदानों खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें तथा सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

  • चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

    चार दिन तक बारिश का डबल अटैक एमपी के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट


    मध्य प्रदेश  मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। प्रदेश में बने मजबूत मानसूनी सिस्टम के कारण अगले चार दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार के लिए उमरिया शहडोल अनूपपुर डिंडौरी मंडला और बालाघाट जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 27 से 30 जुलाई के बीच कई इलाकों में भारी से अति भारी बारिश दर्ज की जा सकती है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक निम्न दबाव क्षेत्र और डिप्रेशन सक्रिय है जबकि पश्चिमी विक्षोभ भी जल्द प्रभाव दिखाएगा। इन सभी मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ने लगी हैं। रविवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई और अब इसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिलेगा।

    भोपाल रायसेन सीहोर राजगढ़ विदिशा इंदौर धार आलीराजपुर बुरहानपुर बड़वानी खंडवा खरगोन झाबुआ उज्जैन नीमच आगर मालवा मंदसौर शाजापुर देवास रतलाम नर्मदापुरम बैतूल हरदा ग्वालियर गुना शिवपुरी दतिया अशोकनगर मुरैना भिंड श्योपुर जबलपुर कटनी छिंदवाड़ा सिवनी नरसिंहपुर पांढुर्णा रीवा सतना सीधी सिंगरौली मऊगंज मैहर सागर पन्ना दमोह छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच यानी 334.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि इस समय तक 15.5 इंच यानी 395.2 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए थी। इस तरह प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    प्रदेश के 55 जिलों में से केवल 14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है जबकि 41 जिले अब भी सामान्य से कम बारिश वाले क्षेत्रों में शामिल हैं। निवाड़ी पूर्वी मध्य प्रदेश का एकमात्र जिला है जहां औसत से अधिक वर्षा हुई है। दूसरी ओर भोपाल इंदौर सीहोर राजगढ़ देवास हरदा बुरहानपुर नीमच मंदसौर दमोह सिवनी आगर मालवा और भिंड जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से बेहतर रहा है।

    मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में कमजोर मानसून के कारण बारिश का आंकड़ा काफी पीछे रह गया था। जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी लेकिन पिछले कुछ दिनों तक बारिश कमजोर रहने से प्रदेश फिर औसत से नीचे पहुंच गया। अब सक्रिय मानसूनी सिस्टम से उम्मीद है कि बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।

    विशेषज्ञों के अनुसार जुलाई मध्य प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण बारिश वाला महीना होता है क्योंकि पूरे मानसून की लगभग 40 प्रतिशत वर्षा इसी महीने में होती है। प्रदेश की सामान्य वार्षिक बारिश 37.3 इंच मानी जाती है जबकि भोपाल इंदौर जबलपुर और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में सामान्य वर्षा 38 से 39 इंच के बीच रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालों से दूर रहने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।

  • मध्य प्रदेश में मानसून का बदला मिजाज फिलहाल रिमझिम बारिश का दौर अगले हफ्ते कई जिलों में फिर भारी बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश में मानसून का बदला मिजाज फिलहाल रिमझिम बारिश का दौर अगले हफ्ते कई जिलों में फिर भारी बारिश के आसार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच अब मौसम कुछ राहत देने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा और कहीं भी अत्यधिक वर्षा की संभावना नहीं है। हालांकि यह राहत ज्यादा लंबी नहीं होगी क्योंकि अगले सप्ताह एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने के साथ ही कई जिलों में फिर से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। ऐसे में लोगों को एक बार फिर सतर्क रहने की जरूरत होगी।

    मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल सक्रिय मानसूनी सिस्टम कमजोर पड़ रहा है। इसी वजह से ग्यारह जुलाई से तेरह जुलाई तक अधिकांश जिलों में रुक रुक कर हल्की बारिश होने का अनुमान है। शनिवार को भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर सहित प्रदेश के सभी जिलों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। कई स्थानों पर चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पाकिस्तान के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है जिसका असर अगले सप्ताह मध्य प्रदेश के मौसम पर दिखाई देगा। चौदह जुलाई से कई जिलों में फिर तेज बारिश की संभावना बन रही है। यदि नया सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हुआ तो प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी वर्षा देखने को मिल सकती है।

    कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेज बारिश का रुकना खरीफ फसलों के लिए राहत की खबर है। पिछले कुछ दिनों में कई जिलों में लगातार भारी बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया था जिससे फसलों में गलन और नुकसान की आशंका बढ़ने लगी थी। अब हल्की बारिश और मौसम में संतुलन रहने से फसलों को बेहतर बढ़वार मिलने की उम्मीद है।

    बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार जून महीने में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई थी लेकिन जुलाई के शुरुआती दिनों ने पूरी तस्वीर बदल दी है। प्रदेश में अब तक लगभग नौ दशमलव पांच इंच बारिश हो चुकी है जो सामान्य से अधिक है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में औसत से काफी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है जबकि पूर्वी हिस्से के कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम वर्षा हुई है।

    प्रदेश के लगभग तीस जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल इंदौर देवास हरदा उज्जैन रतलाम राजगढ़ सीहोर शाजापुर ग्वालियर गुना खंडवा खरगोन और विदिशा जैसे जिले शामिल हैं। वहीं अनूपपुर बालाघाट जबलपुर कटनी रीवा सतना सागर और शहडोल सहित कई जिलों में अभी भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है।

    देवास इस समय प्रदेश का सबसे अधिक बारिश वाला जिला बन गया है जहां अब तक करीब अठारह इंच पानी गिर चुका है। वहीं इंदौर और सीहोर में चौदह इंच से अधिक तथा भोपाल में तेरह इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। दूसरी ओर आलीराजपुर सबसे कम बारिश वाला जिला बना हुआ है जहां अब तक केवल लगभग सवा दो इंच वर्षा हुई है।

    मौसम विभाग का कहना है कि जुलाई का महीना प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानसूनी महीना माना जाता है क्योंकि सामान्य तौर पर पूरे सीजन की लगभग चालीस प्रतिशत बारिश इसी महीने होती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों का मौसम किसानों और आम लोगों दोनों के लिए बेहद अहम रहने वाला है।

  • एमपी में मानसून की रफ्तार सुस्त, 48 जिले बारिश में पिछड़े, आज 30 जिलों में वर्षा और 4 जिलों में लू का अलर्ट

    एमपी में मानसून की रफ्तार सुस्त, 48 जिले बारिश में पिछड़े, आज 30 जिलों में वर्षा और 4 जिलों में लू का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की देरी का असर साफ दिखाई दे रहा है। जून के अधिकांश दिन सूखे गुजरने से प्रदेश में अब तक सामान्य से 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में औसतन 70.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि केवल 34.3 मिमी वर्षा ही रिकॉर्ड की गई है। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर सहित 48 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

    मानसून में देरी बनी कम बारिश की बड़ी वजह

    प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार तय समय से 8 दिन बाद भी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हो पाया है। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों में मानसून के आगमन की संभावना जताई है। आमतौर पर मानसून के जल्द सक्रिय होने पर तेज बारिश का दौर शुरू हो जाता है, जिससे वर्षा के आंकड़ों में तेजी आती है।

    हालांकि पूरे जून माह में प्री-मानसूनी गतिविधियां जारी हैं, फिर भी पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में औसत से 71 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औसत से 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

    इन जिलों में बारिश सामान्य से कम

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई।

    इन जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा

    भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, गुना, मंदसौर, नीमच और श्योपुर ऐसे जिले रहे जहां औसत से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

    प्री-मानसून सक्रिय, कई जिलों में बरसे बादल

    सोमवार को प्रदेश में प्री-मानसूनी गतिविधियां तेज रहीं। धार में करीब 2 इंच और भोपाल में लगभग पौन इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, खजुराहो, सागर, सतना, सिवनी, बड़वानी, शाजापुर और सीहोर समेत कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला।

    पचमढ़ी रहा सबसे ठंडा, दतिया सबसे गर्म

    सोमवार को पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 31.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार में 32.9, सिवनी में 34.2, रायसेन में 35.4 और शाजापुर में 35.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। वहीं दतिया सबसे गर्म रहा, जहां पारा 42.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सीधी, खजुराहो, टीकमगढ़-नौगांव और नरसिंहपुर में भी तापमान 40 डिग्री या उससे अधिक रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का तापमान 34.7 डिग्री, उज्जैन 35 डिग्री, भोपाल 35.2 डिग्री, जबलपुर 36 डिग्री और ग्वालियर 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आज का मौसम: 4 जिलों में लू, 30 जिलों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने मंगलवार को जबलपुर, मंडला, दमोह और उमरिया जिलों में हीटवेव (लू) का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, भोपाल, सीहोर, हरदा, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर, धार, बड़वानी, आलीराजपुर और झाबुआ में तेज आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।

    इसके अलावा नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, कटनी, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में गर्मी का असर बना रह सकता है।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: बालाघाट और डिंडौरी में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में धूप

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: बालाघाट और डिंडौरी में बारिश का अलर्ट, भोपाल-इंदौर में धूप


    मध्य प्रदेश में मंगलवार को भी मौसम ने अपना मूड बदला रखा है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बालाघाट, मंडला, अनूपपुर, सिवनी और डिंडौरी में पानी गिरने की संभावना जताई गई है। दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। वहीं, राजधानी भोपाल और इंदौर में धूप खिली रहेगी, जिससे मौसम में स्थानीय अंतर बना हुआ है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के दक्षिणी हिस्से में लो प्रेशर एरिया एक्टिव है। इसके साथ ही दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में दो ट्रफ भी सक्रिय हैं। इन सक्रियताओं के चलते प्रदेश के इन हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है और लोगों को पानी गिरने की संभावना के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    सोमवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिली थी। दोपहर में जबलपुर, सीधी और रीवा में बारिश हुई, जबकि रात में ग्वालियर, सीधी, सिंगरौली, सागर, मऊगंज, मुरैना, बड़वानी, रीवा, धार, खरगोन, दमोह और दतिया में गरज-चमक के साथ पानी गिरा।

    बारिश के चलते प्रदेश में दिन का तापमान भी गिरा है। वहीं, रात का तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक दर्ज किया गया। रविवार और सोमवार की रात के आंकड़ों के अनुसार पचमढ़ी में सबसे कम 11.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। मंदसौर में रात का तापमान 11.7 डिग्री और राजगढ़ में 12.4 डिग्री दर्ज हुआ।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में दक्षिणी-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। ग्रामीण और शहरी इलाकों में लोगों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में धूप खिलने से स्थानीय लोगों को हल्की गर्मी का अनुभव हो सकता है।

    इस प्रकार, मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम ने बारिश और धूप दोनों का मिश्रित प्रभाव दिखाया। प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश की संभावना के बीच राजधानी और पश्चिमी शहरों में धूप का आनंद लिया जा सकेगा, जबकि तापमान में गिरावट और बढ़त के कारण दिन और रात का अंतर स्पष्ट रूप से महसूस होगा।

  • मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

    मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बढ़ाई मुश्किलें 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जनवरी की शुरुआत के साथ ही ठंड और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शीतलहर के कारण दिन-प्रतिदिन तापमान गिर रहा है और सड़कों पर सन्नाटा छा रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिससे आने वाले दिनों में और ठंड और कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।

    9 जिलों में अति घने कोहरे का अलर्ट

    मौसम विभाग ने ग्वालियर दतिया भिंड रीवा सतना पन्ना छतरपुर टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में अति घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में अगले 24 से 48 घंटे तक कोहरे का असर रहने की संभावना जताई गई है साथ ही कुछ इलाकों में तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट हो सकती है।

    पचमढ़ी रहा प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान

    प्रदेश का प्रसिद्ध हिल स्टेशन पचमढ़ी एक बार फिर सबसे ठंडा स्थान रहा जहां न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे ठिठुरन और बढ़ गई है और खासकर पहाड़ी इलाकों में लोगों को ठंड से राहत मिलना मुश्किल हो रहा है।

    प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान

    शिवपुरी – 6 डिग्री ,टीकमगढ़ – 8 डिग्री,राजगढ़ – 9 डिग्री,रीवा – 9.2 डिग्री,भोपाल – 10.6 डिग्री,ग्वालियर – 10.2 डिग्री,इंदौर – 12.4 डिग्री,बैतूल – 10 मीटर से कम विजिबिलिटी

    बैतूल में सबसे घना कोहरा

    बैतूल जिले में इस मौसम का अब तक का सबसे घना कोहरा दर्ज किया गया है। कई इलाकों में दृश्यता 10 मीटर से भी कम रही जिससे सड़क यातायात में परेशानी आई। कोहरे के कारण उत्तर भारत से आने-जाने वाली कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन में और घने कोहरे की संभावना जताई है खासकर सुबह के समय। इस मौसम में ठंड और कोहरे का असर शहरों और कस्बों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी देखा जा रहा है जहां लोग गर्म कपड़े और हीटर का इस्तेमाल बढ़ा चुके हैं।