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  • विजयपुर चुनाव फैसले पर सियासी घमासान: पटवारी-सिंघार ने BJP पर साधा निशाना

    विजयपुर चुनाव फैसले पर सियासी घमासान: पटवारी-सिंघार ने BJP पर साधा निशाना


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में विजयपुर को लेकर नया विवाद उभर कर सामने आया है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने साफ कहा कि विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन शून्य घोषित करने के फैसले पर कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। पटवारी ने न्यायपालिका का सम्मान करते हुए यह भी भरोसा जताया कि अदालत में पार्टी को न्याय मिलेगा। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसे यह स्वीकार नहीं हो रहा कि एक आदिवासी नेता चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गया।

    पटवारी ने भाजपा पर तंज कसते हुए विधायक निर्मला सप्रे के मामले का जिक्र किया और कहा कि अगर हिम्मत है तो उस मामले में भी निर्णय करवा कर दिखाएं। उनका कहना था कि भाजपा दबाव बनाकर फैसले करवाने की कोशिश कर रही है और यह पूरी तरह से राजनीतिक रोटेशन का हिस्सा लगता है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी राज्य सूचना आयोग में लंबित पदों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति लंबे समय से नहीं हो पाई है और सरकार इसमें बेहद धीमी गति से काम कर रही है। सिंघार ने कहा कि सरकार सांप की तरह धीरे-धीरे रेंगती है जबकि सूचना आयुक्तों की नियुक्ति तुरंत होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री से बातचीत भी की है और दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति करनी तय की गई है।

    सिंघार ने पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से जुड़े मामले की भी याद दिलाई। उनका कहना था कि भाजपा दबाव बनाकर फैसले करवाने की कोशिश करती है और यह संभव है कि कांग्रेस की राज्यसभा सीट प्रभावित करने के लिए ऐसा किया जा रहा हो। वहीं गैस सिलेंडर की कमी और महंगाई पर भी उन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि सरकार हर मामले में देर से निर्णय लेती है कोविड काल में भी देरी हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार को टैक्स में कमी कर जनता को राहत देनी चाहिए लेकिन वह केवल अपना खजाना भरने में लगी है।

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इस पर पलटवार किया। इंदौर में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को उच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करना चाहिए और न्यायालय के फैसले पर अनावश्यक टिप्पणी करने से उनकी अज्ञानता उजागर होती है। उन्होंने जीतू पटवारी और उमंग सिंघार के बयानों को तूल देने से भी बचने की सलाह दी।

    राजनीतिक गलियारों में यह विवाद लगातार गर्माता जा रहा है। विजयपुर विधानसभा सीट और संबंधित मामलों को लेकर दोनों पार्टियों के बीच सियासी टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है। कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में है जबकि बीजेपी अपने पक्ष को मजबूत रखने के लिए लगातार बयानबाजी कर रही है।

  • विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत बने नए MLA

    विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत बने नए MLA


    ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। अब विजयपुर का नया MLA रामनिवास रावत होंगे।

    रामनिवास रावत की याचिका में आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव के नामांकन में अपने खिलाफ दर्ज 6 में से 4 क्रिमिनल केस छिपाए थे। केवल दो केस की जानकारी दी गई थी। हाईकोर्ट ने पाया कि उम्मीदवार ने हलफनामे में आवश्यक जानकारी छिपाई थी, इसलिए उनका चुनाव रद्द कर दिया गया और दूसरे नंबर पर रहे रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया गया।

    इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और विश्वास जताया कि जनता फिर कांग्रेस को भारी वोटों से विजयी बनाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने कहा कि केवल कुछ जानकारी गलत दी गई थी, इसका मतलब चुनाव में धांधली नहीं हुई। वे अपील करेंगे और विश्वास है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।

    मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। इसके पहले वे बीजेपी में सक्रिय रहे और सहारिया प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार थे और आदिवासी वोट बैंक के बल पर विजयपुर सीट से 45 हजार वोटों से जीते थे।

    ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव में सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया और हलफनामे में जानकारी छिपाने का मामला सामने आने पर जांच की। यह मामला उम्मीदवारों द्वारा हलफनामे में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने से जुड़ी गंभीर कानूनी चेतावनी साबित हुआ।