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    SIR: बंगाल में जजों को मिलेगी ई-साइन की सुविधा…एक साथ अपलोड हों कई आदेश !


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मतदाता सूची (Electoral Rolls) के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision- SIR) से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे अपीलीय ट्रिब्यूनल के जजों को जल्द ही डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (Digital Signature Certificate-DSC) के जरिए पोर्टल पर लॉगिन करने की सुविधा मिलने वाली है। चुनाव आयोग इसी सप्ताह आधार बेस्ड ई-साइन की जगह डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट को अनिवार्य करने की तैयारी में है।

    चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, ट्रिब्यूनल के जजों की दो अन्य मांगों को भी स्वीकार कर लिया गया है और उन्हें पोर्टल पर लागू कर दिया गया है। इन बदलावों का उद्देश्य आदेश अपलोड करने की प्रक्रिया को आसान बनाना और इसमें लगने वाले समय को कम करना है।


    अब एक साथ अपलोड कर सकेंगे कई आदेश

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने अपीलीय ट्रिब्यूनल के पोर्टल में ऐसा बदलाव किया है, जिससे जज अब अपने आदेश एक-एक करके अपलोड करने के बजाय एक साथ कई आदेश अपलोड कर सकेंगे।

    दरअसल, पिछले एक महीने से अधिक समय में ट्रिब्यूनल की ओर से बड़ी संख्या में आदेश दिए गए थे, लेकिन उनमें से कई पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सके। इसकी एक वजह जजों की ओर से आधार आधारित प्रमाणीकरण को लेकर जताई गई आपत्ति थी। इस साल सितंबर में लॉगिन के लिए आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था शुरू की गई थी। नई व्यवस्था से लंबित आदेशों को अपलोड करने में जजों का समय और मेहनत दोनों बचने की उम्मीद है।


    अंतिम आदेश से पहले ड्राफ्ट सेव करने की सुविधा

    पोर्टल पर एक और अहम बदलाव किया गया है। अब ECINET पोर्टल पर जज अपने आदेश को ड्राफ्ट के रूप में सेव कर सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि अंतिम आदेश जारी करने से पहले उसमें जरूरी बदलाव किए जा सकेंगे। यानी आदेश तैयार करने के बाद उसे सीधे अंतिम रूप देने की जरूरत नहीं होगी।


    13 दस्तावेजों की सूची में जोड़ी गई एक और श्रेणी

    चुनाव आयोग ने करीब दो सप्ताह पहले ही ट्रिब्यूनल के लिए बनाए गए विशेष पोर्टल में दस्तावेजों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव किया था। पहले SIR आदेश में पात्रता तय करने के लिए 13 तरह के दस्तावेजों की सूची दी गई थी। अब इसमें 14वीं श्रेणी के तौर पर ‘कोई अन्य दस्तावेज’ भी जोड़ दी गई है।

    इस बदलाव के बाद जज अपने विवेक के आधार पर ऐसे किसी अन्य दस्तावेज को भी स्वीकार कर सकते हैं, जिसे वे किसी व्यक्ति की मतदाता सूची में शामिल होने की पात्रता तय करने के लिए उपयुक्त मानते हैं। इस श्रेणी के तहत संबंधित दस्तावेज को अपलोड करने की सुविधा सिर्फ जजों के कार्यालय तक सीमित नहीं है। चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ERO) और मतदाता भी इसे पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।


    इसी सप्ताह डिजिटल सिग्नेचर से लॉगिन की व्यवस्था संभव

    चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, ट्रिब्यूनल के जजों के लिए डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट आधारित लॉगिन व्यवस्था को इसी सप्ताह के अंत से पहले मंजूरी मिलने की संभावना है। डिजिटल सिग्नेचर से जुड़ी पेन ड्राइव की प्रक्रिया भी चल रही है।

    गौरतलब है कि चुनाव आयोग की ओर से अब तक जारी सभी SIR आदेशों में 13 दस्तावेजों की सूची को केवल सांकेतिक बताया गया है। यानी यह सूची अंतिम नहीं है और जरूरत के मुताबिक अन्य दस्तावेजों पर भी विचार किया जा सकता है।


    ट्रिब्यूनल के कार्यालयों की जगह बदलने पर भी काम

    इस बीच, चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को ट्रिब्यूनल के जजों की एक और मांग पर काम करने का निर्देश दिया है। जजों ने अपने कार्यालयों को किसी अधिक सुविधाजनक और केंद्रीय स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की थी। आयोग ने इस संबंध में बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा है।