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  • सीलिंग कार्रवाई से भड़के भोपाल के व्यापारी, 170 प्रतिष्ठानों पर एक्शन के बाद कोलार रोड पर आंदोलन की तैयारी

    सीलिंग कार्रवाई से भड़के भोपाल के व्यापारी, 170 प्रतिष्ठानों पर एक्शन के बाद कोलार रोड पर आंदोलन की तैयारी


    भोपाल । भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण को लेकर चल रही सीलिंग कार्रवाई अब बड़ा विवाद बनती जा रही है। नगर निगम की लगातार कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने विरोध तेज कर दिया है। इसी क्रम में कोलार व्यापारी महासंघ ने बुधवार को कोलार रोड बंद रखने का आह्वान किया है। व्यापारी अपनी दुकानें बंद रखकर नगर निगम की सीलिंग कार्रवाई का विरोध करेंगे और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन भी करेंगे। महासंघ की ओर से कोलार तिराहे से गोल जोड़ तक सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है। हालांकि मेडिकल और पेट्रोल पंप जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से अलग रखा गया है।

    व्यापारियों का कहना है कि जिस तरह से नगर निगम प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्रवाई कर रहा है उससे छोटे कारोबारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो सकता है। कोलार व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में व्यापारी परेशान हैं और अब उनके सामने विरोध प्रदर्शन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है। मंगलवार को भी सीलिंग कार्रवाई के विरोध में व्यापारियों ने अलग तरीके से प्रदर्शन किया था। कई व्यापारियों ने थाली और मंजीरा बजाकर अपनी नाराजगी जताई और प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की।

    दूसरी ओर नगर निगम ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। निगम लगातार तीसरे दिन भी प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कार्रवाई करने की तैयारी में है। अब तक करीब 170 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। नगर निगम की कार्रवाई के साथ ही व्यापारी संगठनों का विरोध भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को व्यापारियों ने रोशनपुरा चौराहे पर करीब चार घंटे तक प्रदर्शन किया और सीलिंग की कार्रवाई पर सवाल उठाए।

    मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने वाले याचिकाकर्ताओं की ओर से भी नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप लगाया गया है कि कार्रवाई सभी पर समान रूप से नहीं हो रही है और छोटे कारोबारियों को अधिक परेशान किया जा रहा है जबकि प्रभावशाली और बड़े लोगों के प्रतिष्ठानों को लेकर भी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए। इस संबंध में पूरी स्थिति की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में लाने की बात कही गई है।

    भोपाल में यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से भी जुड़ी हुई है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण के मामले में अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई हुई थी। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से गठित जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगाई गई और मामले में पहले दिए गए राहत आदेशों को भी लेकर स्थिति बदली। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसके निर्देशों के तहत चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है और इससे पहले नगर निगम को कार्रवाई से जुड़ी रिपोर्ट पेश करनी है।

    इसी कारण शहर में नोटिस और सीलिंग की कार्रवाई को तेज किया गया है। नगर निगम मुख्य मार्गों के दोनों ओर और उनसे जुड़ी गलियों में भी सर्वे कर रहा है। नदी और तालाब किनारे बने भवन ग्रीन बेल्ट बफर जोन और कैचमेंट क्षेत्र में स्थित निर्माण प्राथमिक जांच के दायरे में रखे गए हैं। अवैध मैरिज गार्डन और नियमों के विरुद्ध संचालित अन्य प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में भोपाल में सीलिंग कार्रवाई और व्यापारियों के विरोध के बीच टकराव और तेज होने की संभावना बनी हुई है।

  • कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज

    कमीशन और प्रताड़ना के खिलाफ व्यापारियों ने उठाई आवाज, जांच की मांग तेज


    कटनी । कटनी में फुटकर फल व्यापारियों का गुस्सा सोमवार को खुलकर सामने आ गया जब दर्जनों व्यापारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए थोक आढ़तियों की कथित मनमानी तथा नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। फुटकर फल व्यापारी संघ के जिला अध्यक्ष रामराज गुप्ता के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कलेक्टर आशीष तिवारी को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

    व्यापारियों का कहना है कि थोक फल आढ़ती लंबे समय से निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से अतिरिक्त कमीशन वसूल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश शासन द्वारा कृषि उपज मंडियों में कमीशन प्रथा पर स्पष्ट प्रतिबंध होने के बावजूद आढ़ती ठेला चालकों और फुटकर व्यापारियों से 4 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि वसूल रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।

    संघ ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में 28 मई 2026 को केले के व्यापारियों की एक बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें 11 जून 2026 से 10 रुपये अतिरिक्त कमीशन वसूलने का निर्णय थोप दिया गया। व्यापारियों ने बताया कि इस निर्णय को लेकर दुकानों पर बोर्ड भी लगाए जा चुके हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि यह व्यवस्था सुनियोजित तरीके से लागू की जा रही है। फुटकर व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में मंडी सचिव की मिलीभगत से नियमों की अनदेखी की जा रही है।

    व्यापारियों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि थोक आढ़ती बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी कर शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि संबंधित आढ़तियों के बैंक खातों और बही-खातों की गहन जांच कराई जाए, ताकि वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हो सके। इसके साथ ही संघ ने यह भी कहा कि कमीशन प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर फलों की बिक्री केवल पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से की जानी चाहिए, जिससे सभी व्यापारियों को समान अवसर मिल सके।

    इसी बीच फुटकर व्यापारियों ने नगर निगम की कार्रवाई पर भी नाराजगी जताई। संघ के अध्यक्ष रामराज गुप्ता ने आरोप लगाया कि नगर निगम का अतिक्रमण अमला लगातार छोटे और गरीब ठेला व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा है। बिना उचित कारण कार्रवाई करने से छोटे व्यापारियों की आजीविका पर संकट खड़ा हो रहा है, जिससे उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।

    ज्ञापन सौंपने के बाद कलेक्टर आशीष तिवारी ने व्यापारियों की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मंडी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से चर्चा कर वैधानिक और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    प्रशासन के आश्वासन के बाद भी व्यापारियों में संतोष पूरी तरह दिखाई नहीं दिया, लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और उन्हें राहत मिलेगी। यह पूरा मामला अब प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गया है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े फैसले की संभावना जताई जा रही है।

  • मानसून से पहले नगर निगम का एक्शन, सिल्वर टॉकीज रोड पर ढहाया गया खतरनाक भवन

    मानसून से पहले नगर निगम का एक्शन, सिल्वर टॉकीज रोड पर ढहाया गया खतरनाक भवन


    कटनी । कटनी नगर निगम ने मानसून से पहले संभावित हादसों को रोकने के उद्देश्य से जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में रविवार को सिल्वर टॉकीज रोड स्थित एक पुराने और बेहद जर्जर भवन को हटाने की कार्रवाई की गई। यह भवन बॉम्बे टेलर के पास स्थित था और लंबे समय से खराब हालत में खड़ा हुआ था, जिससे आसपास के लोगों में हमेशा खतरे की आशंका बनी रहती थी।

    यह इलाका शहर के व्यावसायिक क्षेत्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है, जहां दिनभर बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों का आवागमन रहता है। स्थानीय निवासियों और दुकानदारों द्वारा इस भवन को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि मानसून के दौरान इसके गिरने का खतरा बढ़ सकता है और किसी बड़े हादसे की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम प्रशासन ने भवन को हटाने का निर्णय लिया। निगमायुक्त के निर्देश पर नगर निगम का अतिक्रमण हटाने वाला दस्ता, लोक निर्माण विभाग की तकनीकी टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचा और पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

    भवन को गिराने के लिए भारी मशीनों जैसे जेसीबी, पोकलेन, क्रेन और हाइड्रोलिक कटर का उपयोग किया गया। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में कड़ी व्यवस्था की गई ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या अव्यवस्था न हो। कार्रवाई के दौरान आसपास के मार्ग को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया और यातायात को वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया गया।

    स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई को राहतभरा कदम बताया है, क्योंकि लंबे समय से यह जर्जर भवन क्षेत्र के लिए खतरा बना हुआ था। व्यापारियों और राहगीरों का कहना है कि बारिश के मौसम में इसकी स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी।

    नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानसून को देखते हुए शहर में चिन्हित सभी जर्जर और असुरक्षित भवनों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

  • बुरहानपुर में जल संकट के बीच बड़ा फैसला: अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे

    बुरहानपुर में जल संकट के बीच बड़ा फैसला: अवैध कनेक्शन काटे जाएंगे


    मध्य प्रदेश। बुरहानपुर में बढ़ते जल संकट के बीच नगर निगम अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रहा है। शहर में अवैध नल कनेक्शनों, पानी की बर्बादी और मोटर लगाकर सीधे पाइपलाइन से पानी खींचने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब नियम तोड़ने वालों पर सीधे स्पॉट फाइन लगाया जाएगा और अवैध कनेक्शन तत्काल काट दिए जाएंगे।

    नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने एमआईसी हॉल में आयोजित जल विभाग की बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि बिना मीटर और बिना टैक्स दिए पानी का उपयोग करने वाले सभी कनेक्शनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग न सिर्फ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि वैध उपभोक्ताओं के हिस्से का पानी भी प्रभावित कर रहे हैं।

    बैठक में विशेष रूप से उन लोगों को निशाने पर लिया गया जो मोटर लगाकर मुख्य पाइपलाइन से सीधे पानी खींचते हैं। निगम के अनुसार इससे अन्य इलाकों में पानी का दबाव कम हो जाता है और कई घरों तक पर्याप्त जलापूर्ति नहीं पहुंच पाती। इसके अलावा खुले नल, क्षतिग्रस्त पाइपलाइन और लगातार बहते पानी को भी गंभीर लापरवाही माना गया है।

    नगर निगम ने चेतावनी दी है कि पानी की बर्बादी करते पाए जाने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग तेजी से बढ़ गई है, जबकि जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। ऐसे में पानी की हर बूंद बचाना जरूरी हो गया है।

    निगम का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य टैक्स भरने वाले वैध उपभोक्ताओं को समान रूप से पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। कई इलाकों से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग अवैध तरीके से अधिक पानी उपयोग कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों को परेशानी हो रही है।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि यदि उनके क्षेत्र में कहीं पानी की बर्बादी हो रही है या अवैध कनेक्शन दिखाई दे रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत निगम की टीम को दें।

    इस बैठक में सहायक यंत्री अशोक पाटिल, उपयंत्री सुनील चौहान, एमएमपीयूडीसी के राहुल पवार, सुरेश डोडीयार सहित जल विभाग और जेएमसी कंपनी के कई अधिकारी मौजूद रहे।