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  • इंदौर में बड़ी राहत: प्रभावित मकान मालिकों को टीडीआर से मिलेगा आर्थिक लाभ

    इंदौर में बड़ी राहत: प्रभावित मकान मालिकों को टीडीआर से मिलेगा आर्थिक लाभ


    मध्यप्रदेश। इंदौर नगर निगम शहर के मास्टर प्लान के तहत प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को तेजी से आगे बढ़ा रहा है। यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से छावनी रोड और जिंसी रोड के चौड़ीकरण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। इस दौरान जिन भवनों और मकानों का हिस्सा सड़क चौड़ीकरण की जद में आया है, उनके भू-स्वामियों को टीडीआर (ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स) का लाभ दिया जाएगा।

    नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित भू-खण्ड धारकों को अपने स्वामित्व संबंधी आवश्यक दस्तावेज संबंधित जोनल कार्यालय में जमा कराने होंगे। भवन अधिकारी या भवन निरीक्षक द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन पूरा होने के बाद टीडीआर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

    निगम के अनुसार, प्रभावित संपत्तियों के शेष हिस्से पर भवन स्वीकृति के समय निर्धारित एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) के अतिरिक्त एफएआर का लाभ टीडीआर प्रमाण पत्र के माध्यम से प्राप्त किया जा सकेगा। इससे मकान मालिकों को अपने बचे हुए भू-भाग पर निर्माण क्षमता में अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।

    इसके अलावा यदि भू-स्वामी अपने शेष भू-भाग पर अतिरिक्त एफएआर का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो वे टीडीआर प्रमाण पत्र को नगर निगम सीमा क्षेत्र में कहीं भी कलेक्टर गाइडलाइन दर के अनुसार विक्रय कर सकते हैं। इससे उन्हें आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।

    टीडीआर प्रमाण पत्र के लिए कई प्रकार के दस्तावेज आवश्यक होंगे, जिनमें फॉर्म-1, आधार कार्ड, पैन कार्ड, रजिस्ट्री की प्रति, म्यूटेशन प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स रसीद और फॉर्म-3 शामिल हैं। इसके साथ ही फॉर्म-4, खसरा पी-2, भू-उपयोग प्रमाण पत्र, नक्शा, सर्वे प्लान, नोटिस प्रतियां, कलेक्टर गाइडलाइन और शपथ पत्र भी जमा करना अनिवार्य किया गया है।

    नगर निगम का कहना है कि छावनी रोड और जिंसी रोड पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान प्रभावित लोगों को नियमानुसार टीडीआर का लाभ देने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि उन्हें समय पर राहत और आर्थिक सुविधा मिल सके।

  • पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन

    पानी की किल्लत से नाराज लोग सड़क पर उतरे, इंदौर में महापौर और निगम के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन


    नई दिल्ली । इंदौर में गर्मी बढ़ते ही पानी का संकट गहराता जा रहा है। मंगलवार को शहर के विकास नगर इलाके में पानी की गंभीर समस्या से परेशान रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्काजाम किया और जोरदार प्रदर्शन करते हुए नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
    प्रदर्शन के दौरान रहवासियों ने खाली मटके सड़क पर फोड़ दिए, जिससे माहौल और अधिक आक्रोशपूर्ण हो गया। इस विरोध प्रदर्शन में स्थानीय पार्षद भी शामिल रहीं, जिन्होंने लोगों के साथ सड़क पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने महापौर और नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की आपूर्ति ठीक नहीं हो रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों का आरोप है कि पानी की सप्लाई में अनियमितता के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
    बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई में इंटरकनेक्शन के जरिए बदलाव किया गया है, जिसके कारण कुछ इलाकों में पानी का प्रेशर कम हो गया है। साथ ही दूषित पानी की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।
    प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम प्रशासन से तत्काल समस्या के समाधान की मांग की है और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग उठाई है। स्थिति को देखते हुए पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि मौके पर स्थिति को संभालने के प्रयास किए गए।
    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर इस तरह का विरोध शहर में प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है