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  • भोपाल में महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी: पिता ने पति पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

    भोपाल में महिला की संदिग्ध मौत से सनसनी: पिता ने पति पर लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी


    मध्य प्रदेश। राजधानी भोपाल के कोलार थाना क्षेत्र स्थित बंजारा बस्ती में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है। मृतका के परिजनों ने महिला के पति पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

    मृतका की पहचान 30 वर्षीय बबीता अहिरवार के रूप में हुई है। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार रात करीब आठ बजे बबीता का सात वर्षीय बेटा समर्थ अपने नाना के घर पहुंचा और उसने परिवार को बताया कि उसकी मां के साथ कुछ अनहोनी हो गई है। बच्चे की सूचना मिलने के बाद परिवार के सदस्य तत्काल बबीता के घर पहुंचे, जहां वह जमीन पर पड़ी हुई मिली।

    मृतका के पिता हरनाम सिंह का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। उनका कहना है कि जब वे मौके पर पहुंचे तो बबीता की चूड़ियां टूटी हुई थीं और उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। परिजनों का दावा है कि गले पर भी ऐसे निशान थे जो किसी प्रकार के दबाव या संघर्ष की ओर संकेत करते हैं। इसी आधार पर उन्होंने बबीता के पति सुनील अहिरवार पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया है।

    परिजनों के मुताबिक सुनील अहिरवार वेल्डिंग का काम करता है और उसे शराब पीने की आदत है। परिवार का आरोप है कि वह अक्सर नशे की हालत में घर लौटता था, जिससे पति-पत्नी के बीच विवाद होता रहता था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।

    जानकारी के अनुसार बबीता और सुनील की शादी करीब नौ वर्ष पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं, जिनमें सात वर्षीय बेटा और चार वर्षीय बेटी शामिल हैं। बबीता गृहिणी थी और परिवार की देखभाल करती थी। उसकी अचानक हुई मौत के बाद बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए हैं और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

    कोलार थाना प्रभारी ने बताया कि महिला की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के निष्कर्ष इस मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

    जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना के समय घर के भीतर वास्तव में क्या हुआ था। चूंकि उस समय बच्चे भी घर में मौजूद थे, इसलिए उनके बयान भी जांच के लिए अहम माने जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित सभी संभावित पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगी।

  • भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया

    भोपाल ट्रेन हादसा: युवक की मौत के बाद हत्या का आरोप, मां बोलीं- बेटे को धक्का देकर पटरी पर गिराया गया


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal के गोविंदपुरा थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब रचना नगर अंडरब्रिज के पास रेलवे ट्रैक पर एक युवक का शव मिला। मृतक की पहचान अशोक बामने के रूप में हुई है, जो गौतम नगर जनता क्वार्टर का निवासी था।
    पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में मामला ट्रेन से कटकर हुई मौत का लग रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। हालांकि, मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब मृतक की मां ने पड़ोसी पर गंभीर आरोप लगाए।
    मृतक की मां कृष्णा बामने का कहना है कि रात में पड़ोसी से किसी लड़की को लेकर विवाद हुआ था। उनका आरोप है कि उसी विवाद के बाद पड़ोसी उनके घर में घुस आया और उनके चार बेटों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की।
    परिवार का दावा है कि इसके बाद आरोपियों ने अशोक को रेलवे ट्रैक पर ले जाकर ट्रेन के सामने धक्का दे दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, सुबह पुलिस ने सूचना दी तब उन्हें घटना की जानकारी मिली।
    अशोक अविवाहित था और मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अचानक हुई इस घटना ने पूरे इलाके में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
    फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं हादसा, आत्महत्या और हत्या को ध्यान में रखकर छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा बन गई है, बल्कि पूरे इलाके में कई सवाल भी छोड़ गई है कि यह वाकई एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश।

  • जबलपुर में एक साल बाद कब्र से निकाला गया शव, हाईकोर्ट ने जताई सख्ती

    जबलपुर में एक साल बाद कब्र से निकाला गया शव, हाईकोर्ट ने जताई सख्ती


    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक साल पुराने मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गयासुद्दीन कुरैशी का शव बुधवार को हाईकोर्ट के आदेश के बाद कब्र से निकाला गया। पूरी प्रक्रिया एसडीएम अधारताल की स्वीकृति में कराई गई और शव को गवाहों के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसी दिन जांच कराई जानी है।

    हाईकोर्ट का सख्त रुख: “देरी बर्दाश्त नहीं होगी”

    मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें Justice Vivek Agarwal और Justice AK Singh शामिल थे, ने स्पष्ट कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए तुरंत कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने आदेश दिया था कि बुधवार दोपहर 1 बजे तक शव को कब्र से निकालकर उसी दिन पोस्टमार्टम कराया जाए। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए कि पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो।

    परिवार को भी दिए गए थे निर्देश

    कोर्ट ने मृतक के परिवार पत्नी, पुत्र और भाई को सुबह 11 बजे एसडीएम के समक्ष उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता कसीमुद्दीन कुरैशी समय पर उपस्थित नहीं होता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    सड़क हादसे के बाद हुई थी मौत, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    गयासुद्दीन कुरैशी 26 मार्च 2025 को सड़क हादसे में घायल हुए थे। पहले उनका इलाज जबलपुर में और बाद में नागपुर में कराया गया, जहां 27 मार्च को उनकी मौत हो गई। इसके बाद बिना विस्तृत जांच के शव को दफना दिया गया था।
    हालांकि, मृतक के भाई कसीमुद्दीन कुरैशी ने मौत को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई। उनका कहना है कि डिस्चार्ज रिपोर्ट में सीने पर चोट के निशान थे, जिससे मामले में संदेह पैदा हुआ। पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने जनवरी 2026 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

    सुनवाई में दोनों पक्षों ने रखे तर्क

    राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता वीर विक्रांत सिंह ने कहा कि अपीलकर्ता जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वहीं, याचिकाकर्ता के वकील अभिनव उमाशंकर तिवारी ने मौत को संदिग्ध बताते हुए पोस्टमार्टम की मांग की। अन्य पक्षों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त और अधिवक्ता मयंक शर्मा भी उपस्थित रहे।

    अब पोस्टमार्टम से खुलेगा राज

    इस पूरे मामले में अब सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट होगी, जिससे यह साफ हो सकेगा कि गयासुद्दीन की मौत सामान्य दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई साजिश थी।

    पुलिस जांच पर भी उठे सवाल

    मृतक के भाई का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम के शव को दफना दिया, जिससे कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पहले जबलपुर एसपी से जांच की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई न होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।