Tag: Murder

  • फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    नई दिल्ली ।फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र के गांव मोजाबाद में 42 वर्षीय श्यामवीर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में उसकी पत्नी और उसके साथ रहने वाले एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर श्यामवीर की हत्या करने के बाद शव को घर के पास जमीन में दबा दिया। मामले का खुलासा सूचना मिलने के बाद पुलिस की जांच में हुआ और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, श्यामवीर गांव मोजाबाद स्थित मकान में रहता था। उसके साथ कामत नाम का व्यक्ति भी रहता था। इसी दौरान कामत के मृतक की पत्नी केशव के साथ संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि श्यामवीर को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसे लेकर घर में विवाद की स्थिति बनने लगी थी।

    पुलिस का कहना है कि श्यामवीर पत्नी और कामत के संबंधों का विरोध करता था। वह शराब के नशे में पत्नी के साथ अक्सर विवाद करता था। इसी वजह से दोनों आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की साजिश के तहत श्यामवीर को पहले शराब पिलाई गई।

    घटना 16 अगस्त की शाम की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, कामत ने श्यामवीर को शराब पिलाने के बाद उसके नशे में होने का इंतजार किया। इसके बाद इंटरलॉकिंग टाइल से उसके सिर पर वार किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उस समय पत्नी ने भी वारदात में सहयोग किया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया, जिससे घर के भीतर की आवाज बाहर नहीं जा सके।

    हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, घर के पास एक गड्ढा खोदा गया और श्यामवीर के शव को उसमें दबाकर मिट्टी डाल दी गई। इस तरह आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

    24 अगस्त को फरीदाबाद कंट्रोल रूम के माध्यम से तिगांव थाना पुलिस को जमीन में एक व्यक्ति के दबे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन की खुदाई कर शव बाहर निकाला। इसके बाद मृतक की पहचान श्यामवीर के रूप में हुई।

    मामले में मृतक के भाई रामबीर की शिकायत पर तिगांव थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल, परिस्थितियों और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश और शव को जमीन में दबाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    पुलिस ने पत्नी केशव और कामत को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते मामले का खुलासा 24 घंटे के भीतर किए जाने का दावा किया गया है। फिलहाल जांच का केंद्र हत्या की पूरी साजिश, दोनों आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य संभावित तथ्यों पर है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या पर बड़ा सवाल: क्या हत्या से पहले महिलाओं से हुआ था दुष्कर्म? पुलिस जांच पर उठे सवाल

    बांग्लादेश में हिंदू परिवार की हत्या पर बड़ा सवाल: क्या हत्या से पहले महिलाओं से हुआ था दुष्कर्म? पुलिस जांच पर उठे सवाल


    ढाका।
    बांग्लादेश के रंगपुर में हिंदू परिवार के चार सदस्यों की हत्या का मामला गंभीर विवाद में बदल गया है। पुलिस ने हत्या के मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जांच की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कुछ अहम साक्ष्य सामने नहीं लाए जा रहे हैं।

    सबसे गंभीर सवाल परिवार की महिला सदस्यों से कथित दुष्कर्म को लेकर उठ रहा है। हालांकि, दुष्कर्म के आरोप की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की रिपोर्ट में महिलाओं के साथ दुष्कर्म का उल्लेख नहीं किया गया है।

    शवगृह कर्मचारी के दावे से बढ़ा विवाद

    स्थानीय मीडिया के एक स्टिंग ऑपरेशन में शवगृह के एक कर्मचारी ने महिलाओं के शवों से कथित तौर पर वीर्य मिलने का दावा किया। इस दावे के बाद मामले में दुष्कर्म की आशंका को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र फॉरेंसिक या आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में यह कहना कि हत्या से पहले निश्चित तौर पर दुष्कर्म हुआ था, फिलहाल जल्दबाजी होगी।

    चारों की गला घोंटकर हत्या

    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार स्कूल शिक्षक गणपति चक्रवर्ती, उनकी पत्नी, बेटी और बेटे की गला घोंटकर हत्या की गई। मामले में गणपति के रिश्तेदार मुग्धो दास और सिद्धार्थ दास को गिरफ्तार किया गया है।

    स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि हत्या में और लोग भी शामिल हो सकते हैं और पुलिस उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की भी अभी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

    जांच डिटेक्टिव ब्रांच को सौंपी गई

    विवाद बढ़ने के बाद मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर डिटेक्टिव ब्रांच को सौंप दी गई है। जांच एजेंसी हत्या की परिस्थितियों के साथ-साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    इस बीच हिंदू संगठनों का विरोध जारी है। संगठनों ने मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की है।

    फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फॉरेंसिक जांच में दुष्कर्म के आरोप की पुष्टि होती है और क्या हत्या में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी। इन दोनों सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

  • केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच का बड़ा खुलासा, पहले दुर्घटना दिखाकर अपाहिज बनाने की थी साजिश; बाद में हत्या की योजना का आरोप

    केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच का बड़ा खुलासा, पहले दुर्घटना दिखाकर अपाहिज बनाने की थी साजिश; बाद में हत्या की योजना का आरोप

    नई दिल्ली । पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में गिरफ्तार आरोपियों की कथित साजिश शुरुआत से हत्या की नहीं थी। पुलिस का दावा है कि पहले ऐसी योजना बनाई गई थी, जिसमें केतन अग्रवाल को एक सुनियोजित दुर्घटना के माध्यम से स्थायी रूप से गंभीर रूप से घायल या दिव्यांग बनाया जाए, ताकि उनकी प्रस्तावित शादी और विदेश यात्रा स्वाभाविक रूप से रद्द हो सके। बाद में कथित रूप से इस योजना को बदलकर हत्या की साजिश तैयार की गई।

    पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर ऐसे तरीके की तलाश में थे जिससे पूरी घटना एक सामान्य दुर्घटना प्रतीत हो और किसी पर संदेह न जाए। इसी उद्देश्य से सड़क हादसे, लूटपाट जैसी परिस्थितियां पैदा करने और गंभीर चोट पहुंचाने जैसे विकल्पों पर विचार किए जाने का दावा किया गया है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस योजना का उद्देश्य पीड़ित को लंबे समय तक सामान्य जीवन जीने में असमर्थ बनाना था।

    जांच में यह भी सामने आया है कि बाद के चरण में आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की योजना पर काम शुरू किया। पुलिस के अनुसार, घटना को दुर्घटना का रूप देने के लिए विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि कई संभावित स्थानों का जायजा लेने के बाद अंततः एक स्थान को वारदात के लिए चुना गया। पुलिस इस संबंध में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी प्रमाणों की भी जांच कर रही है।

    जांच अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की गतिविधियों और आपसी बातचीत से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य भी उनके हाथ लगे हैं। इनमें कथित इंटरनेट सर्च, मोबाइल फोन से प्राप्त जानकारी और अन्य तकनीकी रिकॉर्ड शामिल हैं। पुलिस इन सभी पहलुओं की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी श्रृंखला स्पष्ट की जा सके और अदालत में मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत किए जा सकें।

    पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह भी पता चला है कि घटना से पहले कई बार संबंधित स्थानों पर जाकर परिस्थितियों का आकलन किया गया था। आरोप है कि संभावित योजना को सफल बनाने के लिए कथित तौर पर कई बार रेकी की गई और अलग-अलग परिस्थितियों का परीक्षण किया गया। हालांकि इन सभी दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।

    इस मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है और पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष एवं त्वरित जांच की मांग कर रहा है। परिवार का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच होनी चाहिए और दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की वैज्ञानिक और कानूनी तरीके से जांच की जा रही है।

    फिलहाल जांच एजेंसियां सभी उपलब्ध साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और अन्य तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण कर रही हैं। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की अंतिम तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी और उसी आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

  • सीतापुर में रिश्तों का खौफनाक अंत, शराब के विवाद में 65 वर्षीय मां की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार

    सीतापुर में रिश्तों का खौफनाक अंत, शराब के विवाद में 65 वर्षीय मां की हत्या, आरोपी बेटा गिरफ्तार

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बेनियापुर गांव में शराब पीने के लिए पैसे नहीं मिलने पर एक बेटे पर अपनी 65 वर्षीय मां की हत्या करने का आरोप लगा है। प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने पहले मां के साथ मारपीट की और फिर उनका सिर दीवार से टकरा दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पूरी रात घर में शव के पास बैठा रहा और सुबह स्वयं ग्राम प्रधान को फोन कर मां की मौत की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान सावित्री देवी के रूप में हुई है, जो अपने बेटे त्रिभुवन के साथ रहती थीं। उनके पति का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। ग्रामीणों के मुताबिक त्रिभुवन लंबे समय से शराब का आदी था और इसी वजह से करीब दस वर्ष पहले उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई थी। बताया जा रहा है कि घटना वाली रात वह नशे की हालत में घर पहुंचा और मां से शराब पीने के लिए पैसे मांगने लगा। सावित्री देवी द्वारा पैसे देने से इनकार किए जाने पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा।

    आरोप है कि विवाद के दौरान त्रिभुवन ने अपनी मां के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनका सिर दीवार से टकरा दिया। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने किसी को सूचना नहीं दी और पूरी रात घर में ही मौजूद रहा। अगले दिन सुबह उसने गांव के प्रधान को फोन कर बताया कि उसकी मां की मौत हो गई है और अंतिम संस्कार कराने की बात कही।

    ग्राम प्रधान जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने सावित्री देवी का शव आंगन में पड़ा देखा। शव के सिर के पास खून के निशान थे, जिससे मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद प्रधान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घर की दीवार पर भी खून के निशान पाए, जिससे यह आशंका और मजबूत हुई कि महिला का सिर दीवार से टकराया गया था।

    प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी शराब के नशे में अपनी मां के साथ मारपीट करता था। पुलिस को जानकारी मिली है कि घटना से दो दिन पहले भी उसने कथित रूप से सावित्री देवी के साथ हिंसा की थी। महिला के शरीर पर पुराने चोटों के निशान मिलने की बात भी सामने आई है, जिनकी पुष्टि पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के आधार पर की जाएगी।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपी त्रिभुवन को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण की पुष्टि होगी। साथ ही घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, फोरेंसिक जांच और आरोपी से पूछताछ के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • मनुआभान टेकरी कांड में बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को उम्रकैद, डीएनए साक्ष्यों ने दिलाई सजा

    मनुआभान टेकरी कांड में बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को उम्रकैद, डीएनए साक्ष्यों ने दिलाई सजा


    भोपाल । भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में आखिरकार न्यायालय का बड़ा फैसला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने मामले के दोनों आरोपियों अविनाश साहू और जस्टिन राज को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के साथ वर्षों से चल रहे इस संवेदनशील मामले का महत्वपूर्ण कानूनी अध्याय समाप्त हुआ है।

    यह मामला वर्ष 2019 में सामने आया था और उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था। घटना 30 अप्रैल 2019 की है, जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा अपनी 16 वर्षीय बुआ और उसके मित्र अविनाश साहू के साथ मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। आरोप है कि टेकरी पर दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और फिर पहचान छिपाने के उद्देश्य से पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को लगभग 100 फीट गहरी खाई में स्थित एक गुफा में छिपा दिया था ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

    घटना के बाद आरोपी खुद को निर्दोष साबित करने के लिए छात्रा की तलाश का नाटक करते रहे। जब बालिका के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली तो कोहेफिजा थाना पुलिस ने पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। जांच के दौरान पुलिस को अविनाश साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास दिखाई दिया। संदेह गहराने पर पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, जिसके बाद उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खाई में छिपाया गया छात्रा का शव बरामद किया।

    जांच के दौरान पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्रित किया। पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश भी की थी।

    हालांकि बाद में सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देने का प्रयास किया और अदालत में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। लेकिन अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और उससे विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद मामले का ट्रायल जारी रहा और उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण किया गया।

    लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा है। न्यायालय ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपियों की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित करते हैं। इसी आधार पर दोनों दोषियों को कठोर सजा सुनाई गई।

    यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य और सतत न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है। प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल इस प्रकरण में आया फैसला न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को भी मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

  • शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत

    शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत


    मध्य प्रदेश; मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर शराब के नशे में हुई हिंसक वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एरोड्रम थाना क्षेत्र की पंचवटी कॉलोनी में मंगलवार दोपहर शराब पीने के दौरान दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने पहले शराब की बोतल से हमला किया और फिर पास में रखी पानी भरने की मोटर उठाकर दोस्त के सिर पर दे मारी। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान जितेन्द्र पुत्र फूलचंद मीणा के रूप में हुई है। वह एक निजी बैंक में कार्यरत था और पंचवटी कॉलोनी क्षेत्र में रहता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जितेन्द्र अपने दोस्त धर्मेंद्र पंवार के साथ बैठकर शराब पी रहा था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में यह सामान्य बहस थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने अपना आपा खो दिया। उसने पहले शराब की बोतल उठाकर जितेन्द्र पर हमला किया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पास में रखी पानी भरने वाली मोटर को हथियार बना लिया। आरोपी ने मोटर से जितेन्द्र के सिर पर कई वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    थाना प्रभारी वरेन्द्र कुशवाह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण आपसी विवाद है, जो शराब पीने के दौरान हुआ था। आरोपी धर्मेंद्र पंवार घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक जितेन्द्र का निजी जीवन भी काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उसकी पत्नी करीब सात वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी और वह अकेले रहकर नौकरी कर रहा था। परिवार और परिचितों के अनुसार वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अचानक हुई मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि नशे की हालत में छोटे-छोटे विवाद भी किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।

  • देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां बालगढ़ चौराहे पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

    जानकारी के अनुसार, मृतक मुकेश, जो शहर की एक निजी कंपनी में काम करता था, मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे खून से लथपथ हालत में बालगढ़ क्षेत्र में एक पान की गुमटी के पीछे पड़ा मिला। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। मृतक मुकेश और आरोपी भावेश चौधरी एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    इसी दौरान आरोपी भावेश ने धारदार हथियार (फरसी) से मुकेश पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी फरसी भी बरामद कर ली है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने

    गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने


    गाजियाबाद । गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 72 वर्षीय पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उसे गिरफ्तार किया जाए।

    घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। आरोपी हरपाल रावली कला गांव का रहने वाला है। वह सुबह करीब 5 बजे रावली चौकी पहुंचा और पुलिस को स्पष्ट शब्दों में बताया कि उसने पत्नी उर्मिला की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत आरोपी को साथ लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में चारपाई पर महिला का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।

    पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरोपी की मानसिक स्थिति भी पूरी तरह ठीक नहीं बताई जा रही है। मृतका के परिजनों और बच्चों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, लेकिन इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी।

    जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में दो नाती भी मौजूद थे, जो कमरे में सो रहे थे और उन्हें वारदात की जानकारी नहीं हुई। बाद में सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो घटना का खुलासा हुआ।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

    बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप


    ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे।

    तीन दिन पहले हुए थे लापता

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

    समुदाय ने उठाए सवाल

    घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

    परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है।

    वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

    सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता

    गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

    इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।