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  • मनुआभान टेकरी कांड में बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को उम्रकैद, डीएनए साक्ष्यों ने दिलाई सजा

    मनुआभान टेकरी कांड में बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को उम्रकैद, डीएनए साक्ष्यों ने दिलाई सजा


    भोपाल । भोपाल के बहुचर्चित मनुआभान टेकरी दुष्कर्म एवं हत्या कांड में आखिरकार न्यायालय का बड़ा फैसला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश कुमुदिनी पटेल की अदालत ने मामले के दोनों आरोपियों अविनाश साहू और जस्टिन राज को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 8-8 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। इस फैसले के साथ वर्षों से चल रहे इस संवेदनशील मामले का महत्वपूर्ण कानूनी अध्याय समाप्त हुआ है।

    यह मामला वर्ष 2019 में सामने आया था और उस समय पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था। घटना 30 अप्रैल 2019 की है, जब आठवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा अपनी 16 वर्षीय बुआ और उसके मित्र अविनाश साहू के साथ मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। आरोप है कि टेकरी पर दोनों आरोपियों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और फिर पहचान छिपाने के उद्देश्य से पत्थर से उसका सिर कुचलकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को लगभग 100 फीट गहरी खाई में स्थित एक गुफा में छिपा दिया था ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।

    घटना के बाद आरोपी खुद को निर्दोष साबित करने के लिए छात्रा की तलाश का नाटक करते रहे। जब बालिका के लापता होने की सूचना पुलिस को मिली तो कोहेफिजा थाना पुलिस ने पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। जांच के दौरान पुलिस को अविनाश साहू के बयानों में लगातार विरोधाभास दिखाई दिया। संदेह गहराने पर पुलिस ने उससे गहन पूछताछ की, जिसके बाद उसने पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खाई में छिपाया गया छात्रा का शव बरामद किया।

    जांच के दौरान पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को एकत्रित किया। पॉक्सो एक्ट, दुष्कर्म, हत्या और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत में चालान पेश किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने इसकी जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की सिफारिश भी की थी।

    हालांकि बाद में सीबीआई ने पुलिस की डीएनए रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए दोनों आरोपियों को क्लीन चिट देने का प्रयास किया और अदालत में क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी। लेकिन अदालत ने सीबीआई की रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और उससे विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा। इसके बाद मामले का ट्रायल जारी रहा और उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान तथा वैज्ञानिक जांच रिपोर्टों का गहन परीक्षण किया गया।

    लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा है। न्यायालय ने माना कि प्रस्तुत साक्ष्य आरोपियों की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित करते हैं। इसी आधार पर दोनों दोषियों को कठोर सजा सुनाई गई।

    यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक साक्ष्य और सतत न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सकता है। प्रदेश के चर्चित मामलों में शामिल इस प्रकरण में आया फैसला न्याय व्यवस्था के प्रति लोगों के विश्वास को भी मजबूत करने वाला माना जा रहा है।

  • शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत

    शराब पार्टी बनी मौत की वजह: दोस्त ने बोतल और पानी की मोटर से किया हमला, युवक की मौत


    मध्य प्रदेश; मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बार फिर शराब के नशे में हुई हिंसक वारदात ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एरोड्रम थाना क्षेत्र की पंचवटी कॉलोनी में मंगलवार दोपहर शराब पीने के दौरान दो दोस्तों के बीच हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। आरोपी ने पहले शराब की बोतल से हमला किया और फिर पास में रखी पानी भरने की मोटर उठाकर दोस्त के सिर पर दे मारी। गंभीर चोटों के कारण युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

    पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान जितेन्द्र पुत्र फूलचंद मीणा के रूप में हुई है। वह एक निजी बैंक में कार्यरत था और पंचवटी कॉलोनी क्षेत्र में रहता था। बताया जा रहा है कि मंगलवार दोपहर करीब एक बजे जितेन्द्र अपने दोस्त धर्मेंद्र पंवार के साथ बैठकर शराब पी रहा था। दोनों के बीच बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। शुरुआत में यह सामान्य बहस थी, लेकिन कुछ ही देर में मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार विवाद बढ़ने पर धर्मेंद्र ने अपना आपा खो दिया। उसने पहले शराब की बोतल उठाकर जितेन्द्र पर हमला किया। इसके बाद भी उसका गुस्सा शांत नहीं हुआ और उसने पास में रखी पानी भरने वाली मोटर को हथियार बना लिया। आरोपी ने मोटर से जितेन्द्र के सिर पर कई वार किए। सिर में गंभीर चोट लगने से वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

    घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही एरोड्रम थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

    थाना प्रभारी वरेन्द्र कुशवाह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हत्या का कारण आपसी विवाद है, जो शराब पीने के दौरान हुआ था। आरोपी धर्मेंद्र पंवार घटना के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।

    जानकारी के मुताबिक जितेन्द्र का निजी जीवन भी काफी संघर्षपूर्ण रहा था। उसकी पत्नी करीब सात वर्ष पहले उसे छोड़कर चली गई थी और वह अकेले रहकर नौकरी कर रहा था। परिवार और परिचितों के अनुसार वह शांत स्वभाव का व्यक्ति था। उसकी अचानक हुई मौत से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है।

    यह घटना एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि नशे की हालत में छोटे-छोटे विवाद भी किस तरह गंभीर अपराध का रूप ले सकते हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।

  • देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार

    देवास में सनसनीखेज वारदात: युवक की फरसी से काटकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के देवास शहर में मंगलवार तड़के एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जहां बालगढ़ चौराहे पर एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।

    जानकारी के अनुसार, मृतक मुकेश, जो शहर की एक निजी कंपनी में काम करता था, मंगलवार सुबह करीब 4:45 बजे खून से लथपथ हालत में बालगढ़ क्षेत्र में एक पान की गुमटी के पीछे पड़ा मिला। राहगीरों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद औद्योगिक थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    पुलिस जांच में सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश का नतीजा थी। मृतक मुकेश और आरोपी भावेश चौधरी एक ही मोहल्ले में रहते थे और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार तड़के करीब 4 बजे किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई।

    इसी दौरान आरोपी भावेश ने धारदार हथियार (फरसी) से मुकेश पर हमला कर दिया। हमला इतना गंभीर था कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

    घटनास्थल से पुलिस ने खून से सनी फरसी भी बरामद कर ली है, जिसे हत्या में इस्तेमाल किया गया था। थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है।

  • गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने

    गाजियाबाद में दिल दहला देने वाली वारदात: 80 वर्षीय पति ने कुल्हाड़ी से पत्नी की हत्या, खुद पहुंचा थाने


    गाजियाबाद । गाजियाबाद के मुरादनगर थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 80 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी 72 वर्षीय पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि उसने अपनी पत्नी को मार दिया है और उसे गिरफ्तार किया जाए।

    घटना शनिवार सुबह की बताई जा रही है। आरोपी हरपाल रावली कला गांव का रहने वाला है। वह सुबह करीब 5 बजे रावली चौकी पहुंचा और पुलिस को स्पष्ट शब्दों में बताया कि उसने पत्नी उर्मिला की हत्या कर दी है। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत आरोपी को साथ लेकर उसके घर पहुंची, जहां कमरे में चारपाई पर महिला का शव खून से लथपथ पड़ा मिला।

    पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पति-पत्नी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था।

    परिवार के सदस्यों के अनुसार, आरोपी की मानसिक स्थिति भी पूरी तरह ठीक नहीं बताई जा रही है। मृतका के परिजनों और बच्चों ने बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते रहते थे, लेकिन इस तरह की घटना की किसी को उम्मीद नहीं थी।

    जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में दो नाती भी मौजूद थे, जो कमरे में सो रहे थे और उन्हें वारदात की जानकारी नहीं हुई। बाद में सुबह जब परिवार के अन्य सदस्य घर पहुंचे तो घटना का खुलासा हुआ।

    पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से पूछताछ जारी है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार

    हापुड़ में प्रॉपर्टी डीलर की दिनदहाड़े हत्या से सनसनी, बीजेपी नेता समेत 8 पर केस दर्ज, एनकाउंटर की मांग पर अड़ी परिवार




    नई दिल्ली। हापुड़ में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक दर्दनाक वारदात सामने आई है, जहां सोमवार रात शादी समारोह से लौट रहे प्रॉपर्टी डीलर अतुल तोमर (32) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना पिलखुआ थाना क्षेत्र के रिलायंस रोड इलाके में हुई, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।

    जानकारी के अनुसार अतुल तोमर गाजियाबाद के भोजपुर में एक शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे, तभी रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया। आरोप है कि हमलावरों ने पहले कार का शीशा तोड़ने की कोशिश की और फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली अतुल के सीने में लग गई। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    परिजनों का आरोप है कि पिछले तीन साल से एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था, जिसमें कुछ स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर शामिल थे। इसी रंजिश के चलते हत्या को अंजाम दिया गया है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि धमकियों के बावजूद पुलिस ने पहले गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

    इस मामले में पुलिस ने बीजेपी जिला मंत्री नवीन तोमर समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मुख्य आरोपी मंजीत सहित अन्य फरार हैं। पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है और सीसीटीवी फुटेज व कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    परिजनों में गुस्सा है और उन्होंने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग करते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।

  • बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप

    बांग्लादेश में मंदिर पुजारी की संदिग्ध मौत, पेड़ से लटका मिला शव; हत्या का आरोप


    ढाका। बांग्लादेश में एक हिंदू मंदिर से जुड़े पुजारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। घर से लापता होने के तीन दिन बाद उनका शव पेड़ से लटका मिला, जिसके बाद अल्पसंख्यक समुदाय ने इसे हत्या बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद के अनुसार, कोक्स बाजार सदर उपजिला के खुरुशकुल यूनियन स्थित शिव-काली मंदिर के पुजारी और संरक्षक 40 वर्षीय नयन साधु का शव चटगांव जिले के दोहाजारी क्षेत्र के पास पहाड़ी इलाके में बरामद किया गया। वे मंदिर की देखरेख के साथ पूजा-अर्चना का कार्य भी संभालते थे।

    तीन दिन पहले हुए थे लापता

    स्थानीय पुलिस के मुताबिक 19 अप्रैल की शाम दो अज्ञात व्यक्ति नयन साधु को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद से वह लापता थे। तीन दिन बाद गांव के बाहरी क्षेत्र में उनका शव मिला। पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का।

    समुदाय ने उठाए सवाल

    घटना के बाद बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

    परिषद से जुड़ी काजल देबनाथ ने सवाल उठाया कि एक छोटे और दूरदराज मंदिर के साधारण देखरेखकर्ता को निशाना बनाने के पीछे क्या कारण हो सकता है।

    वहीं बांग्लादेश पूजा उत्सव परिषद की कोक्स बाजार इकाई के महासचिव जॉनी धर ने कहा कि लापता होने के तीन दिन बाद शव मिलने से हत्या की आशंका और गहरी हो गई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

    पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और कहा है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। नयन साधु की पत्नी ने 19 अप्रैल को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई।

    सांप्रदायिक घटनाओं पर चिंता

    गौरतलब है कि बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद की हालिया रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 की पहली तिमाही में देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इससे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।

    इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • मुरैना हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त 13 अप्रैल से होगी अहम सुनवाई

    मुरैना हत्याकांड पर सुप्रीम कोर्ट सख्त 13 अप्रैल से होगी अहम सुनवाई


    मुरैना । मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में वन आरक्षक की निर्मम हत्या का मामला अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस गंभीर घटना पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई का फैसला किया है जिससे अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

    जानकारी के अनुसार 13 अप्रैल से इस मामले की सुनवाई शुरू होगी और यह सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच द्वारा की जाएगी। इस दौरान अदालत अवैध रेत खनन और उससे जुड़े अपराधों पर व्यापक और कड़े दिशा निर्देश जारी कर सकती है जो भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

    यह मामला चंबल क्षेत्र में चल रहे अवैध खनन से जुड़ा है जहां लंबे समय से रेत माफिया सक्रिय हैं। इस पूरे मुद्दे को कोर्ट के सामने न्याय मित्र रूपाली सैमुअल ने उठाया और वन आरक्षक की हत्या का जिक्र करते हुए अदालत का ध्यान आकर्षित किया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई का निर्णय लिया।

    घटना के अनुसार मुरैना जिले में चंबल नदी के ऐसाह घाट पर अवैध रेत खनन और परिवहन की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम कार्रवाई के लिए निकली थी। अंबाह रेंज के गश्ती दल ने रथोल का पुरा और रानपुर के बीच रेत से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान चालक ने वन आरक्षक हरिकेश गुर्जर को बेरहमी से ट्रैक्टर से कुचल दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

    मृतक हरिकेश गुर्जर मुरैना जिले के जनकपुर गांव के निवासी थे और हाल ही में उनका स्थानांतरण अंबाह रेंज में हुआ था। इस दुखद घटना के बाद वन विभाग की टीम ने शव को जिला अस्पताल पहुंचाया जबकि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई।

    यह घटना केवल एक हत्या नहीं बल्कि अवैध खनन माफिया के बढ़ते हौसलों का संकेत भी मानी जा रही है। चंबल क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रेत खनन एक गंभीर समस्या बना हुआ है और कई बार प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है।

    अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से इस मुद्दे पर बड़ा फैसला आने की उम्मीद है। यदि अदालत सख्त दिशा निर्देश जारी करती है तो इससे न केवल मुरैना बल्कि पूरे देश में अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल पूरे मामले पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं और 13 अप्रैल से शुरू होने वाली सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।

  • देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

    देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट


    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है

    जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया

    जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई

    गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए

    मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए

    फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके

    इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

  • भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश

    भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल, पिस्टल छीनकर फायरिंग की कोशिश


    भोपाल । भोपाल में विजय मेवाड़ा हत्याकांड मामले से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। इस मामले का तीसरा आरोपी आसिफ बम शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हुआ। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले जा रही थी तभी रातीबड़ के पास आरोपी ने पिस्टल छीनकर पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायर किया और आसिफ घायल हो गया। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    आसिफ पर पहले से 30 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह मर्डर घटना अशोका गार्डन थाना क्षेत्र के प्रभात पेट्रोल पंप के पास हुई थी जहां विजय मेवाड़ा के साथ मामूली विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। विजय पेट और छाती पर कई वार से गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में हमीदिया अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

    इस घटना के बाद राजधानी में हिंदू संगठनों ने गुस्से में सड़क पर उतरकर न्याय की मांग की। शकल हिंदू समाज के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च का ऐलान कर चुके थे लेकिन पुलिस ने उन्हें पॉलिटेक्निक चौराहे पर रोक दिया। संगठन ने आरोपियों पर NSA और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की।

    मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तुरंत मृतक के परिजनों से मिलकर न्याय का भरोसा दिलाया और कलेक्टर कौशलेंद्र सिंह को निर्देश दिए कि बुलडोजर कार्रवाई तुरंत की जाए। उन्होंने पुलिस को आदेश दिए कि अपराधियों की लिस्ट तैयार करें घर-घर सर्वे कर प्रत्येक आरोपी को जेल भेजा जाए।

    मंत्री ने कहा कि ऐसी कार्रवाई होगी कि अपराधियों की आने वाली पीढ़ियां भी इसे याद रखें। पुलिस पूरे इलाके में हाई अलर्ट पर है और मौके पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। इस मामले में कार्रवाई तेज़ कर दी गई है और आरोपी आसिफ बम के एनकाउंटर के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है।

  • दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस

    दतिया में दिनदहाड़े भाजपा पार्षद की हत्या, मंदिर से लौटते समय बदमाशों ने मारी गोली, जांच में जुटी पुलिस


    दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया में मंगलवार सुबह एक भाजपा पार्षद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब पार्षद मंदिर से लौट रहे थे। हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घटना सुबह करीब 8:30 बजे सेवढ़ा चुंगी चौराहे पर हुई।

    ऐसे हुआ हमला

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वार्ड नंबर 1 के पार्षद कल्लू कुशवाहा रोज की तरह चौराहे पर टहलने पहुंचे थे। उनके साथ दो अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान तीन हमलावर वहां पहुंचे और उन पर फायरिंग कर दी। हमलावरों ने दो राउंड फायर किए। एक गोली कल्लू कुशवाहा के सिर में लगी, जबकि दूसरी पीठ में जा लगी। गोली लगते ही वे मौके पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

    कई आपराधिक मामले दर्ज थे

    दतिया एसडीओपी आकांक्षा जैन के मुताबिक, कल्लू कुशवाहा पर शराब तस्करी, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। प्रारंभिक जांच में मामला वर्चस्व की रंजिश से जुड़ा माना जा रहा है।

    पहले भी हत्या के मामले में मिली थी सजा

    कल्लू कुशवाहा 2022 में वार्ड नंबर 1 से भाजपा के टिकट पर पार्षद चुने गए थे। 18 फरवरी 2025 को दतिया कोर्ट ने पूर्व पार्षद बाल किशन कुशवाहा की हत्या के मामले में कल्लू सहित छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से उन्हें जमानत मिल गई थी। वह करीब चार महीने पहले ही जेल से बाहर आए थे। घटना के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके।

    नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित

    पार्षद की हत्या के बाद नगर पालिका का बजट सम्मेलन स्थगित कर दिया गया। बैठक की शुरुआत में सभी पार्षदों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा। नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला ने बताया कि बजट पहले ही प्रेसिडेंट इन काउंसिल (PIC) में पारित हो चुका है, इसलिए इसे स्वतः मंजूर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के कारण शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं होंगे।