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  • शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी जिले: में शासकीय चबूतरे पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। पिछोर अनुविभाग के भौती थाना क्षेत्र के महोबा डामरौन गांव में कथित मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश जाटव की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती कार्रवाई में मारपीट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था, लेकिन सुरेश की मौत के बाद पुलिस ने इसमें हत्या की धारा बढ़ा दी।

    जानकारी के अनुसार, महोबा डामरौन निवासी सुरेश जाटव, पुत्र बाबूलाल जाटव, 20 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास स्थित सरकारी चबूतरे पर बैठा था। गांव में पंचायत के इस चबूतरे पर लोग खाली समय में बैठते रहते हैं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रामसेवक जाटव अपने दो बेटों कृष्ण कुमार और रोहित के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने सुरेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सुरेश ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और तीनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।

    घटना के अगले दिन, 21 अक्टूबर को सुरेश शिकायत लेकर भौती थाने पहुंचा। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जांच के बाद चिकित्सक ने उसे घर जाने दिया। हालांकि, उसी दिन शाम को सुरेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    सुरेश की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी। अब पुलिस मारपीट की घटना और उसके बाद हुई मौत के बीच परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में टीम गठित की थी। टीम ने तलाश और दबिश के बाद 23 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामसेवक जाटव, उम्र 50 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय राजाराम जाटव, उसका बेटा कृष्ण कुमार जाटव, उम्र 28 वर्ष, और दूसरा बेटा रोहित जाटव, उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। तीनों महोबा डामरौन गांव के निवासी बताए गए हैं।

    मामले की जांच के दौरान सुरेश की दिनचर्या और घटना वाले दिन की परिस्थितियों से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि सुरेश नवरात्र के दौरान उपवास रख रहा था और काफी समय से भूखा था। वह शराब का सेवन भी करता था। जांच में यह जानकारी सामने आई कि उसने मारपीट वाले दिन शराब पी थी। थाने में शिकायत दर्ज कराने और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर लौटने पर भी उसने शराब का सेवन किया था।

    इन परिस्थितियों के सामने आने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, उपवास और शराब के सेवन की जानकारी अपने आप में मौत का कारण साबित नहीं करती। सुरेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मारपीट की घटना की उसमें क्या भूमिका रही, इसका निष्कर्ष जांच के तथ्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुरेश के पारिवारिक हालात भी इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसका 20 वर्षीय बेटा उससे अलग खोड़ क्षेत्र में रहता था, जबकि सुरेश गांव में अकेला रहता था। उसके भाई सहित अन्य परिजन आसपास रहते थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

  • भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    भोपाल के बैरागढ़ में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या, कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे खंडहर में मिला शव

    मध्य प्रदेश: की राजधानी भोपाल के बैरागढ़ थाना क्षेत्र में 12 वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सामने आया है। गुरुवार रात से लापता बच्ची का शव शुक्रवार को कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित एक खंडहरनुमा इमारत से बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बच्ची की मौत की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्ची गुरुवार रात करीब आठ बजे किसी काम से अपने घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। काफी समय बीतने के बावजूद जब परिजनों को बच्ची का कोई पता नहीं चला, तो उन्होंने अपने स्तर पर उसकी तलाश शुरू की। आसपास के इलाकों में खोजबीन करने के साथ रिश्तेदारों से भी संपर्क किया गया, लेकिन बच्ची के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी।

    परिजनों की ओर से तलाश किए जाने के बाद भी जब बच्ची का पता नहीं चला, तो वे देर रात बैरागढ़ थाने पहुंचे और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद बच्ची की तलाश शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी तलाश के साथ उससे जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।

    शुक्रवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे बने एक खंडहर में बच्ची का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बैरागढ़ थाना प्रभारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शव मिलने की जानकारी सामने आने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण किया गया और मामले की जांच के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

    घटनास्थल पर एफएसएल की विशेष टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने खंडहर और उसके आसपास के क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने घटनास्थल से फिंगरप्रिंट समेत अन्य संभावित साक्ष्य एकत्र किए। इन साक्ष्यों की जांच से बच्ची की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और घटना में शामिल व्यक्ति के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    पुलिस के सामने सबसे अहम सवाल यह है कि घर से निकलने के बाद बच्ची कहां गई और कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित खंडहर तक कैसे पहुंची। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बच्ची के साथ कोई अन्य व्यक्ति था या नहीं। फिलहाल घटना से जुड़े इन पहलुओं पर जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।

    पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। इसके साथ ही बच्ची के परिजनों और परिचितों से पूछताछ की जा रही है, ताकि उसके घर से निकलने के बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। आसपास के क्षेत्र में उपलब्ध साक्ष्यों और लोगों से मिलने वाली जानकारी को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

    बच्ची का शव खंडहर में मिलने के बाद इलाके में चिंता का माहौल है। पुलिस का प्रयास है कि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़कर यह पता लगाया जाए कि बच्ची की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस और एफएसएल की टीम मामले की जांच में जुटी हैं। बच्ची की मौत से जुड़े कारणों, घटनास्थल तक पहुंचने की परिस्थितियों और संभावित आरोपी की पहचान को लेकर आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी हैं।

  • मेरठ सांप कांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज

    मेरठ सांप कांड में पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुला हत्या का राज


    नई दिल्ली ।उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सांप कांड में अदालत ने अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई है। बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव से जुड़े इस मामले में दोनों को हत्या का दोषी पाया गया। अपर जिला जज, कोर्ट संख्या-12 ने मामले की सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। इस प्रकरण में शुरुआत में अमित की मौत को सांप के काटने से हुई घटना माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई।

    यह घटना 12 अप्रैल 2025 की है। उस दिन अमित कश्यप अपने घर के अंदर मृत पाया गया था। उसके शव के पास एक सांप भी मौजूद था। घटनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने सांप को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया और अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुरुआती परिस्थितियों में आशंका जताई गई कि अमित की मौत सर्पदंश के कारण हुई होगी।

    हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना सामने आई। इस खुलासे के बाद पुलिस ने मामले को संभावित हत्या के रूप में लेकर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर अमित की पत्नी रविता और गांव के ही युवक अमरदीप के संबंधों की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, रविता और अमरदीप के बीच प्रेम संबंध थे और अमरदीप का अमित के घर आना-जाना लगा रहता था। वह अमित के साथ काम भी करता था।

    जांच में आरोप लगाया गया कि रविता और अमरदीप ने मिलकर अमित की हत्या की योजना बनाई थी। इसके बाद उसकी मौत को सांप के काटने से हुई घटना के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। पुलिस ने इस मामले में उस व्यक्ति से भी पूछताछ की, जिस पर सांप उपलब्ध कराने का आरोप था। जांच के दौरान उसे सरकारी गवाह बनाया गया। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष ऐसे साक्ष्य पेश किए, जिनके आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की साजिश और वारदात में शामिल होने का मामला रखा गया।

    अदालत ने सुनवाई के दौरान पेश किए गए साक्ष्यों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार किया। सात अक्टूबर 2026 को रविता और अमरदीप को हत्या का दोषी ठहराया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड सुनाए जाने की जानकारी सामने आई। इस फैसले के साथ ही अमित कश्यप की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

    मेरठ में यह मामला उस चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड की याद भी दिला रहा है, जिसमें सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को भी फांसी की सजा सुनाए जाने की खबर सामने आई थी। दोनों मामलों में पति की हत्या के आरोप में पत्नी और उसके प्रेमी को दोषी ठहराए जाने की समानता चर्चा का विषय बनी है।

    अमित कश्यप हत्याकांड में सबसे अहम मोड़ पोस्टमार्टम रिपोर्ट रही, जिसने शुरुआती तौर पर दिखाई दे रही सर्पदंश की आशंका को बदल दिया। इसके बाद पुलिस की जांच, आरोपियों के संबंधों और अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामला अदालत तक पहुंचा। अदालत के फैसले के बाद अब इस प्रकरण में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

  • मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा, सौरभ राजपूत हत्याकांड की पूरी कहानी डॉक्यू-सीरीज में दिखाई गई

    मेरठ ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को मौत की सजा, सौरभ राजपूत हत्याकांड की पूरी कहानी डॉक्यू-सीरीज में दिखाई गई

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में जिला अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई है। बुधवार को आए इस फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस हत्याकांड की घटनाओं, पुलिस जांच और आरोपियों से जुड़े घटनाक्रम को ‘हनीमून से हत्या’ नाम की डॉक्यू-सीरीज में भी प्रस्तुत किया गया है।

    यह डॉक्यू-सीरीज पांच गंभीर आपराधिक मामलों पर आधारित है। इसमें उन महिलाओं की घटनाओं को दिखाया गया है, जिन्होंने अपने पतियों की हत्या की। घटनाओं को समझाने के लिए पुलिस जांच, संबंधित लोगों के साक्षात्कार और घटनाओं के पुनर्निर्माण का सहारा लिया गया है। मेरठ का ब्लू ड्रम हत्याकांड भी इसमें शामिल है। इस मामले में हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए नीले ड्रम का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई थी।

    यह घटना 3 मार्च 2022 की बताई गई है। सौरभ राजपूत लंदन में रहते थे। आरोपों के मुताबिक, उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर उनकी हत्या कर दी थी। बताया गया कि हत्या के बाद दोनों पूरी रात शव के साथ घर में रहे। अगले दिन उन्होंने चाकू, सीमेंट और एक बड़ा नीला ड्रम खरीदा। इसके बाद शव के चार टुकड़े किए गए और उन्हें तकिए के कवर में लपेटकर ड्रम में रखा गया। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट का घोल भी डाला गया।

    आरोपियों की योजना ड्रम को किसी दूसरी जगह ले जाकर ठिकाने लगाने की थी, लेकिन उसका वजन अधिक होने के कारण वे उसे घर से बाहर नहीं ले जा सके। परिणामस्वरूप ड्रम उसी मकान में छिपा रह गया। इस घटनाक्रम के बाद दोनों के हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड घूमने जाने की जानकारी भी सामने आई थी।

    बताया गया कि 4 मार्च को दोनों ने ड्राइवर अजब सिंह के साथ कैब बुक की और घूमने निकल गए। इस दौरान वे मनाली, शिमला और कसोल गए। ड्राइवर के अनुसार, दोनों ने यात्रा के दौरान शराब पी और छुट्टियां बिताईं। 17 मार्च को मेरठ लौटने के बाद मुस्कान ने अपनी मां कविता को फोन कर सौरभ की हत्या की जानकारी दी। उसने बताया कि शव किराए के मकान में पड़ा है।

    इसके बाद मुस्कान के पिता प्रमोद ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मकान पर पहुंचकर तलाशी ली, जहां नीले ड्रम के अंदर सौरभ का शव बरामद हुआ। जांच के बाद मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार किया गया। 19 मार्च को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
    इस मामले में एक अन्य घटनाक्रम तब सामने आया, जब जेल में रहते हुए मुस्कान ने 24 नवंबर को एक बेटी को जन्म दिया। यह उसकी दूसरी बेटी बताई गई है। उसकी पहली बेटी पीहू अपने दादा-दादी के पास रह रही है। इस घटना ने मामले से जुड़े पारिवारिक पहलुओं को भी चर्चा में ला दिया था।

    अब जिला अदालत द्वारा मुस्कान और साहिल को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद यह हत्याकांड फिर सुर्खियों में है। इस मामले को विस्तार से समझने के इच्छुक दर्शक ‘हनीमून से हत्या’ डॉक्यू-सीरीज देख सकते हैं, जिसमें अपराध की घटनाओं, जांच और उनसे जुड़े सवालों को प्रस्तुत किया गया है।

  • बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    बिहार के भोजपुर में सुबह-सुबह सनसनीखेज वारदात, टहलने निकले 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट की गोली मारकर हत्या, नकाबपोश हमलावर फरार

    नई दिल्ली । बिहार के भोजपुर जिले के आरा में गुरुवार सुबह गोलीबारी की घटना से सनसनी फैल गई। जैन कॉलेज के पास कनकपुरी मोहल्ले में बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने 72 वर्षीय पूर्व कस्टम सुपरिंटेंडेंट रामकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
    मृतक रामकुमार सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव के निवासी थे। वह लंबे समय से आरा के नवादा थाना क्षेत्र स्थित कनकपुरी मोहल्ले में मकान बनाकर रह रहे थे। सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय थे। उनकी हत्या की खबर सामने आने के बाद इलाके में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
    जानकारी के अनुसार, रामकुमार सिंह गुरुवार सुबह रोजाना की तरह टहलने के लिए अपने घर से निकले थे। वह घर से लगभग डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए बैठे बाइक सवार नकाबपोश हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। इसके बाद हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्हें करीब आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
    वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से फरार हो गए। सुबह के समय गोलीबारी होने से आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों के बीच हलचल बढ़ गई। इसके बाद नवादा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए हत्या से जुड़े तथ्यों का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    फिलहाल रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि हमलावरों ने उन्हें किस कारण निशाना बनाया। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात में शामिल लोग कौन थे और उन्होंने हत्या की योजना कैसे बनाई। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के संबंध में जांच जारी है।
    इस घटना में सबसे अहम सवाल हत्या की वजह और हमलावरों की पहचान को लेकर है। रामकुमार सिंह सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे। ऐसे में पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। हालांकि, अभी तक हत्या के कारण को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
    सुबह टहलने के दौरान हुई इस वारदात ने आरा के कनकपुरी मोहल्ले में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों द्वारा दिन की शुरुआत में ही गोलीबारी कर फरार हो जाना घटना की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि रामकुमार सिंह की हत्या के पीछे व्यक्तिगत रंजिश थी या कोई अन्य कारण। जांच पूरी होने और आरोपियों की पहचान होने के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा हो सकेगा।
  • .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    .पूजा-पाठ और त्योहारों को लेकर विवाद में पति पर पत्नी की हत्या का आरोप, राजगढ़ में कुल्हाड़ी से हमला कर वारदात को दिया अंजाम

    मध्य प्रदेश: के राजगढ़ जिले में धार्मिक मान्यताओं और पूजा-पाठ को लेकर पति-पत्नी के बीच चल रहा विवाद एक गंभीर आपराधिक घटना में बदल गया। गुराड़खेड़ा गांव में रामबाबू गुर्जर पर अपनी पत्नी गायत्रीबाई गुर्जर (36) की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या करने का आरोप है। घटना शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे की बताई गई है। वारदात के बाद आरोपी पति के फरार होने की जानकारी सामने आई है। यह घटना राजगढ़ कोतवाली थाना क्षेत्र की है। मृतका के पिता ने बताया कि गायत्रीबाई ने घटना से पहले फोन कर अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई थी। उसने पिता से जल्द आने के लिए कहा था और आशंका व्यक्त की थी कि उसका पति उसे मार देगा। इस फोन कॉल के बाद हुई वारदात से परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश की जा रही है।

    परिजनों के मुताबिक, रामबाबू और गायत्रीबाई के बीच भगवान में आस्था रखने, पूजा-पाठ करने और त्योहार मनाने को लेकर अक्सर विवाद होता था। मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि रामबाबू अपनी पत्नी के पूजा करने पर आपत्ति जताता था। वह उससे कहता था कि भगवान को नहीं मानना चाहिए और भगवान ही सब कुछ नहीं हैं। परिवार के अनुसार, गायत्रीबाई धार्मिक गतिविधियों में रुचि रखती थी, जबकि पति को उसके पूजा-पाठ और त्योहार मनाने से परेशानी थी। यह भी बताया गया कि रामबाबू अधिकतर समय घर से बाहर रहता था। परिजनों ने धार्मिक मान्यताओं को लेकर होने वाले विवाद को इस घटना की पृष्ठभूमि बताया है। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    शुरुआती जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह गायत्रीबाई पर कुल्हाड़ी से चार वार किए गए। उसकी पीठ पर तीन और गर्दन पर एक वार किया गया था। हमले में महिला की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। राजगढ़ कोतवाली थाना प्रभारी मंजू मखेनिया के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम को बुलाया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी रामबाबू गुर्जर की तलाश शुरू कर दी है। जांच में घटना से जुड़े तथ्यों और पारिवारिक विवाद की परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है।

    गुराड़खेड़ा गांव राजगढ़ कोतवाली थाने से करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित है। गांव राजस्थान की सीमा से लगभग आधा किलोमीटर की दूरी पर है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गायत्रीबाई का शव उसके पिता को सौंप दिया गया। शनिवार शाम करीब 5:30 बजे शव जिला अस्पताल पहुंचा था। मृतका के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा गब्बर 14 साल का है, जबकि छोटा बेटा धनराज आठ साल का है। मां की मौत के बाद दोनों बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश जारी है। फिलहाल पुलिस की ओर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • सोनीपत में खेत के कमरे में 32 वर्षीय महिला की हत्या, पति पर शराब के नशे में कस्सी से हमला करने का आरोप

    सोनीपत में खेत के कमरे में 32 वर्षीय महिला की हत्या, पति पर शराब के नशे में कस्सी से हमला करने का आरोप

    नई दिल्ली: हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव रहमाणा में 32 वर्षीय महिला की हत्या का मामला सामने आया है। महिला की पहचान राजवंती के रूप में हुई है। वह अपने पति और करीब 11 साल के बेटे के साथ एक किसान के खेत में बने कमरे में रह रही थी। आरोप है कि घरेलू विवाद के चलते उसके पति नरेश ने शराब के नशे में उस पर धारदार कृषि उपकरण कस्सी से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी पति की तलाश की जा रही है।

    राजवंती और उसका पति नरेश मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। दोनों अपने बेटे के साथ सोनीपत के रहमाणा गांव में किसान राजेंद्र के खेत में बने कमरे में रह रहे थे। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू मामलों को लेकर विवाद होता रहता था। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों शराब पीने के आदी थे और उनके बीच आए दिन कहासुनी होती थी।

    आरोप है कि घटना के समय नरेश शराब के नशे में था। घरेलू विवाद के दौरान उसने कथित तौर पर कस्सी से राजवंती पर हमला कर दिया। महिला के चेहरे, सिर और पेट पर कई वार किए गए। हमले में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

    महिला की हत्या की सूचना मिलने पर मोहाना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने और वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया।

    पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे घरेलू विवाद की बात सामने आई है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर महिला के पति नरेश पर हत्या करने का आरोप लगाया गया है। पुलिस घटनाक्रम की सभी परिस्थितियों की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस प्रवक्ता रवींद्र कुमार के मुताबिक, गांव रहमाणा से महिला की हत्या की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में महिला के पति पर हत्या का आरोप सामने आया है। महिला पर किसी तेजधार हथियार से हमला किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आरोपी पति की तलाश की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान वारदात से जुड़े तथ्यों, घरेलू विवाद की परिस्थितियों और महिला की मौत के कारणों की पड़ताल की जा रही है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

  • आजमगढ़ में पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की हत्या, आठ घंटे बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी ढेर

    आजमगढ़ में पत्नी, दो पुजारियों और बेटे की हत्या, आठ घंटे बाद पुलिस मुठभेड़ में आरोपी ढेर

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में मंगलवार शाम एक गंभीर घटना के बाद करीब आठ घंटे तक बंधक संकट की स्थिति बनी रही। शंभूपुर गांव में अरविंद सिंह ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और दो पुजारियों को गोली मार दी। इसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने काफी देर तक बातचीत के जरिए उसे आत्मसमर्पण के लिए तैयार करने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण में नहीं आई।

    बताया गया कि अरविंद शाम के समय अपने घर पहुंचा था। उस समय घर में पूजा-पाठ चल रहा था। वहां उसकी पत्नी बबीता सिंह के अलावा पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा मौजूद थे। पूजा को लेकर जानकारी लेने के दौरान अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड दिखाने के लिए कहा। इसी बात को लेकर पत्नी के साथ उसकी बहस हो गई।

    विवाद बढ़ने के बाद अरविंद ने कथित तौर पर लाइसेंसी हथियार से फायरिंग कर दी। गोली लगने से उसकी पत्नी बबीता और दोनों पुजारियों की मौत हो गई। घटना के बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।

    तीन लोगों की हत्या की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने आरोपी से लगातार बातचीत करने की कोशिश की। उसके परिवार के लोगों के माध्यम से भी उसे समझाने का प्रयास किया गया। पुलिस का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना था।

    करीब सात घंटे तक बातचीत और समझाने का सिलसिला चलता रहा। आरोपी आत्मसमर्पण के लिए तैयार नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार, वह बच्चों को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था। इसी बीच कमरे के भीतर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने अपने 10 वर्षीय बेटे को गोली मार दी। बच्चे को गोली लगने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई का फैसला किया। कमरे में प्रवेश के दौरान स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया।

    पुलिस के अनुसार, टीम के कमरे में पहुंचने पर आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में अरविंद सिंह घायल हो गया।

    घायल आरोपी और उसके बेटे को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। वहीं, कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद मौके पर पुलिस बल, विशेष जांच टीम और फॉरेंसिक टीम को तैनात किया गया।

    पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और गोलीबारी से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती जानकारी में पूजा के दौरान हुए विवाद को घटना की शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    करीब आठ घंटे तक चले इस घटनाक्रम में आरोपी की पत्नी, दो पुजारियों और उसके बेटे की जान चली गई। पुलिस कार्रवाई के बाद बाकी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बंधक संकट समाप्त हुआ

  • भोपाल में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल देने वालों की तलाश तेज

    भोपाल में चलती बाइक पर दोस्त की गोली मारकर हत्या, आरोपी गिरफ्तार; पिस्टल देने वालों की तलाश तेज

    भोपाल: के निशातपुरा थाना क्षेत्र की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में चलती बाइक पर गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी अलीम उर्फ अल्लू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर अपने दोस्त तासी उर्फ इकलास की देशी पिस्टल से गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। पुलिस ने उसे घटना के करीब 12 घंटे के भीतर जिला रायसेन से गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल भी बरामद कर जब्त कर ली है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश को वजह बताया है। मामले में पुलिस आरोपी से घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को लेकर पूछताछ कर रही है।

    पूछताछ में अलीम ने बताया कि करीब एक साल पहले मृतक तासी उर्फ इकलास का उसके दोस्त ताहिर उर्फ अय्यू से विवाद हुआ था। उस समय अलीम ने अपने दोस्त ताहिर की मदद की थी। इसी विवाद के बाद तासी आरोपी अलीम से भी रंजिश रखने लगा था। आरोपी के अनुसार, मृतक की ओर से उसे धमकी भी दी जाती थी।

    करीब 15 दिन पहले दोनों के बीच एक बार फिर विवाद हुआ था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लगातार बनी रंजिश के चलते उसने तासी की हत्या करने की योजना बनाई। इसके बाद वह गंजबासौदा में रहने वाले अपने रिश्तेदार आसिफ के पास पहुंचा।

    आरोपी के अनुसार, वहीं से उसे देशी पिस्टल मिली। हथियार हासिल करने के बाद वह भोपाल आया और तासी की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान और उसकी निशानदेही के आधार पर घटना में इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद कर ली है।

    घटना 20 सितंबर रविवार की बताई गई है। तासी अपने एक दोस्त के साथ सुबह मछली पकड़ने के लिए निकला था। इसी दौरान अलीम भी उनके साथ लिफ्ट लेकर बाइक पर पीछे बैठ गया। चलती बाइक के दौरान आरोपी ने तासी को गोली मार दी।

    गोली लगने के बाद तासी की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश तेज कर दी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसे रायसेन जिले से पकड़ लिया। गिरफ्तारी के साथ ही हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।

    मामले में अब पुलिस का फोकस हथियार उपलब्ध कराने वाले लोगों तक पहुंचने पर है। पुलिस के अनुसार, घटना में हथियार उपलब्ध कराने वाले साहन और आसिफ की तलाश की जा रही है। दोनों की भूमिका को लेकर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस आरोपी से हत्या की योजना, हथियार हासिल करने की प्रक्रिया और वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हत्या से पहले आरोपी ने किस तरह तैयारी की और वारदात को अंजाम देने के बाद वह रायसेन कैसे पहुंचा।

    पुलिस की शुरुआती जांच में पुरानी रंजिश हत्या की प्रमुख वजह के तौर पर सामने आई है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है। हथियार उपलब्ध कराने के आरोपों की पुष्टि और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका सामने आने के बाद जांच की तस्वीर और स्पष्ट होने की संभावना है।

  • गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    गुवाहाटी में पत्नी की हत्या के बाद सिर फ्रिज में छिपाने का मामला, रिया तालुकदार की मौत की जांच में जुटी पुलिस

    नई दिल्ली । असम की राजधानी गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके से महिला की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक महिला की हत्या के बाद उसके सिर को अलग कर फ्रिज में छिपाए जाने की बात सामने आई है। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की जानकारी सामने आई है। मामले में पुलिस ने आरोपी पति रामानुजन गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल हत्या के पीछे की सटीक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

    पूरा मामला गुवाहाटी के हाटीगांव इलाके के बसिष्ठपुर बाइलेन का बताया गया है। मृतका की पहचान नूनमती की रहने वाली रिया तालुकदार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार रामानुजन गोस्वामी ने पहले पत्नी की हत्या की और इसके बाद उसका सिर धड़ से अलग कर दिया। सिर को काले पॉलीथीन में रखकर फ्रिज के भीतर छिपा दिया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    पुलिस के शुरुआती अनुमान के मुताबिक महिला की हत्या शव बरामद होने से करीब 24 से 48 घंटे पहले की गई थी। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह अभी साफ नहीं हुई है। पुलिस आरोपी पति की भूमिका सहित घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही है। महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच की आगे की कार्रवाई के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

    पुलिस के अनुसार मृतका रिया फैंसी बाजार के एसी मार्केट इलाके में स्थित एक बुटीक में काम करती थी। उसके माता-पिता नहीं थे और परिवार में उसका केवल एक भाई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सोमवार को रिया और उसके पति के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके बाद रामानुजन रात करीब आठ बजे घर से निकल गया था।

    मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब पड़ोसियों को घर से तेज दुर्गंध आने लगी। उन्हें शक हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घर की तलाशी ली। तलाशी के दौरान महिला की हत्या से जुड़ी भयावह जानकारी सामने आई।

    पुलिस के अनुसार महिला की हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई थी। हत्या के बाद उसके सिर को धड़ से अलग कर दिया गया था। इसके बाद सिर को काले पॉलीथीन बैग में रखकर फ्रिज के अंदर छिपाया गया था। महिला की उंगलियां भी काटे जाने की बात सामने आई है।

    फिलहाल पुलिस घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। हत्या के पीछे क्या कारण था, इसे लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और उपलब्ध जानकारी के आधार पर घटना से जुड़े सभी पहलुओं को समझने का प्रयास किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ जांच आगे बढ़ने पर हत्या की परिस्थितियों और इसके कारण को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।