Tag: MurderConspiracy

  • प्रेम, लालच और विश्वासघात की खौफनाक साजिश, गोद ली हुई 8 साल की बेटी की गवाही से खुला नर्स हत्याकांड का राज, तीनों आरोपियों को मिली उम्रकैद

    प्रेम, लालच और विश्वासघात की खौफनाक साजिश, गोद ली हुई 8 साल की बेटी की गवाही से खुला नर्स हत्याकांड का राज, तीनों आरोपियों को मिली उम्रकैद

     मध्य प्रदेश के खंडवा में वर्ष 2013 में सामने आए चर्चित नर्स ट्रेजा पारे हत्याकांड ने एक बार फिर यह साबित किया कि किसी भी सुनियोजित अपराध के पीछे छिपा सच अंततः सामने आ ही जाता है। शुरुआत में इस घटना को सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की गई थी, लेकिन आठ वर्ष की गोद ली हुई बेटी की गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्यों और पुलिस जांच ने पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर दिया। बाद में अदालत ने इस मामले में तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    पुलिस जांच के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब बच्ची ने बताया कि घटना के समय कार में मौजूद व्यक्ति वही नहीं था, जिसका पहले संदेह जताया जा रहा था। उसकी जानकारी के आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और तीसरे आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की। इसके बाद कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई, जिससे आरोपियों के बीच लगातार संपर्क होने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि पूरी वारदात एक पूर्व नियोजित साजिश थी।

    पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि ट्रेजा पारे और एक पत्रकार के बीच लंबे समय से निजी संबंध थे। आरोप है कि इस दौरान ट्रेजा ने उस पर आर्थिक रूप से भी भरोसा किया और कई बार बड़ी रकम देने के साथ उसके लिए कार और बुलेट मोटरसाइकिल तक खरीदी। समय के साथ दोनों के रिश्तों में तनाव बढ़ा और विवाद गहराता चला गया। जांच में यह भी सामने आया कि निजी जीवन से जुड़ी कुछ जानकारियां सामने आने के बाद दोनों के बीच विश्वास पूरी तरह टूट गया था।

    पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विवाद बढ़ने पर ट्रेजा ने आरोपी के खिलाफ शिकायत तैयार कर थाने में जमा कराने के लिए अपने ड्राइवर को दी थी। आरोप है कि शिकायत पुलिस तक पहुंचाने के बजाय ड्राइवर ने इसकी जानकारी आरोपी को दे दी। इसके बाद कथित रूप से शिकायत को रोकने और कानूनी कार्रवाई से बचने के उद्देश्य से हत्या की साजिश रची गई। जांच में यह आरोप भी सामने आया कि वारदात को अंजाम देने के लिए सुपारी दी गई थी।

    घटना वाले दिन आरोपियों ने ट्रेजा और उनकी बेटी को इलाज के बहाने अपने साथ ले जाकर सुनसान इलाके में पहुंचाया। वहीं कथित रूप से ट्रेजा की हत्या कर दी गई और पूरे मामले को सड़क दुर्घटना जैसा दिखाने का प्रयास किया गया। बच्ची भी हमले की शिकार हुई, लेकिन वह जीवित बच गई। बाद में उसी की गवाही ने पूरे मामले की दिशा बदल दी और पुलिस को वास्तविक घटनाक्रम तक पहुंचने में मदद मिली।

    मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्ष गवाही, तकनीकी साक्ष्य और परिस्थितिजन्य प्रमाण अदालत के सामने प्रस्तुत किए। अदालत ने पाया कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की भूमिका को प्रमाणित करने के लिए पर्याप्त हैं। इसके आधार पर वर्ष 2016 में खंडवा जिला न्यायालय ने तीनों आरोपियों को ट्रेजा पारे की हत्या और बच्ची की हत्या के प्रयास का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

    यह मामला इस बात का भी उदाहरण माना गया कि किसी अपराध की जांच में प्रत्यक्षदर्शी गवाही, वैज्ञानिक साक्ष्य और निष्पक्ष विवेचना कितनी महत्वपूर्ण होती है। एक मासूम बच्ची के साहस और पुलिस की विस्तृत जांच ने उस साजिश का खुलासा किया, जिसे दुर्घटना का रूप देकर हमेशा के लिए छिपाने की कोशिश की गई थी।

  • अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    अवैध संबंधों में बना हत्या का ब्लूप्रिंट, पत्नी और प्रेमी ने रची साजिश; 77 मिनट की कॉल डिटेल से खुला पूरे मर्डर का राज

    मध्य प्रदेश: के नरसिंहपुर जिले में युवक सपनेश पटेल की हत्या का मामला पुलिस जांच के दौरान एक सुनियोजित आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया। शुरुआत में युवक के अचानक लापता होने और कर्ज के कारण घर छोड़ने जैसी चर्चाओं के बीच जांच आगे बढ़ी, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और लगातार जुटाए गए प्रमाणों ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे पारिवारिक रिश्तों में आई दरार, कथित अवैध संबंध और पूर्व नियोजित षड्यंत्र प्रमुख कारण थे।

    घटना 24 जनवरी 2021 की है, जब सपनेश पटेल शाम के समय एक फोन कॉल आने के बाद घर से यह कहकर निकला कि वह दोस्त के बुलावे पर पार्टी में जा रहा है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई, जबकि स्थानीय स्तर पर उसके कर्ज के कारण कहीं चले जाने की चर्चाएं भी होती रहीं। लगभग एक सप्ताह बाद उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और परिजनों के बयान खंगाले। इसी क्रम में पता चला कि घटना से एक दिन पहले मृतक की पत्नी स्लेखा और रिश्तेदार सूर्यप्रकाश पटेल के बीच करीब 77 मिनट तक मोबाइल पर बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन भी दोनों लगातार संपर्क में रहे। वहीं सूर्यप्रकाश के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच में बृजेश यादव का नाम भी सामने आया, जिससे पुलिस का संदेह और गहरा गया।

    पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि सूर्यप्रकाश और स्लेखा के बीच लंबे समय से कथित प्रेम संबंध थे। जांच में यह भी सामने आया कि सपनेश को इस संबंध की जानकारी हो चुकी थी और वह इसका विरोध करता था। आरोप है कि सूर्यप्रकाश ने उसे आर्थिक सहायता देकर चुप कराने का प्रयास भी किया, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद सपनेश को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई, जिसमें बृजेश यादव को भी शामिल किया गया।

    पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सपनेश को शराब पार्टी के बहाने बुलाया गया। तीनों ने एक ढाबे पर समय बिताया, जिसके बाद सुनसान स्थान पर मोबाइल चार्जिंग केबल से उसका गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद शव को कार की डिक्की में रखकर पूरी रात इधर-उधर घुमाया गया ताकि ऐसा स्थान मिल सके, जहां सबूत आसानी से छिपाए जा सकें। बाद में शव को तालाब में फेंक दिया गया और उसके ऊपर पत्थर रख दिए गए। मृतक का मोबाइल फोन भी अलग स्थान पर फेंककर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों ने पुलिस की जांच को मजबूत आधार दिया। आरोपियों के बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आने पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चार्जिंग केबल, वाहन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए। अदालत में अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी प्रमाण, गवाहों के बयान और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। विस्तृत सुनवाई के बाद न्यायालय ने मामले को पूर्व नियोजित हत्या मानते हुए तीनों आरोपियों को दोषी ठहराया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह मामला आधुनिक तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सुलझाए गए प्रमुख आपराधिक मामलों में शामिल माना गया।

  • सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    सगाई के बाद मौत की साजिश! पुलिस जांच में मंगेतर और कथित प्रेमी की भूमिका पर बड़े दावे, पूछताछ में जुड़े कई अहम सुराग

    नई दिल्ली । पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। जांच एजेंसियों का दावा है कि लोहागढ़ किले पर हुई घटना महज एक दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पहले से बनाई गई कथित साजिश का हिस्सा थी। पुलिस के अनुसार, मृतक की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर पूरी योजना तैयार की थी। पूछताछ, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, 18 जून को दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर पहले से तय योजना के अनुसार घटनास्थल पर पहुंचकर वारदात को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि एक निर्धारित स्थान पर पहुंचने के बाद सिया ने कथित रूप से अपने साथी को संकेत दिया, जिसके बाद चेतन ने पीछे से केतन को खाई की ओर धक्का दे दिया। पुलिस का कहना है कि पूरी घटना इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित को किसी खतरे का अंदेशा तक नहीं हो सका। घटना के बाद इसे सामान्य हादसा दर्शाने का भी कथित प्रयास किया गया।

    जांच के दौरान शुरुआती पूछताछ में दोनों आरोपी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों के बयान कई मामलों में अलग-अलग थे, लेकिन लगातार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के मिलान के बाद घटनाक्रम की कई अहम कड़ियां सामने आईं। अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने अपनी-अपनी भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर पुलिस पूरे घटनाक्रम को क्रमवार जोड़ने का प्रयास कर रही है। हालांकि इन दावों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में यह संकेत भी मिले हैं कि इससे पहले भी मृतक को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। पुलिस अब इस पहलू की भी गहन जांच कर रही है कि कथित साजिश की योजना कब तैयार हुई, इसकी शुरुआत कैसे हुई और इसमें किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। इसके लिए डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई इसी वर्ष फरवरी में हुई थी, जबकि नवंबर में उदयपुर में दोनों का विवाह प्रस्तावित था। दोनों परिवार शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। ऐसे समय में सामने आए घटनाक्रम ने दोनों परिवारों को गहरा सदमा पहुंचाया है। मृतक के परिजनों के साथ-साथ युवती का परिवार भी इस पूरे मामले से स्तब्ध बताया जा रहा है।

    मामले के बीच सिया गोयल के पिता ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि यदि उनकी बेटी जांच और न्यायिक प्रक्रिया में दोषी साबित होती है तो उसे कानून के अनुसार कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केतन उनके लिए बेटे के समान था और उसकी मौत दोनों परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी बेटी के किसी अन्य संबंध या वैवाहिक विवाद की कोई जानकारी नहीं थी और परिवार पूरी निष्ठा से शादी की तैयारियों में जुटा हुआ था।

    फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों, आरोपियों के बयानों और घटनास्थल से जुटाए गए प्रमाणों का विस्तृत मिलान कर रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।