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मुस्कान को सता रही बड़ी बेटी से मिलने की तड़प, रविता ने भी उठाया अगला कदम, फांसी की सजा के खिलाफ अपील की तैयारी तेज
मेरठ । मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मृत्युदंड की सजा सुनाए जाने के बाद मुस्कान अब अपनी बड़ी बेटी से मिलने की इच्छा जता रही है। दूसरी ओर पति की हत्या के मामले में फांसी की सजा पाने वाली रविता ने भी अपने बचाव के लिए कानूनी लड़ाई की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों महिलाओं ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए निजी वकील उपलब्ध कराने की मांग की है। जेल प्रशासन के मुताबिक उनके आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों मामलों में अदालत के फैसले के बाद अब आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।नीला ड्रम कांड में मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को पति सौरभ की हत्या के मामले में मृत्युदंड सुनाया गया है। इसी तरह सांप कांड में रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को पति अमित की हत्या के मामले में फांसी की सजा दी गई है। दोनों घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया था। निचली अदालत के फैसले के बाद अब चारों दोषी उच्च न्यायालय में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए वे निजी अधिवक्ताओं की सहायता चाहते हैं ताकि अपने पक्ष को कानूनी तरीके से प्रस्तुत कर सकें।जेल प्रशासन के अनुसार मुस्कान और रविता की ओर से निजी वकील की मांग को लेकर आवेदन दिया गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों के आवेदन पर नियमानुसार निजी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जाएगी। मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है। दोषियों को उच्च न्यायालय में अपील करने का अवसर मिलता है और मामले में आगे का निर्णय संबंधित अदालतों की सुनवाई तथा कानूनी प्रावधानों के आधार पर होता है। इसलिए निचली अदालत के फैसले के बाद भी इन मामलों की न्यायिक प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।इस बीच जेल में बंद चारों दोषियों के कामकाज से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। जेल प्रशासन के अनुसार मुस्कान ने सिलाई और कढ़ाई का काम चुना है जबकि साहिल खेती से जुड़ा काम कर रहा है। रविता ने बैग बनाने का काम चुना है और अमरदीप रंगाई-पुताई से संबंधित काम कर रहा है। जेल प्रशासन ने बताया कि मृत्युदंड की सजा के बाद रविता और अमरदीप को नई बैरकों में स्थानांतरित किया गया है। बंदियों की निगरानी और जेल से जुड़ी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित की जा रही हैं।फांसी की सजा के मामलों में अपील की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंदियों को दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने की तैयारी भी की जा सकती है। खबर के मुताबिक पुरुष बंदियों को आगरा सेंट्रल जेल और महिला बंदियों को लखनऊ स्थित निर्धारित जेल में भेजने की व्यवस्था है। हालांकि स्थानांतरण जेलों में उपलब्ध जगह और प्रशासनिक प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। फिलहाल चारों दोषियों की अपील से जुड़ी प्रक्रिया महत्वपूर्ण बनी हुई है।दूसरी ओर सांप कांड में सजा पाए अमरदीप की मां का एक वीडियो भी चर्चा में है। वीडियो में वह अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसे रिहा कराने की मांग करती नजर आ रही हैं। उन्होंने रविता को सजा देने की बात भी कही है। हालांकि किसी आरोपी के दोषी होने या निर्दोष होने का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होता है।इसी बीच मेरठ के जल्लाद पवन का बयान भी सामने आया है। उसने कहा कि यदि जेल प्रशासन उसे जिम्मेदारी सौंपता है तो वह चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयार है। उसका कहना है कि गंभीर अपराधों में कानून के अनुसार सजा मिलना जरूरी है। अब इन मामलों में आगे की कानूनी कार्यवाही और उच्च न्यायालय में होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें रहेंगी। -

नीला ड्रम कांड: दोषी ठहराए जाने के बाद फूट-फूट कर रोए मुस्कान-साहिल, रात का खाना भी नहीं खाया
मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी ठहराए जाने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला भावुक हो गए। बुधवार को दोनों जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए थे। सुनवाई के दौरान मुस्कान की गोद में उसकी नन्हीं बेटी भी मौजूद थी। अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों रोते हुए वीसी रूम से बाहर निकले। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, दोनों ने रात का खाना भी नहीं खाया।दोषी ठहराए जाने के बाद एक-दूसरे से भी दूरी
बुधवार को जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुस्कान और साहिल की पेशी कराई गई। सुनवाई के दौरान मुस्कान अपनी नन्हीं बेटी को गोद में लिए हुए थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बताया कि अदालत की कार्यवाही पूरी होने के बाद दोनों काफी उदास नजर आए। इसके बाद दोनों रोते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से बाहर निकले। कार्यवाही खत्म होने के बाद भी मुस्कान और साहिल ने एक-दूसरे से दूरी बनाए रखी। दोनों ने एक-दूसरे की ओर देखा तक नहीं और अपने-अपने बैरक की ओर चले गए।फैसले के दिन सुबह से बेचैन थे दोनों
जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के अनुसार, बुधवार को फैसला आने की वजह से मुस्कान और साहिल सुबह से ही बेचैन दिखाई दे रहे थे। मुस्कान दिनभर पूजा-पाठ में लगी रही। दोनों ने दिन में भी सामान्य से कम खाना खाया। अदालत की ओर से दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों की उदासी और बढ़ गई। जेल प्रशासन के मुताबिक, दोनों ने रात का खाना खाने से इनकार कर दिया और बाद में अपने-अपने बैरक में चले गए।अदालत ने दोनों को हत्या का दोषी माना
मेरठ के जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा द्वितीय की अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पत्रावलियों के आधार पर मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने कहा कि पत्रावलियों में मौजूद साक्ष्य इस बात को साबित करते हैं कि दोनों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इसके साथ ही अदालत ने सजा सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की है।सजा पर पक्ष रखने के लिए 15 दिन का समय
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई कार्यवाही के दौरान जिला जज ने मुस्कान और साहिल से सजा के बिंदु पर उनका पक्ष रखने को कहा। अदालत ने दोनों दोषियों को यह बताने के लिए 15 दिन का समय दिया है कि उनकी सजा क्यों कम की जानी चाहिए।इस अवधि में दोनों दोषी अपनी सफाई या दलील अदालत के सामने रख सकेंगे। इसके बाद 14 अक्टूबर को अदालत सजा का ऐलान करेगी। फिलहाल दोनों को दोषी ठहराया जा चुका है, लेकिन सजा की अवधि अभी तय नहीं हुई है। अगली सुनवाई इसी बिंदु पर होगी।