Tag: Muslim youth

  • नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    नवरात्रि से पहले गरबा पर मुस्लिम त्योहार समिति की अपील, युवाओं से कार्यक्रमों से दूर रहने और विवाद से बचने को कहा

    मध्य प्रदेश: मुस्लिम त्योहार समिति ने आगामी नवरात्रि से पहले मुस्लिम युवाओं और छात्रों से गरबा कार्यक्रमों में शामिल नहीं होने की अपील की है। समिति ने कहा है कि युवा केवल रील्स, लाइक्स और व्यूज हासिल करने के लिए गरबा आयोजनों में शामिल होने से बचें। समिति के प्रदेशाध्यक्ष जीशान रहमान ने कहा कि गरबा मुस्लिम समुदाय का धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं है। उनके मुताबिक, किसी एक व्यक्ति के गलत कदम का असर पूरे समुदाय की छवि पर पड़ सकता है। समिति ने स्पष्ट किया कि उसकी अपील किसी धर्म या गरबा समारोह के खिलाफ नहीं है, बल्कि जिम्मेदार व्यवहार, धार्मिक मर्यादा, कानून के पालन और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है।

    जीशान रहमान ने कहा कि मुस्लिम युवाओं को गरबा कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लेने की अपील इसलिए की गई है क्योंकि ये उनके धार्मिक त्योहार या कार्यक्रम नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हितों को साधने के लिए कई बार मुसलमानों को बदनाम करने वाले बयान दिए जाते हैं। उनके अनुसार, मुसलमानों पर गरबा कार्यक्रमों में धार्मिक रूप से भड़काऊ हरकतें करने या ‘लव जिहाद’ जैसी गतिविधियों को अंजाम देने के आरोप लगाए जाते हैं। रहमान ने कहा कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को गरबा कार्यक्रमों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने कहा कि समिति की अपील का मुख्य उद्देश्य समुदाय की बदनामी की स्थिति को रोकना है। उन्होंने कहा कि कोई एक व्यक्ति गलत काम करता है, लेकिन उसका नतीजा पूरे समुदाय को भुगतना पड़ सकता है। इसी वजह से युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने को कहा गया है। समिति ने युवाओं से सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान करने की अपील भी की है। इसके साथ ही स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करने तथा विवाद, टकराव, उकसावे और गलत प्रतिक्रियाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।

    समिति ने प्रशासनिक अधिकारियों और मध्य प्रदेश सरकार के संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी अपील विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, तकनीकी और मेडिकल संस्थानों तथा हॉस्टलों तक पहुंचाने का अनुरोध किया है। समिति चाहती है कि यह अपील 11 अक्टूबर से पहले संबंधित संस्थानों तक पहुंच जाए। इसके जरिए मुस्लिम युवाओं और छात्रों को धार्मिक कार्यक्रमों में बिना जरूरत शामिल होने से बचने तथा किसी भी तरह के विवाद की स्थिति पैदा न करने की सलाह दी गई है।

    रहमान ने यह भी कहा कि गरबा कार्यक्रमों में मुसलमानों की मौजूदगी को लेकर उन्हें बार-बार राजनीतिक रूप से निशाना बनाए जाने की बात सामने आती रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं से रील्स और व्यूज के लिए गरबा कार्यक्रमों में नहीं जाने की अपील के पीछे यही वजह है। इससे पहले भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवकों के आने को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाएं। इसके अलावा कई हिंदू संगठनों की ओर से भी गरबा कार्यक्रमों में मुस्लिम युवाओं को प्रवेश नहीं देने की बात कही जाती रही है। मुस्लिम त्योहार समिति की मौजूदा अपील इसी विवाद के बीच सामने आई है।

  • MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता

    MP: भोपाल के होटल में हिंदू युवती के साथ पकड़ाया मुस्लिम युवक, हिंदू संगठनों ने जमकर पीटा, गोबर पोता


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में एक बार फिर हिंदू युवती (Hindu girl) और मुस्लिम युवक (Muslim youth) को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. मामला गोविंदपुरा थाना क्षेत्र (Govindpura police station area.) के गौतम नगर (Gautam Nagar) स्थित प्राईड इन होटल का है, जहां हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक को होटल के कमरे में पकड़ लिया. इसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ और युवक के साथ मारपीट की गई. घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


    युवक की पिटाई के बाद लगाया गोबर और पोती स्याही

    जानकारी के मुताबिक हिंदू संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि होटल में एक हिंदू युवती और मुस्लिम युवक ठहरे हुए हैं. इसके बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता होटल पहुंच गए. आरोप है कि कार्यकर्ता सीधे युवक-युवती के कमरे तक पहुंचे और दोनों को बाहर निकालकर सड़क पर ले आए. इस दौरान युवक के साथ लात-घूंसों से मारपीट की गई. इतना ही नहीं, युवक को अर्धनग्न कर उसके चेहरे पर गोबर और स्याही भी पोती गई. मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा.

    घटना की सूचना मिलते ही गोविंदपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस युवक और युवती को थाने लेकर पहुंची, जहां दोनों से पूछताछ की गई. हालांकि काफी देर तक चले घटनाक्रम के बाद भी किसी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।


    एक दूसरे को पहले से जानते थे युवक-युवती

    पुलिस के अनुसार युवक की पहचान आरिफ खान के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरिफ के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज रह चुके हैं. उस पर अड़ीबाजी, ब्लैकमेलिंग और मोबाइल चोरी जैसे आरोप लग चुके हैं. वहीं युवती भोपाल के अयोध्या नगर इलाके की रहने वाली बताई जा रही है. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे और पहले भी रिलेशनशिप में रह चुके हैं।

    मामले को लेकर थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि पुलिस ने सभी पक्षों को समझाइश देकर छोड़ दिया है. किसी भी पक्ष ने कोई मामला दर्ज नहीं कराया है. उन्होंने कहा कि पुलिस ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित हो।

  • बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें

    बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें


    ढाका।
    बांग्लादेश (Bangladesh) के उत्तर-पश्चिमी जिले रंगपुर (Northwestern district Rangpur) और पश्चिमी जिले कुश्तिया (Western district Kushtia) में शनिवार को भारी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु की हत्या के बाद भड़की भीड़ ने रंगपुर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि मृतक के परिजनों द्वारा हिंदुओं का हाथ होने से इनकार किए जाने के बावजूद भीड़ ने इस समुदाय पर हमला बोल दिया। पुलिस इसे मुख्य मामले से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश करार दे रही है।

    ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर रंगपुर के दासपारा बाजार इलाके में शनिवार को एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु रकीब हसन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, हसन की हत्या कथित तौर पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने पुरानी रंजिश के चलते की थी।

    हालांकि, हत्या के कुछ ही घंटों बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। एक उग्र भीड़ ने दासपारा बाजार में स्थित हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमला बोल दिया। स्थानीय समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, इस क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लगभग सौ से अधिक परिवार रहते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने तोड़फोड़ के साथ-साथ लूटपाट की भी कोशिश की।


    ध्यान भटकाने के लिए हुए हमले

    रंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद मजीद अली ने मीडिया को बताया कि पुलिस असली हत्यारों की तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा एक तीसरे पक्ष की साजिश है ताकि पुलिस का ध्यान रकीब हसन की हत्या के मामले से भटकाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने उन लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक रकीब की मां नूरजहां बेगम ने स्वयं बयान दिया कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारा हिंदुओं साथ कोई विवाद नहीं है। हम सिर्फ अपने बेटे के असली हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं।”


    इस्लाम के अपमान का आरोप

    रंगपुर की घटना के समांतर ही ढाका से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कुश्तिया जिले में भी हिंसा की एक बड़ी वारदात हुई। यहां एक स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक हस्ती शमीम रजा जहांगीर की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। उन पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाया गया था। दौलतपुर थाना पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल जहांगीर की जान ली, बल्कि उनके कम से कम सात अनुयायियों को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। उग्र भीड़ ने जहांगीर के आश्रम को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया कि जहांगीर को इससे पहले 2021 में भी कट्टरपंथी संगठनों की शिकायतों पर विवादास्पद गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया था।


    स्थिति संभालने की कोशिश

    इन दोहरे हमलों के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रंगपुर और कुश्तिया में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की तैनाती की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।

    बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के आंकड़े डराने वाले हैं। ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल कसें और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।