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  • 93 साल के हुए पहाड़ों के जादूगर रस्किन बॉन्ड, देहरादून में सादगी से मनाया जन्मदिन, मसूरी ने महसूस की कमी

    93 साल के हुए पहाड़ों के जादूगर रस्किन बॉन्ड, देहरादून में सादगी से मनाया जन्मदिन, मसूरी ने महसूस की कमी



    नई दिल्ली। पहाड़ों की रानी मसूरी को अपनी कहानियों और शब्दों से दुनिया भर में पहचान दिलाने वाले विश्वप्रसिद्ध लेखक Ruskin Bond मंगलवार को 93 वर्ष के हो गए। इस खास मौके पर उनका जन्मदिन बेहद सादगी के साथ देहरादून स्थित आवास पर परिवार के बीच मनाया गया। हालांकि इस बार स्वास्थ्य कारणों से वह मसूरी नहीं पहुंच सके, जिससे उनके हजारों प्रशंसकों में मायूसी देखने को मिली।

    रस्किन बॉन्ड का नाम आते ही लोगों के मन में मसूरी की धुंध भरी वादियां, देवदार के जंगल, बारिश की बूंदें और पहाड़ी जीवन की सादगी जीवंत हो उठती है। उन्होंने अपनी लेखनी से सिर्फ कहानियां नहीं लिखीं, बल्कि पहाड़ों की आत्मा को शब्दों में ढालकर दुनिया के सामने पेश किया। यही वजह है कि आज भी बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक उनकी रचनाओं को बेहद पसंद करते हैं।

    पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण डॉक्टरों की सलाह पर उन्हें मसूरी से देहरादून शिफ्ट किया गया है। परिवार के मुताबिक उनका स्वास्थ्य फिलहाल स्थिर है और वह लगातार चिकित्सकीय निगरानी में हैं। उनके बेटे राकेश बॉन्ड ने बताया कि इस बार जन्मदिन घर पर ही बेहद सादगी से मनाया गया।

    हर साल उनके जन्मदिन पर मसूरी के माल रोड स्थित प्रसिद्ध बुक स्टोर में खास आयोजन होता था। देशभर से साहित्य प्रेमी सिर्फ उनकी एक झलक पाने, किताबों पर ऑटोग्राफ लेने और उनसे मिलने मसूरी पहुंचते थे। रस्किन बॉन्ड भी अपने प्रशंसकों से बेहद आत्मीयता से मिलते और खासकर बच्चों के साथ समय बिताना पसंद करते थे। लेकिन इस बार उनके मसूरी नहीं आने से पर्यटकों और स्थानीय लोगों ने उनकी कमी महसूस की।

    सोशल मीडिया पर भी दिनभर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देने का सिलसिला चलता रहा। साहित्य प्रेमियों ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना की।

    19 मई 1934 को Kasauli में जन्मे रस्किन बॉन्ड का बचपन पहाड़ों के बीच बीता। उन्होंने शिमला और देहरादून में शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र में ही लेखन शुरू कर दिया था। उनकी कहानियों में प्रकृति, अकेलापन, दोस्ती, मासूमियत और इंसानी रिश्तों की गहराई साफ दिखाई देती है।

    उनकी चर्चित रचनाओं में The Blue Umbrella, Time Stops at Shamli, A Flight of Pigeons और “दिल्ली इज़ नॉट फार” जैसी किताबें शामिल हैं। उनकी कई कहानियों पर फिल्में और टीवी सीरीज भी बन चुकी हैं, जिन्होंने नई पीढ़ी तक उनकी लेखनी को पहुंचाया।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि रस्किन बॉन्ड केवल लेखक नहीं, बल्कि मसूरी की सांस्कृतिक पहचान हैं। उनकी वजह से दुनिया भर के लोग मसूरी को करीब से जान पाए। साहित्य प्रेमियों का मानना है कि उनकी कहानियां आने वाली पीढ़ियों को भी प्रकृति, संवेदनशीलता और इंसानी रिश्तों की अहमियत सिखाती रहेंगी।

  • जनवरी में बर्फबारी का मज़ा: भारत की 7 खूबसूरत और बजट-फ्रेंडली जगहें

    जनवरी में बर्फबारी का मज़ा: भारत की 7 खूबसूरत और बजट-फ्रेंडली जगहें

     सर्दियों में बर्फ और ठंडी हवा का आनंद लेना किसी भी ट्रैवलर का सपना होता है। जनवरी में हिमालय की चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर, पहाड़ों की ठंडी हवा और प्रकृति की सुंदरता किसी का भी मन मोह लेती है। अगर आप कम बजट में सफर करना चाहते हैं, तो ये सात जगहें आपके लिए परफेक्ट हैं:

    1. औली (Uttarakhand)
    औली बर्फबारी और स्कीइंग के लिए सबसे पसंदीदा जगहों में से एक है। यहां चेयर-लिफ्ट और पहाड़ी नज़ारे बेहद खूबसूरत हैं। दिल्ली से ऋषिकेश या हरिद्वार तक सस्ती ट्रेन या बस से आसानी से पहुंचा जा सकता है, वहां से शेयर टैक्सी या बस औली के लिए उपलब्ध हैं। होमस्टे और हॉस्टल बजट ट्रैवलर्स के लिए बेहतरीन विकल्प हैं।

    2. चोपता (Uttarakhand)
    प्रकृति के करीब महसूस करना हो तो चोपता बेस्ट है। जनवरी में यहां बर्फबारी और ट्रेकिंग का मज़ा लिया जा सकता है। ऋषिकेश और हरिद्वार से सस्ती जीप और बसें मिलती हैं। टेंट में ठहरना बजट-फ्रेंडली और रोमांचक अनुभव देता है।

    3. कुल्लू-मनाली (Himachal Pradesh)
    सोलंग वैली और रोहतांग पास बर्फबारी के लिए मशहूर हैं। दिल्ली से HRTC की सस्ती बसें आसानी से मिल जाती हैं। बजट 5000 रुपये के अंदर हो तो डॉर्मिटरी, होस्टल और बजट होटल सबसे अच्छे विकल्प हैं।

    4. शिमला (Himachal Pradesh)
    शिमला का जादू सर्दियों में अलग ही होता है। कुफरी में जनवरी में जबरदस्त बर्फबारी होती है। चंडीगढ़ और दिल्ली से बस या ट्रेन आसानी से मिल जाती है। कालका से शिमला तक की टॉय ट्रेन यात्रा को और खास बनाती है। आसपास के गांवों में रहकर खर्च कम किया जा सकता है।

    5. गुलमर्ग (Jammu & Kashmir)
    असली कड़क ठंड और गहरी बर्फ का अनुभव चाहिए तो गुलमर्ग परफेक्ट है। यहां की सुंदरता फिल्मी सीन जैसी लगती है। स्नो स्कीइंग, स्नोबोर्डिंग और गोंडोला केबल कार इसकी खासियत हैं। जनवरी में यह भारत की सबसे ठंडी और खूबसूरत बर्फबारी वाली जगहों में गिना जाता है।

    6. मसूरी (Uttarakhand)
    मसूरी का मौसम जनवरी में किसी जन्नत से कम नहीं लगता। बर्फ से ढकी सड़कों पर घूमना बेहद शांत और रोमांचक अनुभव देता है। केम्प्टी फॉल्स, कंपनी गार्डन, मॉल रोड, लेक मिस्ट और मॉस्सी फॉल्स घूमने लायक हैं। बजट में रहने के लिए कई किफायती होटल और होमस्टे उपलब्ध हैं।

    7. तवांग (Arunachal Pradesh)
    तवांग बर्फबारी और ठंड के लिए प्रसिद्ध है। जनवरी में बर्फ की मोटी परतें और सेला पास, माधुरी झील, नूरानांग फॉल्स यहां की खास पहचान हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध मठों में से एक का घर भी है। जनवरी–फरवरी यहां घूमने का सबसे बेहतरीन समय है।

    जनवरी में इन जगहों पर जाकर आप बर्फबारी का मज़ा, रोमांच और सुकून एक साथ ले सकते हैं। ये सभी डेस्टिनेशन बजट-फ्रेंडली होने के साथ प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर हैं।