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  • मुजफ्फरनगर के जज की सुरक्षा पर खतरा, 22 को फांसी सुनाने के बाद बिना अनुमति हटाया गया गनर

    मुजफ्फरनगर के जज की सुरक्षा पर खतरा, 22 को फांसी सुनाने के बाद बिना अनुमति हटाया गया गनर

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में अत्यंत संवेदनशील मामलों में कड़े फैसले सुनाने वाले फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या-3 के पीठासीन अधिकारी अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने अपनी जान को खतरा बताते हुए राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को एक पत्र लिखा है। न्यायाधीश ने पुलिस महकमे के जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही, मनमानी और सुरक्षा प्रोटोकॉल के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं।

    उल्लेखनीय है कि संबंधित न्यायाधीश ने महज 129 दिनों के अल्प समय में 9 अत्यंत चर्चित और जघन्य आपराधिक मामलों की सुनवाई पूरी करते हुए कुल 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। लगातार कठोर फैसले सुनाए जाने के कारण उनकी सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील मानी जा रही थी। ऐसे में सुरक्षा घेरे में अचानक किए गए बदलाव ने न्यायिक हलकों और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

    डीजीपी को भेजे गए पत्र में न्यायाधीश ने स्पष्ट किया है कि उनकी सुरक्षा में तैनात गनर को बिना किसी ठोस वजह और बिना उनकी पूर्व अनुमति के अचानक हटा दिया गया। पत्र के अनुसार प्रतिसार निरीक्षक द्वारा लिया गया यह निर्णय प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर प्रोटोकॉल उल्लंघन की श्रेणी में आता है। उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि गनर को हटाए जाने के तुरंत बाद संबंधित पुलिसकर्मी ने भी बिना कोई सूचना दिए अपनी ड्यूटी छोड़ दी।

    न्यायाधीश ने अपने पत्र में प्रशासनिक अधिकारियों और न्यायिक अधिकारियों के बीच सुरक्षा प्रोटोकॉल में किए जाने वाले भेदभाव की ओर भी ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि आमतौर पर जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक या अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के गनरों को उनकी सहमति या जानकारी के बिना नहीं बदला जाता, लेकिन संवेदनशील न्यायिक पदों पर आसीन अधिकारियों के मामले में इस निर्धारित प्रक्रिया का अनदेखा किया जा रहा है।

    यह मामला केवल मुजफ्फरनगर तक सीमित न होकर पूरे देश के न्यायिक वर्ग की सुरक्षा से जुड़ा हुआ विषय बन गया है। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में भी गंभीर आपराधिक मामलों की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। सुरक्षा में इस प्रकार की चूक न्यायिक कार्यों के निष्पक्ष और निडर संपादन में बड़ी बाधा बन सकती है।

    पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि इस पूरे प्रकरण की जांच कराई जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। इसके साथ ही न्यायाधीश की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से कड़ा करने और पूर्ववत प्रोटोकॉल को बहाल करने का आग्रह किया गया है, ताकि संवेदनशील मुकदमों की सुनवाई निर्भीक वातावरण में जारी रह सके।

  • हरिद्वार से दिल्ली तक निकली अनोखी कांवड़ यात्रा, मैकलारेन जैसी डमी कार में भगवान शिव की प्रतिमा ने खींचा सबका ध्यान

    हरिद्वार से दिल्ली तक निकली अनोखी कांवड़ यात्रा, मैकलारेन जैसी डमी कार में भगवान शिव की प्रतिमा ने खींचा सबका ध्यान

    नई दिल्ली । सावन माह में जारी कांवड़ यात्रा के बीच उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक अनोखी कांवड़ ने श्रद्धालुओं और राहगीरों का विशेष ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मैकलारेन स्पोर्ट्स कार जैसी दिखने वाली विशेष डमी संरचना में भगवान शिव की प्रतिमा स्थापित कर निकाली गई इस कांवड़ को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क किनारे रुकते नजर आए। दूर से देखने पर यह किसी वास्तविक लग्जरी स्पोर्ट्स कार जैसी दिखाई देती थी, लेकिन पास आने पर लोगों को पता चला कि यह श्रद्धालुओं द्वारा विशेष रूप से तैयार कराया गया प्रतिरूप है।

    यह अनोखी कांवड़ दिल्ली के नवादा गांव से आए छह शिवभक्तों द्वारा तैयार कराई गई है। श्रद्धालुओं ने 28 जुलाई को हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से लगभग 40 लीटर गंगाजल लेकर अपनी यात्रा आरंभ की थी। यात्रा के दौरान गंगाजल को इसी विशेष रूप से डिजाइन की गई कांवड़ के भीतर सुरक्षित रखा गया। श्रद्धालुओं का उद्देश्य दिल्ली पहुंचकर अपने गांव के शिव मंदिर में भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक करना है।

    श्रद्धालुओं के अनुसार, हर वर्ष कांवड़ यात्रा में नई-नई थीम और रचनात्मक डिज़ाइन देखने को मिलते हैं। इसी सोच के साथ इस बार उन्होंने पारंपरिक कांवड़ को आधुनिक स्वरूप देने का निर्णय लिया। सामूहिक चर्चा के बाद स्पोर्ट्स कार की थीम पर कांवड़ तैयार करने का विचार सामने आया और फिर भगवान शिव की प्रतिमा को उसके केंद्र में स्थापित कर इसे अंतिम रूप दिया गया। उनका कहना है कि उद्देश्य केवल अपनी आस्था को एक अलग और आकर्षक रूप में प्रस्तुत करना था।

    जानकारी के अनुसार जिस स्पोर्ट्स कार से प्रेरणा लेकर यह मॉडल बनाया गया है, उसकी वास्तविक कीमत करोड़ों रुपये बताई जाती है। हालांकि यात्रा में शामिल वाहन पूरी तरह डमी मॉडल है और इसे केवल धार्मिक यात्रा के लिए तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस विशेष प्रतिरूप को बनाने और सजाने में लगभग सात से आठ लाख रुपये का खर्च आया। आकर्षक रंग-सज्जा, आधुनिक डिज़ाइन और भगवान शिव की प्रतिमा के संयोजन ने इसे पूरी यात्रा का प्रमुख आकर्षण बना दिया।

    मुजफ्फरनगर से गुजरते समय इस अनोखी कांवड़ को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। कई राहगीरों ने पहली नजर में इसे असली स्पोर्ट्स कार समझ लिया। जब उन्हें इसके डमी मॉडल होने की जानकारी मिली तो उत्सुकता और बढ़ गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस अनूठी प्रस्तुति के साथ तस्वीरें और वीडियो बनाए। श्रद्धालुओं ने भी लोगों का अभिवादन करते हुए अपनी यात्रा जारी रखी।

    कांवड़ यात्रा के दौरान हर वर्ष श्रद्धालु अपनी आस्था को अलग-अलग कलात्मक और रचनात्मक स्वरूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं। कहीं धार्मिक झांकियां तैयार की जाती हैं तो कहीं विशेष थीम पर आधारित कांवड़ बनाई जाती हैं। इस वर्ष मैकलारेन जैसी स्पोर्ट्स कार के रूप में तैयार की गई यह कांवड़ भी उसी रचनात्मक परंपरा का नया उदाहरण बनकर सामने आई है, जिसने धार्मिक आस्था के साथ आधुनिक डिज़ाइन का अनोखा मेल प्रस्तुत किया।

    हरिद्वार से गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों और शहरों की ओर बढ़ रहे लाखों शिवभक्तों के बीच यह विशेष कांवड़ चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति है, जबकि यह अनूठी प्रस्तुति उसी भावना को अलग अंदाज में व्यक्त करने का माध्यम है। निर्धारित स्थान पर पहुंचकर वे भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे और सावन माह की धार्मिक परंपरा का विधिवत पालन करेंगे।

  • मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल

    मुजफ्फरनगर में बर्थडे पार्टी के दौरान सनसनीखेज वारदात, करोड़पति दामाद ने ससुराल में की अंधाधुंध फायरिंग, 3 महिलाएं गंभीर घायल



    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर के पॉश इलाके पंचशील कॉलोनी में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया जब एक बर्थडे पार्टी के दौरान करोड़पति दामाद ने अपने ही ससुराल में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में सास, सरहज और चाची सास समेत तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। वारदात के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।

    सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को मौके से ही पकड़ लिया। वह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर वहीं खड़ा था। पुलिस ने हथियार जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया और घायल महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी अनंत मित्तल देहरादून का रहने वाला है और अपनी पत्नी से तलाक व बच्चे की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद के चलते ससुराल आया था। बर्थडे पार्टी के दौरान पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक हो गई।

    जानकारी के अनुसार आरोपी ने करीब 12 मिनट में 5 राउंड फायरिंग की। इस दौरान एक गोली सास के कंधे में, दूसरी सरहज के पेट में लगी, जबकि बीच-बचाव करने आई चाची सास भी गोली लगने से घायल हो गईं। पुलिस ने मौके से 8 जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

    एसएसपी के अनुसार, फायरिंग के दौरान रिवॉल्वर जाम हो गई, जिससे बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद पुलिस ने एफएसएल टीम की मदद से मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और मामले की गहन जांच जारी है।

  • मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान

    मुजफ्फरनगर में फेरीवालों की पिटाई, भीड़ ने चाचा-भतीजे को पीटा; पुलिस ने बचाई जान




    नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर (नई मंडी कोतवाली क्षेत्र) की वसुंधरा कॉलोनी में रविवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया जब कपड़े की फेरी लगाने पहुंचे आमिर मलिक और जावेद को स्थानीय लोगों ने संदिग्ध समझकर पीट दिया। दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं और फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं।

    जानकारी के अनुसार, दोनों पहले भी कॉलोनी में सामान बेचने आ चुके थे और कुछ लोगों के बुलाने पर ही दोबारा वहां पहुंचे थे। लेकिन देर शाम और रात होने के कारण कुछ लोगों को उन पर शक हुआ, जिसके बाद भीड़ इकट्ठा हो गई और दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी गई।

    मारपीट में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें घायल अवस्था में दोनों दिखाई दे रहे हैं।सूचना मिलने पर नई मंडी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को भीड़ से बचाकर अपनी हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    पुलिस जांच में क्या आया सामने
    सीओ नई मंडी राजू कुमार साव के अनुसार, शुरुआती जांच में दोनों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। वे फेरी लगाकर कपड़े बेचने का काम करते हैं और पहले भी इलाके में आ चुके हैं। पुलिस अब स्थानीय लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।