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  • चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार

    चंद्रपुर में कांग्रेस के पार्षदों को अगवा करने का प्रयास, 6 लोगों के खिलाफ FIR, एक आरोपी गिरफ्तार


    चंद्रपुर महाराष्ट्र।  महाराष्ट्र में कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गुरुवार को चंद्रपुर में कुछ नकाबपोश हमलावरों ने कांग्रेस के पार्षदों को जबरन बस से बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं और पुलिस के त्वरित हस्तक्षेप से यह प्रयास नाकाम हो गया।

    कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, समृद्धि एक्सप्रेसवे पर हुआ हमला
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास हुई, जो नागपुर के पास है। बस में सवार कांग्रेस पार्षद नागपुर जा रहे थे, जहां उन्हें स्थानीय निकाय चुनावों में जीत के बाद डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में पंजीकरण कराने जाना था।

    कौन थे पार्षद? विजय वडेट्टीवार के समर्थक
    पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बस में 17 से 18 पार्षद सवार थे, जो कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के करीबी माने जाते हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ पार्षद ने बताया कि कार्यकर्ताओं ने समय पर पहुंचकर मदद की और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की, जिससे अगवा करने की कोशिश विफल हुई।

    हमलावर 4-6 गाड़ियों में आए, नकाबपोश थे
    जानकारी के मुताबिक, शाम लगभग 5:45 बजे येलकेली टोल प्लाजा के पास लगभग 20 नकाबपोश लोग पहुंचे। वे 4 से 6 गाड़ियों में सवार थे और उन्होंने पार्षदों को बस से बाहर निकालने की कोशिश की। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर झड़प हुई और माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    एक गिरफ्तार, 6 पर FIR
    पुलिस ने बताया कि इस मामले में कनैन सिद्दीकी (नागपुर निवासी) को गिरफ्तार किया गया है। कांग्रेस पार्षद राजेश अदूर की शिकायत पर कनैन सिद्दीकी और अन्य 5 लोगों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही कई अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।

    कांग्रेस के अंदर मेयर पद को लेकर संघर्ष
    यह घटना कांग्रेस के अंदर चल रहे सत्ता संघर्ष के बीच हुई है। चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टी में दो गुटों के बीच टकराव है—एक गुट विजय वडेट्टीवार का, जबकि दूसरा कांग्रेस सांसद प्रतिभा धनोरकर का है।

    10 फरवरी को मेयर चुनाव
    स्थानीय निकाय चुनावों के बाद चंद्रपुर में मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव 10 फरवरी को होना है। 66 सदस्यीय चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिली हैं, जबकि बीजेपी को 23 और शिवसेना (UBT) को 6 सीटें मिली हैंइस घटना ने राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।

  • BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल

    BJP का कांग्रेस पर हमला: थरूर की गंभीर की तारीफ पर फिर उठे ‘फतवे’ के सवाल



    नई दिल्ली। नागपुर में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारतीय क्रिकेट कोच गौतम गंभीर के साथ सेल्फी शेयर की और उनकी तारीफ की, जिसके बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सवाल खड़े कर दिए हैं। BJP का आरोप है कि थरूर की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस की राजनीति के खिलाफ है और अब उन्हें पार्टी से ‘फतवा’ मिल सकता है।

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस को थरूर की नागपुर यात्रा, गंभीर से मुलाकात या उनकी प्रशंसा में से कौन सी बात ज्यादा खलती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या थरूर के खिलाफ एक और “कांग्रेस फतवा” जारी होने वाला है।

    थरूर ने गंभीर को “प्रधानमंत्री मोदी के बाद सबसे कठिन काम करने वाला इंसान” बताया और कहा कि लाखों लोग उनके फैसलों पर सवाल उठाते हैं, फिर भी वह शांत रहते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गंभीर की नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए उन्हें सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं।

    गंभीर ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब समय आएगा, तब कोच के कथित ‘असीमित अधिकार’ पर सच्चाई सामने आएगी। उन्होंने लिखा कि खुद के खिलाफ खड़ा देखकर उन्हें हंसी आ रही है।

    यह विवाद राजनीतिक स्तर पर बढ़ता जा रहा है, क्योंकि थरूर की आलोचना और प्रशंसा दोनों ही पक्षों के बीच नई बहस का कारण बन गई है।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?


    महाराष्ट्र । महाराष्ट्र के नागपुर नगर निगम चुनाव में एक महिला उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है जो चार बच्चों की मां हैं। यह मामला इसलिए विवादित हो गया है क्योंकि राज्य के नियमों के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनाव में नहीं भाग ले सकते। इस बार दक्षिण-पश्चिम नागपुर के वार्ड 36 से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार पुष्पा मुकेश वाघमारे का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि उनके चार बच्चे हैं।

    नियमों की अनदेखी या प्रशासन की गलती

    महाराष्ट्र में एक कानून के तहत 1995 में लागू किए गए महाराष्ट्र नगर निगम और नगर परिषद नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप द्वितीय संशोधन अधिनियम के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनावों में भाग नहीं ले सकते। बावजूद इसके पुष्पा वाघमारे का नामांकन स्वीकार किया गया। महिला उम्मीदवार ने खुद अपने एफिडेविट में अपने चार बच्चों का विवरण दिया था और यह जानकारी स्पष्ट रूप से चुनाव अधिकारियों के पास थी, फिर भी उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया।पुष्पा वाघमारे ने इस विवाद पर कहा मुझे नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि मैं पहली बार चुनाव लड़ रही हूं। मेरा नामांकन स्वीकार कर लिया गया है और मैं अपनी जिम्मेदारी नहीं उठाऊंगी अगर इसमें कोई गलती हुई है। मैं चुनाव में बनी रहूंगी और मुझे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

    क्या शरद पवार के लिए यह परेशानी का कारण बनेगा

    यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह विवाद NCP के लिए राजनीतिक परेशानी का कारण बनेगा। शरद पवार की पार्टी के तहत इस तरह के नियमों की अनदेखी ने विरोधियों को मौक़ा दिया है। वैसे भी महाराष्ट्र में भाजपा ने 2017 तक लगातार तीन कार्यकालों तक नागपुर नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखा था और अब देखना यह है कि शरद पवार के नेतृत्व में NCP इस विवाद को कैसे संभालती है।

    पुष्पा वाघमारे का समाज में अच्छा प्रभाव

    पुष्पा वाघमारे को उनके क्षेत्र में एक छोटे से कैटरिंग व्यवसायी के रूप में जाना जाता है और वे एक समाजसेवी भी हैं। स्थानीय महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है, और उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में जल निकासी की समस्या है, जो भारी बारिश के दौरान बाढ़ का कारण बनती है। वे इन समस्याओं को हल करने के लिए चुनाव में उतर रही हैं।

    नागपुर की चुनावी स्थिति और विवाद

    नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। 2017 में हुए नगर निगम चुनाव तक भाजपा ने इस नगर निगम पर लगातार तीन कार्यकालों तक अपना नियंत्रण बनाए रखा था। अब जब NCP ने इस सीट पर अपनी उम्मीदवार उतारी है तो यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि प्रशासन की लापरवाही से पुष्पा का नामांकन स्वीकार किया गया या इसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या NCP इस विवाद से बचने के लिए जल्दी से कदम उठाएगी या पार्टी इसे अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी।

  • भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की

    भोपाल से प्रमुख शहरों के लिए रेल किराए में वृद्धि, यात्रियों की जेब होगी हल्की


    भोपाल । भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए रेल किराए में वृद्धि का ऐलान किया है जिसका असर भोपाल से देश के प्रमुख शहरों की यात्रा पर पड़ेगा। यह वृद्धि 2 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से की गई है और इसमें 5 प्रतिशत जीएसटी और राउंड-ऑफ का असर भी देखा जाएगा। इस बदलाव के चलते यात्रियों को अब पहले से अधिक किराया चुकाना पड़ेगा।
    यदि आप भोपाल से नई दिल्ली की यात्रा करते हैं तो आपको लगभग 15 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। मुंबई जाने पर किराए में करीब 18 रुपये की वृद्धि होगी। पुणे के लिए यह वृद्धि लगभग 19 रुपये नागपुर के लिए 8 रुपये और इंदौर तथा जबलपुर के लिए यह वृद्धि लगभग 6-6 रुपये होगी। लखनऊ जाने वाले यात्रियों को करीब 12 रुपये अतिरिक्त देना होगा।

    इस बदलाव से रेल यात्रा के खर्च में थोड़ा सा इजाफा होगा लेकिन यह वृद्धि यात्रा की सुविधाओं और रेलवे के रख-रखाव में हो रहे सुधारों को ध्यान में रखते हुए की गई है। यात्री अब इन बदलावों के साथ यात्रा की योजना बनाते हुए अतिरिक्त खर्च के बारे में सोच सकते हैं।इस नई वृद्धि से जहां एक ओर यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा वहीं दूसरी ओर रेलवे की विभिन्न परियोजनाओं और सुविधाओं के विकास के लिए यह कदम उठाया गया है।

  • शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन

    शीतकालीन छुट्टियों के लिए गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए रेलवे ने शुरू की स्पेशल ट्रेन


    रायपुर । इस शीतकालीन छुट्टियों में अगर आप गोवा जाने का प्लान बना रहे हैं तो अब आपके लिए रेलवे ने एक नई सुविधा शुरू की है। रेलवे 20 दिसंबर से बिलासपुर–मडगांव के बीच साप्ताहिक शीतकालीन स्पेशल ट्रेन चलाएगा ताकि यात्रियों को छुट्टियों में गोवा पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। यह ट्रेन हर शनिवार को चलेगी और चार फेरे करेगी।

    विमान सेवाओं में अनिश्चितता के कारण रेलवे ने यह कदम उठाया है जिससे गोवा जाने वाले यात्रियों को एक आरामदायक और विश्वसनीय विकल्प मिल सके। रेलवे का यह कदम विशेष रूप से उन यात्रियों के लिए राहत देने वाला है जो विमान सेवाओं में हो रही अनिश्चितता के कारण यात्रा की योजना में बदलाव कर रहे थे।

    शीतकालीन स्पेशल ट्रेन का समय और मार्ग

    यह शीतकालीन स्पेशल ट्रेन 20 दिसंबर 27 दिसंबर 3 जनवरी और 10 जनवरी को बिलासपुर से मडगांव के लिए चलेगी जो प्रत्येक शनिवार को निर्धारित है। वहीं मडगांव से बिलासपुर के लिए यह ट्रेन 22 29 दिसंबर और 5 तथा 12 जनवरी को सोमवार को चलेगी। ट्रेन की संख्या 08241 बिलासपुर–मडगांव और 08242 मडगांव–बिलासपुर होगी।

    इस ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी क्योंकि इस ट्रेन में 18 कोच की व्यवस्था की गई है जिसमें विभिन्न श्रेणियों की सीटें और सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रेन में पर्याप्त संख्या में सीटें उपलब्ध हैं जो यात्रियों की बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में सहायक होगी।

    वाणिज्यिक ठहराव और कोच की सुविधा

    इस ट्रेन का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे बिलासपुर भाटापारा रायपुर दुर्ग राजनांदगांव गोंदिया और नागपुर पर होगा। इन स्टेशनों पर ट्रेन रुकने से यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव होगा।

    इसके अलावा शीतकालीन स्पेशल ट्रेन में यात्रियों की विभिन्न जरूरतों के हिसाब से कोच की व्यवस्था की गई है। ट्रेन में एक एसएलआरडी तीन सामान्य दो स्लीपर दो एसी-III इकोनामी आठ एसी-III एक एसी-II और जनरेटर कार सहित कुल 18 कोच की सुविधा उपलब्ध है। यह कोच विभिन्न यात्री वर्गों के लिए उपयुक्त हैं जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान आराम और सुविधा का अनुभव होगा।

    रेलवे की यह पहल क्यों है महत्वपूर्ण

    वर्तमान में विमान सेवाओं में अनिश्चितता और टिकट की उच्च कीमतों के कारण यात्रा की योजना बनाना मुश्किल हो गया था। ऐसे में रेलवे की यह पहल यात्रियों के लिए एक राहत की बात है। विशेष रूप से शीतकालीन छुट्टियों के दौरान गोवा जाने के इच्छुक यात्रियों के लिए यह एक उत्तम विकल्प साबित हो सकता है।

    इसके अलावा रेलवे का यह कदम पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दे रहा है क्योंकि यात्रा के लिए कम से कम संसाधनों का उपयोग होता है। ट्रेन से यात्रा करने से यात्री जल्दी और सुरक्षित रूप से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं साथ ही यह एक किफायती और सुरक्षित विकल्प भी है।

    इस शीतकालीन सीजन में गोवा जाने की योजना बनाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे द्वारा शुरू की गई शीतकालीन स्पेशल ट्रेन एक बेहतरीन विकल्प है। रेलवे का यह कदम न केवल यात्रियों की यात्रा को आरामदायक बनाएगा बल्कि उन्हें एक सुविधाजनक और विश्वसनीय यात्रा अनुभव भी प्रदान करेगा।