Tag: Namit Malhotra

  • रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    रामायण के बाद महाभारत बनाएंगे नमित मल्होत्रा? एसएस राजामौली के साथ काम करने के सवाल पर दिया दिलचस्प जवाब

    नई दिल्ली । फिल्म ‘रामायण’ के निर्माता नमित मल्होत्रा से एक बार फिर भारतीय महाकाव्य ‘महाभारत’ को बड़े पर्दे पर बनाने को लेकर सवाल पूछा गया है। अमेरिका के लॉस एंजेलिस में आयोजित ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान एक समीक्षक ने उनसे पूछा कि क्या वह एसएस राजामौली के साथ मिलकर ‘महाभारत’ बनाने की योजना बना रहे हैं। इस सवाल पर नमित पहले मुस्कुराए और फिर उन्होंने राजामौली की तारीफ करते हुए भारतीय सिनेमा की सफलता की कामना की। उनका जवाब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।

    लॉस एंजेलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में ‘रामायण’ का वर्ल्ड प्रीमियर आयोजित किया गया। इस अवसर पर फिल्म की अंग्रेजी डबिंग प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में निर्माता नमित मल्होत्रा भी मौजूद थे। इसी दौरान उनसे भारतीय सिनेमा की एक और बड़ी पौराणिक परियोजना ‘महाभारत’ को लेकर सवाल किया गया। समीक्षक ने विशेष रूप से एसएस राजामौली के साथ इस महागाथा पर काम करने की संभावना के बारे में पूछा।

    सवाल सुनकर नमित मल्होत्रा पहले हंस पड़े। इसके बाद उन्होंने कहा कि एसएस राजामौली एक महान निर्देशक हैं और वह उनके लिए बहुत सफलता की कामना करते हैं। जब उनसे राजामौली के साथ काम करने की बात कही गई, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब समय आ गया है कि पूरा भारतीय सिनेमा सफल हो। नमित के इस बयान को भारतीय फिल्म उद्योग की व्यापक सफलता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने ‘महाभारत’ बनाने की किसी योजना या राजामौली के साथ संभावित सहयोग की आधिकारिक घोषणा नहीं की।

    नमित के इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कई यूजर्स ने उनसे ‘रामायण’ के बाद ‘महाभारत’ पर भी फिल्म बनाने की अपील की। कुछ लोगों ने कहा कि भारतीय दर्शक लंबे समय से इस तरह की भव्य पौराणिक फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का मानना था कि एसएस राजामौली अपनी टीम के साथ अलग से ‘महाभारत’ बनाने की योजना पर काम कर सकते हैं। हालांकि, ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की व्यक्तिगत राय हैं और इनसे किसी फिल्म की आधिकारिक योजना की पुष्टि नहीं होती।

    इस बीच ‘रामायण’ को लेकर भी दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में कई जाने-माने कलाकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर के तकनीशियन जुड़े हैं। अभिनेता अनुपम खेर इस फिल्म में जटायु के किरदार को अपनी आवाज देंगे। उन्होंने भी फिल्म के अंतरराष्ट्रीय प्रीमियर पर खुशी जताई है और इसे भारतीय कहानी को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया है।

    अनुपम खेर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए संदेश में कहा कि भारत की महान कहानी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया की बेहतरीन फिल्मों के स्तर पर प्रस्तुत होते देखना गर्व की बात है। उन्होंने निर्माता नमित मल्होत्रा, निर्देशक नितेश तिवारी, संगीतकार हंस जिमर और एआर रहमान के साथ पूरी कलाकार एवं तकनीकी टीम की सराहना की। उनके मुताबिक, इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अनेक लोगों ने मेहनत और अपनी प्रतिभा का योगदान दिया है।

    ‘रामायण’ के वर्ल्ड प्रीमियर और नमित मल्होत्रा के बयान के बाद अब दर्शकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि भविष्य में भारतीय महाकाव्यों पर और कौन-सी बड़ी फिल्में बनाई जा सकती हैं। फिलहाल नमित ने ‘महाभारत’ को लेकर कोई निश्चित घोषणा नहीं की है। उनका जवाब भारतीय सिनेमा की सामूहिक प्रगति की उम्मीद तक ही सीमित रहा।

  • आस्था और तकनीक के बीच संतुलन बनाने की सबसे बड़ी चुनौती और नमित मल्होत्रा का फिल्म की गुणवत्ता को लेकर किया गया सबसे बड़ा वादा

    आस्था और तकनीक के बीच संतुलन बनाने की सबसे बड़ी चुनौती और नमित मल्होत्रा का फिल्म की गुणवत्ता को लेकर किया गया सबसे बड़ा वादा


    नई दिल्ली। सिनेमा जगत में जब भी किसी बड़े बजट की और धार्मिक आस्था से जुड़ी फिल्म का निर्माण होता है तो तकनीक और प्रस्तुतिकरण को लेकर दर्शकों की अपेक्षाएं बहुत अधिक होती हैं। नमित मल्होत्रा ने हालिया चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में वीएफएक्स और विजुअल इफेक्ट्स केवल एक साधन हैं जिसका उपयोग कहानी को जीवंत बनाने के लिए किया जा रहा है।
    उन्होंने बताया कि उनकी टीम दुनिया भर के बेहतरीन तकनीशियनों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि मर्यादा पुरुषोत्तम राम की इस पावन कथा को पूरी श्रद्धा और आधुनिक तकनीक के अद्भुत तालमेल के साथ पर्दे पर उतारा जा सके। उनके अनुसार आलोचनाएं केवल इस बात का प्रमाण हैं कि लोग इस प्रोजेक्ट से कितनी गहराई से जुड़े हुए हैं।

    फिल्म के विजुअल्स को लेकर उठ रहे सवालों पर बात करते हुए निर्माता ने यह भी साझा किया कि एक विशाल सिनेमाई अनुभव तैयार करने में समय और धैर्य की आवश्यकता होती है। रामायण केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावना है जो करोड़ों लोगों के हृदय में बसी है और इसे पर्दे पर उतारते समय हर छोटी से छोटी बारीकी का ध्यान रखा जा रहा है।

    नमित मल्होत्रा का मानना है कि जब अंतिम परिणाम दर्शकों के सामने आएगा तो वह तकनीकी और भावनात्मक दोनों ही मोर्चों पर सभी की कसौटी पर खरा उतरेगा। उन्होंने प्रशंसकों से अपील की है कि वे इस रचनात्मक यात्रा पर भरोसा रखें क्योंकि पूरी टीम इस महाकाव्य के साथ न्याय करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    इस प्रोजेक्ट के माध्यम से भारतीय फिल्म उद्योग में तकनीक के उपयोग को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माता ने जोर देकर कहा कि रामायण की कहानी को उसकी मौलिकता और पवित्रता के साथ पेश करना उनकी प्राथमिकता है और आधुनिक तकनीक का उपयोग केवल उस अनुभव को और अधिक भव्य बनाने के लिए किया जा रहा है।

    आलोचकों द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक कहा कि वे हर फीडबैक का सम्मान करते हैं और रचनात्मक आलोचना उन्हें और बेहतर करने की प्रेरणा देती है। उनका लक्ष्य एक ऐसी कृति तैयार करना है जिस पर हर भारतीय गर्व कर सके और जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मील का पत्थर साबित हो।