Tag: Narmada Ghat

  • सोमवती अमावस्या पर आंवली घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, कई किलोमीटर लंबा जाम; 2 घंटे से रेंग रहे वाहन

    सोमवती अमावस्या पर आंवली घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, कई किलोमीटर लंबा जाम; 2 घंटे से रेंग रहे वाहन


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के प्रसिद्ध नर्मदा तट आंवली घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नर्मदा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह रही कि सुबह से ही हजारों श्रद्धालु आंवली घाट पहुंचने के लिए रवाना हो गए। बढ़ती भीड़ और वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण घाट तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिछले कई घंटों से वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई कि दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। आंवली घाट को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    तपती धूप और उमस भरे मौसम के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपने वाहनों में घंटों फंसे रहे। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे सुबह से ही जाम में फंसे हुए हैं और घाट तक पहुंचने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लग रहा है। कुछ लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग व्यवस्था की पहले से बेहतर तैयारी की जानी चाहिए थी।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं तथा पीपल वृक्ष की परिक्रमा करती हैं। इसी आस्था के चलते नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

    घाट क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही नाविकों और बचाव दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घाट क्षेत्र में स्नान और दर्शन की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

    हालांकि, सड़क मार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित करने और जाम को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के अनुसार यातायात को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।

    श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं स्थानीय नागरिकों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

  • नर्मदा घाट पर स्वच्छता की पहल: ‘मैया अभियान’ के तहत बच्चों ने सफाई कर दिया जागरूकता का संदेश

    नर्मदा घाट पर स्वच्छता की पहल: ‘मैया अभियान’ के तहत बच्चों ने सफाई कर दिया जागरूकता का संदेश


    नई दिल्ली । डिंडौरी जिले में रविवार को नर्मदा डैम घाट पर एक प्रेरणादायक और जनजागरूकता से जुड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मैया अभियान’ के तहत हुए इस आयोजन में बच्चों, अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें नर्मदा घाट की साफ-सफाई से जोड़ना रहा।
    कार्यक्रम की शुरुआत उत्साहपूर्ण माहौल में एरोबिक जुम्बा और योग सत्र से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों ने भाग लिया। योग और व्यायाम के माध्यम से बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया गया। इसके बाद सभी प्रतिभागियों ने मिलकर घाट की सफाई में श्रमदान किया और आसपास फैले कचरे को हटाकर क्षेत्र को स्वच्छ बनाने में योगदान दिया।
    घाट के कुछ हिस्सों में अतिक्रमण की स्थिति भी देखने को मिली, जिसे जेसीबी मशीन की मदद से हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि साफ-सफाई के साथ-साथ घाट को व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
    जिला खेल अधिकारी मोहम्मद अहमद खान ने बताया कि 5 मई से 5 जून तक ग्रीष्मकालीन शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि परिवार स्तर पर भी जागरूकता बढ़े।
    कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि ‘मैया अभियान’ का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जनआंदोलन के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि बच्चों को नर्मदा मैया की स्वच्छता से जोड़ना बेहद जरूरी है, क्योंकि यही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।
    उन्होंने आगे बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद घाट पर वृक्षारोपण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जाएगा, जिससे यह क्षेत्र और अधिक आकर्षक और पर्यावरण के अनुकूल बन सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि नर्मदा घाट को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए।
    इस पूरे अभियान में अधिकारियों, कर्मचारियों, बच्चों और स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी ने मिलकर श्रमदान किया और स्वच्छता का सामूहिक संदेश दिया।
  • जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई

    जबलपुर ग्वारीघाट पर 200 बच्चों की अनोखी क्लास: दिन में दुकान, शाम को पढ़ाई


    जबलपुर । गुरुवार की शाम करीब 6 बजे जब नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ नर्मदा आरती देखने जुटी थी उसी समय घाट किनारे छोटे छोटे बच्चे अपनी दुकानों पर बैठे थे। फूल प्रसाद खिलौने और अन्य सामान बेचते ये बच्चे कंधों पर स्कूल बैग टंगे हुए थे। परंतु जैसे ही शाम की आरती खत्म हुई घाट की सीढ़ियों पर बच्चों की आवाज़ें गूंजने लगीं। भारत माता की जय।

    देखते ही देखते करीब 300 बच्चे घाट की सीढ़ियों पर बैठ गए और वही बच्चे कुछ देर पहले दुकानों पर सामान बेच रहे थे। सामने लगे डिजिटल बोर्ड और छोटे साउंड सिस्टम के माध्यम से पराग भैया बच्चों को पढ़ा रहे थे। माहौल ऐसा था कि घाट पर मौजूद श्रद्धालु भी रुककर इस अनोखी क्लास को देखने लगे। छोटे छोटे बच्चे मैथ्स और विज्ञान के कठिन सवाल हल कर रहे थे।

    पराग भैया बताते हैं कि यह विचार उनकी मां के निधन के बाद आया। 2016 में मां की अस्थियां नर्मदा में विसर्जित करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि अब उनका परिवार यही बच्चे हैं। शुरुआत सिर्फ 5 बच्चों से हुई थी लेकिन धीरे धीरे संख्या बढ़कर 200 से अधिक हो गई। शुरुआत में बच्चों को पढ़ाने के लिए 10 20 रुपए देने पड़ते थे लेकिन अब बच्चे स्वयं नियमित पढ़ाई के लिए घाट पर आते हैं।

    इस प्रयास में कई लोग मदद कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने डिजिटल बोर्ड उपलब्ध कराया वहीं 26 जनवरी को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा ने 60 बच्चों को टैबलेट दिए जिससे डिजिटल पढ़ाई आसान हो गई।

    इन बच्चों के माता पिता अक्सर नाव चलाते हैं या घाट किनारे दुकाने लगाते हैं। कई बच्चे खुद भी दिनभर 60 70 रुपए तक कमाते हैं। 8वीं कक्षा की परी यादव बताती हैं कि वह दिनभर नारियल प्रसाद बेचती हैं शाम को बैग लेकर पढ़ने आती हैं। पहले पराग भैया उन्हें 20 रुपए देकर पढ़ाते थे अब वह बिना किसी पैसे के नियमित पढ़ाई में शामिल होती हैं।

    तीसरी कक्षा की खुशी खिलौनों की दुकान संभालती है और चौथी कक्षा की आराधना रिमोट कार चलवाती है। फिर भी दोनों शाम को पढ़ाई के लिए घाट पर जुटती हैं। इसी तरह 10वीं की छात्रा सान्या उईके जिसकी फीस न जमा होने के कारण एडमिट कार्ड नहीं मिला था पराग भैया के प्रयास से परीक्षा दे पाने में सफल हुई।

    पराग भैया की पराग ट्यूटोरियल कोचिंग 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए चलती है और आईआईटी नीट की तैयारी भी कराई जाती है। उनका लक्ष्य आगे ऐसा स्कूल खोलने का है जहां बड़े छात्र छोटे छात्रों को पढ़ाएं जिससे परिवारिक सैलरी और शिक्षा का लाभ सीधे छात्रों और उनके परिवार तक पहुंचे। यह अनोखी पहल न केवल बच्चों की शिक्षा के लिए प्रेरक है बल्कि यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी उत्साह अनुशासन और समर्पण से शिक्षा को आगे बढ़ाया जा सकता है।